Thursday, August 06, 2026
BREAKING
हरित ऊर्जा और संपर्क-सुविधा की दोहरी सौगात प्रधानमंत्री ने अनुच्छेद 370 और 35(ए) के निरसन के सात वर्ष पूरे होने पर उसके महत्व के बारे में बताया रेप्को बैंक ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह को 22.90 करोड रुपये का लाभांश चेक भेंट किया सरकार का उद्देश्य भारत के इंटरनेट को गैरकानूनी और अश्लील कॉन्टेंट से मुक्त रखना और एक सुरक्षित व भरोसेमंद डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करना है केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से प्रशिक्षण को व्यवहार में उतारकर आय बढ़ाने का किया आह्वान Horoscope Today: दैनिक राशिफल 07 अगस्त, 2026 असम में बाढ़ का कहर: स्थायी समाधान की दरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में, 2019 से 2026 तक 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया डीबीटी के माध्यम से छात्रवृत्ति वितरण को सरकार ने किया और मजबूत; वर्ष 2025-26 में 47.53 लाख से अधिक पोस्ट-मैट्रिक और 26.79 लाख से अधिक प्री-मैट्रिक छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं युवा संगम के सातवें चरण के लिए 4 अगस्त 2026 से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होंगे

संपादकीय

हरित ऊर्जा और संपर्क-सुविधा की दोहरी सौगात

August 06, 2026 08:09 PM

 भुपिंद्र शर्मा, चंडीगढ़ः केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी संयुक्त लागत करीब 32,701 करोड़ रुपये आंकी गई है। इनमें एक ओर असम में गुवाहाटी-तेजपुर के बीच बनने वाला अत्याधुनिक राजमार्ग गलियारा है, तो दूसरी ओर देशभर में बायोगैस क्षेत्र को नई ऊर्जा देने वाली गोबरधन योजना। ये दोनों निर्णय भले ही अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े हों, पर इनके पीछे एक साझा सोच झलकती है—बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ-साथ स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों की ओर देश को आगे बढ़ाना।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों को इन फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुवाहाटी-तेजपुर गलियारे का निर्माण निर्माण-संचालन-हस्तांतरण यानी बीओटी टोल मॉडल पर किया जाएगा और इसकी अनुमानित पूंजीगत लागत 8,970.20 करोड़ रुपये होगी। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-15 का हिस्सा होगा और करीब 135.87 किलोमीटर लंबा, चार लेन का, पहुंच-नियंत्रित मार्ग होगा। इस परियोजना की खासियत यह है कि इसमें तेजपुर बाईपास पर लगभग पांच किलोमीटर लंबी एक आपातकालीन लैंडिंग सुविधा भी शामिल होगी, जिसे भारतीय वायुसेना के परामर्श से अंतिम रूप दिया गया है। रक्षा और नागरिक बुनियादी ढांचे का यह तालमेल सीमावर्ती राज्य असम के लिए रणनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।

इसके अलावा इस गलियारे में पांच बड़े बाईपास बनाए जाएंगे, जिनकी कुल लंबाई करीब 58.7 किलोमीटर होगी। बैहाटा चरियाली, सिपाझार, खरूपेटिया, देकियाजुली और तेजपुर जैसे घनी आबादी वाले कस्बों से गुजरने वाले मौजूदा मार्गों पर यातायात का दबाव इन बाईपासों के जरिए काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। साथ ही यह गलियारा ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी किनारे पर मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-27, यानी पूर्व-पश्चिम गलियारे, को भी असम में यातायात के अतिरिक्त बोझ से राहत देगा। पूर्वोत्तर भारत के लिए संपर्क-सुविधा की दृष्टि से यह परियोजना कई मायनों में महत्वपूर्ण है, क्योंकि गुवाहाटी और तेजपुर के बीच यह मार्ग व्यापार, पर्यटन और आपसी आवागमन को नई गति देगा।

इसी बैठक में मंत्रिमंडल ने एक और बड़ा निर्णय लिया, जिसका सीधा असर देश के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। गोबरधन यानी 'राष्ट्रीय चक्रीय जैव-ऊर्जा योजना' को कुल 23,731 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2035-36 तक, यानी करीब एक दशक तक, चरणबद्ध ढंग से लागू की जाएगी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना का मूल उद्देश्य कृषि अवशेष, गोबर, प्रेस मड, नगरपालिका के जैविक कचरे और अन्य बायोमास संसाधनों को स्वच्छ ईंधन तथा जैविक खाद में बदलना है। इस प्रक्रिया से न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत भी विकसित होंगे।

गोबरधन योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसके जरिए संपीड़ित जैव गैस, यानी सीबीजी, को देश के भविष्य के ऊर्जा मिश्रण का प्रमुख स्तंभ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से घरेलू सीबीजी उत्पादन में लगभग दस गुना वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर निजी निवेश को आकर्षित करने और एक जीवंत चक्रीय जैव-अर्थव्यवस्था खड़ी करने की योजना भी इसमें निहित है। योजना के तहत 'सीबीजी ऑफटेक एश्योरेंस' नाम की एक व्यवस्था बनाई गई है, जो उत्पादकों को एक भरोसेमंद और पूर्वानुमानित बाजार उपलब्ध कराएगी। सिटी गैस वितरण कंपनियों को सीएनजी और पीएनजी क्षेत्रों में सीबीजी मिश्रण के लिए तय लक्ष्य पूरे करने होंगे—2026-27 में तीन प्रतिशत, 2027-28 में चार प्रतिशत, और 2028-29 से आगे पांच प्रतिशत। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर क्रियान्वयन को गति देने के लिए एक 'सीबीजी इकोसिस्टम चैलेंज फंड' भी स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूती मिलेगी।

इन दोनों निर्णयों को साथ रखकर देखें तो सरकार की प्राथमिकताओं की एक स्पष्ट तस्वीर उभरती है। एक ओर पूर्वोत्तर भारत में सड़क संपर्क को बेहतर बनाकर क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने की कोशिश है, तो दूसरी ओर ग्रामीण भारत में कृषि अपशिष्ट और पशुधन से जुड़े संसाधनों का उपयोग करके स्वच्छ ऊर्जा और अतिरिक्त आय पैदा करने का प्रयास है। दोनों ही परियोजनाएं दीर्घकालिक निवेश की मांग करती हैं, इसलिए इनकी सफलता काफी हद तक क्रियान्वयन की गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय प्रशासन के सहयोग पर निर्भर करेगी।

गुवाहाटी-तेजपुर गलियारे जैसी परियोजनाएं जहां तात्कालिक तौर पर यातायात जाम कम करने और आपातकालीन स्थितियों में तेज प्रतिक्रिया देने में मददगार साबित होंगी, वहीं गोबरधन जैसी योजनाएं दीर्घकाल में जलवायु परिवर्तन से निपटने और ऊर्जा आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में कारगर हो सकती हैं। बशर्ते इनका क्रियान्वयन ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ हो, और स्थानीय किसानों तथा निवासियों को इसका वास्तविक लाभ समय पर मिले। बुनियादी ढांचे और स्वच्छ ऊर्जा के बीच यह संतुलन साधने की कोशिश निश्चित रूप से सराहनीय है, पर असली परीक्षा आने वाले वर्षों में इन योजनाओं के जमीनी अमल में ही होगी।

 

Have something to say? Post your comment

और संपादकीय समाचार

असम में बाढ़ का कहर: स्थायी समाधान की दरकार

असम में बाढ़ का कहर: स्थायी समाधान की दरकार

मेटा की सफाई नाकाफी, सरकार ने फिर भेजा समन , एक हफ्ते में दूसरी बार तलब हुआ मेटा

मेटा की सफाई नाकाफी, सरकार ने फिर भेजा समन , एक हफ्ते में दूसरी बार तलब हुआ मेटा

फ्लैश फ्लड ने केरल के व्यापार जगत की कमर तोड़ी: व्यापारी संगठन की चिंता

फ्लैश फ्लड ने केरल के व्यापार जगत की कमर तोड़ी: व्यापारी संगठन की चिंता

नशामुक्त युवा, सशक्त भारत:प्रधानमंत्री मोदी ने छेड़ा नया राष्ट्रीय अभियान

नशामुक्त युवा, सशक्त भारत:प्रधानमंत्री मोदी ने छेड़ा नया राष्ट्रीय अभियान

17,900 करोड़ की सौगात: मोदी ने आंध्र प्रदेश को दी विकास की नई रफ्तार

17,900 करोड़ की सौगात: मोदी ने आंध्र प्रदेश को दी विकास की नई रफ्तार

मेटा इंडिया प्रमुख के विरुद्ध केस: तकनीकी कंपनियों और सरकार के बीच बढ़ता टकराव

मेटा इंडिया प्रमुख के विरुद्ध केस: तकनीकी कंपनियों और सरकार के बीच बढ़ता टकराव

पौने डेढ़ सौ साल की प्रतीक्षा के बाद वंदे मातरम् को न्याय, राष्ट्रगान के समान वंदे मातरम् को भी मिलेगा कानूनी संरक्षण

पौने डेढ़ सौ साल की प्रतीक्षा के बाद वंदे मातरम् को न्याय, राष्ट्रगान के समान वंदे मातरम् को भी मिलेगा कानूनी संरक्षण

संसद का बड़ा फैसला: छात्रों के हक में आया सख्त कानून, पेपर लीक पर 10 साल सजा

संसद का बड़ा फैसला: छात्रों के हक में आया सख्त कानून, पेपर लीक पर 10 साल सजा

असम की बाढ़: 4.45 लाख लोग प्रभावित, पीड़ितों को सरकार से मदद की दरकार

असम की बाढ़: 4.45 लाख लोग प्रभावित, पीड़ितों को सरकार से मदद की दरकार

भारत के लिए गौरव का क्षण: मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में जिताया भारत को पहला स्वर्ण

भारत के लिए गौरव का क्षण: मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में जिताया भारत को पहला स्वर्ण

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss