दिल्ली-एनसीआर में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सामान्य तौर पर जिस समय मौसम हल्का सुहावना रहता है, उसी समय इस वर्ष तापमान तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। रविवार को राजधानी और आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस मौसम के सामान्य औसत से काफी ज्यादा है। बढ़ते तापमान को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि इस बार गर्मी पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को चुनौती दे सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मार्च के पहले ही सप्ताह में इतनी गर्मी का महसूस होना असामान्य माना जा रहा है। आमतौर पर इस समय अधिकतम तापमान 30-32 डिग्री के आसपास रहता है, लेकिन इस बार तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो अप्रैल और मई में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी संभव है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को गर्मी का ज्यादा एहसास हो सकता है। खासकर दोपहर के समय बाहर निकलने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। डॉक्टर भी लोगों को पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि शुरुआती गर्मी ही शरीर पर असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मौसम में असामान्य बदलाव के पीछे कई कारण हो सकते हैं। पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधि कम रहने और लंबे समय तक साफ आसमान बने रहने से तापमान तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन का असर भी मौसम के पैटर्न को प्रभावित कर रहा है, जिससे गर्मी जल्दी शुरू हो रही है और लंबे समय तक बनी रहती है।
दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर भारत के कई अन्य हिस्सों में भी तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। अगर आने वाले हफ्तों में मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो मार्च के अंत तक तापमान और ज्यादा बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने पहले ही संकेत दिए हैं कि इस साल गर्मी का दौर लंबा और अधिक तीव्र हो सकता है।
ऐसे में विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि दिन के समय धूप से बचें, हल्के कपड़े पहनें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। आने वाले महीनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना के चलते लोगों को अभी से सावधान रहने की जरूरत है, ताकि तेज गर्मी से होने वाली समस्याओं से बचा जा सके।