Sunday, November 30, 2025
BREAKING
Weather: गुजरात में बाढ़ से हाहाकार, अब तक 30 लोगों की मौत; दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की चेतावनी जारी दैनिक राशिफल 13 अगस्त, 2024 Hindenburg Research Report: विनोद अदाणी की तरह सेबी चीफ माधबी और उनके पति धवल बुच ने विदेशी फंड में पैसा लगाया Hindus in Bangladesh: मर जाएंगे, बांग्लादेश नहीं छोड़ेंगे... ढाका में हजारों हिंदुओं ने किया प्रदर्शन, हमलों के खिलाफ उठाई आवाज, रखी चार मांग Russia v/s Ukraine: पहली बार रूसी क्षेत्र में घुसी यूक्रेनी सेना!, क्रेमलिन में हाहाकार; दोनों पक्षों में हो रहा भीषण युद्ध Bangladesh Government Crisis:बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट, सेना की कार्रवाई में 56 की मौत; पूरे देश में अराजकता का माहौल, शेख हसीना के लिए NSA डोभाल ने बनाया एग्जिट प्लान, बौखलाया पाकिस्तान! तीज त्यौहार हमारी सांस्कृतिक विरासत, इन्हें रखें सहेज कर- मुख्यमंत्री Himachal Weather: श्रीखंड में फटा बादल, यात्रा पर गए 300 लोग फंसे, प्रदेश में 114 सड़कें बंद, मौसम विभाग ने 7 अगस्त को भारी बारिश का जारी किया अलर्ट Shimla Flood: एक ही परिवार के 16 सदस्य लापता,Kedarnath Dham: दो शव मिले, 700 से अधिक यात्री केदारनाथ में फंसे Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी की सब-कैटेगरी में आरक्षण को दी मंज़ूरी

चंडीगढ़

दावा-4 रातों से सोया नहीं था मालगाड़ी का लोको पायलट:नियम लगातार सिर्फ 2 रात ड्यूटी का; रंगापानी के स्टेशन मास्टर की जांच की मांग

June 19, 2024 08:34 AM

सिटी दर्पण

नई दिल्ली, 18 जून:कंचनजंगा ट्रेन दुर्घटना के बाद से रेलवे बोर्ड मालगाड़ी के लोको पायलट पर हादसे का दोष मढ़ रहा है। बोर्ड का कहना है कि लोको पायलट ने रंगापानी स्टेशन से टीए 912 अथॉरिटी पास लेने के बाद मालगाड़ी को खराब सिग्नलों के बीच तय लिमिट से ज्यादा गति से निकाला, इसलिए हादसा हुआ।

इस पर ऑल इंडिया रनिंग लोको स्टाफ एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एसएस ठाकुर ने दैनिक भास्कर को बताया कि सिग्नल फेल होने पर जिस वैकल्पिक फार्म टीए 912 के जरिए ट्रेनें चलाई जाती हैं, उससे जुड़ा नियम ये भी है कि जब तक आगे वाली ट्रेन अगला स्टेशन पार न कर ले, तब तक दूसरी ट्रेन को पिछले स्टेशन से आगे नहीं बढ़ाते हैं।

रंगापानी स्टेशन पर यही गलती हुई। यहां के स्टेशन मास्टर ने कंचनजंगा के आगे बढ़ने के 15 मिनट बाद ही मालगाड़ी को टीए 912 पेपर दे दिया था। जबकि उस वक्त कंचनजंगा एक्सप्रेस कुछ किमी आगे ट्रैक पर खड़ी थी। स्टेशन मास्टर की इस गलती की भी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जिस लोको पायलट पर हादसे का दोष मढ़ा जा रहा है, वो लगातार 4 रातों से सोया नहीं था। जबकि नियम अधिकतम लगातार 2 रात ड्यूटी का है। सिग्नल खराब होने की स्थिति में लोको पायलट्स को गाड़ी कैसे चलानी है, इसकी पर्याप्त ट्रेनिंग नॉर्थ-ईस्ट जोन के लोको स्टाफ को आज तक नहीं दी गई है।

इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत चुकी है। 41 का इलाज जारी है।
इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत चुकी है। 41 का इलाज जारी है।

मालागाड़ी की रफ्तार 78 किमी प्रति घंटा थी
ठाकुर ने आगे कहा कि लोको पायलटों को दोषी बताने की परंपरा पुरानी है। ओडिशा में हुए कोरोमंडल रेल हादसे के बाद कहा गया कि लोको पायलट और को-पायलट मोबाइल पर क्रिकेट देख रहे थे, इसी वजह से वो सिग्नल नहीं देख पाए। जबकि, कमिश्नर सेफ्टी की जांच में पता चला कि हादसे के दो घंटे पहले से दोनों के फोन स्विच ऑफ थे।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग ने दावा किया कि स्पीडोमीटर की शुरुआती जांच में पता चला है कि हादसे के वक्त मालगाड़ी की रफ्तार 78 किमी प्रति घंटा थी। वहीं, इस घटना में घायल हुई 6 साल की स्नेहा की 18 जून को मौत हो गई। इससे मृतक संख्या 10 हो गई है।

हादसे के कारण का पता लगाने के लिए जांच
कंचनजंगा ट्रेन हादसे को लेकर एक महिला पैसेंजर ने मालगाड़ी के दोनों ड्राइवरों (लोको और को-लोको पायलट) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का नाम चिन्मय मजूमदार है। वे कंचनजंगा एक्सप्रेस में बैठी थीं। हादसे में चिन्मय को भी चोटें आई हैं।

चिन्मय ने अपनी शिकायत में लिखा- जब मैं ट्रेन से नीचे उतरी तो देखा कि मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मारी। मालगाड़ी का इंजन बुरी तरह डैमेज हो गया था। हादसा मालगाड़ी के लोको और को-लोको पायलट की लापरवाही से हुआ।

उधर, नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर रेलवे हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए बुधवार (19 जून) को इन्क्वायरी करेगा। ये जांच चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी जनक गर्ग ADRM चेंबर में करेंगे। इसके लिए हादसे से जुड़े सबूतों को जांच अधिकारी के पास भेजने को कहा गया है। साथ ही कुछ लोगों को बुलाया भी गया है।

हादसे की 2 तस्वीरें...

 
 

रूट की 7 ट्रेनें कैंसिल, 37 ट्रेनें डायवर्ट
फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद कंचनजंगा ट्रेन 18 जून की देर रात करीब 3.15 बजे सियालदह पहुंची। हालांकि, हादसे के कारण इस रूट से जाने वाली 7 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया। साथ ही, 37 ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया।

NFR DRM सुरेंद्र कुमार ने कहा- 17 जून की रात से लगातार बारिश हो रही थी, फिर भी लाइन को बहाल करने के लिए काम जारी है। लगभग 90% काम हो चुका है, दोपहर तक दोनों ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में 17 जून की सुबह 8:55 बजे एक मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस (13174) को पीछे से टक्कर मार दी थी। रेलवे के मुताबिक इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। जबकि घायल हुए 41 पैसेंजर्स का इलाज चल रहा है।

दावा- जब हादसा हुआ, उसके 3 घंटे पहले से सिग्नल खराब था

  • न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक रानीपात्रा रेलवे स्टेशन और छत्तर हाट जंक्शन के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम सुबह 5.50 बजे से ही खराब था। कंचनजंगा एक्सप्रेस सुबह 8:27 बजे रंगापानी स्टेशन से रवाना हुई और रानीपात्रा स्टेशन से छत्तर हाट के बीच रुकी रही।
  • जब सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी आती है तो स्टेशन मास्टर TA-912 रिटन अथॉरिटी जारी करता है। यह ड्राइवर को खराबी के कारण सभी रेड सिग्नल पार करने का अधिकार देता है। रानीपात्रा के स्टेशन मास्टर ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को TA-912 जारी किया था। ट्रेन 10 मिनट यहां रुकी रही। 8:42 बजे रंगापानी से निकली मालगाड़ी 8.55 पर कंचनजंगा एक्सप्रेस से भिड़ गई।
  • सूत्रों के मुताबिक, केवल जांच से ही पता चल सकता है कि क्या मालगाड़ी को खराब सिग्नल को तेज गति से पार करने के लिए TA-912 भी दिया गया था या यह लोको पायलट की गलती थी, जिसने डिफेक्टिव सिग्नल नॉर्म का उल्लंघन किया।
  • यदि दूसरी कंडीशन अप्लाई होती है तो रेलवे के नियम के मुताबिक, ड्राइवर को हर डिफेक्टिव सिग्नल पर एक मिनट के लिए ट्रेन को रोकना चाहिए था। इतना ही नहीं, इस दौरान ट्रेन की स्पीड भी 10 किमी प्रति घंटे की होनी चाहिए थी।

घायलों और मरने वालों के परिवारों को मिलेगा मुआवजा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना में जान गंवाने वाले परिवारों को 10 लाख रुपए, गंभीर घायलों को 2.50 लाख रुपए और मामूली घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। इसके अलावा हादसे में मारे गए लोगों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए मदद का ऐलान किया गया है।

Have something to say? Post your comment

और चंडीगढ़ समाचार

Ukraine faces major political upheaval: second-most influential leader's home raided;: यूक्रेन में बड़ा राजनीतिक भूचाल: दूसरे सबसे प्रभावशाली नेता के घर छापेमारी, 800 करोड़ की वित्तीय हेराफेरी में फंसे चीफ ऑफ स्टाफ; दिया इस्तीफा

Ukraine faces major political upheaval: second-most influential leader's home raided;: यूक्रेन में बड़ा राजनीतिक भूचाल: दूसरे सबसे प्रभावशाली नेता के घर छापेमारी, 800 करोड़ की वित्तीय हेराफेरी में फंसे चीफ ऑफ स्टाफ; दिया इस्तीफा

Massive GDP growth: GDP में जबरदस्त उछाल: तीन बड़े कारणों ने बढ़ाया भारत का कदम, 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर तेज़ प्रगति

Massive GDP growth: GDP में जबरदस्त उछाल: तीन बड़े कारणों ने बढ़ाया भारत का कदम, 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर तेज़ प्रगति

World's tallest Shri Ram statue installed in Goa, unveiled by PM Modi: गोवा में स्थापित हुई दुनिया की सबसे ऊंची श्रीराम प्रतिमा, प्रधानमंत्री मोदी ने किया अनावरण

World's tallest Shri Ram statue installed in Goa, unveiled by PM Modi: गोवा में स्थापित हुई दुनिया की सबसे ऊंची श्रीराम प्रतिमा, प्रधानमंत्री मोदी ने किया अनावरण

New 'earthquake map' raises concerns: नए ‘भूकंप मैप’ ने बढ़ाई चिंता: दिल्ली-NCR से देहरादून-ऋषिकेश तक पूरा हिमालय उच्च जोखिम क्षेत्र में

New 'earthquake map' raises concerns: नए ‘भूकंप मैप’ ने बढ़ाई चिंता: दिल्ली-NCR से देहरादून-ऋषिकेश तक पूरा हिमालय उच्च जोखिम क्षेत्र में

Indonesia's natural disaster: 1,400 earthquakes in just 30 days: इंडोनेशिया में कुदरत का तांडव! सिर्फ 30 दिन में 1400 भूकंप से हड़कंप

Indonesia's natural disaster: 1,400 earthquakes in just 30 days: इंडोनेशिया में कुदरत का तांडव! सिर्फ 30 दिन में 1400 भूकंप से हड़कंप

The power struggle in Karnataka is raging! Shivakumar vs. Siddaramaiah… The big decision will now be made in Delhi.: कर्नाटक में सत्ता संग्राम चरम पर! शिवकुमार vs सिद्दरमैया… अब दिल्ली में होगा बड़ा फैसला

The power struggle in Karnataka is raging! Shivakumar vs. Siddaramaiah… The big decision will now be made in Delhi.: कर्नाटक में सत्ता संग्राम चरम पर! शिवकुमार vs सिद्दरमैया… अब दिल्ली में होगा बड़ा फैसला

Delhi's toxic air is terrifying! 31% of residents are ready to leave the city, and spending has doubled.: दिल्ली की जहरीली हवा से दहशत! 31% लोग शहर छोड़ने को तैयार, खर्च भी दोगुना

Delhi's toxic air is terrifying! 31% of residents are ready to leave the city, and spending has doubled.: दिल्ली की जहरीली हवा से दहशत! 31% लोग शहर छोड़ने को तैयार, खर्च भी दोगुना

Winter's wrath begins! Delhi-NCR shivers, Kashmir and Himachal Pradesh freeze: सर्दी का तांडव शुरू! दिल्ली-एनसीआर कांपा, कश्मीर-हिमाचल जमने लगे

Winter's wrath begins! Delhi-NCR shivers, Kashmir and Himachal Pradesh freeze: सर्दी का तांडव शुरू! दिल्ली-एनसीआर कांपा, कश्मीर-हिमाचल जमने लगे

Efforts to include Russia in the G-8 again intensify, a new stir in global politics:रूस को फिर G-8 में शामिल करने की कोशिश तेज, वैश्विक राजनीति में नई हलचल

Efforts to include Russia in the G-8 again intensify, a new stir in global politics:रूस को फिर G-8 में शामिल करने की कोशिश तेज, वैश्विक राजनीति में नई हलचल

7,280 crore approved for rare earth magnets; four major decisions of the Union Cabinet: रेयर अर्थ मैग्नेट के लिए 7,280 करोड़ की मंजूरी; केंद्रीय कैबिनेट के चार बड़े फैसले

7,280 crore approved for rare earth magnets; four major decisions of the Union Cabinet: रेयर अर्थ मैग्नेट के लिए 7,280 करोड़ की मंजूरी; केंद्रीय कैबिनेट के चार बड़े फैसले

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss