, रांची: झारखंड सरकार के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आदिम जनजाति कल्याण विभाग तथा बीआईटी मेसरा के यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक के बीच मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को नि:शुल्क तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा। रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में आयोजित समारोह में झारखंड सरकार और बीआईटी मेसरा के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के तहत अगले दस वर्षों में राज्य सरकार 79.40 करोड़ रुपये खर्च करेगी और संस्थान के 85 प्रतिशत आवर्ती व्यय का वहन करेगी। इसके माध्यम से प्रतिवर्ष 850 विद्यार्थियों को शिक्षण, छात्रावास और भोजन की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। योजना का लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम है। इस अवसर पर कल्याण विभाग के सचिव के.एन. झा, संयुक्त सचिव जावेद अनवर इदरीसी, बीआईटी मेसरा के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. मन्ना ने कहा कि यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार और बीआईटी मेसरा ने भविष्य में यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक की सीटें बढ़ाने, नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने तथा छात्रावास एवं शैक्षणिक भवनों का विस्तार करने की भी घोषणा की।