देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलता नजर आया। एक तरफ जहां उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों, खासकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश में तेज गर्मी ने लोगों को परेशान किया, वहीं उत्तर-पूर्व भारत के कई राज्यों में आंधी और बारिश ने मौसम को ठंडा और सुहावना बना दिया।
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का बाहर निकलना मुश्किल कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे हीटवेव जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी गर्मी का असर साफ दिखा, जहां दिन के समय सड़कों पर भीड़ कम रही और लोग घरों में रहने को मजबूर हुए।
दूसरी ओर, उत्तर-पूर्व भारत में मौसम ने करवट ली। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, कुछ इलाकों में तेज आंधी के कारण पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी खबरें सामने आईं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के विपरीत मौसमीय हालात इस समय सामान्य हैं, क्योंकि देश के अलग-अलग हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। जहां उत्तर भारत में गर्मी अपने चरम की ओर बढ़ रही है, वहीं पूर्वोत्तर क्षेत्र में नमी और बादलों की सक्रियता बढ़ने लगी है।
आने वाले दिनों में भी यह स्थिति बनी रह सकती है। उत्तर भारत में तापमान में और वृद्धि की संभावना है, जबकि उत्तर-पूर्व में बीच-बीच में बारिश और आंधी का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर गर्मी से बचाव और आंधी-बारिश के दौरान सुरक्षित रहने के उपाय अपनाने की जरूरत है।