अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियों ने पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के आवास के बाहर एक संभावित हमले की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक एक संदिग्ध व्यक्ति शॉटगन और पेट्रोल से भरे कैन के साथ प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा में तैनात एजेंटों ने त्वरित कार्रवाई की और संदिग्ध को गोली मार दी। उसे सीने में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया।
घटना उस समय हुई जब संदिग्ध व्यक्ति कथित तौर पर सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उसके पास से एक शॉटगन, अतिरिक्त कारतूस और पेट्रोल के कंटेनर बरामद किए गए। जांच एजेंसियों को आशंका है कि वह विस्फोट या आगजनी की योजना के तहत परिसर को नुकसान पहुंचाने की मंशा से पहुंचा था। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक हमले के स्पष्ट मकसद पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
United States Secret Service ने एक बयान में कहा कि संदिग्ध ने चेतावनी के बावजूद हथियार नीचे नहीं रखा और आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद एजेंटों को आत्मरक्षा और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत गोली चलानी पड़ी। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी।
घटना के बाद इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया और बम निरोधक दस्ता तथा फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि संदिग्ध अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
इस बीच राजनीतिक हलकों में भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। समर्थकों ने सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता की सराहना की, जबकि कुछ नेताओं ने देश में बढ़ते राजनीतिक ध्रुवीकरण और हिंसक प्रवृत्तियों पर चिंता जताई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में हाई-प्रोफाइल नेताओं और पूर्व राष्ट्रपतियों की सुरक्षा हमेशा संवेदनशील मुद्दा रही है। ऐसे में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बेहद गंभीरता से लिया जाता है। हालिया घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों से निपटने के लिए चौकस हैं।
फिलहाल संदिग्ध की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, घटना से जुड़े और तथ्य सामने आएंगे। सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि भविष्य में ऐसी किसी भी कोशिश को पहले ही चरण में विफल किया जा सके।