हरियाणा में एलपीजी, ईंधन आपूर्ति व्यवस्था सुचारू
मुख्य सचिव ने की एलपीजी व पीएनजी नेटवर्क की समीक्षा
चंडीगढ़, 7 अप्रैल- हरियाणा में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में राज्यभर में एलपीजी सिलेंडरों, जिनमें 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर भी शामिल हैं, की आपूर्ति तथा पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त भी शामिल हुए और जमीनी स्तर पर स्थिति का व्यापक आकलन किया गया।
श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी परिवार स्वच्छ रसोई ईंधन की उपलब्धता से वंचित न रहे। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों सहित अंतिम छोर तक एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडरों की उपलब्धता और पीएनजी कनेक्टिविटी की नियमित निगरानी की जाए। बुकिंग और वितरण में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए तथा खास तौर पर कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को नए गैस कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाए तथा इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने यह निर्देश दिए कि वितरण व्यवस्था न केवल हर समय सतर्क रहे बल्कि संवेदनशील भी हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में रबी फसलों की खरीद सुचारू रूप से जारी है। गेहूं की निर्बाध आवक और खरीद सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। खरीद केंद्रों पर सुचारू रूप से कार्य किया जा रहा है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जे. गणेशन ने बताया कि राज्यभर में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बिना किसी व्यवधान के जारी है। प्रदेश में घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है और स्थिति पिछले वर्ष की तरह है। यह इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन जैसी तेल विपणन कंपनियों और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय और अग्रिम योजना का परिणाम है।
बैठक में बताया गया कि 28 मार्च, 2026 से तेल विपणन कंपनियों ने होटलों, रेस्तरां, ढाबों और उद्योगों को व्यावसायिक एलपीजी की पूर्ण आपूर्ति भी पुनः शुरू कर दी है। इससे आतिथ्य और खाद्य सेवा क्षेत्र को राहत मिलने के साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठान समय पर और निर्बाध आपूर्ति के लिए संबंधित कंपनियों के साथ पंजीकरण भी कर सकते हैं।
बैठक में जानकारी दी गई कि मार्च 2026 के दौरान प्रदेशभर में कुल 54.39 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। इनमें इंडियन ऑयल ने 23.36 लाख, भारत पेट्रोलियम ने 18.83 लाख और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने 12.21 लाख सिलेंडर उपलब्ध कराए। यह वितरण नेटवर्क शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है।
बैठक में 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया, जो प्रवासी श्रमिकों, छोटे परिवारों, रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं तथा छोटे भोजनालयों के लिए सुविधाजनक विकल्प हैं। गत 1 से 5 अप्रैल के बीच राज्य में कुल 4,730 एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री हुई। इनमें इंडियन ऑयल ने 1,294, भारत पेट्रोलियम ने 2,422 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने 1,014 सिलेंडर उपलब्ध कराए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने भी राज्यों को 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों की दैनिक आपूर्ति दोगुनी करने के निर्देश दिए हैं।
ऊर्जा पहुंच और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के तहत 15 मार्च, 2026 से अब तक 2,565 नए एलपीजी कनेक्शन जारी किए गए हैं। इनमें 5 किलोग्राम सिलेंडर के 1,090 और 19 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर के 1,462 कनेक्शन शामिल हैं। पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और नागरिकों को घबराहट में खरीदारी न करने की सलाह दी गई है।
बैठक में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में इनक्यूबेटेड स्टार्टअप मेटासागा को डीआरडीओ के डेयर टू ड्रीम 5.0 इनोवेशन कांटेस्ट में दूसरा पुरस्कार
चंडीगढ़ , 7 अप्रैल -जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर में इनक्यूबेटेड स्टार्टअप मेटासागा प्राइवेट लिमिटेड ने प्रतिष्ठित डेयर टू ड्रीम 5.0 इनोवेशन कांटेस्ट में स्टार्टअप और एमएसई (माइक्रो एवं स्मॉल एंटरप्राइज) श्रेणी में दूसरा पुरस्कार प्राप्त करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
यह प्रतियोगिता भारत सरकार के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रौद्योगिकी विकास कोष (टीडीएफ) योजना के अंतर्गत आयोजित की गई थी। यह राष्ट्रीय स्तर का इनोवेशन चैलेंज उन अभूतपूर्व विचारों और प्रौद्योगिकियों को पहचानता है जिनकी रक्षा तथा सामरिक क्षेत्रों में संभावित अनुप्रयोग हो सकते हैं।
विश्वविद्यालय में आईपीआर, इनोवेशन एवं इनक्यूबेशन/स्टार्ट-अप डिवीजन के प्रभारी प्रो. संजीव गोयल ने बताया कि मेटासागा पूरे देश के अनेक इनोवेटिव स्टार्टअप में से चुना गया। यह उपलब्धि जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में विकसित उच्च गुणवत्ता वाले इनोवेशन और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाती है।
जे.सी. बोस टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, बुनियादी ढांचा, फंडिंग सहायता तथा उद्योग-अकादमिक संबंधों के माध्यम से पोषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह पुरस्कार विश्वविद्यालय की नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्रीय महत्व की प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने मेटासागा टीम तथा जे.सी. बोस टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां विश्वविद्यालय में इनोवेशन इकोसिस्टम विकसित करने के विजन को और मजबूत करती हैं, जो आत्मनिर्भर भारत तथा राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देता है।
विकसित भारत 2047 के अनुरूप ‘विकसित हरियाणा’ दस्तावेज तैयार: राव नरबीर सिंह
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नई नीतियां, सब्सिडी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
चंडीगढ़, 7 अप्रैल— हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने के लिए प्रदेश में ‘विकसित हरियाणा’ दस्तावेज तैयार किया गया है। इस दस्तावेज के तहत सभी विभागों को वर्ष 2030, 2036 और 2047 को लक्ष्य मानते हुए अपने-अपने विजन, स्वरूप और चुनौतियों के अनुरूप कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) विकसित भारत का केंद्र बिंदु रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने अपनी औद्योगिक नीति में आवश्यक संशोधन किए हैं और ‘मेक इन हरियाणा’ नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है, जिससे प्रदेश को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।
निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन
राव नरबीर सिंह ने कहा कि नए औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए कैपिटल सब्सिडी, अनुसंधान एवं विकास (R&D) गतिविधियों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से युवाओं की भर्ती को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि स्थानीय युवाओं को उद्योगों में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्तमान में दी जा रही ₹48,000 प्रति कर्मचारी की एम्प्लॉयमेंट सब्सिडी को बढ़ाकर ₹1 लाख प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष किया जाएगा।
पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का होगा कायाकल्प
उन्होंने संयुक्त पंजाब के समय स्थापित किए गए सोनीपत, हिसार, अंबाला, यमुनानगर, सिरसा, फतेहाबाद, नीलोखेड़ी, बहादुरगढ़, बरवाला और पानीपत जैसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति सुधारने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इन क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए वर्ष 2026-27 में ₹500 करोड़ की प्रारंभिक राशि से ‘सक्षम फंड’ स्थापित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने अपने बजट अभिभाषण में किया है, जो स्वागत योग्य है।
नए आईएमटी और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा
उन्होंने बताया कि अंबाला और नारायणगढ़ में नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अलावा तोशाम, जींद, रेवाड़ी, फरीदाबाद और राई में भी नए IMT विकसित करने के लिए किसानों से ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
नई औद्योगिक नीतियां होंगी लागू
राव नरबीर सिंह ने बताया कि पूर्व में घोषित 12 औद्योगिक नीतियों के नए प्रारूप तैयार कर लिए गए हैं। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस, टॉयज एवं स्पोर्ट्स इक्विपमेंट और AVGC-XR (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) से संबंधित नीतियों के ड्राफ्ट भी तैयार किए गए हैं। इन सभी नीतियों को वर्ष 2026-27 में लागू किया जाएगा।
निवेश प्रक्रिया होगी सरल और पारदर्शी
उन्होंने कहा कि औद्योगिक भूमि की कीमतों को ध्यान में रखते हुए HSIIDC द्वारा ‘लैंड ऑन लीज’ नीति लागू की जाएगी, जिसके तहत औद्योगिक प्लॉट दीर्घकालीन लीज पर उपलब्ध कराए जाएंगे और बाद में उन्हें फ्री होल्ड में बदलने का विकल्प भी दिया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के साथ तैयार फैक्ट्रियां और शेड विकसित किए जाएंगे, ताकि उद्योगों की स्थापना और संचालन में तेजी लाई जा सके।
निवेशकों की सुविधा के लिए 45 कार्यदिवसों के भीतर ‘लैंड फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट’ जारी करने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। साथ ही, निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘एडवांस रूलिंग पोर्टल’ स्थापित किया जाएगा, जिसमें संबंधित विभागों को 15 दिनों के भीतर जवाब देना अनिवार्य होगा।
उद्योग मंत्री ने विश्वास जताया कि इन पहलों से हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और प्रदेश ‘विकसित हरियाणा’ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा।
क्रमांक— 2026
हरियाणा सरकार ने जारी किए 6 प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारियों के नियुक्ति आदेश
चंडीगढ़, 6 अप्रैल-हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 6 प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारियों के नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।
अमितेज पांगटे को नूंह तथा मुस्कान श्रीवास्तव को फरीदाबाद में सहायक आयुक्त लगाया गया है। इसी तरह शिवानी पांचाल को कैथल, सोहम शैलेन्द्र को करनाल, विशाल सिंह को रोहतक तथा विवेक यादव को हिसार में सहायक आयुक्त लगाया गया है।