केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक ₹2254.43 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ राष्ट्रीय फोरेंसिक अवसंरचना संवर्धन योजना (एनएफआईईएस) को मंजूरी दे दी है। इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के 9 परिसरों की स्थापना के लिए ₹1309.13 करोड़ और 7 केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (सीएफएसएल) की स्थापना के लिए ₹860.3 करोड़ आवंटित किए गए हैं। एनएफएसयू परिसरों और सीएफएसएल के लिए योजना के अंतर्गत ₹119.09 करोड़ की धनराशि जारी की जा चुकी है और उसका उपयोग किया जा चुका है। चिन्हित स्थानों पर फोरेंसिक अवसंरचना के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए यह योजना केंद्रीय स्तर पर कार्यान्वित की जा रही है।
इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के 9 परिसरों की स्थापना को नागपुर (महाराष्ट्र), रायपुर (छत्तीसगढ़), खुर्दा (ओडिशा), चेंगलपट्टू (तमिलनाडु), राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, रायपुर (छत्तीसगढ़), खुर्दा (ओडिशा), चेंगलपट्टू (तमिलनाडु), राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और केरल में 7 केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (सीएफएसएल) की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। छत्तीसगढ़, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और बिहार में स्थित 6 सीएफएसएल एनएफएसयू परिसर के साथ ही स्थित होंगी। अब तक एनएफएसयू परिसर/सीएफएसएल के लिए नागपुर (महाराष्ट्र), रायपुर (छत्तीसगढ़), खुर्दा (ओडिशा), चेंगलपट्टू (तमिलनाडु) और वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में भूमि आवंटित की जा चुकी है।
वर्तमान में एनएफएसयू के परिसर नागपुर (महाराष्ट्र), रायपुर (छत्तीसगढ़), खुर्दा (ओडिशा), चेंगलपट्टू (तमिलनाडु) और जयपुर (राजस्थान) में आवंटित ट्रांजिट भवनों से संचालित हो रहे हैं। आंध्र प्रदेश में सीएफएसएल स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
यह बात गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री बंडी संजय कुमार ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कही।