"हम समानता, सम्मान और न्याय पर आधारित पंजाब के निर्माण के लिए भगवान वाल्मीकि जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चल रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा गरीबी खत्म करने और परिवारों का जीवन बदलने का सबसे प्रभावी साधन: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब नीट पास करके अपने सपने पूरे कर रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क पंजाब के सरकारी स्कूलों के ८८२ विद्यार्थियों ने नीट पास किया, जबकि २०२१ में यह संख्या केवल ८० थी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क पंजाब गुरु साहिबान, संतों और पीर-फकीरों की पवित्र भूमि है; पंजाब में नफरत के बीज कभी नहीं उग सकते: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रकाश पर्व पर धूरी में शोभा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
धूरी, २५ अक्टूबर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रकाश पर्व के संबंध में धूरी की गांधी बस्ती में विशाल शोभा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने महर्षि भगवान वाल्मीकि द्वारा दिखाए गए सत्य, धर्म, समानता और न्याय के मार्ग पर चलने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। रामायण की सनातन शिक्षाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि गुरु साहिबान, संतों और पीर-फकीरों की पवित्र भूमि पंजाब मानवता, स्वाभिमान और सांप्रदायिक सद्भाव के मूल्यों पर कायम रहेगी, जहां नफरत के बीज कभी नहीं उग सकते।
शिक्षा को जीवन बदलने का सबसे शक्तिशाली साधन बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष पंजाब के सरकारी स्कूलों के ८८२ विद्यार्थियों ने च्नीटज् की परीक्षा पास की है, जबकि २०२१ में यह संख्या केवल ८० थी। यह इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किस प्रकार गरीब परिवारों के बच्चों के लिए सुनहरे भविष्य के रास्ते खोल रही है।
इस अवसर की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आज संगरूर के धूरी हल्के की गांधी बस्ती में महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रकाश पर्व समारोहों की श्रृंखला के तहत सजाई गई विशाल शोभा यात्रा में शिरकत की और औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर शोभा यात्रा रवाना की। महर्षि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा रचित पवित्र रामायण नेकी, सच्चाई और समानता का सनातन संदेश देती है। उनकी महान शिक्षाएं आज भी हमारे समाज के लिए मार्गदर्शक का काम कर रही हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "कल मनाए जा रहे महर्षि भगवान वाल्मीकि जयंती के शुभ अवसर पर पंजाब तथा देश-विदेशों में बसती समूह संगत को लाखों मुबारकबाद। आइए, सभी महर्षि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलें और उनकी उच्च-पवित्र शिक्षाओं को अपने जीवन में धारण करने का संकल्प लें।"
महर्षि भगवान वाल्मीकि जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "संस्कृत साहित्य के पितामह और आदि कवि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी ने दुनिया को रामायण जैसा अमर महाकाव्य दिया, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का सनातन संदेश देता है। नैतिकता, आदर्श नेतृत्व और धार्मिक आचरण के बारे में इसकी शिक्षाओं ने पीढिय़ों का मार्गदर्शन किया है और यह आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "आज के भौतिकवादी युग में हमें सत्य, मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता है। महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं हमें याद दिलाती हैं कि धर्म, समानता और हर मनुष्य का सम्मान ही समाज की नींव होनी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि पंजाब भाग्यशाली है कि इसका संबंध महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की पवित्र विरासत से है, जिन्होंने इस पवित्र भूमि पर भगवान राम के पुत्रों लव और कुश को ज्ञान तथा शस्त्र विद्या दी। उन्होंने कहा कि महान संतों, गुरुओं, ऋषि-मुनियों और शहीदों ने हमेशा लोगों को विभाजनों से ऊपर उठकर एकता, सांप्रदायिक सद्भाव और समानता पर आधारित समाज की रचना के लिए प्रेरित किया है।
शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे कारगर हथियार है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे अब देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर रहे हैं, जिससे यह साबित होता है कि योग्यता किसी की मोहताज नहीं होती।"
उन्होंने कहा, "हर साल ३० लाख से अधिक विद्यार्थी नीट की परीक्षा में बैठते हैं और यह बहुत ही गर्व की बात है कि हाल ही में घोषित परिणामों में पंजाब के सरकारी स्कूलों के ८८२ विद्यार्थियों ने यह परीक्षा पास की है।"
सरकारी स्कूलों की शिक्षा में आए सुधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "वर्ष २०२१ में सरकारी स्कूलों के केवल ८० विद्यार्थियों ने नीट पास किया था। आज यह संख्या बढ़कर ८८२ हो गई है, जो मात्र चार वर्षों में लगभग ११ गुना वृद्धि है। यह उपलब्धि हमारे सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए किए जा रहे शानदार प्रयासों को दर्शाती है।"
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इनमें से अधिकतर विद्यार्थी साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से संबंधित हैं। "इनके माता-पिता में रेहड़ी-फड़ी वाले, छोटे दुकानदार, सब्जी बेचने वाले और अन्य मेहनतकश लोग शामिल हैं, जो अपने बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। कोई रेहड़ी चलाता है, कोई छोटी दुकान चलाता है और कोई सब्जी बेचकर गुजारा करता है। फिर भी उनके बच्चे अब च्नीटज् जैसी परीक्षाएं पास करके डॉक्टर बनने की ओर बढ़ रहे हैं।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह शिक्षा की असली ताकत है और यही बदलाव हम पंजाब में लाना चाहते हैं। गरीबी को केवल आर्थिक मदद या राशन कार्डों और अन्य कल्याण योजनाओं पर निर्भर रखकर खत्म नहीं किया जा सकता। असली आर्थिक सामथ्र्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से आती है, जो बच्चों को सम्मानजनक करियर बनाने और अपने परिवारों का भविष्य सुरक्षित करने के योग्य बनाती है।"
उन्होंने आगे कहा, "कल्याण सुविधाएं सहारा दे सकती हैं लेकिन शिक्षा बच्चों को अपने पूरे परिवार का भविष्य बदलने की ताकत देती है। अपने बच्चों को पढ़ाओ और उन्हें अफसर, डॉक्टर और पेशेवर बनने में मदद करो ताकि वे अपने परिवारों को गरीबी से बाहर निकाल सकें। जब किसी गरीब घर का बच्चा डॉक्टर, अफसर या सफल पेशेवर बनता है तो यह उपलब्धि न केवल उस बच्चे की जिंदगी बदलती है, बल्कि उसके पूरे परिवार और आने वाली पीढिय़ों का भविष्य भी संवार देती है।"
इस पवित्र अवसर पर बड़ी संख्या में पहुंची संगत का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने माताओं, बहनों, बुजुर्गों, नौजवानों और बच्चों का अपनी रोजाना की जिम्मेदारियों के बावजूद शोभा यात्रा में शामिल होने के लिए तहे दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, "मैं आज हमारे साथ जुड़ी समूह संगत का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं। हमारी माताओं, बहनों, भाइयों और बच्चों की मौजूदगी इस पवित्र अवसर को और भी खास बनाती है।"
उन्होंने कहा कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी और अन्य महान आध्यात्मिक शख्सियतों की शिक्षाएं लोगों को मानवता और आपसी सम्मान पर कायम रहने के लिए प्रेरित करती रहेंगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब और देश के महान संतों, गुरुओं और शहीदों का संदेश हमेशा एक ही रहा है: एकता, समानता, दया और हर मनुष्य का सम्मान। महर्षि भगवान वाल्मीकि जी ने दुनिया को समानता और धर्म का संदेश दिया और हमें याद दिलाया कि मानवता सबसे ऊपर है।"
पंजाब को उपजाऊ भूमि और सांप्रदायिक सद्भाव की समृद्ध विरासत वाली भूमि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब एक ऐसी भूमि है, जहां आप कोई भी बीज बोएंगे तो वह उग जाएगा, लेकिन यहां नफरत के बीज कभी नहीं उगते। हमारे लोग प्यार, खुशी और सांप्रदायिक सद्भाव के साथ मिलकर त्योहार मनाते हैं। एकता की यह भावना हमारी सबसे बड़ी ताकत है और हमें हर कीमत पर इसे बचाकर रखना चाहिए।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार सरकारी शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चे भी अमीर परिवारों के बच्चों के साथ समानता के स्तर पर मुकाबला कर सकें। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गरीब विद्यार्थियों को उनके हक की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति फंडों से वंचित रखा गया, जिससे जरूरतमंद परिवारों की आशाओं को ठेस पहुंची और योग्य बच्चों को आगे बढऩे के अवसरों से वंचित किया गया।
उन्होंने कहा, "हमारी सरकार पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि शिक्षा सामाजिक न्याय का एक प्रभावशाली साधन बने। गरीबी के कारण किसी भी बच्चे को अवसरों से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए और किसी भी व्यक्ति के साथ कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के आदर्शों का सच्चा सम्मान एक ऐसे समाज का निर्माण करके ही किया जा सकता है, जहां हर व्यक्ति मान-सम्मान के साथ जी सके और हर परिवार कड़ी मेहनत और शिक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य की आशा रख सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं पर चलें और सामाजिक सद्भाव, सांप्रदायिक एकता और समानता को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करें।
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हम पंजाब को शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सरकारी स्कूलों के सुधार कार्यों के लिए फंडों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हमारी सरकार युवाओं के लिए करियर के कई रास्ते खोलने पर ध्यान केंद्रित कर रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सरकार द्वारा 'बिना किसी रिश्वत और फऱमाइश' के पूरी तरह योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हमारी सरकार ने ७०,००० से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
लोगों को ऐसे प्रतिनिधि चुनने चाहिए जो उनके दुख-तकलीफों और समस्याओं को समझते हों: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
देश भगत कॉलेज में युवा मेले के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने युवाओं को किया संबोधित
धूरी, २५ अक्टूबर २०२६:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब को शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के सुधार कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और सरकार द्वारा युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खोले जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार द्वारा युवाओं को रिश्वत और फऱमाइश के बिना पूरी तरह योग्यता के आधार पर ७०,००० से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
धूरी के गांव बरड़वाल स्थित देश भगत कॉलेज में युवा मेले के दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें शिक्षा और कड़ी मेहनत पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब को ऐसे चुने हुए प्रतिनिधियों की जरूरत है जो लोगों के दुखों और समस्याओं को समझ सकें।
इस मौके की कुछ यादें साझा करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 'ङ्ग' पर लिखा: "आज मुझे धूरी हल्के के गांव बरड़वाल स्थित देश भगत कॉलेज में करवाए गए क्षेत्रीय युवा मेले के दौरान युवाओं से रूबरू होने का मौका मिला। उनके उत्साह और कलात्मक हुनर को देखकर मुझे अपने शुरुआती दिनों की याद आ गई, क्योंकि मेरा सफर भी ऐसे ही मंचों से शुरू हुआ था। युवाओं को मेरी सलाह है कि इन मुकाबलों में हिस्सा लेना ही अपने आप में सबसे बड़ी जीत है। जो जीतते हैं, उन्हें नम्र रहना चाहिए और जो हार जाते हैं उन्हें और कड़ी मेहनत करनी चाहिए। हमारी सरकार ने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के युवाओं को ७०,००० से अधिक नौकरियां दी हैं। तुम बस अपनी पढ़ाई और कड़ी मेहनत पर ध्यान दो। पंजाब सरकार हर कदम पर तुम्हारे साथ खड़ी है।"
इस मौके पर जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "युवाओं की ऊर्जा, हुनर और रचनात्मकता पंजाब की सबसे बड़ी पूंजी हैं और सूबे का भविष्य इन गुणों को निखारने और युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के सार्थक अवसर प्रदान करने पर निर्भर करता है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "शिक्षा क्लासरूम, पाठ्यपुस्तकों और परीक्षा के नतीजों से परे होनी चाहिए। असली शिक्षा स्वतंत्र सोच, जिम्मेदारी की मजबूत भावना, अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति सम्मान और अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत वाले आत्मविश्वासी व्यक्ति पैदा करने में है।"
युवा मेलों के महत्व को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे समागम विद्यार्थियों को अपने छिपे हुए हुनरों का पता लगाने, झिझक को दूर करने, आत्म-विश्वास विकसित करने और अनुशासन, टीम वर्क और स्वस्थ मुकाबले में बहुमूल्य सबक सीखने के योग्य बनाते हैं। उन्होंने आगे कहा, "यह मंच विद्यार्थियों को एक दूसरे से सीखने, अपने सोच के दायरे को बड़ा करने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने आप को तैयार करने में मदद भी करते हैं।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस युवा मेले में ३९ कॉलेजों के विद्यार्थियों की भागीदारी को देखकर बेहद खुशी जताई। इस दौरान चार चरणों में ६० विभिन्न गतिविधियां करवाई गईं। उन्होंने कहा, "विद्यार्थी सांस्कृतिक और साहित्यिक मुकाबलों की विशाल श्रेणी के माध्यम से अपनी कलात्मक योग्यताओं, रचनात्मकता और हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं जो पंजाब की युवा पीढ़ी की जिंदादिली और क्षमताओं को दर्शाते हैं।" उन्होंने कई दशकों से युवा मेले करवाने में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला और इसके युवा भलाई विभाग के योगदान की सराहना भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा, "इन प्रयासों ने युवा प्रतिभा को निखारने, संस्कृति को प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी को पंजाब की शानदार विरासत से जोडऩे में अहम भूमिका निभाई है।"
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर विद्यार्थी में विशिष्ट योग्यताएं और क्षमता होती है। हालात और अवसर चाहे कैसे भी हों, पर दृढ़ इरादा, समर्पण और कड़ी मेहनत से युवा सभी रुकावटों को पार करके कामयाब हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, "शिक्षण संस्थानों की यह जिम्मेदारी है कि वे इस क्षमता की पहचान करें, सही माहौल प्रदान करें और यह सुनिश्चित करें कि हौसला-अफजाई की कमी के कारण कोई भी प्रतिभा अनदेखी न रहे।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ डिग्री-धारक पैदा करना ही नहीं बल्कि ऐसे जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है जो समाज में सार्थक योगदान दे सकें।"
उन्होंने कहा कि संगीत, नृत्य, थिएटर, साहित्य और लोक कलाओं जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में भावनात्मक समझ, रचनात्मक सोच, आपसी सम्मान और सहयोग की भावना पैदा करने में सहायक होती हैं, जो प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए बेहद जरूरी हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब की सांस्कृतिक विरासत हमारे लोगों के लिए गर्व और पहचान का स्रोत है। युवा मेले और लोक मेले विभिन्न पीढिय़ों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि सूबे के रवायती कला रूप, लोक संगीत, नृत्य और देशी खेल लगातार फलते-फूलते रहें।"
युवाओं को नए विचार खोजते हुए अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा, "ऐसे मंच सांस्कृतिक संरक्षण और आधुनिक इच्छाओं के बीच सार्थक संतुलन कायम करते हैं। क्षेत्रीय, अंतर-जोनल और राष्ट्रीय स्तर के समागमों में हिस्सा लेने के मौके विद्यार्थियों को ऊंचे लक्ष्य तय करने और बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। ये तजुर्बे विद्यार्थियों के दृष्टिकोण को विशाल करने, आत्म-विश्वास बढ़ाने और उन्हें अपनी शिक्षण संस्थानों की हदों से पार जाकर शिखर की ओर जाने के लिए प्रेरित करते हैं।"
युवा मेले को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सार्थक प्रयास बताते हुए उन्होंने कहा, "युवाओं में निवेश करने का मतलब है पंजाब के भविष्य में निवेश करना। युवाओं को अपनी क्षमताओं का सकारात्मक उपयोग करने, अपने चुने हुए क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने और सूबे की सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक तरक्की में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "'रंगला पंजाब' तभी बनाया जा सकता है जब हमारे युवाओं को ज्ञान, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और उद्देश्य की मजबूत भावना से सक्षम बनाया जाए।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रतिभा को प्रोत्साहित करने, सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाने और सकारात्मक मूल्यों को पैदा करने वाले प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को सक्षम नेता और जिम्मेदार नागरिकों में बदलने में मदद करते हैं।" उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और कभी भी अपनी क्षमता को कम न आंकने की अपील की।
युवाओं को नए अवसरों को अपनाते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के युवाओं की इच्छाएं और उपलब्धियां सूबे के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया, "युवा मेला युवा प्रतिभा का जश्न है, पंजाब की सांस्कृतिक समृद्धि को समर्पित है और यह याद दिलाता है कि जब युवाओं को सही मंच, प्रोत्साहन और अवसर दिए जाते हैं तो वे मजबूत, अधिक जीवंत और 'रंगला पंजाब' के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।"
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*च्गैंगस्टरां ते वारज् अभियान का २७८वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा ५२५ स्थानों पर छापेमारी; २०९ गिरफ्तार*
- पुलिस टीमों ने १८१ व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियातन कार्रवाई भी की
- लोग, च्एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइनज् नंबर ९३९४६-९३९४६ के द्वारा गैंगस्टरों के बारे में गुप्त रूप से कर सकते हैं रिपोर्ट
- च्युद्ध नशेयां विरुद्धज् के ६०३वें दिन १५२ नशा तस्कर ११.७ किलो हेरोइन सहित गिरफ्तार
चंडीगढ़, २५ अक्टूबर:
च्गैंगस्टरां ते वारज् अभियान के २७८वें दिन पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के साथियों के पहचाने गए और मैप किए गए ५२५ ठिकानों पर छापेमारी की।
उल्लेखनीय है कि पंजाब को गैंगस्टर-मुक्त राज्य बनाने के लिए शुरू किए गए इस निर्णायक अभियान - च्गैंगस्टरां ते वारज् की शुरुआत पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव द्वारा २० जनवरी, २०२६ को की गई थी। राज्य भर में विभिन्न जिलों की पुलिस टीमें, च्एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्सज् पंजाब के समन्वय के साथ विशेष अभियान चला रही हैं।
अभियान के २७८वें दिन पुलिस टीमों ने २०९ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से एक हथियार बरामद किया। इसके साथ अभियान की शुरुआत से अब तक गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या ८०,६६७ हो गई है।
इसके अतिरिक्त १८१ व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियातन कार्रवाई की गई है। पुलिस टीमों ने इस अभियान के दौरान आठ फरार अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है।
आम लोग, च्एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइनज् नंबर ९३९४६-९३९४६ के द्वारा वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में गुप्त रूप से जानकारी दे सकते हैं और अपराधों या आपराधिक गतिविधियों के बारे में सुराग भी दिया जा सकता है।
इस दौरान, पुलिस टीमों ने नशों के विरुद्ध अपना अभियान च्युद्ध नशेया विरुद्धज् ६०३वें दिन भी जारी रखा। आज १५२ नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से ११.७ किलो हेरोइन, १०२८ नशीली गोलियां और ५२०० रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। इसके साथ ही केवल ६०३ दिनों में गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों की कुल संख्या ८८,०८६ तक पहुंच गई है। नशा मुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने आज २९ व्यक्तियों को नशा छोडऩे और पुनर्वास उपचार करवाने के लिए राजी किया है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
पंजाब के किसानों को गेहूं के प्रमाणित बीजों पर दी जायेगी ५० प्रतिशत सब्सिडी: गुरमीत सिंह खुड्डियां
क ५० करोड़ रुपये की इस योजना से २.४२ लाख से अधिक किसानों को होगा लाभ; उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसानों पर वित्तीय बोझ कम करने में मिलेगी मदद: खुड्डियां
चंडीगढ़, २५ अक्टूबर:
उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और राज्य के किसानों पर वित्तीय बोझ कम करने के उद्देश्य से पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज ५० करोड़ रुपये की सहायता योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत किसानों को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा अनुशंसित गेहूं के प्रमाणित बीज आधी कीमत पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके तहत अधिकतम २,००० रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी।
इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए स.गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि योजना के तहत ४,२५० रुपये प्रति क्विंटल कीमत वाले गेहूं के प्रमाणित बीज किसानों को २,२५० रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध कराए जाएंगे। बीज खरीदते समय ही २,००० रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी घटा दी जाएगी। यह सब्सिडी कुल लागत के ५० प्रतिशत या २,००० रुपये प्रति हेक्टेयर, जो भी कम हो, तक सीमित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ अगले सीजन के लिए बीज तैयार करने में मदद करना है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने २,४२,२१८ लाभार्थियों को योजना के दायरे में लाने के लिए जिला-वार आवश्यकता का आकलन किया है। इसके लिए कुल ५० करोड़ रुपये की वित्तीय राशि प्रस्तावित की गई है। प्रत्येक लाभार्थी को अधिकतम २,००० रुपये की सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह योजना कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (एनएफएसएनएम) के बीज घटक के तहत लागू की जा रही है।
आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए स. खुड्डियां ने कहा कि पात्र किसानों को अपना आधार कार्ड लेकर संबंधित जिला या ब्लॉक कृषि कार्यालय में जाना होगा तथा निर्धारित पोर्टल द्धह्लह्लश्च://२२२.ड्डद्दह्म्द्बद्वड्डष्द्धद्बठ्ठद्गह्म्४श्चड्ढ.ष्शद्व के माध्यम से आवेदन करना होगा। इस पोर्टल पर आधार से जुड़े ओटीपी के माध्यम से उनकी पहचान का सत्यापन किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि सब्सिडी केवल पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना द्वारा अनुशंसित तथा आईसीएआर या पंजाब सरकार द्वारा अधिसूचित ऐसी प्रमाणित गेहूं की किस्मों पर लागू होगी, जिन्हें अधिसूचित हुए १० वर्ष तक का समय हुआ है। उन्होंने कहा कि बीज संवर्धन के लिए जिम्मेदार नोडल एजेंसियां बीज की गुणवत्ता के लिए जवाबदेह होंगी। गुणवत्ता से संबंधित किसी भी शिकायत का समाधान संबंधित नोडल एजेंसी द्वारा किया जाएगा।
धनराशि के दुरुपयोग को रोकने और लक्षित लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने कई कड़े उपाय लागू किए हैं। इनमें जिला और ब्लॉक स्तर पर निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर सहायता प्रदान करना, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार लाभार्थियों के लिए दो वर्ष की प्रतीक्षा अवधि निर्धारित करना, मुख्य कृषि अधिकारी द्वारा पूरा रिकॉर्ड तथा ब्लॉक कृषि अधिकारियों द्वारा विस्तृत रजिस्टर बनाए रखना और मुख्यालय से अंतिम मंजूरी मिलने से पहले लाभार्थियों, बीज की मात्रा तथा सब्सिडी की राशि का सत्यापन करना शामिल है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया का सख्ती से पालन करें और केवल विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की किसान कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए स.गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा, "हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि किसानों को बिना किसी वित्तीय कठिनाई के खेती के लिए आवश्यक गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। बीजों की गुणवत्ता पर कड़ा नियंत्रण रखने और पारदर्शी एवं प्रौद्योगिकी-आधारित वितरण प्रणाली लागू करके हम न केवल गेहूं की आगामी फसल को सुरक्षित कर रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि सार्वजनिक धन का उपयोग पूरी जवाबदेही के साथ किया जाए।"
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*हर महिला के सम्मान और सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार का मजबूत कदम; विधवा एवं निराश्रित महिलाओं को अब तक ७२९ करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी: डॉ. बलजीत कौर*
*करीब ७ लाख महिलाओं को मिला सामाजिक सुरक्षा का सहारा; मुश्किल परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रही महिलाओं के लिए राज्य सरकार बनी आशा की किरण*
*मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध*
*चालू वित्त वर्ष के दौरान योजना के लिए करीब १३०० करोड़ रुपये का बजट प्रावधान; सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम*
*डॉ. बलजीत कौर ने अधिकारियों को अंतिम पंक्ति तक लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश; लोगों से पात्र महिलाओं की पहचान करवाने की अपील*
चंडीगढ़, २५ अक्टूबर:
पंजाब सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा विधवा एवं निराश्रित महिला वित्तीय सहायता योजना के तहत अब तक करीब ७२९ करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इस योजना का लाभ करीब ७ लाख पात्र महिलाओं को मिल रहा है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसी महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास के साथ जीवन व्यतीत करने के लिए मजबूत सहारा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को मान-सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है और पंजाब सरकार इस दिशा में लगातार प्रयासरत है।
मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा चालू वित्त वर्ष के दौरान इस योजना के लिए करीब १३०० करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की महिलाओं और कमजोर वर्गों के कल्याण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
योजना के पात्रता मानदंडों के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि ५८ वर्ष से कम आयु की विधवा एवं निराश्रित महिलाएं तथा ३० वर्ष या इससे अधिक आयु की अविवाहित महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। इसके लिए आवेदक का पंजाब का निवासी होना और परिवार की वार्षिक आय ६०,००० रुपये या इससे कम होना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी पात्र महिला सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और जमीनी स्तर पर योजनाओं की पहुंच को और मजबूत किया जा रहा है।
डॉ. बलजीत कौर ने सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों की पहचान करके उन्हें योजना का लाभ पहुंचाया जाए, आवेदनों का निपटारा पारदर्शी तरीके से और समय पर किया जाए तथा विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को इस योजना के बारे में जानकारी दी जाए।
मंत्री ने पंचायतों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सामाजिक संस्थाओं से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों की पात्र महिलाओं को इस योजना से जोडऩे में सहयोग करें, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़ी महिला तक पहुंच सके।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
दक्षिण कोरियाई पुरुष हॉकी टीम का मोहाली हवाई अड्डे पर ढोल, भांगड़ा और फुलकारियों के साथ गर्मजोशी से स्वागत
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी-२०२६ में भाग लेने वाली सभी ६ टीमें पंजाब पहुंचीं
पंजाब सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय हॉकी टीमों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं और गर्मजोशी भरे आतिथ्य के पुख्ता प्रबंध
एसएएस नगर (मोहाली), २५ अक्टूबर:
दक्षिण कोरियाई पुरुष हॉकी टीम का साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) स्थित शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर शानदार पंजाबी अंदाज में स्वागत किया गया। इसके साथ ही एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट-२०२६ में भाग लेने वाली सभी छह टीमें पंजाब पहुंच गई हैं। इस अवसर पर खिलाडिय़ों और सहयोगी स्टाफ का स्वागत ढोल की थाप, स्थानीय कलाकारों द्वारा भांगड़े की मनमोहक प्रस्तुतियों और रंग-बिरंगी फुलकारियों के साथ किया गया। इससे उन्हें पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और खुले दिल से मेहमानों का स्वागत करने की परंपरा की झलक देखने को मिली।
उल्लेखनीय है कि २७ अक्टूबर से ५ नवंबर, २०२६ तक जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम और मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित होने वाला यह टूर्नामेंट एशिया की शीर्ष हॉकी टीमों के बीच रोमांचक मुकाबलों का गवाह बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने टूर्नामेंट में भाग लेने वाले सभी देशों की टीमों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, सुचारु लॉजिस्टिक्स और गर्मजोशी भरे आतिथ्य को सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं।
दक्षिण कोरियाई दल २० सदस्यीय टीम के साथ पहुंचा है। टीम में किम जैह्योंग और सोन तायमिन गोलकीपर के रूप में खेलेंगे, जबकि अन्य खिलाडिय़ों में पार्क गियोनवू, जियोंग जंसीयोंग, गो सोंग हून, किम जैहो, सोन डेन, किम योंग बोक, चुन सेमिन, सोंग जियोंगसियोब, यू ह्योगुक, कोंग यूनहो, ओम जूनयोंग, क्वोन येचन, सोंग हायसोंग, बे सोंग मिन, हान सांगजुन, किम डेह्यून, चोई गाजिन और किम डोंगगियॉन शामिल हैं।
राज्य सरकार ने टीमों के आवास, परिवहन, सुरक्षा और अभ्यास संबंधी सुविधाओं के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं, ताकि पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाडिय़ों को सुचारु और यादगार अनुभव मिल सके। ये तैयारियां अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करने और खिलाडिय़ों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रति पंजाब की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।
टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी छह टीमें अब पंजाब पहुंच चुकी हैं, जिससे खेल प्रेमियों में प्रतियोगिता को लेकर उत्साह और उम्मीदें बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में दर्शकों को रोमांचक और कड़े हॉकी मुकाबले देखने को मिलेंगे। जालंधर और मोहाली में इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप की मेजबानी न केवल भारतीय हॉकी में पंजाब के स्थायी योगदान को और उजागर करेगी, बल्कि खेलों के प्रमुख केंद्रों के रूप में राज्य की प्रतिष्ठा और पहचान को भी मजबूत करेगी।
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