देश के उत्तर और उत्तरी मध्य हिस्सों में मौसम का मिज़ाज़ इन दिनों काफी अशांत है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 5, 6 और 7 फरवरी 2026 के लिए कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी, तेज़ हवाओं और ठंड की चेतावनी जारी की है। इसके पीछे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का प्रभाव मुख्य कारण बताया जा रहा है, जो हवा में नमी लाकर बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी को जन्म दे रहा है।
सबसे पहले हिमालयी क्षेत्रों — जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, और उत्तराखंड — में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मैदानी इलाकों में भी ओलावृष्टि और गरज के साथ तेज़ हवाओं की चेतावनी दी गई है, जिससे इन राज्यों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
ठंड की मार का असर मैदानों तक फैल चुका है। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और झारखंड में घना कोहरा, सघन शीतलहर और न्यूनतम तापमान में गिरावट जैसे मौसम के खतरनाक लक्षण दर्ज किए जा रहे हैं। सुबह-शाम के समय दृश्यता काफी कम होने से सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ रहा है।
जैसे-जैसे पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, उच्च हिमालयी ढलानों पर बर्फबारी और बारिश के साथ ही कुछ मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने इन राज्यों में घना कोहरा और तेज़ हवाओं के कारण येलो अलर्ट और रेड अलर्ट जारी किया है, जिससे यात्रियों और ग्रामीणों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
विशेष रूप से हरियाणा और बिहार में सुबह-शाम तापमान में गिरावट के साथ कोहरे का क़हर जारी है, जिससे सड़क दृश्यता प्रभावित है और स्वास्थ्य पर भी ठंड का असर बढ़ रहा है। हल्की बारिश और तेज़ हवाओं के कारण कई इलाकों में सामान्य गतिविधियाँ धीमी पड़ी हुई हैं।
इसके अलावा, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में यह मौसम प्रणाली और भी सक्रिय हो सकती है, जिससे बारिश-बर्फबारी का दौर और बढ़ सकता है और तापमान में और गिरावट आ सकती है। आम जनता से अपील की गई है कि वे मौसम में बदलाव को ध्यान में रखते हुए अपनी योजनाएँ बनाएं और आवश्यक सावधानियाँ बरतें।