देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ के एक साथ प्रभाव डालने से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आगामी दिनों में कई राज्यों में तेज आंधी, भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।
आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत की ओर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम प्रणाली अधिक तीव्र हो गई है। इन दोनों मौसमी तंत्रों के मेल से वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से उत्तर भारत के राज्यों में तेज हवाओं के साथ तूफानी गतिविधियों की आशंका जताई है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी संभावना व्यक्त की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून और पश्चिमी विक्षोभ का एक साथ सक्रिय होना असामान्य नहीं है, लेकिन इनके संयुक्त प्रभाव से मौसम की तीव्रता बढ़ जाती है। इसका असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
आईएमडी ने लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से परहेज करने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।
देश के विभिन्न हिस्सों में बदलते मौसम के बीच प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर नई चेतावनियां जारी की जाएंगी। ऐसे में नागरिकों के लिए जरूरी है कि वे आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें और अफवाहों से बचते हुए सतर्कता बनाए रखें।