Friday, May 29, 2026
BREAKING
Horoscope Today: दैनिक राशिफल 29 मई, 2026 विश्व धरोहर स्थल खजुराहो, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के लिए 25 दिवसीय काउंट डाउन कार्यक्रम की मेजबानी के लिए तैयार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 बहुभाषी विवरण पुस्तिका आम लोगों के लिए अब उपलब्ध केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई भुगतान गेटवे प्रणाली में सुधार के लिए चार सार्वजनिक बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन को डिजिटाइज़ करने और मजबूत बनाने के लिए पीएम-अजय पोर्टल और अजय मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया एनएचआरसी, भारत ने उत्तराखंड के देहरादून जिले के एक निजी अस्पताल में आग लगने से एक मरीज की मौत की खबर का लिया स्वत: संज्ञान एनएचआरसी, भारत ने बिहार के नालंदा जिले में मध्याह्न भोजन खाने के बाद 60 छात्रों के बीमार होने की मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हरियाणा के रेवाड़ी जिले के एक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित रासायनिक कारखाने में हुए विस्फोट के कारण तीन श्रमिकों की मृत्यु और अन्य के घायल होने की घटना पर छपी ख़बरों का स्वतः संज्ञान लिया है Horoscope Today: दैनिक राशिफल 28 मई, 2026 अमेरिका–ईरान समझौता: होर्मुज़ खुलने की तैयारी, खत्म होंगे ट्रांजिट चार्ज?

चंडीगढ़

दावा-4 रातों से सोया नहीं था मालगाड़ी का लोको पायलट:नियम लगातार सिर्फ 2 रात ड्यूटी का; रंगापानी के स्टेशन मास्टर की जांच की मांग

June 19, 2024 08:34 AM

सिटी दर्पण

नई दिल्ली, 18 जून:कंचनजंगा ट्रेन दुर्घटना के बाद से रेलवे बोर्ड मालगाड़ी के लोको पायलट पर हादसे का दोष मढ़ रहा है। बोर्ड का कहना है कि लोको पायलट ने रंगापानी स्टेशन से टीए 912 अथॉरिटी पास लेने के बाद मालगाड़ी को खराब सिग्नलों के बीच तय लिमिट से ज्यादा गति से निकाला, इसलिए हादसा हुआ।

इस पर ऑल इंडिया रनिंग लोको स्टाफ एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एसएस ठाकुर ने दैनिक भास्कर को बताया कि सिग्नल फेल होने पर जिस वैकल्पिक फार्म टीए 912 के जरिए ट्रेनें चलाई जाती हैं, उससे जुड़ा नियम ये भी है कि जब तक आगे वाली ट्रेन अगला स्टेशन पार न कर ले, तब तक दूसरी ट्रेन को पिछले स्टेशन से आगे नहीं बढ़ाते हैं।

रंगापानी स्टेशन पर यही गलती हुई। यहां के स्टेशन मास्टर ने कंचनजंगा के आगे बढ़ने के 15 मिनट बाद ही मालगाड़ी को टीए 912 पेपर दे दिया था। जबकि उस वक्त कंचनजंगा एक्सप्रेस कुछ किमी आगे ट्रैक पर खड़ी थी। स्टेशन मास्टर की इस गलती की भी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जिस लोको पायलट पर हादसे का दोष मढ़ा जा रहा है, वो लगातार 4 रातों से सोया नहीं था। जबकि नियम अधिकतम लगातार 2 रात ड्यूटी का है। सिग्नल खराब होने की स्थिति में लोको पायलट्स को गाड़ी कैसे चलानी है, इसकी पर्याप्त ट्रेनिंग नॉर्थ-ईस्ट जोन के लोको स्टाफ को आज तक नहीं दी गई है।

इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत चुकी है। 41 का इलाज जारी है।
इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत चुकी है। 41 का इलाज जारी है।

मालागाड़ी की रफ्तार 78 किमी प्रति घंटा थी
ठाकुर ने आगे कहा कि लोको पायलटों को दोषी बताने की परंपरा पुरानी है। ओडिशा में हुए कोरोमंडल रेल हादसे के बाद कहा गया कि लोको पायलट और को-पायलट मोबाइल पर क्रिकेट देख रहे थे, इसी वजह से वो सिग्नल नहीं देख पाए। जबकि, कमिश्नर सेफ्टी की जांच में पता चला कि हादसे के दो घंटे पहले से दोनों के फोन स्विच ऑफ थे।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग ने दावा किया कि स्पीडोमीटर की शुरुआती जांच में पता चला है कि हादसे के वक्त मालगाड़ी की रफ्तार 78 किमी प्रति घंटा थी। वहीं, इस घटना में घायल हुई 6 साल की स्नेहा की 18 जून को मौत हो गई। इससे मृतक संख्या 10 हो गई है।

हादसे के कारण का पता लगाने के लिए जांच
कंचनजंगा ट्रेन हादसे को लेकर एक महिला पैसेंजर ने मालगाड़ी के दोनों ड्राइवरों (लोको और को-लोको पायलट) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का नाम चिन्मय मजूमदार है। वे कंचनजंगा एक्सप्रेस में बैठी थीं। हादसे में चिन्मय को भी चोटें आई हैं।

चिन्मय ने अपनी शिकायत में लिखा- जब मैं ट्रेन से नीचे उतरी तो देखा कि मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मारी। मालगाड़ी का इंजन बुरी तरह डैमेज हो गया था। हादसा मालगाड़ी के लोको और को-लोको पायलट की लापरवाही से हुआ।

उधर, नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर रेलवे हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए बुधवार (19 जून) को इन्क्वायरी करेगा। ये जांच चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी जनक गर्ग ADRM चेंबर में करेंगे। इसके लिए हादसे से जुड़े सबूतों को जांच अधिकारी के पास भेजने को कहा गया है। साथ ही कुछ लोगों को बुलाया भी गया है।

हादसे की 2 तस्वीरें...

 
 

रूट की 7 ट्रेनें कैंसिल, 37 ट्रेनें डायवर्ट
फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद कंचनजंगा ट्रेन 18 जून की देर रात करीब 3.15 बजे सियालदह पहुंची। हालांकि, हादसे के कारण इस रूट से जाने वाली 7 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया। साथ ही, 37 ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया।

NFR DRM सुरेंद्र कुमार ने कहा- 17 जून की रात से लगातार बारिश हो रही थी, फिर भी लाइन को बहाल करने के लिए काम जारी है। लगभग 90% काम हो चुका है, दोपहर तक दोनों ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में 17 जून की सुबह 8:55 बजे एक मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस (13174) को पीछे से टक्कर मार दी थी। रेलवे के मुताबिक इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। जबकि घायल हुए 41 पैसेंजर्स का इलाज चल रहा है।

दावा- जब हादसा हुआ, उसके 3 घंटे पहले से सिग्नल खराब था

  • न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक रानीपात्रा रेलवे स्टेशन और छत्तर हाट जंक्शन के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम सुबह 5.50 बजे से ही खराब था। कंचनजंगा एक्सप्रेस सुबह 8:27 बजे रंगापानी स्टेशन से रवाना हुई और रानीपात्रा स्टेशन से छत्तर हाट के बीच रुकी रही।
  • जब सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी आती है तो स्टेशन मास्टर TA-912 रिटन अथॉरिटी जारी करता है। यह ड्राइवर को खराबी के कारण सभी रेड सिग्नल पार करने का अधिकार देता है। रानीपात्रा के स्टेशन मास्टर ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को TA-912 जारी किया था। ट्रेन 10 मिनट यहां रुकी रही। 8:42 बजे रंगापानी से निकली मालगाड़ी 8.55 पर कंचनजंगा एक्सप्रेस से भिड़ गई।
  • सूत्रों के मुताबिक, केवल जांच से ही पता चल सकता है कि क्या मालगाड़ी को खराब सिग्नल को तेज गति से पार करने के लिए TA-912 भी दिया गया था या यह लोको पायलट की गलती थी, जिसने डिफेक्टिव सिग्नल नॉर्म का उल्लंघन किया।
  • यदि दूसरी कंडीशन अप्लाई होती है तो रेलवे के नियम के मुताबिक, ड्राइवर को हर डिफेक्टिव सिग्नल पर एक मिनट के लिए ट्रेन को रोकना चाहिए था। इतना ही नहीं, इस दौरान ट्रेन की स्पीड भी 10 किमी प्रति घंटे की होनी चाहिए थी।

घायलों और मरने वालों के परिवारों को मिलेगा मुआवजा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना में जान गंवाने वाले परिवारों को 10 लाख रुपए, गंभीर घायलों को 2.50 लाख रुपए और मामूली घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। इसके अलावा हादसे में मारे गए लोगों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए मदद का ऐलान किया गया है।

Have something to say? Post your comment

और चंडीगढ़ समाचार

अमेरिका–ईरान समझौता: होर्मुज़ खुलने की तैयारी, खत्म होंगे ट्रांजिट चार्ज?

अमेरिका–ईरान समझौता: होर्मुज़ खुलने की तैयारी, खत्म होंगे ट्रांजिट चार्ज?

Quad Meeting Crisis: सालाना शिखर सम्मेलन पर संकट, भारत से ऑस्ट्रेलिया को मिलेगी कमान

Quad Meeting Crisis: सालाना शिखर सम्मेलन पर संकट, भारत से ऑस्ट्रेलिया को मिलेगी कमान

300+ पर्यटक केबल कार में फंसे, गुलमर्ग में मचा हड़कंप! रेस्क्यू ऑपरेशन ने बचाई जान

300+ पर्यटक केबल कार में फंसे, गुलमर्ग में मचा हड़कंप! रेस्क्यू ऑपरेशन ने बचाई जान

Heatwave Alert: नौतपा में भारत तप रहा, 29 मई के बाद मौसम बदलेगा!

Heatwave Alert: नौतपा में भारत तप रहा, 29 मई के बाद मौसम बदलेगा!

अमेरिका–ईरान डील आज संभव, जल्द समझौते के संकेत: मार्को रुबियो

अमेरिका–ईरान डील आज संभव, जल्द समझौते के संकेत: मार्को रुबियो

बकरीद को लेकर यूपी सरकार सख्त, सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं: योगी आदित्यनाथ

बकरीद को लेकर यूपी सरकार सख्त, सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं: योगी आदित्यनाथ

बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत, देबांग्शु पांडा ने फाल्टा पुनर्मतदान में 1.09 लाख से अधिक वोटों से दर्ज की ऐतिहासिक विजय

बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत, देबांग्शु पांडा ने फाल्टा पुनर्मतदान में 1.09 लाख से अधिक वोटों से दर्ज की ऐतिहासिक विजय

दिल्ली-एनसीआर में फिर लौटी भट्टी जैसी गर्मी, शुक्रवार तक तेज लू और धूलभरी आंधी का अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में फिर लौटी भट्टी जैसी गर्मी, शुक्रवार तक तेज लू और धूलभरी आंधी का अलर्ट

मीडिया मान्यता के लिए 19वें मुंबई फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (एमआईएफएफ) के लिए आवेदन शुरू

मीडिया मान्यता के लिए 19वें मुंबई फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (एमआईएफएफ) के लिए आवेदन शुरू

अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति के संकेत, लेकिन यूरेनियम और होर्मुज स्ट्रेट पर बनी बड़ी बाधा

अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति के संकेत, लेकिन यूरेनियम और होर्मुज स्ट्रेट पर बनी बड़ी बाधा

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss