Saturday, May 09, 2026
BREAKING
सोमनाथ की कहानी सुनाकर PM मोदी ने जगाया सांस्कृतिक गर्व Horoscope Today: दैनिक राशिफल 03 मई, 2026 Weather: गुजरात में बाढ़ से हाहाकार, अब तक 30 लोगों की मौत; दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की चेतावनी जारी दैनिक राशिफल 13 अगस्त, 2024 Hindenburg Research Report: विनोद अदाणी की तरह सेबी चीफ माधबी और उनके पति धवल बुच ने विदेशी फंड में पैसा लगाया Hindus in Bangladesh: मर जाएंगे, बांग्लादेश नहीं छोड़ेंगे... ढाका में हजारों हिंदुओं ने किया प्रदर्शन, हमलों के खिलाफ उठाई आवाज, रखी चार मांग Russia v/s Ukraine: पहली बार रूसी क्षेत्र में घुसी यूक्रेनी सेना!, क्रेमलिन में हाहाकार; दोनों पक्षों में हो रहा भीषण युद्ध Bangladesh Government Crisis:बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट, सेना की कार्रवाई में 56 की मौत; पूरे देश में अराजकता का माहौल, शेख हसीना के लिए NSA डोभाल ने बनाया एग्जिट प्लान, बौखलाया पाकिस्तान! तीज त्यौहार हमारी सांस्कृतिक विरासत, इन्हें रखें सहेज कर- मुख्यमंत्री Himachal Weather: श्रीखंड में फटा बादल, यात्रा पर गए 300 लोग फंसे, प्रदेश में 114 सड़कें बंद, मौसम विभाग ने 7 अगस्त को भारी बारिश का जारी किया अलर्ट

चंडीगढ़

10 साल नहीं, अब उम्रकैद! योगी सरकार में 'लव जिहाद' विरोधी बिल किया और सख्त

July 31, 2024 09:52 AM

सिटी दर्पण

लखनऊ, 30 जुलाईः उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) अधिनियम, 2024 पारित हो गया. संशोधित अधिनियम में छल कपट या जबर्दस्‍ती कराये गये धर्मांतरण के मामलों में कानून को पहले से सख्त बनाते हुए अधिकतम आजीवन कारावास या पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है.

उप्र विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे की ओर से जारी मंगलवार की कार्यसूची में प्रस्ताव किया गया है कि आज इस संशोधित विधेयक को पारित करने के लिए विचार होगा.

 संशोधित विधेयक में किसी महिला को धोखे से जाल में फंसाकर धर्मांतरण कर अवैध तरीके से विवाह करने और उत्पीड़न के दोषियों को अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है. पहले इसमें अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान था.

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्‍ना ने सदन में पहले दिन सोमवार को उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) अधिनियम, 2024 को सदन में पुरःस्थापित किया था.

इसमें प्रस्ताव किया गया है कि कोई व्यक्ति धर्मांतरण कराने के इरादे से किसी को अगर धमकी देता है, हमला करता है, विवाह करता या करने का वादा करता है या इसके लिए साजिश रचता है, महिला, नाबालिग या किसी की तस्करी करता है तो उसके अपराध को सबसे गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा. 

संशोधित अधिनियम में ऐसे मामलों में 20 वर्ष कारावास या आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है. जब यह विधेयक के रूप में पहली बार पारित करने के बाद कानून बना तब इसके तहत अधिकतम 10 साल की सजा और 50 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया था.

विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन के लिए फंडिंग को भी इस कानून के तहत अपराध के दायरे में लाया गया है. इसमें विदेशी संस्थाओं या किसी भी अवैध संस्था से हुई फंडिंग भी शामिल है. अगर कोई धर्म बदलावाने की नीयत से किसी व्यक्ति को जीवन या संपत्ति के भय में डालता है, हमला, बल प्रयोग या शादी करने का वादा करता है या इसके लिए षड्यंत्र करता है तो उसे आजीवन कारावास के साथ जुर्माना भी भरना होगा.

कोर्ट पीड़ित के इलाज के खर्च और पुनर्वास के लिए न्यायोचित धनराशि जुर्माने के रूप में तय कर सकेगी. सरकार का कहना है कि अपराध की संवेदनशीलता, महिलाओं की गरिमा व सामाजिक स्थिति, महिला, एससी-एसटी आदि का अवैध धर्मांतरण रोकने के लिए यह महसूस किया गया कि सजा व जुर्माना और कड़ा करने की जरूरत है. इसलिए, यह विधेयक लाया जा रहा है.

पुराने विधेयक के पॉइंटर 

विधेयक में एक से 10 साल तक की सजा का प्रावधान था. इस विधेयक के तहत सिर्फ शादी के लिए किया गया धर्म परिवर्तन अमान्य होगा. झूठ बोलकर, धोखा देकर धर्म परिवर्तन को अपराध माना जाएगा. स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन के मामले में दो महीने पहले मजिस्ट्रेट को बताना होगा.

विधेयक के मुताबिक जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन के लिए 15,000 रुपये के जुर्माने के साथ 1-5 साल की जेल की सजा का प्रावधान है. अगर SC-ST समुदाय की नाबालिगों और महिलाओं के साथ ऐसा होता है तो 25,000 रुपये के जुर्माने के साथ 3-10 साल की जेल की सजा का प्रावधान है. विधेयक में बताया गया है कि धर्म परिवर्तन के इच्छुक लोगों को निर्धारित प्रारुप पर जिलाधिकारी को 2 महीने पहले सूचना देनी होगी, इसका उल्लंघन किए जाने पर 6 महीने से 3 साल तक की सजा और जुर्माने की राशि 10 हजार रुपये से कम की नहीं होने का प्रावधान है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) अधिनियम, 2024 पारित हो गया. संशोधित अधिनियम में छल कपट या जबर्दस्‍ती कराये गये धर्मांतरण के मामलों में कानून को पहले से सख्त बनाते हुए अधिकतम आजीवन कारावास या पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है.

उप्र विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे की ओर से जारी मंगलवार की कार्यसूची में प्रस्ताव किया गया है कि आज इस संशोधित विधेयक को पारित करने के लिए विचार होगा.

Have something to say? Post your comment

और चंडीगढ़ समाचार

ईरान पर अमेरिकी हमला, ट्रंप के “लव टैप” बयान से मचा बवाल

ईरान पर अमेरिकी हमला, ट्रंप के “लव टैप” बयान से मचा बवाल

सोमनाथ की कहानी सुनाकर PM मोदी ने जगाया सांस्कृतिक गर्व

सोमनाथ की कहानी सुनाकर PM मोदी ने जगाया सांस्कृतिक गर्व

तमिलनाडु में विजय का बड़ा राजनीतिक धमाका! 107 विधायकों के इस्तीफे की चेतावनी

तमिलनाडु में विजय का बड़ा राजनीतिक धमाका! 107 विधायकों के इस्तीफे की चेतावनी

पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक भूचाल! ममता बनर्जी के इनकार के बाद विधानसभा भंग

पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक भूचाल! ममता बनर्जी के इनकार के बाद विधानसभा भंग

Iran-Israel संकट पर Trump का बड़ा दावा, युद्ध और शांति के बीच दुनिया की नजर

Iran-Israel संकट पर Trump का बड़ा दावा, युद्ध और शांति के बीच दुनिया की नजर

सुवेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या के बाद North 24 Parganas में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई

सुवेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या के बाद North 24 Parganas में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई

“भारत अब चुप नहीं बैठेगा” — ऑपरेशन सिंधूर पर PM मोदी का बड़ा बयान

“भारत अब चुप नहीं बैठेगा” — ऑपरेशन सिंधूर पर PM मोदी का बड़ा बयान

कई राज्यों में मौसम का कहर! IMD ने जारी किया भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

कई राज्यों में मौसम का कहर! IMD ने जारी किया भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

हॉर्मुज़ स्ट्रेट में फिर भड़का तनाव: ईरान के हमलों से वैश्विक संकट गहराया

हॉर्मुज़ स्ट्रेट में फिर भड़का तनाव: ईरान के हमलों से वैश्विक संकट गहराया

पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP की जीत: बदला सत्ता का पूरा खेल

पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP की जीत: बदला सत्ता का पूरा खेल

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss