अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखते हुए वैश्विक समुदाय को कड़ा संदेश दिया है। 2 अप्रैल 2026 को दिए गए एक बयान में उन्होंने कहा कि दुनिया के अन्य देशों को भी आगे आकर Strait of Hormuz की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए, न कि केवल अमेरिका पर निर्भर रहना चाहिए।
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका लंबे समय से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाता रहा है, जबकि इसका सबसे अधिक लाभ अन्य देशों को मिलता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कई देश इस मार्ग से गुजरने वाले तेल और व्यापार पर निर्भर हैं, तो वे खुद इसकी सुरक्षा में सक्रिय योगदान क्यों नहीं देते। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि अन्य देश “थोड़ी हिम्मत दिखाएं” और इस जिम्मेदारी को साझा करें।
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का तनाव या अस्थिरता अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर सीधा असर डाल सकती है। ऐसे में इसकी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंताएं बनी रहती हैं।
ट्रंप के इस बयान को कई विशेषज्ञ अमेरिका की पारंपरिक भूमिका से अलग रुख के तौर पर देख रहे हैं। उनका मानना है कि यह बयान अमेरिका की ‘पहले अपने हित’ वाली नीति को दर्शाता है, जिसमें वह वैश्विक जिम्मेदारियों को साझा करने पर जोर दे रहा है। वहीं, कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है, क्योंकि अब तक अमेरिका इस क्षेत्र में प्रमुख सुरक्षा प्रदाता की भूमिका निभाता रहा है।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रंप के बयान पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ देशों ने इसे व्यावहारिक दृष्टिकोण बताया है, जबकि अन्य ने इसे अमेरिका की जिम्मेदारी से पीछे हटने की कोशिश के रूप में देखा है। खासकर उन देशों के लिए यह मुद्दा संवेदनशील है, जो इस समुद्री मार्ग पर अपने ऊर्जा आयात के लिए निर्भर हैं।
कुल मिलाकर, ट्रंप का यह बयान वैश्विक राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था में एक नई बहस को जन्म दे रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अन्य देश वास्तव में इस जिम्मेदारी को साझा करने के लिए आगे आते हैं या फिर यह मुद्दा केवल बयानबाजी तक ही सीमित रह जाता है।