Friday, June 12, 2026
BREAKING
ट्रंप का बड़ा दावा: तेहरान डील मंजूर, नए हमले टले भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमले से भड़का भारत, अमेरिका को सख्त संदेश AI-171 हादसे के एक साल बाद भी रिपोर्ट गायब, पायलटों ने उठाए सवाल मानसून और पश्चिमी विक्षोभ की टक्कर, कई राज्यों में तूफान का खतरा केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली में 'युवा संगम चरण VI' के तहत छत्तीसगढ़ के छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की हरिद्वार में भारतीय भेषज संहिता (आईपी) 2026 पर वैज्ञानिक सम्मेलन आयोजित; औषध गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में औषध संहिता मानकों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया श्री अश्विनी वैष्णव ने एमएनआईटी जयपुर में एडवांस क्वांटम और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस प्रयोगशालाएं स्थापित किए जाने की घोषणा की Horoscope Today: दैनिक राशिफल 13 जून 2026 राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ने होम्योपैथी पर जिम्मेदार विमर्श की सलाह दी, सत्यापित सूचना पर भरोसा करने का किया आह्वान युवा संगम छठे चरण कार्यक्रम के तहत आंध्र प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का महाराष्ट्र दौरा

हेल्थ

हरिद्वार में भारतीय भेषज संहिता (आईपी) 2026 पर वैज्ञानिक सम्मेलन आयोजित; औषध गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में औषध संहिता मानकों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया

June 12, 2026 10:28 AM

आईपीसी ने जागरूकता और क्षमता-निर्माण पहलों के माध्यम से आईपी-2026 के लिए उद्योग की तैयारियों को मजबूत किया

आईपी-2026 सम्मेलन ने फार्माकोपियल मानकों को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहित किया और फार्मास्युटिकल उद्योग को मार्गदर्शन प्रदान किया

आईपीसी ने फार्मास्युटिकल गुणवत्ता और गुणवत्ता-सुनिश्चित दवाओं के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए हितधारकों की सहभागिता को आगे बढ़ाया
 

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था, भारतीय भेषज संहिता आयोग (आईपीसी) ने देवभूमि फार्मा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एडीपीआई) और उत्तराखंड के संबद्ध फार्मास्युटिकल विनिर्माण संघों के सहयोग से हरिद्वार में भारतीय फार्माकोपिया (आईपी) 2026 "फार्माकोपिया मानकों और गुणवत्ता अनुपालन के माध्यम से फार्मास्युटिकल विनिर्माण को सुदृढ़ बनाना" विषय पर एक वैज्ञानिक सम्मेलन और संवादात्मक सत्र का आयोजन किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य आईपी-2026 के प्रावधानों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और फार्मास्युटिकल विनिर्माण क्षेत्र में गुणवत्ता अनुपालन को बढ़ावा देना था।

उत्तराखंड भारत के प्रमुख दवा विनिर्माण केंद्रों में से एक है और उन राज्यों में शामिल है जो दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए आईपी और भारतीय फार्माकोपिया संदर्भ पदार्थों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर रहे हैं। दवा विनिर्माण में राज्य के महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देते हुए, उद्योग जगत में जागरूकता बढ़ाने, फार्माकोपिया की आवश्यकताओं के अनुपालन को बढ़ावा देने और दवा क्षेत्र में आईपी मानकों को एकसमान रूप से अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए इस सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिससे राज्य के दवा निर्माताओं और अन्य हितधारकों को सहयोग प्रदान किया जा सके।

इस कार्यक्रम में दवा विनिर्माण इकाइयों के प्रतिनिधियों, गुणवत्ता नियंत्रण और गुणवत्ता आश्वासन पेशेवरों, नियामक अधिकारियों, विश्लेषणात्मक वैज्ञानिकों और दवा परीक्षण प्रयोगशाला कर्मियों को एक साथ लाया गया ताकि फार्माकोपियल मानकों में हाल के घटनाक्रमों और दवा उद्योग में उनके कार्यान्वयन पर विचार-विमर्श किया जा सके।

उद्घाटन सत्र का शुभारंभ देवभूमि फार्मा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संदीप जैन के स्वागत भाषण से हुआ। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने फार्मास्युटिकल गुणवत्ता प्रणालियों को मजबूत करने में उद्योग और मानक-निर्धारण निकायों के बीच सहयोग के महत्व पर जोर दिया।

इस सत्र को देहरादून स्थित केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के सहायक औषधि नियंत्रक (भारत) श्री सिद्धार्थ सहाय मल्होत्रा और उत्तराखंड के औषधि नियंत्रक एवं राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण श्री ताजबेर सिंह ने भी संबोधित किया, जिन्होंने नियामक अनुपालन सुनिश्चित करने और जन स्वास्थ्य की रक्षा में औषध संहिता मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में, आईपीसी के सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वी. कलैसेल्वन ने औषधियों के लिए वैज्ञानिक रूप से मान्य गुणवत्ता मानकों को स्थापित करने और वैश्विक फार्मास्युटिकल क्षेत्र में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को बनाए रखने में आईपी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने आईपी-2026 में शामिल प्रमुख प्रगति पर प्रकाश डाला और औषध संहिता की आवश्यकताओं के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में उद्योग की भागीदारी के महत्व पर बल दिया।

उद्घाटन सत्र के बाद आईपी के प्रमुख पहलुओं पर तकनीकी विचार-विमर्श और ज्ञान-साझाकरण संबंधी चर्चाओं की एक श्रृंखला आयोजित की गई, जिसमें फार्माकोपियल मानकों, संदर्भ पदार्थों, सूक्ष्मजीवविज्ञानिक गुणवत्ता आवश्यकताओं, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों, विश्लेषणात्मक जांच और जैविक मानकों में हाल के विकास शामिल थे। सत्रों ने प्रतिभागियों को फार्मास्युटिकल विनिर्माण और गुणवत्ता नियंत्रण में आईपी मानकों के अनुप्रयोग की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।

एक विशेष संवादात्मक सत्र ने प्रतिभागियों को आईपीसी वैज्ञानिकों के साथ सीधे बातचीत करने और आईपी-2026 के तकनीकी, नियामक और कार्यान्वयन संबंधी पहलुओं पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया। चर्चाओं में फार्माकोपियल आवश्यकताओं में हो रहे बदलावों को समझने और गुणवत्ता आश्वासन के लिए सर्वोत्तम प्रणालियों को अपनाने में उद्योग की गहरी रुचि झलकती है।

इस सम्मेलन में आईपीसी ने औषध संहिता मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और गुणवत्ता सुनिश्चित दवाओं के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए हितधारकों के साथ सहयोग मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ जिससे उत्तराखंड और पूरे देश में दवा की गुणवत्ता और अनुपालन को आगे बढ़ाने के लिए नियामकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैज्ञानिक विशेषज्ञों के बीच निरंतर संवाद स्थापित करने में मदद मिली।

****

Have something to say? Post your comment

और हेल्थ समाचार

राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ने होम्योपैथी पर जिम्मेदार विमर्श की सलाह दी, सत्यापित सूचना पर भरोसा करने का किया आह्वान

राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ने होम्योपैथी पर जिम्मेदार विमर्श की सलाह दी, सत्यापित सूचना पर भरोसा करने का किया आह्वान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने " प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के 10 वर्ष - देखभाल का एक दशक" के उपलक्ष्य में राष्ट्रव्यापी समारोहों का शुभारंभ किया

"स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" को अपनाने को प्रेरित करने के लिए मीडिया जगत के लोग आयुष मंत्रालय के साथ आए

पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई से जुड़ा, दुनिया की सबसे बड़ी स्‍वास्‍थ्‍य आश्‍वासन योजना का देशभर में विस्तार पूर्ण

पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई से जुड़ा, दुनिया की सबसे बड़ी स्‍वास्‍थ्‍य आश्‍वासन योजना का देशभर में विस्तार पूर्ण

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के एक दशक पूरा होने पर कल से राष्ट्रव्यापी समारोह

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के एक दशक पूरा होने पर कल से राष्ट्रव्यापी समारोह

पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना  लागू करने वाला 36 वां राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बनने को तैयार

पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू करने वाला 36 वां राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बनने को तैयार

सीएक्यूएम ने एनसीआर में लागू नियमों की समीक्षा की; 11 से 29 मई के बीच 245 निरीक्षण किए

सीएक्यूएम ने एनसीआर में लागू नियमों की समीक्षा की; 11 से 29 मई के बीच 245 निरीक्षण किए

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोवा-रिग्पा ने विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान आयोजित किया

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोवा-रिग्पा ने विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान आयोजित किया

राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर वृक्षारोपण अभियान और पौध वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया

राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर वृक्षारोपण अभियान और पौध वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया

प्रधानमंत्री ने योग के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाला, 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026' में अधिक से अधिक भागीदारी का आह्वान किया

प्रधानमंत्री ने योग के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाला, 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026' में अधिक से अधिक भागीदारी का आह्वान किया

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss