नई दिल्ली, 11 अप्रैल 2026: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू; उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन; प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी; लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला; राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश; स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे. पी. नड्डा; सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री वीरेंद्र कुमार; लोक सभा में विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी; विधि एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल; सांसदगण, पूर्व सांसदगण, लोकसभा के महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने आज संसद भवन परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
महात्मा ज्योतिराव फुले, जिन्हें लोकप्रिय रूप से महात्मा फुले के नाम से जाना जाता है, 19वीं सदी के भारत के प्रमुख सामाजिक सुधारकों में से एक थे। उन्होंने अपना जीवन सामाजिक एवं आर्थिक असमानताओं को समाप्त करने के लिए समर्पित किया और गरीबों, किसानों तथा समाज के अन्य वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया।
उन्होंने 1873 में ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना की, जिसका उद्देश्य शोषण को रोकना और भेदभावपूर्ण प्रथाओं से पीड़ितों को मुक्ति दिलाना था। वे उन शुरुआती विचारकों में भी थे जिन्होंने कृषि के महत्व, किसानों के कल्याण और कृषकों के लिए वैज्ञानिक शिक्षा पर जोर दिया।
महात्मा ज्योतिराव फुले 1876 से 1882 तक पुणे नगर पालिका के सदस्य रहे और 1888 में गरीबों एवं वंचितों की मुक्ति में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘महात्मा’ तथा ‘भारत के बुकर टी. वॉशिंगटन’ की उपाधियों से सम्मानित किया गया। संसद भवन परिसर में स्थापित महात्मा ज्योतिराव फुले की 12 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा, जिसका निर्माण राम वी. सुतार द्वारा किया गया था और जिसका अनावरण 3 दिसंबर 2003 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा किया गया था, वर्तमान में परिसर के भीतर प्रेरणा स्थल पर स्थित है।