पंजाब में बिजली की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय बिजली मंत्री से की मुलाकात
केंद्र,पंजाब को बिजली और कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
देश के अन्न भंडार में योगदान जारी रखने के लिए पंजाब को निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब इस वर्ष केंद्रीय पूल में १८० लाख मीट्रिक टन चावल का योगदान देगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
कोयले की निर्बाध आपूर्ति के लिए पंजाब सरकार कोल इंडिया और झारखंड सरकार के लगातार संपर्क में: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
केंद्रीय मंत्री के समक्ष शाहपुर कंडी बांध के संबंध में एनजीटी के बार-बार नोटिस जारी करने का मुद्दा उठाया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
नई दिल्ली/पंजाब, १५ अक्टूबर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि पंजाब में बिजली की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, क्योंकि केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई बैठक के बाद केंद्र ने राज्य को बिजली और कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब इस वर्ष केंद्रीय पूल में १८० लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) चावल का योगदान देगा। उन्होंने कहा कि देश के अन्न भंडार में राज्य के इस योगदान को लगातार जारी रखने के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति अनिवार्य है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शाहपुर कंडी बांध के संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा बार-बार जारी किए जा रहे नोटिसों पर भी चिंता जताई और बताया कि कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार कोल इंडिया और झारखंड सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।
इस बैठक के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आज मैंने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसके दौरान पंजाब को बिजली और कोयले की निर्बाध आपूर्ति से संबंधित मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। हमने केंद्र को अवगत कराया कि पंजाब देश के अन्न भंडार में १८० लाख मीट्रिक टन चावल का योगदान देता है और इस योगदान को बनाए रखने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। मुझे खुशी है कि केंद्रीय मंत्री ने हमारी लगभग सभी मांगें स्वीकार कर ली हैं और बिजली तथा कोयले की निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिया है। हमने भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है कि पंजाब देश के अन्न भंडार में अपना बहुमूल्य योगदान जारी रखेगा। इंकलाब जिंदाबाद।"
बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "बैठक के दौरान पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) से संबंधित कई मुद्दों, विशेष रूप से कोयले की आपूर्ति और बिजली के संबंध में विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब को कोयले या बिजली की किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े और बिजली उत्पादन बिना किसी रुकावट के जारी रहे। पंजाब केंद्रीय पूल में १८० लाख मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति करता है और इतनी बड़ी मात्रा में अनाज उत्पादन के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति अत्यंत जरूरी है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "हम पछवाड़ा कोयला खदानों से कोयले की आपूर्ति के संबंध में कोल इंडिया और झारखंड सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोयले की आपूर्ति में कोई बाधा न आए, ताकि पंजाब बिना किसी रुकावट के बिजली उत्पादन जारी रख सके। मुझे संतोष है कि केंद्रीय बिजली मंत्री ने हमें बिजली और कोयले की पर्याप्त तथा निरंतर आपूर्ति का भरोसा दिया है। हमने भी केंद्र को आश्वासन दिया है कि देश की खाद्यान्न संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए पंजाब हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।"
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर लागू की जा रही केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित मुद्दे भी उठाए गए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मैंने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पंजाब में रणजीत सागर और शाहपुर कंडी बांध परियोजनाओं का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया है। बांध का निर्माण पूरा होने के बाद राज्य को पर्यावरण संबंधी प्राधिकरणों या राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से बार-बार नोटिस जारी होने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। हमें चल रही परियोजना के संबंध में लगभग हर वर्ष एक या दो नोटिस मिलते रहते हैं, जिससे अनावश्यक परेशानियां पैदा होती हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "देश के जलविद्युत उत्पादन में पंजाब का योगदान लगभग ४० प्रतिशत है। हमने केंद्रीय बिजली मंत्री के साथ इन मुद्दों पर चर्चा की है, क्योंकि हमारी जलविद्युत परियोजनाओं का सुचारू संचालन और पूरा होना राज्य के साथ-साथ देश के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।"
बरगाड़ी और बहिबल कलां की घटनाओं के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "जब ये घटनाएं हुई थीं, उस समय पिछली सरकारें सत्ता में थीं। इसके बाद आई कांग्रेस सरकार ने भी इन मामलों को इतना कमजोर कर दिया था कि अब हमें इन्हें दोबारा तैयार करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में हम नए गवाहों को शामिल करके और नई रणनीति अपनाते हुए अदालत में चालान पेश करेंगे, ताकि इन मामलों को मजबूत किया जा सके।"
महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के निमंत्रण मिलने के बावजूद विदेश यात्रा की अनुमति के संबंध में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, "पेरिस में एक फूड फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है, जहां पंजाब का प्रतिनिधित्व करने के लिए मार्कफेड की ओर से एक स्टॉल लगाया जा रहा है। मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए फ्रांस सरकार की ओर से भी निमंत्रण मिला है। इसके अलावा, मुझे जापान में तीन दिनों तक महिला और पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल तथा फाइनल मुकाबले देखने के लिए आमंत्रित किया गया था।"
उन्होंने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पंजाब के हितों के लिए की जाने वाली यात्राओं की अनुमति नहीं दी जा रही है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर ऐसे देशों की यात्राएं करते रहते हैं, जिनके नाम शायद हमने पहले कभी सुने भी नहीं होते। एक मुख्यमंत्री, जो राज्य का प्रतिनिधित्व करने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने का प्रयास कर रहा हो, उसे लोगों की भलाई के लिए ऐसी यात्राएं करने की अनुमति मिलनी चाहिए।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मैंने अब अदालत का रुख किया है और उम्मीद है कि कल अनुमति मिल जाएगी। हम केवल पंजाब की बेहतरी के लिए यात्राएं करना चाहते हैं, ताकि निवेशकों को राज्य की ओर आकर्षित किया जा सके और उन्हें यहां कारोबार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। इससे पंजाब के लोगों, विशेष रूप से हमारे युवा लड़कों और लड़कियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।"
मानसा में हुई दुखद घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके लिए जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना की साजिश रचने में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कानून के कटघरे में लाया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
उन्होंने आगे कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्षी पार्टियां शवों पर राजनीति कर रही हैं और इस त्रासदी का इस्तेमाल अपने निजी हितों को पूरा करने के लिए कर रही हैं। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और कानून-व्यवस्था कायम रखी जाए।"
इस अवसर पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*अमृतसर में असॉल्ट राइफल, २ हैंड ग्रेनेड और १३ पिस्तौल बरामद; पिता-पुत्र सहित पांच व्यक्ति काबू*
*दोषी पुलिस से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल कर रहे थे: डी.जी.पी. गौरव यादव*
*इस मामले की आगे-पीछे की कडिय़ों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी*
चंडीगढ़/अमृतसर, १५ अक्टूबर:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान, काउंटर इंटेलिजेंस (सी.आई.) अमृतसर ने पिता-पुत्र सहित पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार करके सीमा पार से चल रहे हथियार और विस्फोटक तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने उनके पास से एक .३० बोर की असॉल्ट राइफल, दो हैंड ग्रेनेड और १३ विदेशी आधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं। यह जानकारी आज यहां डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डी.जी.पी.) पंजाब गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान गुरप्रीत सिंह और उसके पुत्र जसकरन सिंह दोनों निवासी गांव बल्लरवाल, हलका अजनाला अमृतसर; वीनू निवासी सागरपुर, बटाला; अमृतपाल सिंह निवासी गांव रसूलपुर और गौरव मसीह निवासी गांव गौंसपुरा, बटाला के रूप में हुई है।
बरामद किए गए पिस्तौलों में चार ९एमएम ग्लॉक और नौ .३० बोर की पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा २५ जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। हथियारों और विस्फोटकों के अलावा, पुलिस टीमों ने उनके दो मोटरसाइकिल—होंडा लिवो और हीरो स्प्लेंडर जिनका इस्तेमाल इन खेपों को डिलीवर करने के लिए किया जा रहा था, भी जब्त कर लिए हैं।
इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए, डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि सी.आई. अमृतसर को खुफिया जानकारी मिली थी कि पिता-पुत्र गुरप्रीत सिंह और जसकरन सिंह विदेश में बैठे तस्कर के लगातार संपर्क में हैं। वे उसके निर्देशों पर सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों, गोली-बारूद और विस्फोटकों की खेपें प्राप्त करते हैं और अपने साथियों वीनू, अमृतपाल सिंह और गौरव मसीह के जरिए आगे सप्लाई करते हैं।
उन्होंने बताया कि खुफिया जानकारी के जरिए यह भी पता लगा कि गुरप्रीत और जसकरन अपने साथियों वीनू, अमृतपाल और गौरव को अजनाला के गांव तेरी के नजदीक हथियारों और विस्फोटकों की खेप पहुंचाने के लिए मिलने वाले थे। उन्होंने बताया कि इस जानकारी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, सीआई अमृतसर की टीमों ने निर्धारित स्थान पर छापा मारा और हथियारों तथा विस्फोटकों की खेप सहित मौके पर सभी पांच मुलजिमों को गिरफ्तार कर लिया।
डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता लगा है कि विदेशी तस्कर पुलिस की पहचान से बचने और गतिविधियों के बारे में जानकारी देने के लिए एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल कर रहा था। उन्होंने आगे कहा कि तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश करने, इसके आगे-पीछे के संबंध स्थापित करने और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए और जांच जारी है।
इस संबंध में, थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी), अमृतसर में आम्र्स एक्ट की धाराओं २५ और २५(१)-ए, विस्फोटक पदार्थ एक्ट की धाराओं ४ और ५ तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा ६१(२) के तहत दिनांक १५-१०-२०२६ को एफआईआर नंबर ६६ दर्ज की गई है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कर्मचारी यूनियनों के साथ की बैठक; मांगों के समयबद्ध समाधान का दिया भरोसा
भगवंत मान सरकार के लिए कर्मचारी कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता: हरपाल सिंह चीमा
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विभागों को कर्मचारियों और ठेका कर्मचारियों के मामलों का तेजी से समाधान करने के निर्देश दिए
भगवंत मान सरकार द्वारा कर्मचारियों को नियमित करने, वार्षिक वेतन वृद्धि और पेंशन संबंधी राहत के मुद्दों पर यूनियनों से बातचीत: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़, १५ अक्टूबर, २०२६:
भगवंत मान सरकार की कर्मचारी हितैषी सोच को दोहराते हुए वित्त मंत्री एवं कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां विभिन्न कर्मचारी और ठेका कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मामलों पर विचार-विमर्श किया गया।
प्रतिनिधिमंडलों को सहानुभूतिपूर्वक और निष्पक्ष सुनवाई का भरोसा दिलाते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने संबंधित विभागों और बोर्डों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समस्याओं के उचित एवं समयबद्ध समाधान के लिए सभी तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की तत्काल समीक्षा करें।
बैठक के दौरान उठाए गए प्रमुख मुद्दों में अनुबंध के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करना, आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे विभागीय व्यवस्था के अंतर्गत लाना, रोकी गई वार्षिक वेतन वृद्धियों (इंक्रीमेंट) को बहाल करना, स्मार्ट मीटरों के प्रभाव से बचाव के उपाय करना तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन संबंधी राहत प्रदान करना शामिल था।
बैठक के दौरान इनलिस्टमेंट-आउटसोर्सिंग समन्वय कमेटी पंजाब, पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड ठेका कर्मचारी यूनियन, पावरकॉम एवं ट्रांसको ठेका कर्मचारी यूनियन, पावरकॉम मीटर रीडर यूनियन (आजाद), सोशल कर्मचारी यूनियन (बी.आर.सी., सी.डी.एस., आई.ई.सी.), सेवानिवृत्त होमगाड्र्स वेलफेयर एसोसिएशन, यूनाइटेड फिजिकल एजुकेशन पंजाब, सहकारी चीनी मिल कर्मचारी महासंघ, बेरोजगार सांझा मोर्चा और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कोरोना वालंटियर यूनियन ने अपने मांगपत्र सौंपे।
इन बैठकों के दौरान इनलिस्टमेंट-आउटसोर्स समन्वय कमेटी पंजाब की ओर से वरिंदर सिंह मोमी, रमनदीप सिंह, पवनदीप सिंह, जगदीप सिंह, लक्ष्मण सिंह और हरजिंदर पाल सिंह; पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड ठेका कर्मचारी यूनियन की ओर से शेर सिंह खन्ना, संजीव कुमार और गगनदीप; पावरकॉम एवं ट्रांसको ठेका कर्मचारी यूनियन की ओर से बलिहार सिंह, संदीप खत्री, बलविंदर सिंह, संदीप सिंह और मनदीप सिंह; पावरकॉम मीटर रीडर यूनियन (आजाद) की ओर से गुरविंदर सिंह कहलों, जगसीर सिंह, मोलकदीप सिंह रंधावा और मनजिंदर सिंह; सोशल कर्मचारी यूनियन (बी.आर.सी., सी.डी.एस., आई.ई.सी.) की ओर से रणजीत सिंह, सुरजीत कौर, जैदीप सिंह और गुरप्रीत सिंह चाहल ने अपनी मांगें रखीं।
इसी प्रकार, होमगाड्र्स वेलफेयर एसोसिएशन (सेवानिवृत्त) की ओर से सूबा सिंह, गुरदीप सिंह, तरसेम पाल सिंह, सूरज प्रकाश और कृष्ण देव; सहकारी चीनी मिल कर्मचारी महासंघ की ओर से प्यारा सिंह और पलविंदर सिंह; यूनाइटेड फिजिकल एजुकेशन पंजाब की ओर से लखवीर सिंह और मनदीप सिंह; बेरोजगार सांझा मोर्चा की ओर से रमन कुमार, अमनदीप सिंह, संदीप सिंह और हरजिंदर सिंह तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कोरोना वालंटियर यूनियन की ओर से गुरप्यार सिंह ने अपने-अपने मुद्दे और मांगें वित्त मंत्री के समक्ष रखीं।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
गैंगस्टरां ते वार का २६८वां दिन: पंजाब पुलिस ने ५३० ठिकानों पर की छापेमारी; २२२ काबू
पुलिस टीमों ने २४९ व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की
एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर ९३९४६-९३९४६ पर गुप्त रूप से गैंगस्टरों के बारे में जानकारी दे सकते हैं लोग
युद्ध नशों विरूद्ध के ५९३वें दिन ३.८ किलोग्राम हेरोइन सहित १५८ नशा तस्कर काबू
चंडीगढ़, १५ अक्टूबर:
पंजाब में चलाए जा रहे अभियान च्गैंगस्टरां ते वारज् के २६८वें दिन पंजाब पुलिस ने आज राज्यभर में गैंगस्टरों के सहयोगियों के चिह्नित एवं मैप किए गए ५३० ठिकानों पर छापेमारी की।
उल्लेखनीय है कि पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के उद्देश्य से निर्णायक लड़ाई के रूप में च्गैंगस्टरां ते वारज् अभियान २० जनवरी, २०२६ को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव द्वारा शुरू किया गया था। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ), पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्यभर में विशेष कार्रवाई कर रही हैं।
अभियान के २६८वें दिन पुलिस टीमों ने तीन हथियारों सहित २२२ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही अभियान की शुरुआत से अब तक गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या बढ़कर ७८,६३५ हो गई है।
इसके अतिरिक्त, पुलिस ने २४९ व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने चार भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया।
आम लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर ९३९४६-९३९४६ के माध्यम से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में गोपनीय रूप से जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा, अपराध तथा आपराधिक गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं भी पुलिस के साथ साझा की जा सकती हैं।
इस बीच, पंजाब पुलिस ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम च्युद्ध नशों विरुद्धज् को ५९३वें दिन भी जारी रखा। इस दौरान १५८ नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से ३.८ किलोग्राम हेरोइन, ५९ किलोग्राम भुक्की, ६३२ नशीली गोलियां और नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित ४.७७ लाख रुपये की नकदी बरामद की गई।
इसके साथ ही, इस अभियान के तहत पिछले ५९३ दिनों में गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों की कुल संख्या बढ़कर ८५,४६७ हो गई है।
नशामुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने आज २८ व्यक्तियों को नशा छोडऩे तथा उपचार एवं पुनर्वास सेवाएं प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*च्युद्ध नशेआं विरुद्धज् के तहत, बरनाला के डीसी ने ढिलवां में नशे के हॉटस्पॉट खत्म कर बच्चों के खेल मैदान और पार्क के निर्माण के निर्देश दिए*
*युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उपेक्षित स्थानों को मनोरंजन केंद्रों में बदला जाएगा: बरनाला डीसी*
*डीसी हरप्रीत सिंह ने ढिलवां दखण में दो स्थानों की सफाई कर जनसुविधाओं के विकास के निर्देश दिए*
बरनाला / चंडीगढ़; १५ अक्टूबर २०२६:
भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की च्युद्ध नशेआं विरुद्धज् मुहिम के तहत नशे के दुरुपयोग के ख़िलाफ़ अभियान को और मज़बूत करने के उद्देश्य से बरनाला के डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह ने ज़िले के गाँव ढिलवां दखण में दो स्थानों को मनोरंजन सुविधाओं के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं: इनमें बच्चों के लिए खेल का मैदान और गाँववासियों के लिए एक पार्क बनाया जाएगा।
ये निर्देश एक बैठक के दौरान ढिलवां (दक्षिण) गाँव के सरपंच हरविंदर सिंह ख़ालसा द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद दिए गए, उन्होंने बताया कि किस तरह गाँव में सार्वजनिक स्थानों की उपेक्षा एक बड़ी समस्या बन गई है और इन स्थानों को दोबारा उपयोग में लाकर गाँवववासियों के लिए स्वस्थ वातावरण तैयार किया जा सकता है।
गाँव में ढिलवां (दक्षिण) सहित छह पंचायतें हैं, लेकिन बच्चों और युवाओं के लिए एक बड़े स्टेडियम की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उनकी पंचायत में स्थित एक मैदान, जिसे मूल रूप से बच्चों के खेलने के लिए बनाया गया था, अनचाहे पेड़-पौधे और झाडिय़ों से भर गया है, इसके कारण यह मैदान खेलकूद और मनोरंजक गतिविधियों के लिए अनुपयुक्त हो गया है।
सरपंच ने गाँव में खाली पड़े एक अन्य प्लॉट की ओर भी ध्यान दिलाया, जहाँ जंगली घास और झाडिय़ाँ उग आई हैं। उन्होंने इस स्थान की सफाई करवाकर वहाँ पार्क विकसित करने का प्रस्ताव रखा, ताकि गाँववासी इस जगह का दोबारा उपयोग कर सकें।
मामले पर संज्ञान लेते हुए, डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह ने तुरंत ज़िला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) को निर्देश दिए कि ढिलवां दखण में दोनों स्थानों की सफाई सुनिश्चित की जाए और वहाँ खेल मैदान तथा पार्क विकसित किए जाएँ।
इस प्रस्तावित पहल का उद्देश्य केवल सख्त कार्रवाई के माध्यम से ही नहीं, बल्कि गाँव के बुनियादी ढाँचे में सुधार करके भी नशे की समस्या से निपटना है।
उपेक्षित सार्वजनिक स्थानों को दोबारा उपयोग में लाने से नशे के सेवन जैसी अवैध गतिविधियों के लिए उपलब्ध अवसरों को कम करने में मदद मिल सकती है और वहीं, खेलकूद और मनोरंजन की सुविधाएँ विकसित होने से युवाओं को खेलों तथा रचनात्मक सामुदायिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
च्युद्ध नशेआं विरुद्धज् के तहत, पंजाब सरकार नशे के ख़िलाफ़ बहुआयामी रणनीति अपना रही है, इसमें नशा तस्करों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के साथ-साथ नशे की रोकथाम, नशामुक्ति, रिहैबिलिटेशन और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर भी ज़ोर दिया जा रहा है।
यह पहल स्थानीय समस्याओं की पहचान करने और उनके समाधान के लिए निवासियों को एकजुट करने में गाँवों तथा पंचायतों की भागीदारी के महत्त्व को उजागर करती है।
ढिलवां में प्रस्तावित यह पहल दर्शाती है कि पंचायत स्तर पर प्रशासनिक प्रयास किस प्रकार इस व्यापक मुहिम में योगदान दे सकते हैं।
प्रशासन के निर्देशों से दोनों स्थानों को पुन: विकसित करने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। खेल मैदान बच्चों को बाहरी गतिविधियों के लिए एक समर्पित स्थान उपलब्ध करवाएगा, जबकि प्रस्तावित पार्क गाँववासियों के लिए एक साझा सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित हो सकेगा।
यह पहल नशे के ख़िलाफ़ अभियान में पंचायतों की महत्त्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर करती है; पंचायतें संवेदनशील स्थानों की पहचान करने, उन्हें प्रशासन के ध्यान में लाने और व्यावहारिक समाधान सुझाने में अहम योगदान दे सकती हैं। उपेक्षित भूमि को खेलकूद और सामुदायिक उपयोग के स्थानों में बदलकर गाँव का उद्देश्य अपने आसपास के वातावरण को अधिक सुरक्षित बनाना और युवाओं को नशे से दूर रखने के स्थानीय प्रयासों को मज़बूत करना है।