उत्तर-पश्चिम भारत में एक बार फिर मौसम का रुख बदलता नजर आ रहा है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में जहां कुछ दिन पहले तक हल्की ठंड और बादलों की आवाजाही बनी हुई थी, वहीं अब मैदानी इलाकों में गर्मी का असर धीरे-धीरे महसूस होने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि दर्ज की जा सकती है, जिससे दिन के समय लोगों को तेज धूप और गर्माहट का सामना करना पड़ेगा।
India Meteorological Department के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी राज्यों—पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश—में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर जा सकता है। खासकर मैदानी क्षेत्रों में दोपहर के समय तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बढ़ेगा, जबकि सुबह-शाम हल्की ठंड अभी बनी रह सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत संतुलित रहेगा, लेकिन मैदानी इलाकों में पारे की रफ्तार तेज होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता में कमी और साफ आसमान की स्थिति के कारण सूर्य की किरणें सीधे धरातल तक पहुंच रही हैं। यही कारण है कि फरवरी के अंत में ही मार्च जैसी गर्मी महसूस हो रही है। आने वाले सप्ताह में यदि बादल या बारिश की कोई मजबूत प्रणाली सक्रिय नहीं होती है तो तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी जारी रह सकती है।
दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के क्षेत्रों में भी दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। ग्रामीण इलाकों में गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलों पर तापमान वृद्धि का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को सिंचाई प्रबंधन और फसल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि मौसम में अचानक बदलाव से सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है।
कुल मिलाकर उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम अब धीरे-धीरे सर्दी से गर्मी की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। इस हफ्ते पारे में संभावित बढ़ोतरी यह संकेत दे रही है कि मार्च की दस्तक पहले ही सुनाई देने लगी है। आने वाले दिनों में तापमान के आंकड़े इस बदलाव को और स्पष्ट कर सकते हैं।