फिलहाल सर्दी से राहत के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि तापमान में आई हल्की बढ़ोतरी के बावजूद ठंड का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 11 फरवरी 2026 से उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम फिर करवट ले सकता है। पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश तक सात राज्यों में बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना जताई गई है, जिससे एक बार फिर ठिठुरन बढ़ सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी भी हो सकती है, जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा।
दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने, ठंडी हवाएं चलने और अधिकतम तापमान में गिरावट की आशंका जताई गई है। न्यूनतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है। इससे सुबह और रात के समय ठंड का अहसास बढ़ेगा। किसानों के लिए यह बदलाव अहम माना जा रहा है, क्योंकि रबी फसलों पर इसका सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह का प्रभाव पड़ सकता है।
पंजाब और हरियाणा में तेज़ हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादल गरज सकते हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे फिलहाल गर्म कपड़ों को संभालकर रखें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी के दूसरे पखवाड़े में भी मौसम अस्थिर रह सकता है। बदलते मौसम के इस दौर में सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका रहती है। ऐसे में सावधानी बरतना जरूरी है।
कुल मिलाकर, अभी सर्दी को विदाई देने का समय नहीं आया है। आने वाले दिनों में बारिश और ठंडी हवाएं एक बार फिर सर्द मौसम का अहसास करा सकती हैं। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।