दिल्ली-एनसीआर की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देते हुए सराय काले खां से पहली बार यात्रियों को लेकर नमो भारत ट्रेन रवाना हुई। इस ऐतिहासिक परिचालन के साथ ही राजधानी दिल्ली और मेरठ के बीच 82 किलोमीटर लंबा सफर अब महज 60 मिनट में पूरा होने लगा है। उद्घाटन के बाद बड़ी संख्या में यात्रियों ने इस आधुनिक रैपिड रेल सेवा का अनुभव किया और इसे समय बचाने वाली सुविधा करार दिया।
National Capital Region Transport Corporation द्वारा विकसित यह परियोजना क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना है। सराय काले खां स्टेशन से ट्रेन के प्रस्थान के साथ ही दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
Namo Bharat ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें आरामदायक सीटें, वातानुकूलित कोच, महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बा, दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रावधान और उन्नत सुरक्षा प्रणाली शामिल हैं। ट्रेन की अधिकतम डिजाइन स्पीड 160 किमी प्रति घंटा तक है, जबकि परिचालन गति इसे कम समय में लंबी दूरी तय करने में सक्षम बनाती है।
अब तक दिल्ली-मेरठ के बीच सड़क मार्ग से यात्रा में अक्सर दो से तीन घंटे लग जाते थे, खासकर पीक आवर में ट्रैफिक जाम के कारण। नई रैपिड रेल सेवा से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सड़क यातायात पर दबाव भी कम होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रदूषण में भी कमी आएगी और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
यात्रियों ने पहले दिन की यात्रा को सुगम और सुविधाजनक बताया। कई लोगों का कहना है कि रोजाना ऑफिस आने-जाने में अब काफी समय बचेगा। वहीं व्यापारिक गतिविधियों और रियल एस्टेट सेक्टर पर भी इस परियोजना का सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
सराय काले खां स्टेशन को मल्टी-मोडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया गया है, जहां मेट्रो, बस और अन्य परिवहन सेवाओं से बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है। आने वाले चरणों में इस कॉरिडोर के अन्य हिस्सों को भी पूरी तरह संचालित किया जाएगा, जिससे एनसीआर के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर, नमो भारत की यह शुरुआत दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। तेज रफ्तार, आधुनिक सुविधाएं और समय की बचत—इन सबके साथ यह सेवा क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लेकर आई है।