Saturday, June 13, 2026
BREAKING
ट्रंप का बड़ा दावा: तेहरान डील मंजूर, नए हमले टले भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमले से भड़का भारत, अमेरिका को सख्त संदेश AI-171 हादसे के एक साल बाद भी रिपोर्ट गायब, पायलटों ने उठाए सवाल मानसून और पश्चिमी विक्षोभ की टक्कर, कई राज्यों में तूफान का खतरा केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली में 'युवा संगम चरण VI' के तहत छत्तीसगढ़ के छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की हरिद्वार में भारतीय भेषज संहिता (आईपी) 2026 पर वैज्ञानिक सम्मेलन आयोजित; औषध गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में औषध संहिता मानकों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया श्री अश्विनी वैष्णव ने एमएनआईटी जयपुर में एडवांस क्वांटम और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस प्रयोगशालाएं स्थापित किए जाने की घोषणा की Horoscope Today: दैनिक राशिफल 13 जून 2026 राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ने होम्योपैथी पर जिम्मेदार विमर्श की सलाह दी, सत्यापित सूचना पर भरोसा करने का किया आह्वान युवा संगम छठे चरण कार्यक्रम के तहत आंध्र प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का महाराष्ट्र दौरा

चंडीगढ़

10 साल नहीं, अब उम्रकैद! योगी सरकार में 'लव जिहाद' विरोधी बिल किया और सख्त

July 31, 2024 09:52 AM

सिटी दर्पण

लखनऊ, 30 जुलाईः उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) अधिनियम, 2024 पारित हो गया. संशोधित अधिनियम में छल कपट या जबर्दस्‍ती कराये गये धर्मांतरण के मामलों में कानून को पहले से सख्त बनाते हुए अधिकतम आजीवन कारावास या पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है.

उप्र विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे की ओर से जारी मंगलवार की कार्यसूची में प्रस्ताव किया गया है कि आज इस संशोधित विधेयक को पारित करने के लिए विचार होगा.

 संशोधित विधेयक में किसी महिला को धोखे से जाल में फंसाकर धर्मांतरण कर अवैध तरीके से विवाह करने और उत्पीड़न के दोषियों को अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है. पहले इसमें अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान था.

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्‍ना ने सदन में पहले दिन सोमवार को उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) अधिनियम, 2024 को सदन में पुरःस्थापित किया था.

इसमें प्रस्ताव किया गया है कि कोई व्यक्ति धर्मांतरण कराने के इरादे से किसी को अगर धमकी देता है, हमला करता है, विवाह करता या करने का वादा करता है या इसके लिए साजिश रचता है, महिला, नाबालिग या किसी की तस्करी करता है तो उसके अपराध को सबसे गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा. 

संशोधित अधिनियम में ऐसे मामलों में 20 वर्ष कारावास या आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है. जब यह विधेयक के रूप में पहली बार पारित करने के बाद कानून बना तब इसके तहत अधिकतम 10 साल की सजा और 50 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया था.

विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन के लिए फंडिंग को भी इस कानून के तहत अपराध के दायरे में लाया गया है. इसमें विदेशी संस्थाओं या किसी भी अवैध संस्था से हुई फंडिंग भी शामिल है. अगर कोई धर्म बदलावाने की नीयत से किसी व्यक्ति को जीवन या संपत्ति के भय में डालता है, हमला, बल प्रयोग या शादी करने का वादा करता है या इसके लिए षड्यंत्र करता है तो उसे आजीवन कारावास के साथ जुर्माना भी भरना होगा.

कोर्ट पीड़ित के इलाज के खर्च और पुनर्वास के लिए न्यायोचित धनराशि जुर्माने के रूप में तय कर सकेगी. सरकार का कहना है कि अपराध की संवेदनशीलता, महिलाओं की गरिमा व सामाजिक स्थिति, महिला, एससी-एसटी आदि का अवैध धर्मांतरण रोकने के लिए यह महसूस किया गया कि सजा व जुर्माना और कड़ा करने की जरूरत है. इसलिए, यह विधेयक लाया जा रहा है.

पुराने विधेयक के पॉइंटर 

विधेयक में एक से 10 साल तक की सजा का प्रावधान था. इस विधेयक के तहत सिर्फ शादी के लिए किया गया धर्म परिवर्तन अमान्य होगा. झूठ बोलकर, धोखा देकर धर्म परिवर्तन को अपराध माना जाएगा. स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन के मामले में दो महीने पहले मजिस्ट्रेट को बताना होगा.

विधेयक के मुताबिक जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन के लिए 15,000 रुपये के जुर्माने के साथ 1-5 साल की जेल की सजा का प्रावधान है. अगर SC-ST समुदाय की नाबालिगों और महिलाओं के साथ ऐसा होता है तो 25,000 रुपये के जुर्माने के साथ 3-10 साल की जेल की सजा का प्रावधान है. विधेयक में बताया गया है कि धर्म परिवर्तन के इच्छुक लोगों को निर्धारित प्रारुप पर जिलाधिकारी को 2 महीने पहले सूचना देनी होगी, इसका उल्लंघन किए जाने पर 6 महीने से 3 साल तक की सजा और जुर्माने की राशि 10 हजार रुपये से कम की नहीं होने का प्रावधान है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) अधिनियम, 2024 पारित हो गया. संशोधित अधिनियम में छल कपट या जबर्दस्‍ती कराये गये धर्मांतरण के मामलों में कानून को पहले से सख्त बनाते हुए अधिकतम आजीवन कारावास या पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है.

उप्र विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे की ओर से जारी मंगलवार की कार्यसूची में प्रस्ताव किया गया है कि आज इस संशोधित विधेयक को पारित करने के लिए विचार होगा.

Have something to say? Post your comment

और चंडीगढ़ समाचार

ट्रंप का बड़ा दावा: तेहरान डील मंजूर, नए हमले टले

ट्रंप का बड़ा दावा: तेहरान डील मंजूर, नए हमले टले

भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमले से भड़का भारत, अमेरिका को सख्त संदेश

भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमले से भड़का भारत, अमेरिका को सख्त संदेश

AI-171 हादसे के एक साल बाद भी रिपोर्ट गायब, पायलटों ने उठाए सवाल

AI-171 हादसे के एक साल बाद भी रिपोर्ट गायब, पायलटों ने उठाए सवाल

मानसून और पश्चिमी विक्षोभ की टक्कर, कई राज्यों में तूफान का खतरा

मानसून और पश्चिमी विक्षोभ की टक्कर, कई राज्यों में तूफान का खतरा

श्री अश्विनी वैष्णव ने एमएनआईटी जयपुर में एडवांस क्वांटम और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस प्रयोगशालाएं स्थापित किए जाने की घोषणा की

श्री अश्विनी वैष्णव ने एमएनआईटी जयपुर में एडवांस क्वांटम और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस प्रयोगशालाएं स्थापित किए जाने की घोषणा की

भारत और इंडोनेशिया ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर किया विचार-विमर्श

भारत और इंडोनेशिया ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर किया विचार-विमर्श

‘इंडिया जनबंधन’ बैठक में 23 विपक्षी दल होंगे शामिल, कांग्रेस ने किया दावा

‘इंडिया जनबंधन’ बैठक में 23 विपक्षी दल होंगे शामिल, कांग्रेस ने किया दावा

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में हीटवेव का अलर्ट, कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में हीटवेव का अलर्ट, कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना

IAEA की चेतावनी: ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ी वैश्विक चिंता

IAEA की चेतावनी: ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ी वैश्विक चिंता

पुतिन ने भारत को बताया भरोसेमंद साझेदार, पश्चिमी हस्तक्षेप पर साधा निशाना

पुतिन ने भारत को बताया भरोसेमंद साझेदार, पश्चिमी हस्तक्षेप पर साधा निशाना

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss