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हरियाणा

Haryana Latest News 2026

February 26, 2026 10:42 AM

नायब सिंह सैनी का कांग्रेस पर प्रहार: पारदर्शी भर्ती से युवाओं का विश्वास बहाल, “झूठ की दुकान” की राजनीति बेनकाब

 

भर्ती प्रक्रिया को बाधित करने के लिए कांग्रेस ने खड़ा किया “भर्ती रोको गैंग”: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

काम रोको प्रस्ताव पर विधानसभा में मुख्यमंत्री ने दिया सदन में तथ्यात्मक जवाब

 

कहा: काबिलियत के दम पर मिल रही नौकरीपेपर लीक की आशंका पर भी तुरंत कार्रवाई कर रही है डबल इंजन की सरकार

 

कांग्रेस ने 10 साल में की 3593 भर्तियांजबकि पिछले 11 सालों में वर्तमान सरकार ने 11 हजार 17 युवाओं की भर्ती की

 

 

चंडीगढ़, 25 फरवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस द्वारा लाए गए काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा के उपरांत जवाब देते हुए कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस ने वर्षों तक “झूठ की दुकान” खोलकर जनता को गुमराह किया। इन्होंने भर्ती प्रक्रिया को बाधित करने के लिए “भर्ती रोको गैंग” खड़ा किया।

 

मुख्यमंत्री ने सदन में नौकरियों से संबंधित विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार ने पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है, जबकि कांग्रेस शासनकाल में भ्रष्टाचार चरम पर था और “रेवड़ी कल्चर” को बढ़ावा दिया जाता था। उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियों से बौखलाया विपक्ष  निराश, हताश और कुंठाग्रस्त हो अनर्गल आरोप लगा रहा है, लेकिन तथ्यात्मक जवाब से उसकी झूठ की राजनीति पर ताला लग चुका है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने अपने काम रोको प्रस्ताव में तीन परीक्षाएं रद्द होने तथा 8 हजार 653 पदों के विज्ञापन को वापिस लेने की बात कही है। लेकिन वास्तविक्ता है कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 8 हजार 653 पदों के विज्ञापन को वापिस लिया था, क्योंकि सीईटी परीक्षा होनी थी और नए अभ्यर्थी भी इस परीक्षा में शामिल हो सकें। इसी संदर्भ में आयोग ने बढ़े हुए पदों के साथ फिर से विज्ञापन निकाल दिया।

 

उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास तथ्य नहीं है, लेकिन सरकार के पास यह बात आई कि ग्राम सचिव का पेपर लीक हुआ। इस आशंका के चलते यह परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसे 28 जून, 2024 को फिर से विज्ञापित किया गया और 17 अगस्त, 2024 को लिखित परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। यही नहीं, इसका परिणाम भी 17 अक्तूबर, 2024 को घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्यों के पास कोई नया मुद्दा नहीं है, बल्कि इसी सवाल को पिछले सत्र में तारांकित प्रश्न संख्या 46 के रूप में पूछा जा चुका है और सरकार ने हर बिंदु पर जवाब दिया। विपक्ष का काम झूठ बोलना है, इन्होंने तो झूठ की दुकान खोल रखी है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटवारी व नहरी पटवारी की परीक्षा पात्रता मापदंड में बदलाव के कारण रद्द की गई थी। इसे सामान्य पात्रता परीक्षा के अधीन पूरा कर लिया गया है। इसी प्रकार, पुलिस कांस्टेबल की लिखित परीक्षा भी पेपर लीक की आशंका के चलते रद्द की गई थी। इसकी भी तारीख फिर से निर्धारित करके सफलतापूर्वक परीक्षा आयोजित की गई और 16 जून, 2022 को परिणाम घोषित किया गया।

 

उन्होंने कहा कि सहायक प्रोफेसर अंग्रेजी भर्ती के संदर्भ में भी पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न हुई। अंतिम परिणाम माननीय उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के कारण लंबित है। सरकार इस मामले की प्रभावी पैरवी कर रही है और न्यायालय का निर्णय आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। सहायक प्रोफेसर के 2 हजार 424 पदों के विरुद्ध 1,022 पदों की सिफारिश विभाग को भेजी जा चुकी है तथा शेष पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। हेडमास्टर के पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया भी न्यायालय के आदेश के कारण रुकी हुई है, जिस पर सरकार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।

 

 

कांग्रेस ने 10 साल में की 3593 भर्तियांजबकि पिछले 11 सालों में वर्तमान सरकार ने एचपीएससी के जरिये 11 हजार 17 युवाओं की भर्ती की

 

मुख्यमंत्री ने हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन यानि एचपीएससी के जरिये कांग्रेस कार्यकाल में की गई भर्तियों का विवरण देते हुए बताया कि 1 अप्रैल 2005 से 31 मार्च 2006, 1 अप्रैल 2006 से 31 मार्च 2007 तथा 1 अप्रैल 2007 से 31 मार्च 2008 तक किसी भी साल में एक भी भर्ती नहीं की। 1 अप्रैल, 2008 से 31 मार्च, 2009 में 22, 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2010 में 176, 1 अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2011 में 712 तथा 1 अप्रैल 2011 से 31 मार्च 2012 में 1046 युवाओं की भर्ती की। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2013 में 1046, 1 अप्रैल 2013 से 31 मार्च 2014 में 448 तथा 1 अप्रैल 2014 से अक्तूबर 2014 तक 143 युवाओं की भर्ती की। इस प्रकार कांग्रेस ने अपने 10 साल के कार्यकाल में 3593 युवाओं की भर्ती की।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार ने हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन यानि एचपीएससी के जरिये पिछले 11 सालों में कुल 11 हजार 17 युवाओं की भर्ती की है। इससे पता चलता है कि वर्तमान सरकार हर परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के पारदर्शी ढंग से आयोजित करवा रही है। सरकार की इस सफलता से विपक्ष निराशा और हताशा में है। इसी के चलते प्रदेश के युवाओं को भ्रमित करने के लिए इस प्रकार के नेरेटिव चलाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में जब से हमारी सरकार आई है, सरकार ने पूर्णतः पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई है। जो हरियाणा के युवा हरियाणा की भर्ती एजेंसियों से निराश और हताश हो गये थे, उनमें इन एजेंसियों के प्रति विश्वास लौटा है। यह सिर्फ वर्तमान सरकार में होता है कि जरा सी गड़बड़ी की आशंका भी होती है, तो परीक्षा रद्द कर दी जाती है।  परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए हर पल सरकार हरियाणा के युवाओं के साथ खड़ी है।

 

उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्य अपने कार्यकाल में होने वाली गड़बड़ियों को भूल गए हैं। इनके समय में तो गड़बड़ियाँ ये खुद करते थे, तो पकड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता था। नौकरियों की बंदरबांट की जाती थी। भाई-भतीजावाद और क्षेत्रवाद का बोलबाला था। अब तक ऐसे मामलों में 26 एफआईआर दर्ज की गई है।

 

उन्होंने शायराना अंदाज में विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब न खर्ची चलती है, न सिफारिश का दौर है, यह नया हरियाणा है, यहाँ काबिलियत का जोर है। जिनके दौर में परचे भी बोली पर बिक जाते थे, वे आज पाठ पढ़ा रहे, यह कैसा शोर है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के 10 सालों के शासनकाल में की गई 11 भर्तियां रद्द हुई हैं। ये भर्तियां इन्होंने रद्द नहीं की थी बल्कि न्यायालय द्वारा रद्द की गई। इतना ही नहीं, कांग्रेस सरकार द्वारा कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने वाली नीति भी कोर्ट ने रद्द कर दी थी और 4,645 कर्मचारियों को छः महीने में निकालने का आदेश दिया था जबकि वर्तमान सरकार ने उन्हें समायोजित किया। इसके अलावा, कांग्रेस सरकार 9,870 जे.बी.टी. टीचर्स को ज्वाइन करवाये बगैर उनका भविष्य अधर में छोड़कर चली गई थी। जबकि वर्तमान सरकार ने उन्हें ज्वाइन करवाया। इनेलो सरकार में भर्ती किए गए 3,500 सिपाही, जिन्हें कांग्रेस सरकार ने निकाल दिया था, उन्हें भी समायोजित किया।

 

मुख्यमंत्री ने सदन में कांग्रेस पर आंकड़ों के जरिये भी हमला बोला। उन्होंने सदन में बताया कि कोर्ट द्वारा कांग्रेस शासन काल में 7,338 भर्तियों को रद्द किया गया। इनमें पीटीआई      1983, आर्ट एण्ड क्राफ्ट के 816 पद, हिंदी प्राध्यापक के 251, कलर्क के 662 तथा कंप्यूटर ऑपरेटर के 146 पद शामिल है। इसके अलावा एग्रीकल्चर इंस्पेक्टर के 102, जेई के 381, सहायक लाइनसमैन के 1586, ऑपरेटर-बिजली विभाग के 188, कैनाल पटवारी के 786 तथा लोअर डिवीजन कलर्क के 437 पद शामिल है। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि खुद कांग्रेस के नेता ही कह रहे है कि उनके समय में नौकरियों में बंदरबांट होती थी। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में योग्य व सक्षम युवाओं को दर-किनार किया गया। इनकी विफलताओं के कारण जब इन्हें विश्वास हो गया कि अब जनता इन्हें नकार देगी तो आखिरी समय में इन्होंने भाई-भतीजावाद का एक बड़ा उदाहरण पेश किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि काम रोको प्रस्ताव में हरियाणा लोक सेवा आयोग के द्वारा भूगोल विषय के सहायक प्रोफेसर भर्ती में 32 प्रश्न बिहार लोक सेवा आयोग से तथा इतिहास के पेपर में 24 प्रश्न दूसरे प्रदेश के पेपरों से आने का सवाल किया है। जबकि प्रश्न पत्र तैयार करने की एक प्रक्रिया है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती। यह प्रक्रिया पहले की सरकारों के समय से चलती आई है, वही अब भी जारी है। जहां तक इतिहास के पेपर के प्रश्नों का सवाल है न्यायालय ने इसके विरुद्ध लगी याचिका को खारिज कर दिया है और भूगोल के विषय में मामला कोर्ट में चल रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का ये सवाल है कि पी.जी.टी. कम्प्यूटर साईंस के 1 हजार 711 पदों की भर्ती के लिए परीक्षा ली गई थी और इसमें मात्र 39 अभ्यर्थी ही पास हो पाए।

उन्होंने कहा कि हर विषय की प्रकृति अलग-अलग होती है। हो सकता है कि इस परीक्षा में पेपर कठिन रहा हो। रिक्त पद 1 हजार 672 को भरने के लिए फिर से विज्ञापन जारी किया जा चुका है। हरियाणा का युवा सक्षम है। गेट, नीट आदि परीक्षाओं में सफलता के झण्डे गाढ़ चुके युवा इस बार अवश्य सफल होंगे।

 

उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों का यह कहना कि एचपीएससी द्वारा परीक्षाओं में कटऑफ की नीति वर्तमान सरकार ने लागू की है, जो सरासर गलत है। सब को मालूम है कि पूरे देश में सभी शिक्षा बोर्ड 10वीं, 12वीं में 33 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को पास नहीं करते। एचसीएस एग्जिक्यूटिव ब्रांच नियम 2008 में बने थे। तब से यह नियम है कि जो अभ्यर्थी 45 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करेंगे, उन्हें इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया जाएगा। यह नियम 2008 से आज तक ऐसा ही चल रहा है।

 

उन्होंने कहा कि हर परीक्षा पास करने के लिए एक कटऑफ होता है। 10वीं, 12वीं की परीक्षा हो अथवा अन्य डिग्री व प्रतियोगी परीक्षाएं हों। पी.जी.टी. कम्प्यूटर साईंस भर्ती परीक्षा का 5 फरवरी, 2026 को जारी परिणाम इस बात का प्रमाण है। इसमें 1,711 पदों के लिए मात्र 39 अभ्यर्थी ही पास हो पाए। रिक्त रहे 1 हजार 672 पदों को भरने के लिए फिर से 5 फरवरी, 2026 को जारी कर दिया गया था।

 

उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल, 2015 से आज तक लगभग 300 विज्ञापनों के माध्यम से कुल 15 हजार 483 पदों के परिणाम हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित किए गए। इनमें से लगभग 45 विज्ञापनों में ही ऐसा हुआ है कि चुने गए अभ्यर्थियों की संख्या विज्ञापित पदों से कम रही। फिर भी ऐसे कई प्रस्ताव विचाराधीन हैं जिनसे यह सुनिश्चित हो पाए कि भविष्य में ऐसी परिस्थिति आने पर कोई विशेष प्रावधान करके इस समस्या का हल निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य नौकरियों की भर्ती में बाहरी युवाओं के चयन का भ्रम फैलाकर हरियाणा के होनहार युवाओं का मनोबल तोड़ने का काम कर रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल, 2024 से 12 फरवरी, 2026 के बीच 4437 पदों की सिफारिशों में यदि लगभग 22 प्रतिशत अभ्यर्थी अन्य राज्यों से हैं, तो यह अन्य राज्यों को तवज्जो देने की बात नहीं है। बल्कि खुली प्रतियोगी परीक्षा की प्रकृति है। एच.पी.एस.सी. भर्ती के पद अखिल भारतीय पात्रता वाले होते हैं। इन पर संविधान के अनुच्छेद-16 के तहत समान अवसर का सिद्धांत लागू होता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत देश का कोई भी पात्र उम्मीदवार आवेदन करके परीक्षा दे सकता है। हर परीक्षा में लगभग 90 प्रतिशत हरियाणा के युवा ही लगे हुए हैं। 1 अप्रैल 2024 से आज तक कुल 4437 भर्तियों में लगभग 11 प्रतिशत उम्मीदवार बाहर के हैं। आरक्षित पदों पर केवल हरियाणा के उम्मीदवार ही लग सकता है।

 

मिनिमम प्रतिशत कटऑफ की सीमा नई नहींपहले से निर्धारित है:

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिनिमम प्रतिशत कटऑफ की सीमा नई नहीं है, बल्कि यह तो कांग्रेस के शासनकाल वर्श 1980 से ही चली आ रही है। इसी कड़ी में,एचपीएससी ने सिब्जेक्टिव पेपर में 35 प्रतिशत की कटऑफ का निर्णय 2021 में लिया। जून 2023 में एचपीएससी की पीजीटी की भर्ती के लिए आवेदन मांगने वाली एडवटाइजमेंट के खिलाफ इसी विषय पर अनेक रिट पिटिशन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की गई कि सिब्जेक्ट नाॅलेज टेस्ट में 35 प्रतिशत का कटऑफ नहीं होना चाहिए। 15 नवंबर, 2023 के अपने निर्णय द्वारा माननीय हाईकोर्ट ने इन सभी रिट पिटिशनों को खारिज किया और अपने आदेश में साफ लिखा कि अभ्यर्थियों को मिनिमम कटऑफ मार्क्स को कम करवाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि एचपीएससी को पूरा अधिकार है कि वे भर्ती के लिए कोई मापदंड अपना सकता है। हरियाणा लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी है। चयन प्रक्रिया पूरी कर लेने के बाद सभी अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिका की जांच करने का अवसर भी प्रदान किया जाता है।

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प्रदेश में पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर शुरू होंगे सीएम श्री स्कूल-शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने

 

चंडीगढ़, 25 फरवरी- हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के निजी विद्यालयों में, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ई.डब्लयू.एस.) / वंचित समूह (डी०जी०) के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने हेतु प्रवेश स्तर की कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं।  सरकार जल्द ही पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर सीएम श्री स्कूल शुरू करेगी, जो की सीबीएसई पैटर्न पर होंगे।

शिक्षा मंत्री आज विधानसभा में बजट सत्र के दौरान एक सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे।

मंत्री ने कहा कि पिछले शैक्षणिक सत्र में शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आर.टी.ई.) के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश हेतु कुल 14,127 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 11,803 सफल आवेदकों को निजी विद्यालय आवंटित किए गये।

 

शिक्षा मंत्री ने कहा कि  आर.टी.ई. के तहत दाखिले के लिए परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम होना अनिवार्य है। सभी स्कूलों से खाली सीटों का ब्यौरा पोर्टल पर मंगवाया जाता है और प्राप्त आवेदनों के आधार पर ही दाखिले दिए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि केवल निजी स्कूल ही विकल्प नहीं हैं, गरीब बच्चे सरकारी स्कूलों में भी पढ़ रहे हैं।

 

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 सदन में मुख्यमंत्री ने की अहम घोषणाएं

 

प्रदेश के नागरिकों को विश्व स्तरीयसुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाना सरकार का उद्देश्य: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा–ग्रेटर नोएडा नमो भारत आरआरटीएस सह मेट्रो कॉरिडोर के फाइनल अलाइनमेंट को दी स्वीकृति: मुख्यमंत्री

 

छछरौली को लेकर मुख्यमंत्री ने कहामालिकाना हक दिया जाएगा

 

चंडीगढ़,25 फरवरी-- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को अहम घोषणा की है। उन्होंने हरियाणा के शहरी परिवहन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी निर्णय का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार ने 24 फरवरी को आयोजित बैठक में गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा–ग्रेटर नोएडा नमो भारत आरआरटीएस सह मेट्रो कॉरिडोर के लिए फाइनल अलाइनमेंट को स्वीकृति दे दी है। इसकी डीपीआर को अंतिम रूप देने के लिए भारत सरकार की एजेंसी एनसीआरटीसी को निर्देश दिए गए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “नमो भारत” के विज़न के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को तेज़, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना है।

 

प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लगभग 64 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा, जिसमें से करीब 52 किलोमीटर हरियाणा में है। यह केवल एक नई रेल लाइन नहीं, बल्कि एनसीआर क्षेत्र के भीतर गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों को एकीकृत करने वाला एक परिवर्तनकारी कदम है। इससे लाखों यात्रियों को तेज़ और निर्बाध यात्रा का विकल्प मिलेगा। साथ ही सड़क जाम से होने वाली परेशानी का हल होगा और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

 

मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत करवाया कि गुरुग्राम क्षेत्र में इफको चौक से ग्वाल पहाड़ी तक लगभग 14.5 किलोमीटर का इंटीग्रेटेड आरआरटीएस और मेट्रो सेक्शन तय किया गया है। इसमें सेक्टर-29, मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-52, वजीराबाद, सेक्टर-57 तथा सेक्टर-58/61 जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल होंगे। यह दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन, गुरुग्राम मेट्रो कॉरिडोर और रैपिड मेट्रो से जुड़कर यात्रियों को मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य केवल यात्रा समय कम करना नहीं, बल्कि पूरे शहर के ट्रांजिट नेटवर्क को एकीकृत करना है।

 

इसी प्रकार फरीदाबाद क्षेत्र में सैनिक कॉलोनी से बादशाहपुर तक लगभग 16 किलोमीटर का इंटीग्रेटेड सेक्शन स्वीकृत किया गया है, जिसमें एनआईटी क्षेत्र, बाटा चौक, सेक्टर-12 से 15 तथा नए फरीदाबाद के प्रमुख हिस्से शामिल होंगे। यह दिल्ली मेट्रो की वॉयलेट लाइन से जुड़कर क्षेत्रीय संपर्क को और मजबूत करेगा तथा औद्योगिक और आवासीय विकास को नई गति देगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने इस परियोजना में केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि नागरिकों की सुविधा और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी है। शहरों के भीतर बनने वाले वायाडक्ट पर नॉइज़-बैरियर लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि आधुनिक परिवहन के साथ जीवन की गुणवत्ता प्रभावित न हो और लोगों को ध्वनि प्रदूषण से राहत मिल सके।

 

उन्होंने कहा कि यह परियोजना हरियाणा के लिए निवेश, रोजगार और संतुलित शहरी विकास के नए अवसर लेकर आएगी। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव को देखते हुए यह कॉरिडोर भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से हम इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस सदन को आश्वस्त करते हैं कि डीपीआर को शीघ्र अंतिम रूप देकर कार्य को गति दी जाएगी, ताकि हरियाणा के नागरिकों को विश्वस्तरीय, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके। यह केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि हरियाणा के भविष्य को जोड़ने वाला एक सशक्त कदम है।

 

छछरौली के बाशिंदों को मिलेगा मालिकाना हक: सीएम

 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एक और घोषणा करते हुए कहा कि छछरौली के तीन खसरा नंबर 125, 152, 134 की जमीन का मालिकाना हक 1887 से लेकर अब तक सरकार का रहा है, लेकिन यह जमीन शुरू से गैर मुमकिन आबादी के तौर पर दर्ज रही है। इस ज़मीन के ऊपर उस समय से लोगों ने मकान बनाए हुए हैं। सन् 2020 तक इन जमीनों की रजिस्ट्री भी होती रही है। उन्होंने कहा कि मालिकाना हक को लेकर वहां के निवासी पूर्व मंत्री श्री कंवर पाल के पास भी गए। लोगों के पुराने समय से वहां बसे होने की वजह से सरकार ने निर्णय लिया है कि ऐसे परिवारों को मौके पर कब्ज़ा अनुसार रिकॉर्ड एवं सर्वे द्वारा पुष्टि करके मालिकाना हक दिया जाएगा।

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नशे के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति: मुख्यमंत्री

 

युवा हमारी संपत्तिउन्हें नशे से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

संतोंखापों और समाज की भागीदारी से नशे के खिलाफ चलाया जा रहा है व्यापक अभियान

 

चंडीगढ़, 25 फरवरी-- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार नशे की समस्या को लेकर पूरी गंभीरता और जीरो टॉलरेंस नीति के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को हमारे युवाओं को नशे में धकेलने का अधिकार नहीं है और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जा रही है।

 

मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान सदन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि नशे पर रोकथाम के लिए अंतरराज्यीय सामंजस्य बनाकर सरकार काम कर रही है। इसके लिए एक ज्वाइंट सेक्ट्रीएट स्थापित किया गया है, जिसमें पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली शामिल हैं। समय-समय पर संबंधित राज्यों के अधिकारियों की बैठकें आयोजित की जाती हैं। राज्य पुलिस नशे के नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई कर रही है और इसकी नियमित समीक्षा भी की जा रही है।

 

उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नशे की रोकथाम में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया मानस पोर्टल नागरिकों को नशे से संबंधित गोपनीय रूप से सूचना देने की सुविधा प्रदान करता है। इस पोर्टल पर दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है तथा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस सख्त कार्रवाई करती है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा प्रदेश और देश की अमूल्य संपत्ति हैं। यदि युवा नशे की चपेट में आ जाता है तो समाज का भविष्य प्रभावित होता है। नशे की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साइक्लोथॉन, जिला स्तर पर जागरूकता कैंप और बड़े पैमाने पर मैराथन आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिलों में समय-समय पर आयोजित होने वाली मैराथन में 25 से 30 हजार युवा भाग लेते हैं। गत दिनों डबवाली में आयोजित बड़ी मैराथन में भी हजारों की संख्या में युवाओं ने भाग लिया था।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को सामाजिक जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए संत-महात्माओं को भी जोड़ा गया है, ताकि वे अपने प्रवचनों के माध्यम से समाज को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। खाप पंचायतों को भी इस मुहिम में शामिल किया गया है तथा साइक्लोथॉन के दौरान उनका सहयोग लिया गया।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। दोषियों के मकान कुर्क किए गए हैं, अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों की प्रोपर्टी के डिमोलिशन की कार्रवाई की गई है, नशा फैलाने में संलिप्त व्यक्तियों और संस्थानों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है। जहां भी सूचना मिलती है, वहां तुरंत कार्रवाई की जाती है ताकि युवाओं को सुरक्षित रखा जा सके।

 

मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों और जनप्रतिनिधियों से राजनीति से ऊपर उठकर इस अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी पुलिस को सूचना देने या सहयोग की आवश्यकता हो तो आगे आकर मदद करें, ताकि नशा कारोबारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत का विजन तभी साकार होगा, जब देश का युवा सशक्त और नशामुक्त होगा। इसमें युवाओं की बड़ी भूमिका है और हरियाणा सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य की रक्षा के लिए पूर्णतया प्रतिबद्ध है।

 

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सरकार कभी भी चर्चा करने से पीछे नहीं हटी: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

बोलेविपक्ष लगातार झूठ बोलकर प्रदेश की जनता को कर रहा गुमराह

 

चंडीगढ़, 25 फरवरी-- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन विपक्ष लगातार झूठ बोलकर प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहा है।

 

बुधवार को सदन में विपक्ष के नेता श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा उनके पार्टी के कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट करने की बात पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी पुलिस ने ना किसी को कुछ कहा है और ना कहीं गए हैं। हाउस अरेस्ट की कोई जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्य जो सदन में फोटो दिखा रहे हैं उसमें तो ऐसा कुछ भी नहीं लग रहा है।

 

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष में सुनने का मायदा नहीं रहा। विपक्षी हर रोज एक नया झूठ लेकर आते हैं। कभी कहते हैं ईवीएम हैक कर ली, कभी कहते हैं वोट चोरी हो गए हैं। अब हाउस अरेस्ट का नया शिगूफा लाये हैं। विपक्ष का काम सिर्फ झूठ बोलने का रह गया, लेकिन आज प्रदेश की जनता इनको देख रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके नेता की तरफ से एक घर से 600 वोट बनने की बात भी कही गई थी, लेकिन जब मीडिया ने इस बात की जांच पड़ताल की तो पता चला कि ऐसा कुछ नहीं हुआ। विपक्ष का काम सिर्फ झूठ का नया  शिगूफा  पैदा करना है। इनके पास प्रदेश के विकास का कोई मुद्दा नहीं है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने गत दिवस भी सदन में स्पष्ट किया था कि लोकतंत्र में विपक्ष का भी अधिकार होता है कि वह सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा है तो उसे सही ढंग से उठाए। उन्होंने कहा कि कल के प्रदर्शन पर  हाईकोर्ट ने सड़क जाम पर संज्ञान लिया था। चंडीगढ़ प्रशासन ने सेक्टर-25 में एक जगह निर्धारित की है वहां जाकर विपक्ष के लोग प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के खिलाफ अगर झूठ बोलना चाहता है तो वहां जाकर बोले, उनको किसी ने मना नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कभी भी चर्चा करने से पीछे नहीं हटी है।

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर की उच्च स्तरीय बैठक

 

बोर्ड परीक्षाएं पूर्णतः निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाई जाएं: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

चंडीगढ़,25 फरवरी--हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की प्रस्तावित परीक्षाओं के सुचारु एवं निष्पक्ष संचालन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में प्रदेश के सभी जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक तथा हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार व अन्य अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े थे।

 

बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिला उपायुक्त व पुलिस अधीक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेशभर में परीक्षाएं शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकल रहित ढंग से संपन्न कराई जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए तथा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।

 

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए स्थानीय सरपंचों एवं ग्राम सभा के सदस्यों का सहयोग लिया जाए, ताकि सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से परीक्षाएं पूर्णतः निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण दायित्व को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निभाएं।

 

बैठक में प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, उप प्रधान सचिव श्री यशपाल, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सहित अधिकारीगण मौजूद रहे।

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1 अप्रैल 2027 से चरखी दादरी में सशस्त्र बल तैयारी संस्थान की कक्षाएं होंगी शुरू

 

किसान मॉडल स्कूल भवन में संचालित होगा संस्थानदिसंबर 2026 में प्रवेश परीक्षा प्रस्तावित

 

चंडीगढ़, 25 फरवरी — हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह ने घोषणा की है कि चरखी दादरी में स्थापित किए जा रहे सशस्त्र बल तैयारी संस्थान में 1 अप्रैल, 2027 से विधिवत कक्षाएं आरंभ कर दी जाएंगी।

 

सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक श्री सुनील सांगवान द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि इस संस्थान की स्थापना की घोषणा गत वर्ष मुख्यमंत्री द्वारा अपने बजट अभिभाषण में की गई थी।

 

उन्होंने बताया कि यह संस्थान प्रारंभिक चरण में किसान मॉडल स्कूल के भवन में संचालित किया जाएगा। वर्ष 2026 के दौरान शिक्षा विभाग से भवन के हस्तांतरण की औपचारिक प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी, ताकि निर्धारित समयसीमा के अनुसार संस्थान की गतिविधियां प्रारंभ की जा सकें।

 

राव नरबीर सिंह ने आगे जानकारी दी कि संस्थान में प्रवेश के लिए चयन प्रक्रिया के तहत प्रवेश परीक्षा दिसंबर 2026 में आयोजित करने की योजना है। इस संस्थान के माध्यम से युवाओं को सशस्त्र बलों एवं अर्धसैनिक बलों में भर्ती हेतु गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

 

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और राज्य की सैन्य परंपरा को और मजबूती मिलेगी।

 

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म्हारी सड़क ऐप से सड़क सुधार को मिली नई रफ्तार: रणबीर गंगवा

 

मुख्यमंत्री के संकल्प को साकार करने की दिशा में ठोस कदम, 5 हजार किलोमीटर सड़कें वर्क प्रोग्राम में शामिल

 

चंडीगढ़, 25 फरवरी — हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश की सड़कें आमजन के लिए सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक हों। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए 4 अक्टूबर, 2025 को ‘म्हारी सड़क’ ऐप लॉन्च की गई, जिसके माध्यम से सड़क संबंधी शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और तेजी लाई गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में 5 हजार किलोमीटर सड़कों को वर्क प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा, जिससे सड़क ढांचे को और सुदृढ़ किया जा सके।

 

श्री रणबीर गंगवा हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक श्रीमती पूजा द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि लोक निर्माण विभाग ने सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के अंतर्गत छोटे गड्ढों की मरम्मत को गजट में अधिसूचित कर निर्धारित समय-सीमा तय की है।

 

उन्होंने बताया कि छोटे गड्ढों की मरम्मत के लिए कनिष्ठ अभियंता (JE) को 10 दिन का समय निर्धारित किया गया है। यदि इस अवधि में समाधान नहीं होता है तो मामला स्वतः उपमंडल अधिकारी (SDO) और कार्यकारी अभियंता (XEN) के स्तर पर अग्रसारित हो जाता है। 12 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान कर उसे ऐप पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

 

मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक ऐप पर 37,368 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 19,523 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जबकि 2,285 शिकायतों को अस्वीकृत किया गया है। अस्वीकृत शिकायतों में अधिकांश गांव की गलियों से संबंधित थीं, जो विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं।

 

उन्होंने यह भी बताया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले 19 अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही कोई शिकायत ऐप पर दर्ज होती है, वह संबंधित विभाग के पास स्वतः पहुंच जाती है—चाहे सड़क लोक निर्माण विभाग (PWD), शहरी स्थानीय निकाय (ULB), एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी, मार्केटिंग बोर्ड, जिला परिषद या किसी अन्य विभाग के अधीन हो।

 

श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकार सड़क अवसंरचना को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा ‘म्हारी सड़क’ ऐप इस दिशा में एक प्रभावी और पारदर्शी पहल साबित हो रही है।

 

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चंडीगढ़, 25 फरवरी- हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि नीलोखेड़ी के समाना बाहू और आस-पास के गांवों में मॉनसून में जमा हुए बाढ़ के पानी को उठाकर सिरसा ब्रांच में डालने के लिए सिरसा ब्रांच के बुर्जी  संख्या 39900/दायां पर 25 क्यूसेक की निकासी क्षमता वाले एक पंप हाउस को स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1.8 करोड़ रुपये होगी और इसे 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी आज बजट सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रही थी।

 

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चंडीगढ़ , 25 फरवरी - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में नशा रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु कई कदम उठाए हैं। नशे की लत में पड़े युवाओं के उपचार, रोकथाम, जनजागरूकता तथा प्रवर्तन को सम्मिलित करते हुए बहुआयामी रणनीति अपनाई जा रही है।

 

स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा सिरसा जिला में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने तथा नियंत्रित करने संबंधी सवाल का जवाब दे रही थी।

 

उन्होंने सिरसा जिला के बारे में बताया कि वर्ष 2025 में सिरसा में औषधि नियंत्रण प्रशासन द्वारा 174 छापेमारी की गई, जिनमें 16 केमिस्ट दुकानों को सील किया गया, 6 लाइसेंस निलंबित तथा 12 लाइसेंस निरस्त किए गए। इस जिला में कुल  1,708 में से 1,650 केमिस्ट दुकानों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं।

 

आरती सिंह राव ने बताया कि हरियाणा ड्रग एब्यूज मॉनिटरिंग सिस्टम ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आधार संलग्न आईडी का उपयोग कर नशा की गिरफ्त में आए मरीजों का पंजीकरण एवं ट्रैकिंग की जाती है, जिससे दोहराव एवं दुरुपयोग रोका जा सके। सभी सरकारी एवं निजी नशा मुक्ति केंद्रों में समान एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने हेतु मानक नशा मुक्ति उपचार दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

 

उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2025 में एक सांस्कृतिक पहल शुरू की गई, जिसके अंतर्गत छोटे अपराधों में संलिप्त व्यक्ति नमक के लोटे की रस्म के माध्यम से नशा त्यागते हैं। इस अभियान में 5,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए हैं।

 

इसी प्रकार , एक सोशल मीडिया अभियान प्रारंभ किया गया, जिसमें प्रतिभागी नशा छोड़ने के प्रतीक के रूप में गंदा पानी फेंकते हैं, शपथ लेते हैं तथा अन्य लोगों को नामांकित करते हैं। इस अभियान को 39 लाख से अधिक व्यू तथा 2 लाख प्रतिभागियों की सहभागिता प्राप्त हुई।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में सेवा विभाग, सिरसा द्वारा शपथ एवं जन जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई, जिनमें 1,200 अधिकारी, 25,000 महिलाएँ एवं 62,000 युवा सम्मिलित हुए तथा एनएमबीए पोर्टल पर 10,145 शपथ दर्ज की गईं।

 

उन्होंने बताया कि नागरिक अस्पताल, सिरसा प्रतिवर्ष लगभग 3,000 भर्ती (इनडोर) रोगियों का उपचार करने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में 10,751 ओपीडी तथा 730 आईपीडी एवं वर्ष 2024 में 12,552 ओपीडी तथा 771 आईपीडी रोगियों का उपचार किया गया।

 

आरती सिंह राव ने बताया कि सिरसा जिला में नशा को रोकने एवं पीड़ितों के उपचार के लिए मानव संसाधन का सुदृढ़ीकरण किया गया है। इस जिला में मानसिक स्वास्थ्य टीम भी कार्यरत है, जिसमें मनोचिकित्सक, क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक, मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता, सामुदायिक नर्स तथा मनोरोग नर्स शामिल हैं। यह टीम जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करती है तथा नशा विकार से प्रभावित मरीजों को समग्र उपचार एवं फॉलोअप सेवाएँ प्रदान करती है।

 

उन्होंने बताया कि सिरसा जिले में 3 मनोचिकित्सक तैनात हैं। कुल 6 एमबीबीएस चिकित्सा अधिकारियों ने पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ और एनआईएमएएनएस बैंगलोर से मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति सेवाओं में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया हुआ है, जिससे मादक पदार्थों के सेवन और मानसिक स्वास्थ्य विकारों के प्रबंधन के लिए जिले की नैदानिक और पर्यवेक्षी क्षमता सुदृढ़ हुई है।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने यह स्वीकार किया कि सिरसा जिला निश्चित रूप से मादक द्रव्यों के सेवन से प्रभावित है, लेकिन हरियाणा का खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग टैपॅटाडोल और प्रीगाबालिन सहित अन्य अवैध नशीली दवाओं की बिक्री की लगातार निगरानी और विनियमन कर रहा है।

 

उन्होंने आगे  बताया कि जिला नागरिक अस्पताल, सिरसा स्थित नशामुक्ति केंद्र में 50 बेड स्वीकृत हैं। रोगियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त स्टाफ एवं दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित है। इसी प्रकार ,बाबा सरसाई नाथ राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में 100 बेड वाला नशा मुक्ति केंद्र निर्माणाधीन है। उन्होंने बताया कि विचाराधीन नई प्रस्तावित योजनाओं में एसडीएच रानियां में 10 बेड का नशा मुक्ति केंद्र, नागरिक अस्पताल, ऐलनाबाद में प्रस्तावित 20 बेड का केंद्र, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 50 बेड का पुनर्वास केंद्र तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच हेतु एक मोबाइल चिकित्सा इकाई शामिल है।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि नशा दुरुपयोग से प्रभावित व्यक्तियों के उपचार, पुनर्वास तथा समाज की मुख्यधारा में पुनः सम्मिलित करने हेतु कई योजनाएं चलाई  जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय नशा मांग में कमी हेतु कार्ययोजना (एन.ए.पी.डी.डी.आर.) के अंतर्गत सिरसा में ए.टी.एफ- ओपीडी आधार पर चिकित्सीय प्रबंधन, डिटॉक्सिफिकेशन तथा नशा विकार से प्रभावित व्यक्तियों के उपचार हेतु एक व्यसन उपचार सुविधा, नशा उपचार एवं पुनर्वास हेतु 15 बेड वाला एक एकीकृत पुनर्वास एवं परामर्श केंद्र (आईआरसीए), एक आउटरीच एवं ड्रॉप-इन केंद्र (आउटरीच और ड्रॉप इन सेंटर), जो सामुदायिक स्तर पर स्क्रीनिंग, परामर्श, प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता, हानि न्यूनीकरण सेवाएँ तथा प्रभावित व्यक्तियों को नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में रेफरल सुविधा प्रदान करता है , की स्वीकृति दी गई है।

 

उन्होंने आगे बताया कि एक सामुदायिक आधारित सहकर्मी नेतृत्व हस्तक्षेप कार्यक्रम, सी.पी.एल.आई, (किशोरों में प्रारंभिक नशा रोकथाम हेतु सामुदायिक आधारित हस्तक्षेप), जिसका उद्देश्य किशोरों में प्रारंभिक नशा रोकथाम हेतु सहकर्मी शिक्षा, जीवन कौशल प्रशिक्षण, परामर्श, रेफरल एवं जन जागरुकता गतिविधियां संचालित करना स्वीकृत किया गया है।

 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम इलाज, प्रशिक्षण और जागरूकता देता है, और राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम 10 से 19 साल के किशोरों में नशे की रोकथाम और नियंत्रण पर काम करता है। प्रदेश सरकार के राज्य कार्यक्रम की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सिरसा में 3 सरकारी केंद्र (75 बेड) और 18 निजी केंद्र (165 बेड) संचालित हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा टेली-मानस कार्यक्रम भी चलाया हुआ है। इसमें 14416 हेल्पलाइन सिरसा सहित पूरे राज्य में गोपनीय परामर्श, रेफरल तथा निःशुल्क सरकारी उपचार तक पहुँच की सुविधा प्रदान करती है। अब तक कुल 12,585 कॉल प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 1,485 कॉल सिरसा जिले से प्राप्त हुई।

 

उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर पर एकीकरण सुनिश्चित करने हेतु 90 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को एमएनएस (न्यूरोलॉजिकल एवं नशा विकार प्रबंधन) पैकेज के अंतर्गत प्रशिक्षण देकर सेवाएँ सुदृढ़ की गई हैं।

 

आरती सिंह राव ने बताया कि इसके अतिरिक्त उपमंडलीय नागरिक अस्पताल, डबवाली में 10 बेड का तथा कालांवाली में 15 बेड का नशामुक्ति केंद्र संचालित है।नशा विकार से प्रभावित व्यक्तियों को बाह्य रोगी (ओपीडी) सेवाएं प्रदान करने हेतु 30 मार्च 2024 को एम्स, नई दिल्ली के अंतर्गत नागरिक अस्पताल, सिरसा में एक व्यसन उपचार सुविधा स्वीकृत की गई।

 

उन्होंने बताया कि नागरिक अस्पताल, सिरसा में 20 जुलाई 2023 से तंबाकू निषेध केंद्र संचालित है। इसी प्रकार , 3 ओपीडी-आधारित ओपिओइड प्रतिस्थापन उपचार केंद्र कार्यरत हैं , इनमें नागरिक अस्पताल, सिरसा में 1 मार्च 2014 से तथा एसडीएच डबवाली एवं एसडीएच रानियां में 15 दिसंबर 2022 से संचालित है।

 

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राज्य में "मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पुरस्कार योजना" शुरू की हुई है जिसमें नशा से मुक्त होने वाले गांव को प्रथम , द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आने पर क्रमशः 51 लाख , 31 लाख तथा 21 लाख रुपए की ईनामी राशि देकर पुरस्कृत किया जाता है। इस राशि में गांव के विकास कार्य करवाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि नशा की बीमारी को रोकने के लिए सरकार के साथ -साथ विपक्ष के सदस्यों को भी सहयोग करना चाहिए ताकि राज्य से नशा को जड़मूल से समाप्त किया जा सके।

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प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को सुविधा देने के लिए है कटिबद्ध -खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम

 

 

चंडीगढ़,25 फरवरी -हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को सुविधा देने के लिए कटिबद्ध है।

 

खेल मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे।

 

 उन्होंने बताया कि खेल विभाग द्वारा मार्च 2008 में जिला खेल परिषद, सिरसा को गांव मसीता में एक खेल स्टेडियम के निर्माण हेतु 12.67 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई थी जिसका निर्माण वर्ष 2009 में ग्राम पंचायत द्वारा कर दिया गया था।

 

उन्होंने आगे बताया कि ग्राम पंचायत के अनुरोध पर खेल विभाग द्वारा फरवरी 2010 में 20.65 लाख रुपये तथा मई 2017 में अतिरिक्त 18.96 लाख रुपये की राशि जिला खेल परिषद, सिरसा को गांव मसीता में एक बहुउद्देशीय हॉल के निर्माण हेतु स्वीकृत की गई थी। इस हॉल के निर्माण से संबंधित जांच चल रही है , जिसके कारण निर्माण कार्य लंबित है।

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चंडीगढ़, 25 फरवरी- हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल ने सदन में बताया कि छछरौली को नगरपालिका के रुप में गठित करने के संबंध में यमुनानगर के उपायुक्त से प्रस्तावित नगर पालिका के क्षेत्रफल व जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने भी इस विषय पर सहमति प्रदान की है। नियमानुसार नई जनगणना के उपरांत आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर की कार्रवाई की जाएगी।

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बल्लभगढ़ के गरीब परिवारों को अलॉट मकानों का जल्द ही मिलेगा मालिकाना हक - विपुल गोयल

 

चंडीगढ़ 25 फरवरी - हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि बल्लभगढ़ की जनता कॉलोनी  में गरीब परिवारों को लगभग 40 साल पहले 1624 मकान अलॉट किये गये थे। इन मकानों का मालिकाना हक का कार्य जल्द ही कैंप लगाकर पूरा किया जाएगा।

 

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल आज बजट सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे।

 

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के भी संज्ञान में आया है जिसका जल्द ही निपटान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन गरीब परिवारों को मकान अलॉट किये गये जिसका किस्तों में भुगतान करना था।  कुछ लोगों ने समय पर भुगतान कर दिया और कुछ लोग अपनी राशि का समय पर भुगतान नहीं कर पाए। जिन परिवारों की किस्त पूरी हो गई है उनको जल्द ही मालिकाना हक दिया जाएगा। जिन परिवारों की किस्तों का समय पर भुगतान नहीं हुआ उनको आवश्यकता अनुसार ब्याज माफी का भी लाभ दिया जाएगा।

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आदमपुर और नलवा क्षेत्र में जलभराव से राहत के लिए करोड़ों की परियोजनाएं मंजूर

 

चंडीगढ़, 25 फरवरी- हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने सदन में बताया कि आदमपुर विधानसभा क्षेत्र के सारंगपुर और महलसरा गांव के खेतों से बाढ़ के पानी की निकासी के लिए 1650.00 लाख रुपये की दो योजनाएं व नलवा विधानसभा क्षेत्र के आर्य नगर, टोकस और पत्तन गांव के खेतों से बाढ़ के पानी की निकासी के लिए 421.00 लाख रुपये की एक परियोजना को हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 57वीं बैठक में मंजूरी दी गई है।

 

हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी आज बजट सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रही थी।

 

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के शेष प्रभावित गांवों में ई.पी./डी.पी. पंप लगाकर अस्थायी रूप से जल निकासी की व्यवस्था की गई थी। आगामी मानसून सीजन के दौरान स्थिति की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर समस्या के स्थायी समाधान के लिए HSDR-FCB की अगली बैठक में अतिरिक्त बाढ़ नियंत्रण योजनाओं का प्रस्ताव रखा जाएगा।

 

साथ ही उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने हाल ही में घोषणा की थी कि हिसार घग्गर ड्रेन की क्षमता बढ़ाई जाएगी जिससे हिसार, सिरसा, फतेहाबाद में जलभराव की समस्या का भी स्थाई समाधान होगा।

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चंडीगढ़, 25 फरवरी- हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल ने बताया कि गुरुग्राम–फरीदाबाद सीमा पर स्थित बंधवाड़ी लैंडफिल के प्रबंधन, बायो-माइनिंग एवं कचरा निस्तारण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। फरीदाबाद–गुरुग्राम क्लस्टर के लिए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना की अनुमानित लागत 330 करोड़ रुपये थी, जिसके लिए 14 अगस्त 2017 गुरुग्राम व नगर निगम फरीदाबाद ने M/s Ecogreen Energy Pvt. Ltd. को 22 वर्ष की अवधि के लिए अनुबंध किया था।

 

श्री विपुल गोयल आज हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल के समय विधायक कुलदीप वत्स द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सदन में बोल रहे थे।

 

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से 2024 तक M/s Eco Green Energy Pvt. Ltd. कम्पनी को 157.07 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इसके साथ—साथ कम्पनी पर 11.46 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

 

मंत्री ने बताया कि परियोजना के तकनीकी परीक्षण के लिए IIT रुड़की और IIT गुवाहाटी जैसी स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा मूल्यांकन किया जाता है  जबकि वित्तीय लेखा परीक्षण हरियाणा सरकार के स्थानीय लेखा विभाग द्वारा किया जाता है।

 

उन्होंने बताया कि नगर निगम गुरुग्राम द्वारा बंधवाड़ी साइट पर अब तक 36.28 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का निस्तारण किया जा चुका है, जिस पर कुल 311.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वर्तमान में साइट पर लगभग 16.60 लाख मीट्रिक टन कचरा शेष है। इसके निस्तारण के लिए मार्च 2027 तक का लक्ष्य रखा गया है ताकि क्षेत्र में स्वच्छता एवं पर्यावरणीय सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

 

मंत्री ने स्पष्ट किया कि लैंडफिल साइट के कारण आसपास के गांवों में गंभीर बीमारियों के संबंध में कोई भी प्रमाण नहीं मिले हैं।

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हरियाणा को फाटक रहित रेलवे क्रॉसिंग राज्य बनाने की दिशा में तेजी

 

जरूरत वाले स्थानों पर आरओबी/आरयूबी निर्माण के लिए रेलवे मंत्रालय से समन्वय जारी

 

चंडीगढ़, 25 फरवरी— हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के संकल्प के अनुरूप राज्य में यातायात ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन-जिन स्थानों पर रेलवे फाटकों के स्थान पर आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) या आरयूबी (रेलवे अंडर ब्रिज) की आवश्यकता है, वहां निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। इस दिशा में रेलवे मंत्रालय के साथ अधिकारियों की नियमित बैठकें हो रही हैं, ताकि हरियाणा को फाटक रहित रेलवे क्रॉसिंग वाला राज्य बनाया जा सके।

 

श्री रणबीर गंगवा आज हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक श्री राजेश जून द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि बहादुरगढ़ क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग नंबर 21-सी (छोटू राम नगर), 22-सी (परनाला) तथा 24-सी (बराही) पर आरओबी/आरयूबी निर्माण का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है।

 

उन्होंने बताया कि इन तीनों रेलवे फाटकों पर लगभग 30 से 33 फीट राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) उपलब्ध है। साथ ही, दोनों ओर घनी आबादी होने के कारण सामान्य आरयूबी का निर्माण तकनीकी दृष्टि से संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में रेलवे की भूमि पर यू-आकार का आरयूबी बनाना ही व्यावहारिक विकल्प है। इसके लिए रेलवे मंत्रालय से आवश्यक अनुमति और समन्वय की प्रक्रिया जारी है।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य न केवल यातायात को सुगम बनाना है, बल्कि रेलवे फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं को भी समाप्त करना है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होते ही इन परियोजनाओं को गति प्रदान की जाएगी।

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फरीदाबाद में ट्रैफिक जाम से राहत के लिए बड़ा कदमबल्लभगढ़ से पाली तक बनेगा एलिवेटेड फ्लाईओवर

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर 500 करोड़ रुपये की परियोजना पर संभावनाएं तलाशी जा रही

 

चंडीगढ़, 25 फरवरी— हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि फरीदाबाद में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए राज्य सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार बल्लभगढ़ से पाली तक एलिवेटेड फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण पीपीपी मोड पर किए जाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

 

श्री रणबीर गंगवा आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक श्री सतीश कुमार फागना द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सदन को संबोधित कर रहे थे।

 

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 8.2 किलोमीटर होगी। इस परियोजना के तहत दो लेन का ऐलिवेटिड फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिसके साथ दोनों ओर 7-7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड का भी प्रावधान रहेगा। यह कॉरिडोर बल्लभगढ़—पाली—धौज—सोहना रोड पर आरडी संख्या 9.085 तक विकसित किया जाएगा।

 

मंत्री ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 500 करोड़ रुपये आंकी गई है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने के लिए सलाहकार की नियुक्ति हेतु शीघ्र ही निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। डीपीआर तैयार करने के लिए 105.37 लाख रुपये का अनुमान तैयार कर प्रशासनिक स्वीकृति हेतु भेजा जा चुका है।

 

उन्होंने आगे जानकारी दी कि हरचंदपुर डिस्ट्रीब्यूटरी तक सर्विस रोड के निर्माण का भी प्रस्ताव है, जिसकी फिजिबिलिटी की जांच की जा रही है।

 

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के साकार होने से फरीदाबाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी, आवागमन सुगम बनेगा तथा क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।

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चंडीगढ़, 25 फरवरी – हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्न के उत्तर में परिवहन मंत्री अनिल विज की ओर से सदन को जानकारी दी कि पेहवा, हरियाणा परिवहन कुरुक्षेत्र का एक सब-डिपो है।

 

उन्होंने बताया कि पेहवा बस स्टैंड की स्थापना वर्ष 1983 में 2 एकड़ 7 कनाल 2 मरला भूमि पर की गई थी, जहां 6 बेज वाला बस स्टैंड बनाया गया था। यह बस स्टैंड कुरुक्षेत्र के मुख्य बस स्टैंड से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और क्षेत्र के यात्रियों को परिवहन सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।

 

मंत्री ने आगे जानकारी दी कि कुछ समय पूर्व हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा बस अड्डे की मरम्मत और नवीनीकरण कार्य करवाया गया, जिस पर 1 करोड़ 64 लाख 32 हजार रुपये की राशि खर्च की गई है। इस नवीनीकरण से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं तथा बस स्टैंड की आधारभूत संरचना सुदृढ़ हुई है।

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है, ताकि आमजन को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके

 

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बूचड़खाने लाइसेंस प्राप्त उद्योग के रूप में संचालितनियमों के अनुरूप ही मिलती है अनुमति: राव नरबीर सिंह

 

चंडीगढ़, 25 फरवरी – हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा है कि वर्तमान में बूचड़खाने एक उद्योग के रूप में संचालित हो रहे हैं और निर्धारित नियमों व मानकों के अनुरूप कोई भी व्यक्ति इसके संचालन हेतु लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंस प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी है तथा संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा निर्धारित मानकों की जांच के बाद ही अनुमति प्रदान की जाती है।

 

वन एवं पर्यावरण मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक चौ. मामन खान द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि बूचड़खानों के संचालन की निगरानी के लिए गठित टीम में पर्यावरण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक तथा कृषि विभाग के अधिकारी शामिल होते हैं, जो समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं।

 

उन्होंने जानकारी दी कि नूंह जिले के स्थित बूचड़खाने के आसपास मिश्रित पानी के नमूने लेने के लिए 18 फरवरी, 2026 को संयुक्त निरीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर खड़ी फसलों में कहीं भी पशु रक्त मिश्रित जलभराव नहीं पाया गया।

 

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बूचड़खाना इकाइयों पर ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ का प्रावधान लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरी तरह सजग है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

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