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हरियाणा

Haryana Latest News 2026

April 19, 2026 05:45 AM

मुख्यमंत्री ने राज्य में निर्माणाधीन बड़ी विकास परियोजनाओं की समीक्षा की, विभागों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए

स्वास्थ्य अवसंरचना सर्वोच्च मानकों की होनी चाहिए, गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री

हरियाणा में विश्व स्तरीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र विकसित किए जाएंगे: मुख्यमंत्री

 

चंडीगढ़, 18 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज हरियाणा सिविल सचिवालय में एक उच्च स्तरीय ‘प्रगति’ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें राज्य भर में चल रही 75 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने प्रत्येक परियोजना का कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश देते हुए सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शहरी विकास, स्वास्थ्य अवसंरचना, पर्यटन, पुरातत्व और आपातकालीन सेवाओं से संबंधित प्रमुख परियोजनाओं की स्थिति का जायजा लिया।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि फरीदाबाद में 217 करोड़ रुपये की मास्टर जल आपूर्ति संवर्धन योजना, जिसमें यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र में 12 रैनी वेल स्थापित किए जा रहे हैं, 67 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी है। दो रैनी वेल पहले ही पूरे हो चुके हैं और शेष स्थलों पर चरणबद्ध तरीके से कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संशोधित समय सीमा का सख्ती से पालन करने और परियोजना के सभी घटकों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल गुणवत्ता के मानकों पर विस्तृत जानकारी भी मांगी और कहा कि यह परियोजना सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगी जिससे आमजन को काफी लाभ मिलेगा।

सड़क अवसंरचना के संबंध में मुख्यमंत्री ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए कि वह रेवाड़ी में बाईपास रोड से राष्ट्रीय राजमार्ग-8 तक 120 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण कार्य (जो वर्तमान में 65 प्रतिशत पूर्ण है) को तेजी से पूरा करवाएं। अधिकारियों ने बताया कि पंचकूला में प्रस्तावित विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही टेंडर आवंटन को अंतिम रूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसका कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने भिवानी में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भी समीक्षा की। इस बारे में अधिकारियों ने उन्हें बताया कि टेंडर स्वीकृति के बाद जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। इस परियोजना की आधारशिला पहले ही रखी जा चुकी है।

स्वास्थ्य अवसंरचना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य भर में विभिन्न स्वास्थ्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इनमें फतेहाबाद में 200-बेड अस्पताल, टोहाना में 100-बेड अस्पताल, गुरुग्राम के सिविल अस्पताल को 100 से 200 बेड तक उन्नत करना तथा अंबाला कैंट में क्रिटिकल केयर ब्लॉक की स्थापना शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं के निर्माण कार्यों में इनकी निर्माण गुणवत्ता और चिकित्सा अवसंरचना के मानकों से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रमुख विरासत परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि राखीगढ़ी साइट संग्रहालय लगभग पूरा होने के करीब है, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा हो चुका है और यह शीघ्र ही उद्घाटन के लिए तैयार होगा। मुख्यमंत्री ने विरासत के प्रति जागरूकता के महत्व पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि ऐसे स्थानों पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाएं ताकि वे राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें और भारत की प्राचीन सभ्यता के प्रति गहरी समझ विकसित कर सकें।

श्री नायब सिंह सैनी ने सिख संग्रहालय तथा गुरु रविदास भवन एवं संग्रहालय की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को सभी लंबित प्रशासनिक स्वीकृतियों को शीघ्र पूरा करने, वास्तु एवं डिजाइन कार्यों को जल्द अंतिम रूप देने तथा समय सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों को राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाने वाले विश्वस्तरीय केंद्रों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने फायर एवं आपातकालीन सेवाओं, विभाग के अंतर्गत खरीद से संबंधित परियोजनाओं की भी समीक्षा की, जिनमें फोम टेंडर और हाई-राइज टर्न टेबल लैडर शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी करने और आधुनिक अग्निशमन अवसंरचना जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, आयुक्त एवं सचिव, विरासत एवं पर्यटन विभाग डॉ. अमित कुमार अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

क्रमांक-2026

 

 

 

 

 

 

 

सरकार किसानों के लिए एग्रोफॉरेस्ट्री पेड़ों की बिक्री हेतु ई-नीलामी पोर्टल लॉन्च करेगी: सुधीर राजपाल

 

हरियाणा फॉरेस्ट डेवलपमेंट कारपोरेशन (एचएफडीसी) के निदेशक मंडल की 146वीं बैठक में लिया गया निर्णय

चंडीगढ़, 18 अप्रैल -अब किसान अपने खेतों में खड़े एग्रोफॉरेस्ट्री प्रजातियों के पेड़ों, जैसे यूकेलिप्टस, पॉपलर आदि को एचएफडीसी के ई-नीलामी पोर्टल के माध्यम से बेच सकेंगे, जिससे उन्हें बिचौलियों से अधिक कीमत मिल सकेगी। राज्य के किसानों के हित में यह निर्णय हरियाणा फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एचएफडीसी) के निदेशक मंडल की 146वीं बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं एचएफडीसी अध्यक्ष श्री सुधीर राजपाल ने की।

बैठक के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रबंध निदेशक के.सी. मीणा ने यह प्रस्ताव रखा। योजना के अनुसार, जो किसान एचएफडीसी के ई-नीलामी पोर्टल का उपयोग करना चाहते हैं, वे संबंधित जनरल मैनेजर को आवेदन देंगे। इसके बाद कॉर्पोरेशन के फील्ड कार्यालय खड़े पेड़ों का आंकलन और मार्किंग करेंगे तथा उनके वॉल्यूम के आधार पर एक आरक्षित मूल्य तय किया जाएगा। किसान चाहें तो अपना आरक्षित मूल्य स्वयं भी निर्धारित कर सकते हैं।

इसके बाद पेड़ों के वॉल्यूम को ई-नीलामी पोर्टल पर डाला जाएगा। नीलामी में प्राप्त बोली की जानकारी किसान को दी जाएगी, और यदि किसान उस मूल्य से सहमत होता है, तो एचएफडीसी कुल नीलामी मूल्य का मात्र 5 प्रतिशत सेवा शुल्क लेगा और शेष राशि सीधे किसान के खाते में ऑनलाइन जमा कर दी जाएगी। यह योजना संस्थानों के लिए भी खुली होगी, लेकिन संस्थानों से 10 प्रतिशत सेवा शुल्क लिया जाएगा।

सुधीर राजपाल ने बताया कि सरकार का मकसद है कि किसानों को उनके उत्पादों का अधिक से अधिक मूल्य मिले, इसलिए इस ई-नीलामी प्रणाली के माध्यम से किसानों और संस्थानों को अपने खड़े पेड़ों की बिक्री के लिए बेहतर मूल्य मिलने, बिचैलियों की भूमिका समाप्त होने, पारदर्शिता बढ़ने और अधिक खरीदारों तक पहुंच बनने की उम्मीद है। किसानों और संस्थानों के वित्तीय हितों की सुरक्षा के लिए एचएफडीसी ने पूरी प्रक्रिया के लिए नियम भी तैयार किए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से किसानों की आय में लगभग 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की संभावना है।

क्रमांक-2026

 

 

 

 

 

 

ईएसआई अस्पतालों में अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

पानीपत के छह निजी अस्पतालों को तुरंत डी-पैनल बारे भेजा नोटिस व पानीपत ईएसआई अस्पताल के 3 कर्मचारियों को किया सस्पेंड और 5 चिकित्सा अधीक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश

 

चंडीगढ़, 18 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ईएसआई हेल्थ केयर सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री शनिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में ईएसआई हेल्थ केयर हरियाणा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने पानीपत के ईएसआई अस्पताल से जुड़े मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि उन छह निजी अस्पतालों को तुरंत डी-पैनल  किए जाने की कार्रवाई की जाए, इस पर अमल करते हुए विभाग ने अस्पतालों को नोटिस जारी कर  दिया है।

 

इन अस्पतालों ने वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान अत्यधिक रेफरल किए थे और रेफरल प्रपत्रों पर चिकित्सकों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी पाई गई। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में संलिप्त पानीपत ईएसआई अस्पताल के संबंधित  3 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ में ही 5 चिकित्सा अधीक्षकों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश भर में ईएसआई के पैनल पर शामिल अन्य 133 निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी एसीबी द्वारा जांच करवाई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता का समय रहते पता लगाया जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानीपत ईएसआई अस्पताल की क्षमता 75 बेड से बढ़ाकर 100 बेड की जाए तथा वहां ऑपरेशन थिएटर का विस्तार किया जाए। इसी प्रकार जगाधरी ईएसआई अस्पताल को 80 से 100 बेड और हिसार ईएसआई डिस्पेंसरी को 12 से बढ़ाकर 50 बेड करने के निर्देश दिए गए। सभी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक से युक्त उपकरण भी लगाए जाएं।

 

मुख्यमंत्री ने बावल और बहादुरगढ़ में निर्माणाधीन 100-100 बेड के ईएसआई अस्पतालों का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के श्रमिकों और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

 

उन्होंने कहा कि ईएसआई हेल्थ केयर में डॉक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। आवश्यकतानुसार स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, और इस दिशा में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

क्रमांक-2026

 

 

 

 

 

 

 

हरियाणा प्रीवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1989 के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

 

अवैध प्रचार सामग्री हटेगी, खर्च उम्मीदवार/दल से वसूला जाएगा :देवेंद्र सिंह कल्याण

 

चंडीगढ़, 18 अप्रैल —हरियाणा राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के मद्देनजर लागू आदर्श आचार संहिता के तहत हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ

डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1989 के सख्त पालन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग के संज्ञान में आया है कि कई उम्मीदवार और राजनीतिक दल सार्वजनिक व निजी संपत्तियों पर अवैध रूप से पोस्टर-बैनर लगा रहे हैं और दीवारों पर लिखाई कर रहे हैं, जो कानून का उल्लंघन है और प्रदेश की सुंदरता को प्रभावित करता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस एक्ट की धारा- 3 और 3-ए के तहत किसी भी सार्वजनिक स्थान पर आने वाली संपत्ति को स्याही, चॉक, पेंट या अन्य माध्यम से लिखकर या चिन्हित करना प्रतिबंधित है। इसी तरह सरकारी भवनों, बिजली के खंभों, बस स्टैंड, सार्वजनिक स्थानों या मूर्तियों पर पोस्टर, बैनर या फ्लेक्स लगाना तथा सार्वजनिक परिवहन, खासकर राज्य परिवहन की बसों पर प्रचार सामग्री चिपकाना पूरी तरह से मना है। यह संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।

आयुक्त ने कहा कि ऐसे मामलों में अवैध प्रचार सामग्री हटाने और संपत्ति को पहले जैसी स्थिति में लाने का खर्च संबंधित उम्मीदवार या राजनीतिक दल से वसूला जाएगा। यदि किसी उम्मीदवार के पक्ष में इस तरह की गतिविधि होती है, तो उसे इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा, जब तक वह यह साबित न कर दे कि यह उसकी जानकारी या सहमति के बिना हुआ है।

उन्होंने निर्देश दिए कि उम्मीदवार केवल उन्हीं स्थानों पर प्रचार सामग्री लगाएं, जो शहरी क्षेत्रों में कार्यकारी अधिकारी/सचिव और ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीपीओ/पंचायत अधिकारी द्वारा निर्धारित किए गए हैं। जिन संपत्ति मालिकों ने अपनी दीवारों पर विज्ञापन की अनुमति नहीं दी है, वे इसकी शिकायत संबंधित पर्यवेक्षक या उपायुक्त को कर सकते हैं। आयोग ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि ऐसी शिकायत मिलने पर 24 घंटे के भीतर अवैध सामग्री हटाई जाए।

हरियाणा राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि लोकतंत्र में भागीदारी जरूरी है, लेकिन यह सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी उम्मीदवारों से अपील की कि वे आदर्श आचरण अपनाएं और स्वच्छ व निष्पक्ष चुनाव में सहयोग करें। साथ ही, उड़न दस्तों को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है। किसी भी शिकायत के लिए उपायुक्त, नगर आयुक्त, रिटर्निंग अधिकारी या अन्य अधिकृत अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

क्रमांक: 2026

सुमित चावला

 

 

 

 

 

जनगणना-2027: उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने ऑनलाइन स्व-गणना कर नागरिकों को दिया संदेश

 

सभी नागरिक 30 अप्रैल तक अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करें

 

सही आंकड़े विकास की आधारशिला होते हैं और हर व्यक्ति स्व-गणना में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे- राव नरबीर सिंह

 

चंडीगढ़, 18 अप्रैल- जनगणना-2027 के तहत चल रही स्व-गणना प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुग्राम में स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर स्व-गणना की। उन्होंने आम नागरिकों को इस सुविधा का उपयोग करने का संदेश भी दिया।

उन्होंने कहा कि स्व-गणना की व्यवस्था नागरिकों को घर बैठे अपनी जानकारी भरने का सरल और सुविधाजनक विकल्प देती है। इससे समय की बचत होती है और जानकारी सीधे सिस्टम में दर्ज होने से पारदर्शिता भी बनी रहती है।

उन्होंने कहा कि हर परिवार को 30 अप्रैल तक इस प्रक्रिया को पूरा कर लेना चाहिए, ताकि जनगणना का कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।

कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश और प्रदेश के विकास की योजनाओं की मजबूत नींव है। सही और पूरी जानकारी से ही सरकार को योजनाएं बनाने में मदद मिलती है।

उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे जिम्मेदारी समझते हुए इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आधिकारिक पोर्टल पर मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी वेरिफिकेशन कर लॉगिन किया जा सकता है और चरणबद्ध तरीके से सभी जरूरी जानकारी आसानी से भरी जा सकती है। जानकारी भरने के बाद मिलने वाली सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी को सुरक्षित रखना जरूरी है, जिसे बाद में गणना कर्मियों को दिखाना होगा।

 

क्रमांक-2026

 

 

 

 

 

 

पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में होगी शारीरिक माप परीक्षा (PMT), सुबह 6:30 बजे से शुरू होगा टेस्ट

 

आधुनिक तकनीकों के साथ सभी अभ्यर्थियों का होगा फिजिकल परीक्षण

 

चंडीगढ़, 18 अप्रैल : हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के सदस्य श्री भूपेंद्र चौहान ने आज पंचकूला में प्रेस वार्ता कर शारीरिक माप परीक्षा (PMT) की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परीक्षा पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित की जाएगी।

 

श्री चौहान ने कहा कि शारीरिक माप परीक्षा (PMT) सुबह 6:30 बजे से शुरू होगी। प्रारंभ में प्रतिदिन 700 अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा, जिसे बाद में बढ़ाकर 1500 अभ्यर्थी प्रतिदिन तक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग प्रतिदिन 1500 से 2000 अभ्यर्थियों को बुलाएगा और आवश्यकता पड़ने पर यह संख्या 3000 तक बढ़ाई जा सकती है। पूरी प्रक्रिया में लगभग 60 से 80 दिन का समय लगेगा।

 

आयोग की ओर से स्टेडियम के गेट पर अभ्यर्थियों एवं उनके परिजनों के लिए विश्राम क्षेत्र बनाया गया है, जहां वे आराम से बैठ सकें। अभ्यर्थियों के लिए बैगेज जमा करने की व्यवस्था भी की गई है। स्टेडियम में प्रवेश के बाद सख्त जांच के उपरांत दस्तावेजों की पुष्टि की जाएगी। इसके बाद बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी कर अभ्यर्थी को क्रमांक देकर मुख्य हॉल में भेजा जाएगा। मुख्य हॉल के प्रवेश द्वार पर चेस्ट नंबर दिया जाएगा तथा वहां पुनः बायोमेट्रिक प्रक्रिया की जाएगी।

 

आधुनिक मशीनों से होगा मापन

 

सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद मुख्य हॉल में 21 आधुनिक डिजिटल मशीनें स्थापित की गई हैं, जिनके माध्यम से अभ्यर्थियों की लंबाई एवं छाती का मापन किया जाएगा। यदि कोई अभ्यर्थी मापन से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह तुरंत अपील कर सकता है और उसका पुनः परीक्षण किया जाएगा। इन व्यवस्थाओं के अतिरिक्त आयोग ने सिख अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रबंध किए हैं, जिनके अंतर्गत निर्धारित मशीन पर सिख समाज के प्रतिनिधियों द्वारा धार्मिक मर्यादा के अनुरूप उनका मापन किया जाएगा। इसके अलावा जीरकपुर से प्रातः 5 बजे से विशेष बसों की व्यवस्था की गई है, जो अभ्यर्थियों को स्टेडियम तक पहुंचाएंगी।

 

श्री भूपेंद्र चौहान ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे शारीरिक माप परीक्षा (PMT) से पूर्व किसी भी प्रकार के एनर्जी बूस्टर या दवाइयों का सेवन न करें, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। गर्भवती महिलाओं एवं अन्य महिला अभ्यर्थियों के लिए भी आयोग की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आयोग पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं अभ्यर्थी-अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

क्रमांक : 2026

सुमित चावला

 

 

 

 

 

 

युद्ध के कारण तारकोल की कमी से सड़क निर्माण प्रभावित न हो, 6 माह के लिए इम्पोर्टिड तारकोल के इस्तेमाल को मंजूरी: मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सड़क निर्माण से संबंधित सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा की

 

सड़कों की मरम्मत के लिए सभी जिलों में पैच वर्क मशीनों का प्रयोग करने के आदेश दिए

 

‘म्हारी सड़क’ एप पर आने वाली सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करवाने के निर्देश दिए

 

चंडीगढ़, 18 अप्रैल- मीडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण तारकोल की कमी व इसकी बढ़ी कीमतों के कारण सड़क निर्माण व मरम्मत के कार्य बाधित न हों, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों के अनुरोध पर अगले 6 माह के लिए इंपोर्टिड तारकोल के इस्तेमाल को मंजूरी दी है।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज हरियाणा सिविल सचिवालय में सड़क निर्माण व रखरखाव से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 में किए गए सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और वित्त वर्ष 2026-27 में किए जाने वाले कार्यों के संबंध में विभागों के लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर), हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, जिला परिषद/पंचायती राज, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एचएसआईडीसी, शहरी स्थानीय निकाय तथा पीएमडीए, जीएमडीए, एसएमडीए सहित अन्य विभागों के सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

 

बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 28 फरवरी को जहां तारकोल के दाम 46402 रुपये प्रति मीट्रिक टन थे वहीं 1 अप्रैल को यह 76152 रुपये प्रति मीट्रिक टन हो गए हैं। तारकोल की आपूर्ति करने वाली आईओसीएल ने इसकी आपूर्ति 50 प्रतिशत तक प्रभावित होने की सूचना दी है। ऐसी परिस्थिति में केंद्र सरकार ने इंपोर्टिड तारकोल के इस्तेमाल की मंजूरी दी है। इस पर मुख्यमंत्री ने हरियाणा में भी 6 माह के लिए इंपोर्टिड तारकोल का इस्तेमाल करने की मंजूरी प्रदान की ताकि सड़क निर्माण व मरम्मत के कार्य प्रभावित न हों।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जनता की सुविधा के लिए सड़कों का अच्छी हालत में होना आवश्यक है। संबंधित विभाग सभी जिलों में सड़कों के गड्ढ़े भरवाने तथा अन्य मरम्मत कार्यों के लिए पैच वर्क मशीनों का इस्तेमाल करें ताकि सड़कों की रिपेयर जल्द हो सके। पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) द्वारा इन मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, अन्य विभाग भी इन मशीनों के लिए पीडब्ल्यूडी से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि टूटी सड़कों से आमजन को परेशानी होती है जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर विभाग अपने कार्यों की मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उनके पास भिजवाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘म्हारी सड़क’ एप पर आमजन द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों की शिकायत की जाती है। इन सभी शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई करते हुए इनका समाधान करवाया जाए। जिन सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी इनका निर्माण करने वाली कंपनी की होती है, उन कंपनियों के माध्यम से आवश्यक मरम्मत कार्य त्वरित गति से करवाए जाएं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में सड़क निर्माण हेतु जो लक्ष्य निर्धारित किए गए थे उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि वित्त वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को भी समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में सभी विभागों के माध्यम से प्रदेश में सड़कों के निर्माण व मरम्मत के लिए 63170 किलोमीटर का लक्ष्य रखा गया है। यदि किसी तकनीकी पेंच के चलते जिला परिषद से संबंधित सड़क के प्रशासनिक अनुमोदन में कोई दिक्कत आती है तो संबंधित उपायुक्त को उसके अनुमोदन के लिए अधिकृत करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए।

 

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अक्सर यह देखने में आया है कि सभी विभागों की सड़क निर्माण की गुणवत्ता अलग-अलग  होती हैं। उन्होंने सभी विभागों से पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) के मानकों के अनुरूप सड़क निर्माण करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण व मरम्मत के चालू कार्य मानसून के आने से पहले पूरे कर लिए जाएं।

 

मुख्यमंत्री ने सेक्टरों की क्षतिग्रस्त सड़कों को तुरंत ठीक करवाने के निर्देश देते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों में किस सड़क की जिम्मेदारी किस विभाग की है, इस संशय को दूर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों की एक कमेटी गठित कर इस संबंध में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी शहरी क्षेत्रों में कुछ स्मार्ट रोड बनाने की हिदायतें भी अधिकारियों को दीं ताकि शहरों की सुंदरता तथा आमजन की सुविधाओं को बढ़ाया जा सके।

 

बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, श्री एके सिंह, श्री विजेंद्र कुमार  सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।

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