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हरियाणा

Haryana Latest News 2026

March 29, 2026 06:53 AM

*मंडियों में किसानों को उपलब्ध करवाई जाएं हर सुविधा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*

 

*फसलों का भुगतान समय पर और सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएं: मुख्यमंत्री*

 

*कहा: किसानों का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगालापरवाही बरतने वाले अधिकारी पर होगी कार्रवाई*

 

चंडीगढ़, 28 मार्च – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों (डीसी) के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक करते हुए राज्यभर में सुचारु खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडियों में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने डीसी को निर्देश दिए कि सभी मंडियों में पर्याप्त मात्रा में बारदाना (बोरियां), स्वच्छ पेयजल, उचित बैठने की व्यवस्था, साफ-सुथरे शौचालय और अच्छी तरह संचालित कैंटीन सेवाएँ सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर प्रभावी सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया।

 

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मंडी में खरीद प्रक्रिया की निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। साथ ही, मंडियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुचारू संचालन के लिए आवश्यकतानुसार पुलिस सहायता लेने के भी निर्देश दिए गए।

 

किसानों के हितों की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी गई फसलों का भुगतान समय पर और सीधे किसानों के बैंक खातों में बिना किसी देरी के किया जाए।

 

इसके अतिरिक्त, सभी उपायुक्तों को नियमित रूप से मंडियों का दौरा करने और स्थानीय स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए , ताकि सभी समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके और संपूर्ण खरीद व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके।

 

मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि चल रहे रबी सीजन के दौरान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, प्रभावी और किसान हितैषी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जाएगा और यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

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चंडीगढ़, 28 मार्च — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने देवीनगर मंदिर अम्बाला शहर में कश्यप राजपूत पंजाबी वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया और इस मौके पर परिसर में बनाए गए नवनिर्मित शेड का उद्घाटन किया। इस मौके पर उनके साथ पूर्व मंत्री असीम गोयल नन्यौला, विधायक राम कुमार कश्यप, कश्यप राजपूत पंजाबी वेलफेयर सोसायटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप भारद्वाज, जिला अध्यक्ष मनदीप राणा मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस मौके पर कहा कि यहां पर हर वर्ष सभा द्वारा धार्मिक मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु दूर-दराज से यहां आकर महर्षि कश्यप जी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर शैड का जो निर्माण हुआ है उससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ आयोजकों को काफी सहूलियत मिलेगी।

 

इस अवसर पर पूर्व मंत्री असीम गोयल ने मुख्यमंत्री का  स्वागत करते हुए शेड का निर्माण करवाए जाने के लिए सभा की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। उन्होने कहा कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री जी के समक्ष कश्यप राजपूत पंजाबी वेलफेयर सोसायटी ने शैड निर्माण की जो मांग की थी जिसके लिए मुख्यमंत्री ने 21 लाख रुपए देने की घोषणा की थी जिसके तहत यहां पर शेड के निर्माण के साथ-साथ स्टेज का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। उन्होंने भी इस मौके पर सभा के पदाधिकारियों को इस कार्य की बधाई दी और मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।

 

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*मंडियों में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*

*आज से सरसों की खरीद शुरूएक अप्रैल से गेहूं की होगी खरीद*

 

*मुख्यमंत्री ने रबी खरीद सीजन के दौरान किये गए प्रबंधों की समीक्षा की*

 

चंडीगढ़ , 28 मार्च - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी खरीद सीज़न वर्ष 2026-27 के दौरान अपनी फ़सल बेचने के लिए मंडियों में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

 

मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ में खाद्य विभाग व फ़सल खरीद से जुड़ी अन्य एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने रबी खरीद सीजन के दौरान किये गए प्रबंधो की समीक्षा भी की।

 

मुख्यमंत्री को बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी रबी के दौरान राज्य की मंडियों में आने वाले खाद्यान्नों की खरीद भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। आगामी 1 अप्रैल, 2026 से गेहूं की खरीद शुरू की जा रही है तथा भारत सरकार द्वारा इस रबी खरीद सीजन के लिए 72 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है।

 

बैठक में बताया गया कि सरसों की खरीद का कार्य आज 28 मार्च से शुरू किया जा चुका है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा लगभग 13 लाख टन सरसों की खरीद की जानी है जिसमें से 25 प्रतिशत प्राइस स्पॉट स्कीम के तहत केन्द्रीय सरकार की एजेंसियों (नैफेड व एन०सी०सी०एफ०) तथा बकाया 75 प्रतिशत राज्य की खरीद संस्थाओं (हैफड व हरियाणा राज्य भण्डारण निगम द्वारा 50:50 प्रतिशत) द्वारा की जाएगी।

 

मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस वर्ष गेहूं की खरीद के लिए राज्य में 416, सरसों के लिए 112, जौं के लिए 25, चना के लिए 11 तथा मसूर के लिए 7 मंडियां तय की गई हैं।

 

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में रबी की फसलों के खरीद कार्य को सुचारू तथा पारदर्शी रूप से चलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा चालित विभिन्न पोर्टलो में कई सुधार किये गये हैं।

 

 इनमें राज्य के सभी किसान जो अपनी उपज बेचने  के लिए जिस किसी वाहन को मंडियों में लेकर आएंगे उन वाहनों पर वाहन नम्बर स्पष्ट लिखा होना अनिवार्य किया गया है। इस वर्ष सभी मंडियों में खरीद कार्य के लिए जिओ-फेंसड किया गया है। किसानों की आवक के सभी गेट पास ई-खरीद मोबाइल एप से काटे जाएगें।

 

इसी प्रकार , इस वर्ष किसानों की उपज की बोली के समय "मेरी फसल मेरा ब्यौरा" पोर्टल  पर पंजीकृत किसान या उसके तीन प्रतिनिधियों में से किसी एक का बायोमेट्रिक सत्यापन होना आवश्यक है। बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए हरियाणा राज्य की सभी मंडियों में व्यवस्था की जा चुकी है। खरीद कार्यों के दौरान सभी प्रकार के गेट पास व अन्य खरीद कार्य मोबाइल एप से ही संचालित किए जाएगें।

 

इसके अतिरिक्त, राज्य की सभी मंडियों के आने वाले तथा जाने वाले गेटों पर सी०सी०टी०वी कैमरा लगाए गए हैं जिनकी दशा व दिशा का सही होना सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य की सभी मंडियों में बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाए ताकि फसल बेचने वाले किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

 बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार , मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ साकेत कुमार , कृषि विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

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*हरियाणा में एलपीजी सिलेंडर से जुड़ी नहीं कोई समस्यानिर्बाध रूप से सप्लाई जारी- राजेश नागर*

 *मंत्री राजेश नागर का आह्वान ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ता लें पीएनजी का कनेक्शन*

 

*नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी द्वारा ली गई बैठक में हुए शामिल*

 

चण्डीगढ़, 28 मार्च -  हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्री राजेश नागर ने कहा कि प्रदेश में एलपीजी सिलेंडर से जुड़ी कोई समस्या नहीं है। प्रदेश में निर्बाध रूप से गैस सिलेंडर की सप्लाई जारी है। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से आह्वान किया कि जहां-जहां पीएनजी गैस की सप्लाई है, वहां अधिक से अधिक उपभोक्ता पीएनजी गैस का कनेक्शन लें।

 

मंत्री श्री राजेश नागर ने बताया कि आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रहलाद जोशी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने सभी राज्यों के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रियों के साथ बैठक की और राज्यों के मौजूदा हालात की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान सभी से सुझाव लिए गए और संभावित समस्याओं के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि राज्य में एलपीजी गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं से भी किसी प्रकार की कमी की सूचना नहीं है।

 

*मंडियों में फसल खरीद की सभी व्यवस्था पूरी*

 

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्री राजेश नागर ने बताया कि प्रदेश में फसल खरीद को लेकर मंडियों में सभी व्यवस्थाएं पूरी है। इस संबंध में सभी जिला उपयुक्तों को निर्देश दिया गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं भी कुछ मंडियों का दौरा किया है, जहां लगभग सभी व्यवस्थाएं सही पाई गई।

 

*डीजल और पेट्रोल की सप्लाई निर्बाध रूप से जारी*

 

मंत्री श्री राजेश नागर ने पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर स्पष्ट किया कि राज्य में ईंधन की सप्लाई निर्बाध रूप से जारी है। कुछ पेट्रोल पंपों पर आई अस्थायी समस्या वाहनों की तकनीकी खराबी के कारण थी, जिसे तुरंत ठीक कर लिया गया। मंत्री नागर ने भरोसा जताया कि जैसे राज्य ने कोविड-19 के कठिन दौर में एकजुट होकर चुनौतियों का सामना किया था, उसी तरह वर्तमान परिस्थितियों में भी सरकार और प्रशासन पूरी तरह सजग और तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और पूरी टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राज्य में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

 

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*मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अयोध्या के लिए तीर्थ यात्रियों की अंबाला से विशेष ट्रेन को किया रवाना*

*अप्रैल के आखरी सप्ताह में नांदेड़ साहब (महाराष्ट्र) के लिए भी जाएगी श्रद्धालुओं की ट्रेन*

 

चंडीगढ़ , 28 मार्च - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज अंबाला से अयोध्या के लिए तीर्थ यात्रियों की विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अगले महीने अप्रैल के आखरी सप्ताह में श्री हजूर साहिब गुरुद्वारा ( नांदेड़ , महाराष्ट्र) के लिए तीर्थ यात्रियों हेतु विशेष ट्रेन जाएगी।

 

इससे पूर्व , मुख्यमंत्री ने तीर्थ यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन पूरे हरियाणा के लिए एक ऐतिहासिक और भावुक क्षण है। भगवान श्रीकृष्ण की इस पावन धरा से भगवान श्रीराम की जन्मभूमि, अयोध्या धाम के लिए इस विशेष तीर्थ ट्रेन को रवाना कर रहे हैं, तो उनको बड़े गर्व और गौरव का अनुभव हो रहा है। उन्होंने यात्रियों को बधाई देते हुए कहा कि अयोध्या में बना भगवान श्रीराम जी का दिव्य, भव्य एवं नव्य मंदिर भारत का गौरव है। हम सबके पुण्य कर्मों का ही फल है कि हम अयोध्या में श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी बने हैं और अब उनके दर्शन के लिए जाने का सौभाग्य मिला है।

 

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अयोध्या की यह यात्रा केवल एक भौतिक सफर नहीं है, यह एक आध्यात्मिक परिवर्तन की यात्रा है। जब आप सरयू नदी के तट पर खड़े होंगे, जब आप हनुमानगढ़ी के दर्शन करेंगे और जब आप उस भव्य राम मंदिर की दहलीज को छुएंगे, तो आपको उस ऊर्जा का अनुभव होगा जिसने भारत को 'विश्व गुरु' बनाया था।

 

उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने तीर्थ यात्रा के लिए रेलवे के साथ अनुबंध किया है। उसके बाद आज पहली ट्रेन से सात जिलों के 700 बुजुर्गों को भेजा जा रहा है। इस यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए ट्रेन में खानपान और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए वे रेलवे विभाग के अधिकारियों का भी धन्यवाद करते हैं जिन्होंने विशेष प्रबंधों को सुनिश्चित किया ताकि हमारे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह संकल्प है कि प्रदेश के बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के श्रद्धालु, धन के अभाव में तीर्थ यात्रा से वंचित न रहें। इसी उद्देश्य से सरकार ने 'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की शुरुआत की है। आज की यह ट्रेन उसी वादे और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कैथल, करनाल, अम्बाला और जींद से बसों के माध्यम से  अयोध्या में श्रीराम लला के दर्शन करवाए थे।

 

उन्होंने कहा कि अयोध्या जैसे तीर्थ भारतीय संस्कृति के जीवन की ऊर्जा के स्रोत हैं। भारतीय सभ्यता की पालक रही मां सिंधु नदी के दर्शन के लिए भी 'स्वर्ण जयंती सिन्धु दर्शन' योजना चलाई जा रही है। इसके तहत 10 हजार रुपये प्रति तीर्थ यात्री (अधिकतम 50 यात्रियों तक) वार्षिक वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। इसी प्रकार , 'कैलाश मानसरोवर यात्रा' योजना के तहत 50 हजार रुपये प्रति तीर्थ यात्री (अधिकतम 50 यात्रियों तक) वार्षिक वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना के तहत श्री हजूर साहिब गुरुद्वारा (नांदेड), श्री ननकाना साहिब, श्री हेमकुंड साहिब और श्री पटना साहिब जाने वाले प्रदेश के तीर्थ यात्रियों को 6 हजार रुपये प्रति तीर्थ यात्री वित्तीय सहायता दी जाती है। उन्होंने सभी तीर्थ यात्रियों को मंगलमयी यात्रा की शुभकामनाएं दी।

 

इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री असीम गोयल , सूचना , जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग ,मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री विवेक कालिया समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 

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*स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र के निर्माण की दिशा में एक जन आंदोलन है फिट इंडिया कैंपेन - गौरव गौतम*

*पलवल में हुआ फिट इंडिया-फिट पलवल अभियान का आयोजनयुवाओं ने उत्साहपूर्वक की प्रतिभागिता*

 

चण्डीगढ़, 28 मार्च - हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने के लिए नियमित शारीरिक और फिटनेस गतिविधियां बेहद जरूरी हैं। फिट इंडिया केवल एक अभियान नहीं, बल्कि स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र के निर्माण की दिशा में एक जन आंदोलन है। हमें अपने दैनिक जीवन में खेल और शारीरिक गतिविधियों को शामिल कर फिटनेस को अपनी आदत बनाना होगा।

 

खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने यह बात आज पलवल स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेडियम में ‘फिट इंडिया-फिट पलवल’ अभियान के दौरान कही। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

उन्होंनेे कहा कि फिट इंडिया अभियान का उद्देश्य केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में नियमित रूप से फिटनेस को शामिल करने का संदेश देना भी है। उन्होंने उपस्थित युवाओं से सीधा संवाद करते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को ‘विकसित और आत्मनिर्भर’ देश बनाने के सपने को साकार करने में फिट और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण युवाओं की अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहें और अपनी सकारात्मक ऊर्जा का प्रयोग देश को आगे ले जाने और आगे बढ़ाने में करें। उन्होंने कहा कि साहस, संघर्ष और समर्पण के प्रतीक, सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण युवा ही प्रदेश की उन्नति, शक्ति और समृद्धि के सशक्त स्तंभ हैं। उन्होंने युवाओं के उज्ज्वल, सफल एवं प्रेरणादायी भविष्य की मंगलकामना की और जीवन में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।

 

श्री गौरव गौतम ने कहा कि राज्य सरकार खेलों और खिलाडिय़ों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि फिट शरीर ही स्वस्थ समाज की नींव है और इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्टेडियम का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कहा कि जिला में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाडिय़ों को उत्साहित करने के उद्देश्य से नेता जी सुभाषचंद्र बोस स्टेडियम का 20 करोड़ रुपए की लागत से कायाकल्प किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया और सभी प्रतिभागियों को भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।

 

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*न्याय प्रणाली में प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग एक सहायक उपकरण के रूप में होना चाहिए - न्यायमूर्ति ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह*

*न्यायमूर्ति मसीह ने प्रौद्योगिकी के माध्यम से कानून की भूमिका को आगे बढ़ाना चुनौतियाँ और अवसर‘ विषय पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन का किया उदघाटन*

 

चण्डीगढ़, 28 मार्च - भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह ने कहा कि न्यायिक प्रणाली में प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग न्याय प्रक्रिया को सुगम और प्रभावी बनाने के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन अंतिम निर्णय लेने की जिम्मेदारी सदैव न्यायाधीशों की होनी चाहिए।

 

न्यायमूर्ति ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह ने यह बात आज राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय तथा चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी के सहयोग से ‘‘प्रौद्योगिकी के माध्यम से कानून की भूमिका को आगे बढ़ाना ‘चुनौतियाँ और अवसर‘ विषय पर  आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान सम्बोधित करते हुए कही।

 

उन्होंने कहा कि न्याय केवल मामलों का तकनीकी या यांत्रिक तरीके से निपटारा करने का विषय नहीं है, बल्कि इसमें मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनशीलता का भी महत्वपूर्ण स्थान है। तकनीक, एल्गोरिदम और एआई न्यायिक प्रणाली को जानकारी उपलब्ध कराने और प्रक्रियाओं को तेज करने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन इन्हें न्याय देने वाले के रूप में नहीं देखा जा सकता। वर्तमान परिस्थितियों में न्यायिक निर्णय का अधिकार और जिम्मेदारी न्यायाधीशों के पास ही रहनी चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक तकनीकों में अपार संभावनाएं हैं और वे न्यायिक प्रणाली में पारदर्शिता तथा दक्षता बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। हालांकि यह भी आवश्यक है कि इन तकनीकों का लाभ आम नागरिकों और वादियों तक प्रभावी ढंग से पहुँचे तथा उन्हें इनके उपयोग के बारे में पर्याप्त जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाए।

 

न्यायमूर्ति ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह ने कहा कि तकनीक का उद्देश्य न्याय को प्रतिस्थापित करना नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना होना चाहिए। न्यायमूर्ति ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह ने न्यायपालिका, कार्यपालिका और अन्य संस्थाओं के बीच सहयोग पर बल देते हुए कहा कि न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए केवल समस्याओं को सामने लाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ठोस और व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत करने होंगे।

 

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू ने न्यायिक क्षेत्र में प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका पर बल देते हुए कहा कि तकनीक न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुलभ बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है, किन्तु इसके उपयोग में न्याय के मूलभूत सिद्धांतों की रक्षा भी उतनी ही आवश्यक है।

 

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कानून का शासन केवल एक सिद्धांत नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए न्याय, निष्पक्षता और समानता का भरोसा है। उन्होंने कहा कि अदालतों के हर आदेश और प्रत्येक कार्यवाही का उद्देश्य इसी भरोसे को मजबूत करना होता है। वर्तमान समय में प्रौद्योगिकी ने जीवन के लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित किया है और न्याय प्रणाली भी इससे अछूती नहीं है। अदालतों में प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण, रिकॉर्ड का इलेक्ट्रॉनिक रूप में संरक्षण तथा संचार के आधुनिक माध्यमों ने न्यायिक कार्य प्रणाली को अधिक तेज और प्रभावी बनाया है।

 

उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ न्याय प्रणाली के मूल सिद्धांत-निष्पक्षता, पारदर्शिता, सुलभता और तर्कसंगत निर्णय हमेशा सर्वोपरि रहने चाहिए। तकनीक न्यायिक प्रक्रिया में सहायक हो सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय और जिम्मेदारी हमेशा न्यायाधीश की ही रहेगी। तकनीक ने प्रक्रियाओं को सरल बनाया है और देरी को कम करने में मदद की है, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है कि सीमित संसाधनों वाले नागरिकों के लिए न्याय तक पहुँच बाधित न हो। न्याय व्यवस्था समावेशी होनी चाहिए और समाज का कोई भी वर्ग तकनीकी बदलावों के कारण न्याय से वंचित महसूस न करे।

 

सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था में प्रौद्योगिकी की भूमिका लगातार बढ़ रही है, लेकिन न्याय देने की अंतिम शक्ति हमेशा मानव के विवेक और संवेदनशीलता के पास ही रहनी चाहिए। उन्होंनेे कहा कि राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी द्वारा देश के पाँच क्षेत्रों के लिए प्रतिवर्ष दो क्षेत्रीय बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिनमें न्यायपालिका से जुड़े समकालीन विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श किया जाता है। आज न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक ने महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। यह न केवल न्यायाधीशों के लिए प्रशासनिक सहायता और कानूनी शोध का माध्यम बन रही है, बल्कि कुछ मामलों में निर्णयों के संभावित परिणामों का अनुमान लगाने में भी उपयोग की जा रही है।

 

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुवीर सहगल ने क्षेत्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के अवसर पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों, न्यायाधीशों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सम्मेलन में दिए गए प्रेरणादायक संबोधन तथा संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए दूरदर्शी मार्गदर्शन से न्यायिक व्यवस्था को नई ऊर्जा प्राप्त होती है। न्यायमूर्ति श्री सुधीर सहगल ने विश्वास व्यक्त किया कि सम्मेलन के आगामी तकनीकी सत्रों में होने वाली चर्चाएँ अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी और डिजिटल युग में कानून के शासन को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

 

इस अवसर पर विभिन्न उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख, उत्तराखंड, इलाहाबाद तथा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों और उत्तर क्षेत्र से अनेक प्रतिभागी उपस्थित रहे।

 

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*हरियाणा में पैट्रोलडीज़ल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*

*कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर होगी सख़्त कार्रवाई*

 

*विपक्षी जनता को भ्रमित न करेंआपदा में सहयोग करें*

 

चंडीगढ़ , 28 मार्च - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के लोगों को आश्वस्त किया कि मध्य -एशिया में बने हालातों के मद्देनजर राज्य में पैट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, उनको घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी तथा जमाख़ोरी करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई इस मामले में संलिप्त पाया गया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग, अतिरिक्त निदेशक ( प्रशासन ) श्रीमती वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय उपस्थित थे।

 

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मध्य एशिया में युद्ध की स्थिति के बीच कुछ लोग आवश्यक वस्तुओं की कमी होने का भ्रम फैला रहे हैं जबकि देश एवं प्रदेश में सब सामान्य है। उन्होंने पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती  करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि इससे आम जनता के लिए डीजल, पेट्रोल व गैस के दाम स्थिर बने रहेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी देश पर किसी भी प्रकार की आपदा आई है, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हमेशा "राष्ट्र प्रथम" के दृढ़ संकल्प के साथ हर मोर्चे पर देशवासियों के साथ खड़े रहे हैं। चाहे कोरोना काल हो, अफगानिस्तान संकट हो या अन्य किसी प्रकार की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियाँ—हर बार उन्होंने देश की जनता को एकजुट किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने और भारतीय हितों की रक्षा के लिए अन्य देशों के सभी संबंधित नेताओं के संपर्क में हैं।

 

उन्होंने कहा कि "राष्ट्र प्रथम" और "भारतीय प्रथम" की इस नीति की पहली सफलता अपने नागरिकों को वापस लाने और अपने व्यापारिक हितों को स्ट्रेट ऑफ होरमुज से गुजारने के माध्यम से मिली थी और अब एक्साइज ड्यूटी में कटौती करके दुष्प्रभाव को कम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल व गैस की कोई कमी नहीं है। इसलिए लोगों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अनुरोध किया कि आप घबराकर खरीदारी करने से बचें ताकि व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं इस संबंध में पेट्रोलियम कंपनियों के साथ बैठक की है। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल व गैस की आपूर्ति की स्थिति इस समय भी वैसी ही है, जैसी 4 महीने पहले थी। वर्तमान में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में कुल 4 हजार 32 सरकारी पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां प्रतिदिन औसतन 4 हजार 804 किलो लीटर पेट्रोल और 12 हजार 3 किलो लीटर डीजल की बिक्री हो रही है। उन्होंने आगे बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा टर्मिनल संचालन बढ़ाया गया है। डिस्पैच तेज किए गए हैं, फील्ड अधिकारियों की तैनाती की गई है और सुबह के समय सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे स्थिति सामान्य है।

 

उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में रसोई गैस की स्थिति भी पूरी तरह संतोषजनक है। राज्य में प्रतिदिन लगभग 2 लाख सिलेंडर प्राप्त हो रहे हैं और लगभग 1 लाख 90 हजार सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। बॉटलिंग प्लांट्स पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और रिफिल के लिए शहरों में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के नियम का पालन किया जा रहा है। कमर्शियल एल.पी.जी की आपूर्ति भी की जा रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अस्पतालों, स्कूलों और अन्य आवश्यक संस्थानों में गैस की किसी भी प्रकार की कमी न हो।

 

श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि वर्तमान में, कुल 1 लाख 73 हजार कमर्शियल सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है। केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल एल.पी.जी. के क्षेत्र में 70 प्रतिशत आवंटन ढांचा बनाया गया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में घरेलू LPG की देश में की जा रही प्रोडक्शन को 40 प्रतिशत से बढ़ा दिया है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो जाए।

 

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।  गत 24 मार्च तक 928 एल.पी.जी. सिलेंडर व 4 वाहन कब्जे में लिए गए हैं, 66 आरोपियों की पहचान की गई है और 8 एफ.आई.आर दर्ज की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई गई है तथा अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश सरकार ने गैस की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए एक और अहम कदम उठाया है।

 

उन्होंने बताया कि वर्तमान में, हरियाणा में PNG गैस पाइपलाइन बिछाने पर 3 लाख रुपये प्रति किलोमीटर का लीज रेंट 10 साल के लिए अग्रिम लिया जाता है। सरकार ने इसे 1 हजार रुपये प्रति किलोमीटर एकमुश्त करने का निर्णय लिया है। इससे गैस कंपनियों और आम जनता को भी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में इस समय 28 हजार 377 किलोमीटर लंबी पी.एन.जी. पाइपलाइन बिछी हुई है। अब इस काम में और तेजी आएगी।

 

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हरियाणा LPG से PNG की ओर तेजी से बढ़ रहा है। सरकार ने  प्रदेश में पी.एन.जी के लिए 13 लाख 33 हजार 603 का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके मुकाबले 5 लाख 59 हजार 761 कनेक्शन लगाए जा चुके हैं। इनमें से 3 लाख 32 हजार 162 कनेक्शन चालू भी हो गए हैं। शेष 2 लाख 27 हजार 599 कनेक्शन चालू करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।

 

प्रदेश सरकार ने  PNG नेटवर्क बढ़ाने के लिए Deemed Permission का प्रावधान कर दिया है।  घरेलू कनेक्शन की संख्या आने वाले तीन माह में डबल कर दी जाएगी। जहां तक सी.एन.जी की बात है तो राज्य में 586 सी.एन.जी स्टेशन हैं। इसका पाइपलाइन नेटवर्क 28 हजार 377 इंच-किलोमीटर है। विभिन्न जिलों जैसे भिवानी, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, करनाल और कैथल में पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से प्रगति पर है।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के क्षेत्र में भी हरियाणा मजबूत स्थिति में है। प्रदेश में 455 कि.मी. लंबी छायंसा-झज्जर-हिसार पाइपलाइन, 921 कि.मी. लंबी दादरी-बवाना-नांगल पाइपलाइन, 132 कि.मी. लंबी दादरी-पानीपत पाइपलाइन हैं। साथ ही, एच.वी.जे-जी.आर.ई.पी.-डी.वी.पी.एल नेटवर्क पूरी तरह संचालित हैं, जबकि मेहसाणा-बठिंडा पाइपलाइन आंशिक रूप से चालू है।

इसके अतिरिक्त, पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइनों में रेवाड़ी-कानपुर, जामनगर-लोनी और मुंद्रा-दिल्ली पाइपलाइन पूरी तरह कार्यरत हैं, जबकि पियाला-जेवर पाइपलाइन का निर्माण कार्य जारी है। कुल मिलाकर, हरियाणा में पेट्रोल, डीजल और घरेलू एल.पी.जी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है और किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।

 

श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि कल ही उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों से बैठक कर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति के बारे में जानकारी प्राप्त की है, कहीं कोई कमी नहीं है।

 

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ने भी इस विषय में विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से कल ही संवाद करके स्थिति का जायजा लिया है। साथ ही, उन्होंने विश्वास दिलाया है कि केंद्र सरकार पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति को निर्बाध व पर्याप्त बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।

 

उन्होंने बताया कि वर्तमान हालातों में आने वाली लोगों की समस्या सुनने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर तथा उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तर पर वॉर -रूम स्थापित किये गए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि आप वर्तमान स्थिति में प्रधानमंत्री  के संकल्प को समझे और इस समय सरकार के प्रयासों में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि वर्तमान स्थिति, सरकार के संकल्प और उठाए गए ठोस कदमों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जाए ताकि, प्रदेश के लोग पूरी तरह जागरूक और सूचित रह सकें।

 

श्री नायब सिंह सैनी ने पेट्रोलियम पदार्थों की कमी का भ्रम फ़ैलाने वाले विपक्षी नेताओं से आग्रह किया कि वे जनता को भ्रमित न करें , बल्कि आपदा के समय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आपदा में भी राजनीति तलाशना कांग्रेस का हमेशा से एजेंडा रहा है , लेकिन लोग उनके बहकावे में नहीं आएंगे।

 

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