Thursday, August 20, 2026
BREAKING
प्रधानमंत्री ने कोलकाता अग्निकांड में हुई जानमाल की हानि पर दुख व्यक्त किया केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह, 20 अगस्त 2026 को महाबलीपुरम, तमिलनाडु में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के आठ जिलों को कवर करने वाली चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिससे भारतीय रेल के वर्तमान नेटवर्क में लगभग 410 किलोमीटर की वृद्धि होगी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुष्ठ रोग नियंत्रण उपायों को मजबूत करने और इसके प्रसार को रोकने में तेजी लाने के लिए एनएलईपी समीक्षा-सह-क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की Horoscope Today: दैनिक राशिफल 21 अगस्त, 2026 मुंबई 3.0: चार हज़ार करोड़ की योजना और एक नए महानगर का सपना आत्मनिर्भर भारत : रक्षा उत्पादन विभाग ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 405 वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची अधिसूचित की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘शक्ति की सप्तधारा’ संकल्प को साकार करने में जुटेगा कृषि और ग्रामीण विकास परिवार- श्री शिवराज सिंह चौहान रेल संपर्क मजबूत होने से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को नई गति मिलेगी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का देश भर के 121 टोल प्लाजा पर डिजिटल फास्टैग लोकल पास सुविधा विस्तार

हरियाणा

Haryana Latest News 2026

February 07, 2026 06:37 AM

हरियाणा सरकार ने मृतकों की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी जिलों में शव वाहन सेवाओं को सुनिश्चित किया - डॉ. सुमिता मिश्रा

 

चंडीगढ़, 6 फरवरी – हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक जिले में कम से कम एक चालू शव वाहन सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

 

उन्होंने कहा कि मृत व्यक्तियों के सम्मानजनक परिवहन के लिए शव वाहन आवश्यक हैं। जबकि कई जिलों में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी और विभिन्न एनजीओ  के माध्यम से शव वाहन सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, उन्होंने इन सेवाओं की उपलब्धता और संपर्क विवरण के बारे में सार्वजनिक जागरूकता में सुधार करने का निर्देश दिया।

 

डॉ. मिश्रा ने कहा कि सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया जाता है कि वे सुनिश्चित करें कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक चालू शव वाहन सेवा उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि यह सेवा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, प्रतिष्ठित एनजीओ या किसी अन्य विधिवत अधिकृत एजेंसी के माध्यम से व्यवस्थित की जा सकती है।

 

डॉ. सुमिता  मिश्रा ने आगे निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में सिविल सर्जन यह सुनिश्चित करें कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सभी चालू शव वाहनों (भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी/एनजीओ /अधिकृत एजेंसियों द्वारा संचालित) के संपर्क नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं।

 

प्रदर्शन स्थलों में जिला अस्पताल, उप-विभागीय अस्पताल, सीएचसी , पीएचसी , मेडिकल कॉलेज, मुर्दाघर, पोस्टमार्टम केंद्र और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थान शामिल हैं। इस उपाय का उद्देश्य इन सेवाओं का व्यापक प्रचार और जनता तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।

 

डॉ. मिश्रा ने जोर देकर कहा कि इस मामले में अनुपालन प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि एम्बुलेंस विशेष रूप से सुसज्जित और एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए वाहन हैं जो आपातकालीन चिकित्सा देखभाल और बीमार या घायल व्यक्तियों के परिवहन के लिए हैं।

 हजारों वर्ष पुरानी हरियाणा नस्ल की देशी गाय आज भी बढ़ा रही है प्रदेश की शान : श्री श्याम सिंह राणा

 

-हरियाणा में 8 लाख से ज्यादा देशी गाय का किया जा रहा है पालन-पोषण

 

चंडीगढ़ , 6 फरवरी - हरियाणा के पशुपालन एवं कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का शुभारम्भ करते हुए कहा कि वेदों पुराणों में भी हरियाणा नस्ल की देशी गाय का जिक्र किया जाता है। अगर पशुपालन विभाग के अधिकारियों की बात को माने तो भगवान श्रीकृष्ण हरियाणा नस्ल की गाय को खूब प्यार करते थे। आज भी हरियाणा नस्ल की गाय प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। इस समय हरियाणा प्रदेश में गाउशालाओं के साथ-साथ पशुपालकों के पास करीब 8 लाख हरियाणा नस्ल की गाय हैं। अहम पहलू यह है कि कुरुक्षेत्र की 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में 150 हरियाणा नस्ल की गाय पशुपालक लेकर पहुंचे हैं।

 

श्री राणा ने आज हरियाणा नस्ल की गाय का पूजन करके ही इस राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।

 

पशुपालन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की सोच है कि प्रदेश की हरियाणा नस्ल की गाय के साथ-साथ राठी, गिर, बिलाही, थार-पार, जैसी देशी नस्ल की गाय, बैल को संरक्षित करने, पशुपालक किसानों को मंच मुहैया कराने तथा आय को बढ़ाने के लिए ही राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी आयोजन के पहले दिन हरियाणा नस्ल की गाय ने आम नागरिक खासकर पशुपालकों का ध्यान आकर्षित किया। इस हरियाणा नस्ल की गाय का दूध बाकी देशी गायों से ज्यादा पौष्टिक है और 3 से 4 प्रतिशत ही फैट है। इस गाय का दूध बच्चों के लिए ज्यादा पौष्टिक है।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की सोच है कि हरियाणा नस्ल की देशी गाय के नस्ल में और सुधार लाया जाए। इसके लिए लगाकार वैज्ञानिकों द्वारा अनुसंधान का कार्य किया जा रहा है। इस राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में जींद, रेवाड़ी, चरखी दादरी सहित प्रदेश के अन्य जिलों से दर्जनों पशुपालक 150 हरियाणा नस्ल की गाय लेकर पहुंचे हैं और इस नस्ल की गाय मेले में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. अनिल बनवाला का कहना है कि प्राचीन काल से प्रदेश में हरियाणा नस्ल की गाय का पालन पोषण किया जाता रहा है। इस गाय को भगवान श्रीकृष्ण भी बहुत प्यार करते थे। इस समय हरियाणा में करीब 8 लाख इस नस्ल की गाय है, जिनका पालन पोषण घरों और गऊशालाओं में किया जा रहा है। इस नस्ल की गाय की कीमत 40 हजार रुपए से लेकर 1.50 लाख रुपए तक है।

 

पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. अनिल बनवाला ने कहा कि गायों में सिर्फ हरियाणा नस्ल की ही एक ऐसी गाय है, जो बिना छुए 6 फीट ऊंची दीवार को कूद सकती है। इस हरियाणा नस्ल की देशी गाय में इतनी फूर्ती हमेशा देखने को मिलेगी।

 

उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा नस्ल की अधिक दूध देने वाली गाय के लिए सरकार ने इनाम राशि भी रखी है। इसके लिए बकायदा विशेष योजना को अमलीजामा भी पहनाया है। इस योजना के तहत पांच किलो से 15 किलोग्राम तक दूध देने वाली गाय को 5 हजार रुपए से लेकर 40 हजार रुपए तक का इनाम दिया जाता है। इसके लिए बकायदा पशुपालक को पोर्टल पर आवेदन करना होगा और इस आवेदन के बाद टीम द्वारा एक दिन में 3 बार दूध निकालकर दूध की मात्रा की औसत निकालनी होगी। इस प्रक्रिया के बाद दूध की मात्रा के अनुसार पशुपालक को इनाम दिया जाता है।

 

हरियाणा नस्ल की गाय कम पानी पीना पसंद करती है, लेकिन सफाई उतनी ही ज्यादा पसंद करती है। इसलिए हरियाणा नस्ल की गाय को सफाई में रखना जरूरी है। इस नस्ल की गाय पानी वाली जगह, मिट्टी वाली जगह पर बैठना पसंद नहीं करती है।

कैटवॉक पर बिखरे हरियाणा नस्ल की गाय ने जलवे

 

41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में जहां ऊंट, घोड़ों, बैल, बकरे, भैंसे ने कैटवॉक में पशुपालकों का दिल जीता वहीं हरियाणा नस्ल की गाय का कैटवॉक के मंच पर जलवा देखने को मिला।

 आने वाला समय भाजपा का, पीएम मोदी के नेतृत्व में पंजाब बनेगा देश का अग्रणी राज्य: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

हरियाणा मॉडल से पंजाब को मिलेगा विकास का नया रास्ता, भाजपा जो कहती है वो करके दिखाती है

 

आम आदमी पार्टी की सरकार करे श्वेत पत्र जारी

 

चंडीगढ़, 6 फरवरी— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आने वाला समय भारतीय जनता पार्टी का है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में पंजाब देश का अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनते ही पंजाब में विकास की रफ्तार तेज होगी और केंद्र की सभी जनकल्याणकारी योजनाएं ज़मीन पर प्रभावी रूप से लागू की जाएंगी।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को पंजाब के गांव पंजौला में आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर आयोजक सतपाल पुनिया द्वारा मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ एवं सिरोपा भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।

 

हरियाणा बना किसान-हितैषी राज्य, 24 फसलों पर MSP और 48 घंटे में भुगतान

 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। किसानों की फसल मंडी में पहुंचते ही 48 घंटे के भीतर भुगतान सीधे उनके खातों में किया जा रहा है। प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर मुआवजा भी सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किया जाता है, जिससे किसान आत्मनिर्भर और सुरक्षित महसूस कर रहा है।

 

भाजपा ने संकल्प पत्र के वायदों को जमीन पर उतारा

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा ने जो वायदे किए, उन्हें केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रखा। संकल्प पत्र के 217 वायदों में से पहले चरण में 60 वायदे पूरे किए जा चुके हैं, जबकि शेष संकल्पों को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा का खून का रिश्ता है, संस्कृति और संस्कार एक जैसे हैं, इसलिए विकास का मॉडल भी सांझा होना चाहिए।

 

लाडो लक्ष्मी योजना से हरियाणा की महिलाएं हुई सशक्त, पंजाब में आप के वायदे अधूरे

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं, जिसके लिए बजट में 5000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं पंजाब में महिलाओं को 1100 रुपये देने की घोषणा आज तक पूरी नहीं हो पाई है। यह भाजपा और अन्य दलों के काम करने के तरीके का बड़ा अंतर दर्शाता है।

 

आवास, प्लॉट और मालिकाना हक— हरियाणा सरकार के ठोस फैसले

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग 1.50 लाख लोगों को मकान उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा 27 हजार पात्र परिवारों को 100-100 गज के प्लॉट और 14 शहरों में पहले चरण में 15 हजार लोगों को 30-30 गज के प्लॉट दिए गए हैं। पंचायती भूमि पर 20 वर्षों से कब्जाधारी लोगों को मालिकाना हक भी दिया गया है।

 

स्वास्थ्य सुरक्षा में हरियाणा अग्रणी, आयुष्मान-चिरायु योजना से मिला 25 लाख लोगों को लाभ

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में आयुष्मान एवं चिरायु योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का सालाना मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। अब तक करीब 25 लाख लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं और इस पर 4000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। इसके विपरीत पंजाब में मोहल्ला क्लीनिक केवल दिखावा साबित हुए हैं, जहां न तो पर्याप्त इलाज है और न ही दवाइयां उपलब्ध हैं।

 

आम आदमी पार्टी की सरकार करे श्वेत पत्र जारी

 

आम आदमी पार्टी सरकार पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार को चुनाव से पहले किए गए वायदों पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब में भ्रष्टाचार चरम पर है, कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई है और ईमानदारी की बात करने वाले खुद जेल तक गए हैं।

 

हरियाणा में बुजुर्गों को सम्मान, युवाओं को रोजगार

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में बुजुर्गों को 3200 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है, जिससे 34.50 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। यह राशि हर माह की 1 से 10 तारीख के बीच सीधे खातों में ट्रांसफर की जाती है। इसके अलावा हैप्पी कार्ड योजना के तहत एक लाख से कम आय वाले परिवारों को 1000 किलोमीटर मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी जा रही है।

 

उन्होंने कहा कि हरियाणा में युवाओं को बिना खर्ची-पर्ची और पारदर्शी तरीके से नौकरियां दी जा रही हैं। पिछले 11 वर्षों में 2 लाख युवाओं को रोजगार मिला है, जबकि केवल पिछले एक वर्ष में ही 34 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

 

पीएम मोदी का पंजाब को विशेष सम्मान, औद्योगिक हब बनेगा राज्य

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आदमपुर हवाई अड्डे का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर रखकर करोड़ों अनुयायियों को सम्मान दिया है। उन्होंने जालंधर, लुधियाना और अमृतसर को औद्योगिक हब बनाने की भी घोषणा की है, जिसे भाजपा सरकार बनते ही मजबूती से लागू किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प में मिलकर सहयोग करें ताकि पंजाब में भी विकास को गति मिले और अग्रणी राज्य बन पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन भावनाएं प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अपना विश्वास व्यक्त कर रही हैं।

 

इस अवसर पर पूर्व सांसद महारानी परनीत कौर, विधायक अश्विनी शर्मा, जिला प्रधान सरदार जसपाल सिंह गंगौली, पंजौला के सरपंच सरदार जरनैल सिंह, कार्यक्रम आयोजक सतपाल पुनिया सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

 

एचएसएससी स्टेनो भर्ती के लिए आवेदन पोर्टल खुला, परीक्षाओं में किरपान व मंगलसूत्र की अनुमति 

चंडीगढ़, 06 फरवरी – हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन श्री हिम्मत सिंह ने बताया कि विज्ञापन संख्या 3/2026 में विभिन्न समूहों के पदों पर सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी https://adv032026.hryssc.com लिंक के माध्यम से 6 फरवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 रात्रि 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद वेबसाइट लिंक स्वतः निष्क्रिय हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागों की वरीयता केवल उन्हीं अभ्यर्थियों से ली जाएगी जो स्टेनोग्राफी स्किल टेस्ट में उत्तीर्ण होंगे।

श्री हिम्मत सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार आयोग द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं में सिख अभ्यर्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार किरपान पहनने और साथ रखने की अनुमति दी जाएगी। किरपान की कुल लंबाई 9 इंच (22.86 सेंटीमीटर) से अधिक तथा ब्लेड की लंबाई 6 इंच (15.24 सेंटीमीटर) से अधिक नहीं होनी चाहिए। ऐसे सिख अभ्यर्थियों को परीक्षा के निर्धारित समय से कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा।

इसके अतिरिक्त, विवाहित महिला अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में मंगलसूत्र पहनने की अनुमति होगी और उन्हें निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा।

श्री हिम्मत सिंह ने कहा कि आयोग ने राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुरूप सभी परीक्षा केंद्रों, पर्यवेक्षकों और सुरक्षा कर्मियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि इन प्रावधानों का पालन सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जा सके।

 

39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला में उधमिता मंत्रालय की सशक्त भागीदारी

 

‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मिल रही मजबूती

 

प्रदर्शनी स्टॉल के माध्यम से एमएसएमई की विभिन्न उद्यमिता पहलों को किया जा रहा है प्रदर्शित

 

चंडीगढ़, 6 फरवरी-- फरीदाबाद में सूरजकुंड की खूबसूरत वादियों में लोकल फॉर ग्लोबल-आत्मनिर्भर भारत की पहचान थीम के साथ आयोजित किया जा रहा 39वां  सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला रंग-बिरंगे शिल्प, लोक कलाओं और सांस्कृतिक विविधता के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसी जीवंत मंच पर राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। निसबड द्वारा लगाए गई विशेष प्रदर्शनी स्टॉल के माध्यम से कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसएमई) की विभिन्न उद्यमिता पहलों को प्रदर्शित किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य पारंपरिक कौशलों पर आधारित स्वरोजगार और सतत आजीविका को बढ़ावा देना है और युवाओं को अधिक से अधिक जागरूक करना है।

 

यह मंत्रालय मेले में प्रदर्शनी स्टॉल के अलावा, मेले में आए कारीगरों और उभरते उद्यमियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद भी कर रहा है। इन संवाद सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं, एमएसएमई सहायता तंत्र, वित्तीय संसाधनों और व्यवसाय की बुनियादी समझ से अवगत कराया जा रहा है। यह पहल जमीनी स्तर पर उद्यमिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

कार्यक्रम की विशेष झलक रही समावेशी उद्यमिता का उत्सव, जिसमें हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कारीगरों, पर्यावरण-अनुकूल नवाचार करने वाले उद्यमियों तथा ट्रांसजेंडर उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। यह पहल न केवल पारंपरिक शिल्प को नया बाजार उपलब्ध करा रही है, बल्कि समाज के हर वर्ग को उद्यमिता से जोड़ने का सशक्त संदेश भी दे रही है। सूरजकुंड मेले में निसबड की यह सहभागिता ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान कर रही है, जहां कौशल, संस्कृति और उद्यमिता एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।

 

आयोग के हस्तक्षेप हुआ से बिजली उपभोक्ता की समस्या का समाधान

 

उपभोक्ता को 5,000 रुपये मुआवजा देने के दिए निर्देश

 

चंडीगढ़, 6 फरवरी -- हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन के हस्तक्षेप से सोनीपत जिले के कुंडली क्षेत्र के उपभोक्ता श्री मुकेश कुमार की बिजली संबंधी शिकायत का समाधान सुनिश्चित किया गया है। आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद उपभोक्ता को हुई असुविधा के मद्देनजर 5,000 रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं, ताकि उसे राहत मिल सके।

 

आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आयोग ने जांच मे बताया कि शिकायत 28 सितंबर, 2025 को प्राप्त होने के बाद डी.ओ-कम-सीए को मामले की जांच कर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए थी। इसके बाद 10 अक्टूबर, 2025 को जब अपील एफजीआरए-कम-एसडीओ के पास पहुंची, तब भी उन्होंने मामले की विस्तार से जांच करने के बजाय मात्र दो दिनों में निपटारा कर दिया। यदि अपीलकर्ता को नियमानुसार सुनवाई का अवसर दिया जाता, तो समस्या को उसी समय पूरी तरह सुलझाया जा सकता था।

 

आयोग ने यह भी पाया कि एसजीआरए-कम-एक्सईएन ने भी समस्या का पूर्ण समाधान करने के बजाय केवल आंशिक कार्रवाई की। आयोग के संज्ञान लेने के बाद ही बाइंडर शिफ्ट करने जैसी सुधारात्मक कार्रवाई की गई।

 

आयोग ने मामले की समीक्षा करते हुए उपभोक्ता को हुई असुविधा को ध्यान में रखते हुए हरियाणा राइट टू सर्विस अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(ह) के तहत 5,000 रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। यह राशि संबंधित एजेंसी या नियमानुसार जिम्मेदार अधिकारियों से वसूल कर 15 दिनों के भीतर उपभोक्ता को उपलब्ध कराई जाएगी।

 

आयोग ने उपभोक्ता से अनुरोध किया है कि मुआवजा प्राप्त करने के लिए अपने बैंक खाते से संबंधित आवश्यक विवरण संबंधित एसडीओ और आयोग के ईमेल पर भेजें। इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट 23 फरवरी, 2026 तक आयोग को भेजी जाएगी।

 

आयोग ने स्पष्ट किया कि सरकार की सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के लिए ऐसे मामलों की निरंतर समीक्षा की जा रही है, ताकि नागरिकों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलती रहें।

 

 

परीक्षा के लिए की गई मेहनत, प्रयास व सोच ही परीक्षार्थी की असली पहचान: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

परीक्षा का दबाव नहीं उत्सव के तौर पर लें विद्यार्थी - मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के 9वें संस्करण में की शिरकत

 

कैथल के आरकेएसडी कॉलेज में हुआ परीक्षा पे चर्चा को लेकर राज्य स्तरीय कार्यक्रम

 

बच्चों ने पहले प्रधानमंत्री के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को सुना, फिर बच्चों ने सुना मुख्यमंत्री का प्रेरणादायक वक्तव्य

 

चंडीगढ़, 6 फरवरी-- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय द्वारा आरकेएसडी कॉलेज कैथल के सभागार में आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एग्जाम वॉरियर्स विशेष एपिसोड के लाइव प्रसारण को देखा। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को परीक्षा का दबाव न लेने का आह्वान करते हुए कहा कि परीक्षा आपकी पहचान नहीं बल्कि परीक्षा के लिए किए गए आपके प्रयास, मेहनत व सोच ही आपकी असली पहचान है।

 

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम सबने परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में भाग लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को सुना। प्रधानमंत्री जी ने परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के मन में उठने वाले डर और तनाव को लेकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर वर्ष बच्चों की परीक्षाओं से पहले उनसे जुड़कर चर्चा करते हैं। आज भी उन्होंने परीक्षा के अलावा विकसित भारत, स्वच्छता एवं कर्तव्य पालन को लेकर विद्यार्थियों से बातचीत की और इन सभी विषयों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा है कि आज जो बच्चे हैं, वे विकसित भारत के मजबूत स्तंभ होंगे। इसलिए हम सभी को देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सामूहिक रूप से अधिक मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि वे स्वच्छता जैसे अभियानों में बढ़चढ़ कर भाग लें। 

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि परीक्षा पर चर्चा केवल अंकों की बात नहीं है, बल्कि यह आपके मन, आत्मविश्वास और सपनों की चर्चा है। यह खुद को परखने और आत्मविकास का अवसर भी है। परीक्षा में कई बार अंक कम आ जाते हैं, उससे घबराना नहीं चाहिए। हमें निरंतर कड़ी मेहनत और प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में विजन और सोच बड़ी रखनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को आगामी परीक्षाओं की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप अपने जीवन में निरंतर आगे बढ़े, ऊंचाई को छुए और विकसित भारत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। निश्चित रूप से आप सभी विद्यार्थी वर्ष 2047 में विकसित भारत के मजबूत स्तंभ होंगे।

 

इस अवसर पर हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, पूर्व विधायक लीला राम, जिला परिषद चेयरमैन कर्मबीर कौल, नगर परिषद चेयरपर्सन सुरभि गर्ग, आरकेएसडी कॉलेज समिति प्रधान अश्वनी शोरेवाला सहित गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

 

सूरजकुंड मेले में खूब पसंद किए जा रहे हैं मिट्टी के बर्तन, हथकरघा उत्पाद और सजावटी वस्तुएं

 

 पर्यटकों को भा रही हैं लोक कलाओं पर आधारित वस्तुएं

 

चंडीगढ़, 6 फरवरी - फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित किए जा रहे 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में देश - विदेश से आए कलाकार कला, संस्कृति तथा पारंपरिक शिल्पों का भव्य प्रदर्शन कर रहे हैं। सूरजकुंड मेले में मिट्टी के बर्तन, सजावटी वस्तुएं, हस्तकरघा उत्पाद और लोक कलाएं विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। राजस्थान की मिट्टी के बर्तन और अन्य सजावटी सामान मेले की शान बढ़ा रहे हैं और पर्यटक इन स्टाल्स से खूब खरीदारी कर रहे हैं।

 

रंग-बिरंगे घड़े, सुराही, दीये, पानी की बोतल, फूलदान और कलात्मक प्लेटें और विशुध्द मिटटी से निर्मित अन्य सामान सहज ही पर्यटकों का अपनी और आकर्षित कर रही हैं। इन सामान और बर्तनों पर पारंपरिक राजस्थानी डिजाइन और चमकीले रंगों से कलात्मक डिज़ाइन बनाये जाते हैं, जो राज्य की समृद्ध संस्कृति को दर्शाते हैं। कई कारीगर वहीं चाक पर मिट्टी को आकार देते हुए दिखाई देते हैं, जिससे आगंतुक उनकी कला को करीब से समझ पाते हैं। सूरजकुंड मेले में टेराकोटा और अन्य प्रकार की मिट्टी की वस्तुएं भी उपलब्ध हैं, जिनमें घर सजाने के लिए मूर्तियां, खिलौने और हस्तनिर्मित सजावटी सामान शामिल हैं। ये वस्तुएं केवल सजावट के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय ग्रामीण जीवन और परंपराओं की झलक भी प्रस्तुत करती हैं। सूरजकुंड मेले का उद्देश्य ऐसे ही पारंपरिक शिल्पों को बढ़ावा देना और कारीगरों को सीधे अपने उत्पाद बेचने का अवसर देना है।

 

हस्तशिल्प मेले में राजस्थान के राजसमंद के गांव मौलेना से आए लक्ष्मी लाल कुमार और सहायक राजकुमार बताते हैं कि वे यह उनकी पुश्तैनी कला है और वे 2009 से मेले में आ रहे हैं। उन्हें उनकी कला के लिए वर्ष 2017 में कलामणी अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया था। उन्होंने बताया कि राजस्थानी कुम्हार पीढिय़ों से चली आ रही तकनीकों का उपयोग करते हैं, इसलिए उनके बनाए बर्तन मजबूत, पर्यावरण-अनुकूल और उपयोगी होते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान पर मिट्टी से बने 200 से अधिक सामान उपलब्ध हैं। उनकी दुकान पर मैजिक दीपक भी उपलब्ध है, जिसको देखकर पर्यटक आश्चर्यचकित हो रहे हैं।

 

सूरजकुंड मेला केवल खरीदारी का स्थान नहीं, बल्कि भारतीय हस्तकला की जीवंत प्रदर्शनी है। यहां आने वाले लोग न केवल सुंदर मिट्टी के बर्तन और सजावटी सामान खरीदते हैं, बल्कि कारीगरों की मेहनत और रचनात्मकता को भी सराहना कर रहे हैं। इस प्रकार राजस्थानी मिट्टी की कला इस मेले की पहचान बनकर भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

 

एमएड एवं एमएड स्पेशल एजुकेशन की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 13 फरवरी से 

चंडीगढ़ , 6 फरवरी - महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक द्वारा एम.एड तथा एम.एड स्पेशल एजुकेशन (रेगुलर एवं री-अपीयर) पाठ्यक्रमों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 13 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएंगी।

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि एम.एड प्रथम और तृतीय सेमेस्टर (रेगुलर एवं री-अपीयर) तथा चतुर्थ सेमेस्टर (केवल री-अपीयर), एमएड स्पेशल के प्रथम और तृतीय सेमेस्टर (रेगुलर एवं री-अपीयर) तथा चतुर्थ सेमेस्टर (केवल री-अपीयर) की प्रायोगिक परीक्षाएं विश्वविद्यालय शिक्षण विभागों एवं संबद्ध कॉलेजों में आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा की विस्तृत डेट शीट शीघ्र ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी जाएगी। वहीं विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र भी एमडीयू पोर्टल पर जल्द जारी किए जाएंगे।

 

एमडीयू की यूजी दूरस्थ शिक्षा मोड परीक्षाएं 16 फरवरी से शुरू 

चंडीगढ़ , 6 फरवरी - महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक की स्नातक (यूजी) दूरस्थ शिक्षा मोड की थ्योरी परीक्षाएं 16 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी।

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि बीए एवं बीकॉम प्रथम सेमेस्टर फ्रेश (ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड) सेमेस्टर सिस्टम के तहत ये परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। यह परीक्षाएं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी–2020) के अंतर्गत ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि इन परीक्षाओं की विस्तृत डेट शीट शीघ्र ही विश्वविद्यालय वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी जाएगी। वहीं विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र भी एमडीयू वेबसाइट पर जल्द जारी किए जाएंगे। ऑनलाइन परीक्षाओं से संबंधित एसओपी और दिशा-निर्देश भी अलग से विश्वविद्यालय वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे।

 

यूआईईटी में सात दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला शुरू

 

चंडीगढ़ , 6 फरवरी - महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में सात दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। करियर काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल तथा पं. दीन दयाल उपाध्याय कौशल एवं व्यावसायिक शिक्षा केंद्र के सहयोग से महिन्द्रा प्राइड क्लासरूम के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों की रोजगारपरक क्षमताओं को सुदृढ़ करना तथा उन्हें वर्तमान एवं भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।

 

उद्घाटन सत्र में पं. दीन दयाल उपाध्याय कौशल एवं व्यावसायिक शिक्षा केंद्र के निदेशक प्रो युद्धवीर सिंह ने मुख्य वक्तव्य देते हुए कौशल आधारित शिक्षा के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल, अनुकूलन क्षमता और सतत अधिगम विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य हो गए हैं।

 

कार्यक्रम में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक डॉ. हरकेश सहरावत ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षा और उद्योग की अपेक्षाओं के बीच सेतु का कार्य करती हैं तथा विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र के लिए तैयार करती हैं।

 

इस अवसर पर करियर काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल की निदेशक प्रो दिव्या मल्हान ,महिन्द्रा प्राइड क्लासरूम के प्रशिक्षक जयदीप मल्होत्रा ने भी विचार रखे।

 

 

परीक्षा ड्यूटी हेतु 11 फरवरी तक अपडेट करें स्टाफ स्टेटमेंट विद्यालय 

चंडीगढ़ , 6 फरवरी - हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से संबद्ध सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी(नियमित/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाएं 25 फरवरी से आयोजित करवाई जा रही हैं। इन परीक्षाओं के संचालन हेतु सभी राजकीय व अराजकीय विद्यालयों के अध्यापक, प्राध्यापक व प्रधानाचार्य की परीक्षाओं में ड्यूटियां लगाई जानी है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि सभी राजकीय व अराजकीय विद्यालयों के मुखिया उन द्वारा पूर्व में भेजी गई स्टाफ स्टेटमैंट में 09 से 11 फरवरी, 2026 तक अपडेट करना सुनिश्चित करें, ताकि परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केन्द्र पर लगाई जाने वाली परीक्षा ड्यूटी में होने वाली परेशानी/समस्या से बचा जा सके। स्टाफ स्टेटमेंट अपडेट करने हेतु बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर लिंक 09 फरवरी, 2026 से उपलब्ध होगा। सभी विद्यालय समय रहते स्टाफ स्टेटमैंट का डाटा संशोधित/अपडेट करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने आगे बताया कि पूर्व में राजकीय व अराजकीय विद्यालयों द्वारा जो स्टाफ स्टेटमेंट भरी गई थी, यदि विद्यालय में कार्यरत किसी अध्यापक, प्राध्यापक व प्रधानाचार्य के विवरणों में जैसे- किसी प्रकार के अवकाश (CCL, Medical, Privilege, Earned leave & Any other leave) या सेवानिवृत अथवा स्थानान्तरण (निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्राध्यापक व अध्यापक विद्यालय छोड़ चुके हो), मोबाइल नम्बर में कोई संशोधन है या अन्य कोई कारण है तो उसे भी बोर्ड की वेबसाइट पर दिए गए लिंक पर समय रहते अपडेट करना सुनिश्चित करें।

 

डीडीए ने राज्य सरकारों से मांगे कड़कड़डूमा में 2-बीएचके फ्लैटों के लिए आवेदन

चंडीगढ़, 06 फरवरी-दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने अपनी डीडीए टॉवरिंग हाइट्स, कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम-2026 के अंतर्गत आवासीय फ्लैटों के थोक आवंटन हेतु राज्य सरकारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। आरएच-02 ब्लॉक, कड़कड़डूमा के विभिन्न टावरों में स्थित इन आवासीय इकाइयों का उपयोग स्टाफ क्वार्टर, आधिकारिक आवास अथवा सरकारी कर्मचारियों के दीर्घकालिक आवास के रूप में किया जा सकता है।

इस संबंध में डीडीए के प्रधान आयुक्त (आवास) से हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी को एक पत्र मिला है।

पत्र के अनुसार, डीडीए द्वारा 107 दो-बेडरूम (2-बीएचके) फ्लैटों का थोक आवंटन किया जाएगा। वर्तमान में निर्माणाधीन इन फ्लैटों को विशेष रूप से केंद्र एवं राज्य सरकारों के संस्थानों के लिए चिह्नित किया गया है।

यह योजना केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों तथा राज्य सरकारों के विभागों, सरकारी विश्वविद्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, सरकारी संगठनों तथा स्वायत्त निकायों के लिए खुली है। इच्छुक संस्थाओं को सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन एवं प्राधिकरण के साथ आवेदन करना होगा और आवश्यक फ्लैटों की संख्या स्पष्ट रूप से दर्शा  नी होगी।

डीडीए द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि थोक श्रेणी के अंतर्गत आवंटन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। प्राथमिकता, पूर्ण एवं पात्र आवेदन प्राप्त होने की तिथि एवं समय के अनुसार ही तय की जाएगी, जो फ्लैटों की उपलब्धता और पात्रता शर्तों को पूरा करने पर निर्भर करेगी।

ठन 2-बीएचके फ्लैटों की कीमत 1.79 करोड़ से 2.32 करोड़ रुपये के बीच है तथा इनका प्लिंथ एरिया 142 वर्ग मीटर से 187 वर्ग मीटर तक है। आवासीय परिसर में पार्किंग सुविधा, लिफ्ट, बड़ी बालकनी, सामुदायिक केंद्र/क्लब हाउस तथा खुले हरित क्षेत्र जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

बताया गया है कि फ्लैटों का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। आवंटन के समय संस्थाओं को कुल निर्धारित मूल्य का 75 प्रतिशत जमा करवाना होगा, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि निर्माण पूर्ण होने पर देय होगी। फ्लैटों का कब्जा जुलाई 2026 तक सौंपे जाने की संभावना है।

Have something to say? Post your comment

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss