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हरियाणा

Haryana Latest News 2026

March 31, 2026 08:46 AM

मोहाली में दिशा इंडियन अवॉर्ड्स-2026 आयोजित

 

विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वालों को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने किया सम्मानित

 

 

चंडीगढ़, 30 मार्च - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मोहाली, पंजाब में छठे दिशा इंडियन अवार्ड में अलग अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुरुष एवं महिलाओं को सम्मानित किया।

 

दिशा वूमन वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह अवसर उन असंख्य संघर्षों, सपनों और संकल्पों का सम्मान करने का उत्सव है, जिन्होंने समाज को नई दिशा देने का काम किया है। दिशा इंडियन अवॉर्ड्स प्राइड ऑफ नेशन जैसा यह आयोजन उस भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो नारी शक्ति के दम पर आगे बढ़ रहा है, जो समर्पण और सेवा के मूल्यों को अपना आधार बना रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशा वुमन वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा इस छठे संस्करण का आयोजन अत्यंत सराहनीय है। यह संस्था केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक  ऐसा आंदोलन जो पिछले 5 वर्षों से महिलाओं के साथ पुरुषों को भी सशक्त, आत्मनिर्भर बनाने और समाज में  योगदान को पहचान दिलाने का निरतर प्रयास कर रहा है।  हमें महिलाओं के लिए हर क्षेत्र में समान अवसर, सुरक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना होगा।

 

 

उन्होंने कहा कि इस मंच पर 26 ऐसे व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने महिला उत्थान के लिए सराहनीय कार्य किए हैं। ये सभी  समाज के वास्तविक हीरो हैं। जिन्होंने

बिना किसी अपेक्षा के केवल सेवा और समर्पण की भावना से काम किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के कुशल नेतृत्व में आज का भारत तेजी से बदल रहा है। यह नया भारत महिलाओं की शक्ति से संचालित है। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य रखा है, वह आपके योगदान के बिना संभव नहीं है। क्योंकि, देश की आधी आबादी महिलाओं की हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं का विषय नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का विषय है। यह हम सबकी सांझी जिम्मेदारी है, जिसमें परिवार, समाज, सरकार और हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी बेटियों को बचपन से ही वह वातावरण मिले, जहां वे अपने सपनों को खुलकर जी सकें। उन्हें यह विश्वास दिलाना होगा कि वे किसी से कम नहीं हैं। जब एक बेटी शिक्षित होती है, तो वह केवल अपना ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य उज्जवल बनाती है। उन्होंने कार्यक्रम की आयोजिका श्रीमती हरदीप कौर  को बधाई एवं शुभकामनाएं दी

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 11 वर्ष पहले पानीपत की ऐतिहासिक धरती से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसके बाद से पूरे देश में सकारात्मक बदलाव आया है। हरियाणा में लिंगानुपात वर्ष 2014 में 871 था, वह अब 923 हो गया है। हमें इस बात का भी गर्व है कि  प्रधानमंत्री  ने पानीपत की धरा से प्रधानमंत्री बीमा सखी योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत हरियाणा की 9 हजार 656 बहन-बेटियां बीमा सखी बनकर अपना कैरियर आगे बढ़ा रही हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं के दुख-दर्द को समझा। उन्हें चूल्हे के धुएं से आजादी दिलाई और खुले में शौच जाने के अपमान से मुक्ति दी और तीन तलाक के दुःख से भी छुटकारा दिलाया। देश की सर्वाच्च संसद में  33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व का कानून बनाकर महिलाओं को देश चलाने में हक दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति केवल वादों का खेल नहीं है। बल्कि, विश्वास और जवाबदेही का दर्पण होती है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना के तहत हर महीने 2100 रुपये की राशि महिलाओं को दिए जा रहे हैं। अब तक 5 किस्तों में 835 करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में पहुंचाए जा चुके हैं। जिस प्रकार दिशा वुमन वेलफेयर ट्रस्ट महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित है। उसी तरह, हरियाणा सरकार ने भी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट 2026-27 में वीटा बूथ आंबटन नीति में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग हेतु हर ब्लॉक में एक आधुनिक ग्राम हाट की स्थापना का प्रावधान भी किया है। इससे पहले  33 प्रतिशत राशन डिपो महिलाओं को दिए जा रहे हैं।

 

प्रदेश में कामकाजी महिलाओं के नन्हें बच्चों की देखभाल के लिए विस्तृत क्रेच नीति लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। इस समय प्रदेश में 845 क्रेच चल रहे हैं। इसके अलावा, 4 हजार प्ले-वे स्कूल खोले गये हैं।

 

इस बजट में औ‌द्योगिक क्षेत्रों में भी 10 आधुनिक मातृ-शक्ति औ‌द्योगिक क्रेच नेटवर्क शुरू करने का प्रावधान भी किया गया है।  क्रैच कार्यकर्ता का मानदेय 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये मासिक किया है। यह देश में सबसे अधिक हैं।

 

वित्त वर्ष 2026-27 में 3 लाख और महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाएगा। पहले किसी ने सोचा भी नहीं था कि घर-परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही महिलाएं ड्रोन भी उड़ाएंगी। नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत 500 स्वयं सहायता समूह की 5 हजार महिलाओं को मुफ्त प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया है।

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  ने गत 28 फरवरी को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए पूरे देश में किशोरियों को निःशुल्क एच.पी.वी. वैक्सीन लगाने का  शुभारंभ किया।  उसी दिन हरियाणा में भी  इस अभियान की शुरुआत की गई।  वित्त वर्ष 2026-27 में 3 लाख बेटियों को एच.पी.वी. वैक्सीन लगाई जाएगी। पोस्ट ग्रेजुएशन तक लड़कियों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। जब  बहन-बेटियां सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त होंगी, तभी हमारा राष्ट्र सच्चे अर्थों में प्रगति करेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

 

इस अवसर पर पूर्व मंत्री असीम गोयल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय, पूर्व  सांसद  अविनाश राय खन्ना , कंगारु ग्रुप ऑफ कंपनीज के फाउंडर रिछपाल सिंह, दिशा ट्रस्ट की चेयरपर्सन श्रीमती हरदीप कौर, चडदीकला टाइम टीवी के चेयरमैन सरदार जगजीत सिंह दर्दी सहित दिशा वुमन वेलफेयर ट्रस्ट की टीम मौजूद रही।

क्रमांक-2026

 

 

 

 

 

 

 

हरियाणा में रेल कनैक्टिविटी का नया दौर

 

एचओआरसी टनल का 61 फीसदी कार्य पूरा

 

कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक लॉन्च के लिए तैयार

 

चंडीगढ़, 30 मार्च- हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम (एचआरआईडीसी) हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा देने जा रहा है। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक और प्रस्तावित ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर समेत एचआरआईडीसी की तमाम परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने, औद्योगिक विकास को गति देने और हरियाणा को देश के प्रमुख अवसंरचना केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

 

हरियाणा के मुख्य सचिव एवं एचआरआईडीसी के अध्यक्ष श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां हुई निदेशक मंडल की 34वीं बैठक में प्रदेश की प्रमुख रेल अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

 

बैठक में बताया गया कि मंत्रिमंडल द्वारा हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) परियोजना की संशोधित लागत लगभग 11,709 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई है, जबकि पहले स्वीकृत लागत 5,618 करोड़ रुपये थी। यह कॉरिडोर खरखौदा, मानेसर और सोहना जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। साथ ही हरियाणा एनसीआर क्षेत्र में नए टाउनशिप के विकास को भी गति देगा। यह परियोजना माल ढुलाई को तेज करने, परिवहन समय कम करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, परियोजना की 7,070 मीटर लंबी टनल में से 4,349 मीटर यानी लगभग 61 प्रतिशत खुदाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह कार्य न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) के माध्यम से किया जा रहा है। यह टनल एचओआरसी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी तेज प्रगति समयबद्ध कार्यान्वयन के प्रति एचआरआईडीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

 

परियोजना के लिए सभी प्रमुख पर्यावरण और वन स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं, जिससे महत्वपूर्ण नियामकीय बाधाएं दूर हो गई हैं। चरण-1 के तहत वन स्वीकृति अक्टूबर 2025 में प्रदान की गई थी, जबकि गांव रोजका मेव में टनल एलाइनमेंट के लिए स्वीकृति 4 मार्च, 2026 को मिल चुकी है। इसके अलावा 20 मार्च, 2026 को अरावली स्वीकृति भी मिल गई है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आई है।

 

हितधारकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए एचआरआईडीसी ने पांच जिलों के भूमि मालिकों को कुल 2,273 करोड़ रुपये के मुआवजे में से 1,929 करोड़ रुपये, यानी लगभग 85 प्रतिशत राशि वितरित कर दी है। गुरुग्राम में 99 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है, जबकि नूंह में 94 प्रतिशत मुआवजा वितरित किया गया है। निजी भूमि के लिए 1,346 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जो कुल निजी भूमि मुआवजा राशि का 95 प्रतिशत है।

 

कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक (केईटी) परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है और अप्रैल 2026 में इसके चालू होने की संभावना है। एलिवेटेड वायाडक्ट के सभी 21 स्पैन पूरे हो चुके हैं। इसके अलावा सिविल, ट्रैक, सिग्नलिंग और ओवरहेड विद्युतीकरण से जुड़े कार्य भी पूर्ण हो चुके हैं। परियोजना को जल्द ही रेलवे सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। नया थानेसर स्टेशन भी अंतिम चरण में है और 10 अप्रैल, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

 

बागपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के माध्यम से, सोनीपत से पलवल तक प्रस्तावित ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (ईओआरसी) परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। फील्ड सर्वे, ड्रोन मैपिंग और यातायात आकलन पूरा कर लिया गया है। संशोधित प्रारूप व्यवहार्यता रिपोर्ट 23 मार्च, 2026 को प्रस्तुत की गई है और वित्तीय विश्लेषण सहित अंतिम रिपोर्ट जल्द आने की संभावना है।

 

बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) तथा वास्तुकला विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, विशेष सचिव (निगरानी एवं समन्वय) डॉ. प्रियंका सोनी, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-1 मोहम्मद शाइन तथा एचआरआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री सुखविंदर सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

क्रमांक-2026

 

 

 

 

28 वर्ष 4 माह की उत्कृष्ट सेवाओं के बाद रणबीर सिंह सांगवान सेवानिवृत्त

 

सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग ने सम्मानपूर्वक दी विदाई

 

चंडीगढ़, 30 मार्च — हरियाणा सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग मुख्यालय के अतिरिक्त निदेशक (फील्ड) श्री रणबीर सिंह सांगवान 28 वर्ष 4 माह की संतोषजनक एवं समर्पित सेवा पूर्ण करने के उपरांत आज सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर विभाग द्वारा उनके सम्मान में एक गरिमामयी विदाई समारोह का आयोजन किया गया।

 

समारोह में विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद. पांडुरंग, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खाँगवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्री सांगवान को भावभीनी विदाई देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं समृद्ध सेवानिवृत्त जीवन की कामना की। वक्ताओं ने उनके अनुशासित कार्यशैली, समर्पण और सौम्य व्यवहार की सराहना करते हुए विभाग में उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया।

 

श्री सांगवान मूल रूप से चरखी दादरी जिले के झोझू खुर्द गांव के निवासी हैं। उन्होंने केन्द्रीय विद्यालय से अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात मास कम्युनिकेशन में डिग्री हासिल की और 21 नवंबर, 1997 को जनसम्पर्क अधिकारी के रूप में विभाग में अपनी सेवाएं आरंभ कीं। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने विभाग की प्रेस शाखा से की, जिसके बाद उन्होंने सिरसा, जींद, हिसार, रोहतक, गुरुग्राम एवं फतेहाबाद जैसे विभिन्न जिलों में जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट सेवाएं दीं।

 

हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर उनकी मजबूत पकड़ तथा उनका मृदुभाषी व्यक्तित्व उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय बनाता रहा। वर्ष 2012 में उन्हें उपनिदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया। इसके उपरांत उन्होंने हरियाणा भवन, नई दिल्ली तथा एनसीआर में उपनिदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।

 

अतिरिक्त निदेशक (फील्ड) के रूप में उन्होंने विभिन्न अतिविशिष्ट राजनेताओं एवं प्रमुख हस्तियों के कार्यक्रमों के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे विभाग की कार्यक्षमता और छवि को नई ऊंचाइयां मिलीं।

 

विदाई समारोह में सयुंक्त निदेशक श्री राजसिंह कादियान, श्री नीरज टुटेजा, पूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ. कुलदीप सैनी, डॉ. साहिब राम गोदारा, श्री बी.एल. धीमान, सहित विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री सांगवान के परिवारजन और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस भावनात्मक पल को और भी यादगार बना दिया।

क्रमांक-2026

 

 

 

 

 

 

अजय कुमार को नूंह के उपायुक्त का अतिरिक्त कार्यभार

 

चंडीगढ़, 30 मार्च- हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम के उपायुक्त और श्रीमाता शीतला देवी पूजा स्थल बोर्ड के मुख्य प्रशासक श्री अजय कुमार को नूंह के उपायुक्त तथा मेवात विकास एजेंसी, नूंह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। उन्हें यह कार्यभार श्री अखिल पिलानी के अवकाश के चलते सौंपा गया है।

क्रमांक-2026

 

 

 

 

 

हिसार के आईएमसी प्रोजैक्ट में आई तेजी

 

देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने की राह पर हरियाणा 

 

चंडीगढ़, 30 मार्च- हिसार में विकसित किए जा रही इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) परियोजना के दम पर हरियाणा देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने जा रहा है। लगभग 2,988 एकड़ क्षेत्र में फैली यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-52 और राष्ट्रीय राजमार्ग-09 से जुड़ी है तथा प्रस्तावित हिसार एविएशन हब के निकट स्थित है। आईएमसी को अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर (एकेआईसी) के तहत विकसित किया जा रहा है, जिससे हिसार को राष्ट्रीय औद्योगिक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा।

 

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।

 

संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हिसार आईएमसी परियोजना प्रदेश के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मजबूत संस्थागत सहयोग, रणनीतिक योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर यह परियोजना निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित मास्टर प्लान के अनुसार लगभग 61 प्रतिशत भूमि औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स गतिविधियों के लिए निर्धारित की गई है, जबकि शेष क्षेत्र हरित क्षेत्र, उपयोगिताओं और बुनियादी ढांचे के लिए रखा गया है। परियोजना में एयरोस्पेस एवं रक्षा, इंजीनियरिंग एवं फैब्रिकेशन, खाद्य प्रसंस्करण, परिधान उद्योग तथा लॉजिस्टिक्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिससे विविध और सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

 

परियोजना के लिए शत-प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है तथा नेशनल प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) से स्वीकृति समेत प्रमुख स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं। चरण-1 के लिए पर्यावरण स्वीकृति भी मिल चुकी है। कच्चे पानी के जलाशय का निर्माण, कैनाल री-एलायनमेंट तथा विद्युत आपूर्ति योजना जैसे महत्वपूर्ण अवसंरचना कार्यों पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। एक हाई वोल्टेज विद्युत लाइन को हटाया जा चुका है और शेष कार्य भी तेजी से प्रगति पर हैं, ताकि अवसंरचना विकास निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।

बैठक में नागरिक उड्डयन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, एचवीपीएनएल के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया और एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील सारवान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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हरियाणा में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए जगह तलाशी जाएं, सभी सरकारी विभागों में भी इन्हें चालू किया जाएं: मुख्यमंत्री

 

स्वीपिंग मशीनों की निगरानी के लिए अब कैमरे लगेंगे, हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की एक जैसी ड्रेस होगी लागू

 

मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

 

चंडीगढ़, 30 मार्च - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा भर में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाएं जाने के लिए स्थान ढूंढने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान कई स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आती है, इसलिए इससे निपटने के लिए अभी से पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सोमवार को सचिवालय में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने बारिश से पहले होने वाली ड्रेन को सफाई, जल निकासी व्यवस्था और सफाई व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि जहां-जहां जल निकासी में दिक्कत है, उन स्थानों की पहचान कर वहां वैकल्पिक उपाय अपनाए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि ऐसे स्थानों पर वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के विकल्प तलाशे जाएं, ताकि वर्षा जल का संचयन हो सके और जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सके।

 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में वॉटर हार्वेस्टिंग से जुड़ा पूरा और अपडेटेड डेटा तैयार किया जाए। इसमें यह जानकारी शामिल हो कि कहां-कहां वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे हुए हैं, उनमें से कितने सही तरीके से काम कर रहे हैं और किन स्थानों पर इन्हें लगाने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी विभागों में इन सिस्टम्स को सही तरीके से लागू किया जाए और जहां यह अभी तक नहीं लगे हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर इन्हें स्थापित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों में इसे विशेष रूप से लागू करना सुनिश्चित किया जाए।

 

बैठक में प्रदेश की सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक, विशेष रूप से आरआईएफडी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ी है। इस दिशा में लगातार सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

स्वीपिंग मशीनों की निगरानी के लिए अब कैमरे लगेंगे

 

मुख्यमंत्री ने जीपीएस आधारित कचरा कलेक्शन सिस्टम की भी समीक्षा की और इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रणाली में आरआईएफडी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कचरा संग्रहण की प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा रहा है। स्वीपिंग मशीनों की निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए विभाग द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों ने बताया कि  इन मशीनों पर चार कैमरे लगाए जाएंगे। एक आगे की ओर, एक ऊपर, एक नीचे और एक पीछे की ओर। उन्होंने कहा कि यदि सफाई के दौरान मशीन का नीचे लगा सेंसर बंद पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी को भुगतान नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, अब एजेंसियों को हर महीने अपने बिल के साथ काम से संबंधित वीडियो फुटेज भी जमा करनी होगी, ताकि जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके। इसके साथ ही इस व्यवस्था में 1250 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से पेनल्टी का प्रावधान किया गया है, जिससे एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी और काम में लापरवाही नहीं होगी।

 

सफाई कर्मचारियों की सुविधाओं पर भी बात

 

मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मचारियों की सुविधाओं पर भी जोर देते हुए निर्देश दिए कि उन्हें ड्रेस, जूते और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि वे बेहतर तरीके से अपना कार्य कर सकें। खास बात यह है कि पूरे हरियाणा में कार्यरत सेनेटरी वर्करों के लिए एक जैसी ड्रेस लागू करने को मुख्यमंत्री ने कहा है।

 

बैठक में गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों में सफाई व्यवस्था, जल निकासी और पानी की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन शहरी क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

बैठक के दौरान हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरूण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा, विभाग के निदेशक श्री मुकुल कुमार सहित विभाग के अधिकारीगण मौजूद थे।

क्रमांक-2026

 

 

 

 

 

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा कर दिए निर्देश

 

दवा का रिकॉर्ड होगा रियल टाइम सेंट्रलाइज्ड, डॉक्टर ने अगर बाहर की दवा लिखी तो कार्रवाई होगी: मुख्यमंत्री

 

अस्पतालों में दवा और सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये सीएमओ की जवाबदेही तय होगी

 

चंडीगढ़, 30 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए है कि सरकारी अस्पतालों में दवा का रिकॉर्ड रियल टाइम सेंट्रलाइज्ड पोर्टल पर होगा। किस अस्पताल में कौन सी दवा उपलब्ध हैं, उस बारे में चिकित्सक को बताया जाएगा। ताकि बाहर की दवा लिखने की गुजाइंश न बचे, अगर फिर भी किसी डॉक्टर द्वारा बाहर से मिलने वाली दवा किसी मरीज की ओपीडी स्लीप पर लिखी जाती है, तो डॉक्टर उस बारे में अस्पताल में दवा उपलब्ध न होने की बात लिखेंगे। इतना ही नहीं, इस कार्य के लिए सीएमओ की जवाबदेही तय होगी।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक एवं विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता भी मौजूद रहे।

 

मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारिओं को सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों की स्थिति, ओपीडी प्रबंधन, डॉक्टरों व स्टाफ की तैनाती, दवा एवं उपकरणों की खरीद प्रक्रिया तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता को सुनिशित करने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल आने वाले मरीज को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाओं पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, उपकरणों एवं सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

 

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमीं की स्थिति किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में दवाओं के स्टॉक की रियल टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि दवाओं की उपलब्धता पर निरंतर नजर रखी जा सके और आवश्यकतानुसार समय रहते आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में दवा की खरीद इत्यादि को लेकर 1 साल के लिए पैनल इत्यादि की व्यवस्था की जाएं। सीएमओ 4 दिन पहले ही पैनल संबंधित एजेंसियों को दवा उपलब्धता बारे बता दें, ताकि किसी अस्पताल में दवा की कमीं न रहे। 

 

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि चिकित्सकों द्वारा मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर की दवाइयां लिखने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण रखा जाए। इस संबंध में तय दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएं, ताकि मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े और उन्हें सरकारी अस्पतालों में ही समुचित उपचार मिल सके।

 

आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की सुविधा मिले सभी अस्पतालों में:

 

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अस्पतालों में सीटी स्कैन, एमआरआई सहित अन्य उन्नत चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से इस दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए जानकारी ली और बताया गया कि 10 जिलों में आवश्यक अपडेट पूरे किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने शेष 12 जिलों में इन सुविधाओं से संबंधित कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को उच्च स्तरीय जांच सुविधाओं के लिए अन्य जिलों में न जाना पड़े और उन्हें अपने ही जिले में बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी  निर्देश दिये कि  भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य ढांचे का चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाए।

 

बैठक के दौरान अस्पतालों में मरीजों की संख्या के अनुरूप व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर उपचार मिलना चाहिए। इसके लिए आवश्यकतानुसार स्टाफ की तैनाती, ड्यूटी रोस्टर और कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बैठक में मुख्यमंत्री को बताया कि मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की नियुक्ति बारे भी दिशा निर्देश दिए जा चुके है, जब तक फुल टाइम स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की तैनातनी नहीं होती, तब तक कांट्रेक्ट पर चिकित्सों की तैनाती की जाएगी।

 

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सिविल सर्जन यानि सीएमओ की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाएं। यह भी निर्देश दिए कि जिलों में तय लक्ष्यों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किया जाए और प्रदर्शन आधारित निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए।

 

प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया, पारदर्शिता और समयबद्धता  को करे सुनिचित:

 

मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं, उपकरणों और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रोक्योरमेंट प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दवाओं और उपकरणों की खरीद में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं। इसके साथ ही, गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और आवश्यकतानुसार बेहतर प्रथाओं को अपनाने पर भी जोर दिया गया।

 

सफाई व्यवस्था बेहतर मिले, हर सुविधा हो:

 

मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में साफ-सफाई की व्यवस्था को सुदृढ़ करने और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में स्वच्छ वातावरण, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने फीडबैक तंत्र को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि मरीजों के अनुभव के आधार पर सेवाओं में निरंतर सुधार किया जा सके।

 

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदेश के मेडिकल कॉलेज की प्रगति, ई—उपचार सेवा, आयुष्मान योजना के साथ साथ युद्ध के इस माहौल में दवा के स्टॉक, एबुलैंस में तेल की व्यवस्था और अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाले खाने इत्यादि की व्यवस्था के लिए एलपीजी उपलब्धता बारे भी चर्चा हुई। जिस पर अधिकारियों ने बताया कि इस दिशा में ठोस कदम उठाये गए है, तथा किसी प्रकार की कहीं कोई दिक्कत नहीं है।

 

इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा के मिशन निदेशक श्री आरएस ढिल्लो, स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के महानिदेश डॉ. मनीष बंसल सहित अधिकारीगण मौजूद थे।

क्रमांक-2026

 

 

 

 

 

 

चयनित ग्रुप-डी उम्मीदवारों का होगा बायोमीट्रिक सत्यापन

 

चंडीगढ़, 30 मार्च- हरियाणा सरकार ने विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत चयनित कॉमन कैडर ग्रुप-डी के 13,246 कर्मचारियों का बायोमीट्रिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। इन कर्मचारियों का बायोमीट्रिक सत्यापन राज्य के विभिन्न मंडलों में मंडल आयुक्तों तथा पंचकूला में उपायुक्त, पंचकूला के स्तर पर किया जाएगा।

 

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अंबाला मंडल में 20 अप्रैल, 2026 को 1,451 उम्मीदवारों का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इनमें 1,417 कर्मचारी विभिन्न विभागों में तैनात हैं जबकि 34 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। करनाल मंडल में 21 अप्रैल, 2026 को कुल 1,662 उम्मीदवारों का सत्यापन किया जाएगा। इनमें से 1,584 कर्मचारी विभागों में कार्यरत हैं जबकि 78 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं।

 

रोहतक मंडल में 22 और 23 अप्रैल, 2026 को 3,750 उम्मीदवारों का सत्यापन किया जाएगा। इनमें से 3,389 कर्मचारी विभागों में कार्यरत हैं तथा 361 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। हिसार मंडल में 24 और 27 अप्रैल, 2026 को 2,918 उम्मीदवारों का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इनमें 2,585 कर्मचारी विभागों में कार्यरत हैं जबकि 333 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं।

 

फरीदाबाद मंडल में 28 अप्रैल, 2026 को 960 अभ्यर्थियों का सत्यापन किया जाएगा, जिनमें 954 विभागों में कार्यरत हैं तथा 6 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं। गुरुग्राम मंडल में 29 अप्रैल, 2026 को 1,841 अभ्यर्थियों का उम्मीदवारों का सत्यापन किया जाएगा, जिनमें 1,801 विभागों में कार्यरत हैं तथा 40 कर्मचारी मंडल आयुक्त कार्यालय से संबद्ध हैं।

 

पंचकूला में 30 अप्रैल, 2026 को 664 अभ्यर्थियों का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इनमें चंडीगढ़, पंचकूला तथा विभिन्न विभागों एवं मंडल आयुक्त कार्यालयों से सम्बद्ध शेष अभ्यर्थी शामिल होंगे।

 

सभी मंडल आयुक्तों तथा उपायुक्त, पंचकूला से अनुरोध किया गया है कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बायोमीट्रिक सत्यापन के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक स्टाफ एवं संसाधन उपलब्ध करवाएं। साथ ही सत्यापन के उपरांत उपस्थित, अनुपस्थित तथा सत्यापित उम्मीदवारों की संख्या संबंधी रिपोर्ट भी उपलब्ध करवाने को कहा गया है।

 

सभी विभागाध्यक्षों से भी अनुरोध किया गया है कि वे विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत चयनित कॉमन कैडर ग्रुप-डी कर्मचारियों को निर्धारित तिथियों के अनुसार बायोमीट्रिक सत्यापन के लिए भेजना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त विभागवार एवं मंडलवार नोडल अधिकारी नामित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्धारित तिथियों पर कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके।

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