फरीदाबाद को इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट
मुख्यमंत्री ने एफएमडीए की 7वीं बैठक में वित्त वर्ष 2026–27 के लिए 988 करोड़ के वार्षिक बजट को दी मंजूरी
सीवरेज, जल आपूर्ति, ड्रेनेज, सड़कों और हरित विकास से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में होंगे जरुरी बदलाव
चंडीगढ़, 3 अप्रैल- फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की 7वीं बैठक सूरजकुंड में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
एफएमडीए के माध्यम से फरीदाबाद में बुनियादी ढांचे के विकास को बड़ी गति देते हुए, प्राधिकरण ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए 988 करोड़ रुपए के वार्षिक बजट को मंजूरी प्रदान की। इसके लिए विभिन्न विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन पहलों का उद्देश्य शहर के मूलभूत नागरिक ढांचे को मजबूत करना, पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना और तेजी से बढ़ती शहरी आवश्यकताओं को पूरा करना है। बैठक में सीवरेज प्रबंधन, जल आपूर्ति, वर्षा जल निकासी, सड़क अवसंरचना और शहरी हरितीकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। इन परियोजनाओं के माध्यम से सेवा वितरण में सुधार होगा और नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास प्राधिकरण के प्रधान सलाहकार गति शक्ति के तहत संबंधित विभागों की हर 15 दिन में समन्वय बैठक करेंगे तथा विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
85 करोड़ से होगा उन्नत अपशिष्ट जल शोधन और पुनः उपयोग
मुख्यमंत्री ने सतत जल प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रतापगढ़ में 90 एमएलडी क्षमता, मिर्जापुर में 70 एमएलडी और बादशाहपुर में 45 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को सर्वोच्च तकनीक से अपग्रेड करने की मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि इन 205 एमएलडी क्षमता वाली इस परियोजना पर लगभग 85 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिसके तहत इनमें प्राथमिक शोधन, ओज़ोनेशन, यूवी डिसइंफेक्शन, फिल्ट्रेशन और स्लज प्रबंधन जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, साथ ही 10 वर्षों का संचालन एवं रखरखाव भी शामिल है। शुद्ध किए गए पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाएगा, जिससे मीठे पानी पर निर्भरता कम होगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “जल संरक्षण और पुनः उपयोग हमारे शहरों के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।”
सूरजकुंड में नया एसटीपी, सीवरेज व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने के लिए सूरजकुंड क्षेत्र में 20 एमएलडी क्षमता का नया एसटीपी 42.20 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा तथा 10 वर्षों का रखरखाव शामिल होगा।
18 करोड़ से फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा
फरीदाबाद की मास्टर सीवरेज योजना के तहत फरीदाबाद में मिर्जापुर, बादशाहपुर और प्रतापगढ़ स्थित तीन एसटीपी में 50 किलोमीटर क्षमता वाले मल कीचड़ उपचार संयंत्रों का डिजाइन, निर्माण कार्य 18 करोड रुपए की लागत से तैयार किया जाएगा।
21.24 करोड़ से सुरक्षित पेयजल परियोजना
मास्टर जल आपूर्ति योजना फरीदाबाद के तहत लगभग 30 एमएलडी पानी को शुद्ध किया जाएगा। इस 21.24 करोड़ रुपए की परियोजना से शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “हर नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
210 वर्ग किमी क्षेत्र के लिए व्यापक ड्रेनेज योजना
मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज फरीदाबाद के तहत जलभराव और शहरी बाढ़ की समस्या के समाधान के लिए 98.69 करोड़ रुपए की लागत से 210 वर्ग किमी क्षेत्र को कवर करने वाली मास्टर ड्रेनेज योजना को मंजूरी दी गई। इसमें नालों की सफाई, नए पाइपलाइन, पंपिंग सिस्टम और जल निकासी के नए बिंदुओं का विकास शामिल है। मुजेसर, सेक्टर 21ए, एनएचएआई पर बल्लभगढ़ और अनाज मंडी जैसे क्षेत्रों में नए डिस्पोजल पॉइंट बनाए जाएंगें।
एनआईटी क्षेत्र में करीब 67 करोड़ रुपए की लागत से 7.33 किमी सड़कों को बनाया जाएगा मॉडल
फरीदाबाद में मास्टर रोड विकास के उद्देश्य से एनआईटी
क्षेत्र में 7.33 किमी सड़कों को मॉडल सड़कों में बदला जाएगा। इसमें फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, स्मार्ट लाइटिंग, ट्रैफिक सिग्नल, ग्रीन बेल्ट और मल्टी-यूटिलिटी ज़ोन विकसित किए जाएंगे, जिससे यातायात और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा। इस कार्य पर करीब 67 करोड रुपए की राशि खर्च होगी। इसके साथ ही दिल्ली बॉर्डर (सेक्टर 37) से सेक्टर 59 तक 18 किमी लंबा ग्रीन बेल्ट विकसित किया जाएगा। यह दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे और आगरा नहर के साथ विकसित होगा, जिससे वायु गुणवत्ता और पर्यावरण में सुधार होगा। इस कार्य पर करीब 26 करोड रुपए की राशि खर्च होगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एफएमडीए में हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड के माध्यम से ग्रुप सी और ग्रुप डी के पद भरने की भी स्वीकृति प्रदान की।
परियोजनाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन पर जोर
बैठक में चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा, “इन परियोजनाओं से फरीदाबाद के विकास को नई गति मिलेगी और नागरिकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त होंगी।
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर, विधायक मूलचंद शर्मा (बल्लभगढ़), सतीश फागना (एनआईटी), धनेश अदलखा (बड़खल), मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, एफएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और प्राधिकरण के सदस्य उपस्थित रहे।
क्रमांक-2026
ढाई करोड़ रुपए की लागत से अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल की प्रयोगशाला में नए टेस्टों की सुविधा का होगा विस्तार – ऊर्जा मंत्री अनिल विज
अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के तहत प्रयोगशाला में नए टेस्ट की सुविधा मिलेगी - मंत्री अनिल विज
चंडीगढ़, 3 अप्रैल – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के तहत ढाई करोड़ रुपए की लागत अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल की एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला (लैबोरेट्री) को अपग्रेड करते हुए नए विभिन्न प्रकार के नए टेस्ट शामिल किए जाएंगे।
श्री विज ने बताया कि सिविल अस्पताल में ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जनता को मिले इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब ढाई करोड़ रुपए की लागत से प्रयोगशाला में नए टेस्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला का मुख्य उद्देश्य माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री सहित कई तरह की उन्नत जांच सुविधाएं जनता को उपलब्ध कराना है।
वहीं, अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल की प्रयोगशाला को अपग्रेड करने व नए टेस्ट सुविधा शामिल करने को लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल विज के निर्देशों पर आज नगर परिषद के ईओ देवेंद्र नरवाल, सिविल अस्पताल अम्बाला छावनी की पीएमओ डा. पूजा एवं अन्य डाक्टरों की बैठक हुई। बैठक में सिविल अस्पताल की प्रयोगशाला को अपग्रेड करने व कौन सी नई टेस्ट सुविधा शामिल करनी है इसको लेकर चर्चा की गई।
सिविल अस्पताल में इस समय निशुल्क 124 टेस्ट सुविधा
गौरतलब है कि ऊर्जा मंत्री अनिल विज के अथह प्रयासों से स्थापित अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल में इस समय 124 टेस्ट निशुल्क किए जाते हैं।
क्रमांक-2026
हरियाणा के बोर्डों व निगमों में भरे जाएंगे ग्रुप-डी के सभी रिक्त पद
सरकार ने 10 अप्रैल तक मांगी खाली पदों की जानकारी
चंडीगढ़, 03 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने चौकीदार और सफाई कर्मचारी के पदों को छोड़कर बोर्डों, निगमों, वैधानिक निकायों तथा सरकारी नियंत्रण वाली अन्य संस्थाओं में ग्रुप-डी के सभी रिक्त पदों को भरने का निर्णय लिया है। इन पदों पर भर्ती हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के माध्यम से की जाएगी।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों तथा बोर्डों और निगमों के प्रबंध निदेशकों को पत्र लिखकर अपने-अपने विभागों और संबद्ध संस्थाओं में ग्रुप-डी के रिक्त पदों का विस्तृत विवरण भेजने के निर्देश दिए हैं।
सभी विभागों को कहा गया है कि वे निर्धारित प्रारूप में 10 अप्रैल, 2026 तक आवश्यक जानकारी मुहैया कराएं। मांगी गई जानकारी में स्वीकृत पदों की संख्या, नियमित कर्मचारियों द्वारा भरे गए पद, अनुबंध कर्मचारियों, खास तौर से हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 के तहत आने वाले कर्मचारियों द्वारा भरे गए पद तथा शेष रिक्त पदों की कुल संख्या शामिल है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय-सीमा तक जानकारी प्राप्त न होने की स्थिति में यह मान लिया जाएगा कि संबंधित संस्था में कोई रिक्त पद उपलब्ध नहीं है।
क्रमांक-2026
किसानों को फसल खरीद प्रक्रिया के दौरान नहीं आने दी जाए कोई परेशानी- खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम
पलवल स्थित अनाज मंडी में पहुंचकर लिया व्यवस्थाओं और सुविधाओं का लिया जायजा
चंडीगढ़, 3 अप्रैल- हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि किसानों को फसल खऱीद प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। किसानों को बेची गई फसल का 72 घंटे बाद भुगतान किया जाएगा।
मंत्री ने यह बात आज फसल खरीद प्रक्रिया का सुव्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पलवल स्थित अनाज मंडी पहुंचकर व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा लेते हुए कही।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार रबी फसल खरीद सीजन के मद्देनजर किसानों की सुविधा और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध होनी चाहिए। किसी भी किसान को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला प्रशासन की ओर से अनाज मंडियों में नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी किसानों की सुविधा के लिए अनाज मंडियों और फसल खरीद केंद्रों पर समुचित व्यवस्थाएं और सुविधाएं सुनिश्चित करवाएं।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में बारदाना, झारनों और पंखों की पर्याप्त व्यवस्था करने सहित गेट पास व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर उन्होंने अनाज मंडी की कैंटीन का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस अवसर पर उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ, अतिरिक्त उपायुक्त डा. सुभिता ढाका, जिला नगर आयुक्त श्रीमती मनीषा शर्मा व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
क्रमांक-2026
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बराड़ा व मुलाना की अनाज मंडियों का किया दौरा
मंडियों में निरीक्षण के दौरान सम्बंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
किसानों की सुविधा और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता
चण्डीगढ़, 3 अप्रैल - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बराड़ा व मुलाना की अनाज मंडियों का दौरा कर सरसों एवं गेहूं की खरीद व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडियों में किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, फसल सत्यापन प्रक्रिया, बिजली-पानी, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था तथा बायोमैट्रिक प्रणाली सहित सभी प्रबंधों की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंडियों में अपनी फसल लेकर आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसल सत्यापन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की बाधा न आए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मंडियों में बिजली, पानी, सफाई, तौल, उठान और भुगतान से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को समय पर सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। किसानों की सुविधा और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है और सरकार द्वारा 2585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की जा रही है। वहीं, सरसों की खरीद 6200 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर की जा रही है।
मंत्री श्याम सिंह राणा ने मंडी दौरे के दौरान मुलाना मंडी में स्थित भूमि एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला का भी दौरा किया गया। वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली गई तथा प्रयोगशाला में किए जाने वाले विभिन्न परीक्षणों की प्रक्रिया को समझा गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भूमि और जल की गुणवत्ता जांच प्रणाली को और सुदृढ़ बनाया जाए।
इस दौरान मंडी से जुड़े अधिकारियों और आढ़तियों ने अपनी समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं, जिस पर उन्होंने तुरंत संबंधित उच्चाधिकारियों को आवश्यक कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि किसानों और आढ़तियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और गेहूं की आवक के अनुसार उठान कार्य में तेजी लाई जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लाएं, ताकि खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों की हर संभव सहायता के लिए तत्पर है और किसी भी समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से जुड़े हैं और किसानों की समस्याओं को भली-भांति समझते हैं, इसलिए उनका उद्देश्य किसानों को हर संभव राहत प्रदान करना है।
क्रमांक-2026
2036 ओलंपिक में कुश्ती में बजेगा हरियाणा के पहलवानों का डंका- खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम
चंडीगढ़, 3 अप्रैल- हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की पहचान देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में कुश्ती के कारण है। ऐसे में यह आवश्यक है कि इस खेल में लगातार सुधार किया जाए और खिलाडिय़ों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 ओलंपिक में कुश्ती में हरियाणा के पहलवानों का डंका बजेगा।
मंत्री आज पलवल के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में कुश्ती खेल के स्तर को और अधिक ऊंचा उठाने के उद्देश्य से आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल सुविधाएं प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन सुविधाओं का सही उपयोग सुनिश्चित करना भी है, ताकि खिलाडिय़ों को उसका वास्तविक लाभ मिल सके।
उन्होंने प्रशिक्षकों की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कोचों को केवल उपस्थिति दर्ज कराना और सामान्य प्रशिक्षण देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिणाम आधारित कार्यशैली अपनानी होगी। हर कोच को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके प्रशिक्षण से खिलाडिय़ों के प्रदर्शन में सुधार नजर आए।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोचों और खिलाडिय़ों को पर्याप्त संसाधन, आधुनिक सुविधाएं और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में सभी की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने कार्य के प्रति गंभीर रहें और बेहतर परिणाम देने का प्रयास करें।
खेल राज्य मंत्री ने कहा कि यह खेल राज्य के गौरव से जुड़ा हुआ है और इसे और ऊंचाई तक ले जाना हम सभी का साझा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि कोच और खिलाड़ी मिलकर लक्ष्य निर्धारित करें और समर्पण के साथ कार्य करें, तो हरियाणा के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अधिक सफलता हासिल करेंगे।
बैठक के दौरान खिलाडिय़ों और प्रशिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें प्रशिक्षण ढांचे को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाएं बढ़ाने, प्रतिभाओं की समय पर पहचान करने और खिलाडिय़ों को निरंतर मार्गदर्शन देने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
बैठक में पद्म श्री, खेल रत्न एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित पहलवान योगेश्वर दत्त, हरियाणा कुश्ती महासंघ अध्यक्ष रमेश बोहर, खेल विभाग हरियाणा के उप निदेशक राममेहर सिंह व ओलंपिक, अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के अवॉर्डी खिलाड़ी, पुरस्कार विजेता पहलवान तथा विभाग में कार्यरत सभी कुश्ती प्रशिक्षकों ने भाग लिया।
क्रमांक-2026
स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शुमार
राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा राज्य का प्रदर्शन
वर्ष 2026-27 के लिए 291 करोड़ की वार्षिक कार्य योजना मंजूर
चंडीगढ़, 03 अप्रैल- स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण (एसबीएम-जी) के तहत हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो गया है। ग्रामीण स्वच्छता के प्रमुख संकेतकों पर राज्य का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा है। ओडीएफ प्लस मॉडल श्रेणी में राज्य ने 91.08 प्रतिशत कवरेज हासिल किया है, जो राष्ट्रीय औसत 85.3 प्रतिशत से अधिक है। हरियाणा के कुल 6,618 गांवों में से 6,520 गांव ओडीएफ प्लस हो चुके हैं, जबकि 6,028 गांवों ने मॉडल का दर्जा प्राप्त कर लिया है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा राज्य स्वच्छ भारत मिशन (एचएसएसबीएम) की कार्यकारी समिति की पांचवीं बैठक में राज्य की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए 291.40 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी वार्षिक कार्य योजना को भी मंजूरी दी गई।
विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार ने बैठक में बताया कि वर्ष 2014-15 में एसबीएम-जी की शुरुआत से अब तक प्रदेश में 7.35 लाख से अधिक व्यक्तिगत घरेलू शौचालय बनाए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों को सम्मान और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम मिले हैं। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ही 7,941 शौचालयों का निर्माण किया गया, जो 6,670 के निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। इस अवधि में 2 लाख से अधिक लाभार्थी परिवारों को 191.73 करोड़ रुपये की राशि सीधे प्रदान की गई।
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 291.40 करोड़ रुपये की व्यापक वार्षिक कार्य योजना को स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत नए घरेलू शौचालयों का निर्माण, सामुदायिक स्वच्छता परिसर, गांवों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों की स्थापना तथा बायोगैस (गोबर-धन) परियोजनाओं को लागू किया जाएगा।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी, स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण की मिशन निदेशक श्रीमती अमृता सिंह, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की राज्य परियोजना निदेशक श्रीमती वर्षा खंगवाल और एसएलटीएफ के उपाध्यक्ष श्री सुभाष चन्द्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
क्रमांक -2026
हरियाणा में मरीजों के लिए जीवनरेखा और मजबूत
- एचएसबीटीसी बैठक में रक्त संक्रमण सेवाओं के लिए 54 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी
- लगातार दूसरे वर्ष राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार हासिल
चंडीगढ़, 3 अप्रैल — हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में बुधवार को हरियाणा स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (HSBTC) की 21वीं कार्यकारी बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्यभर में रक्त संक्रमण सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में वर्ष 2026–27 के लिए 11.60 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट के साथ एक व्यापक वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। यह योजना राष्ट्रीय ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (NBTC) के अंतर्गत लागू की जाएगी। इसमें ब्लड बैग और जांच किट की खरीद के लिए बजट निर्धारित किया गया है, जिससे सभी ब्लड सेंटरों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। साथ ही मोबाइल ब्लड कलेक्शन और ट्रांसपोर्ट वैन के लिए भी प्रावधान किया गया है, जिससे दूरदराज क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच मजबूत होगी। योजना में 19 सरकारी ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट (BCSU) के विस्तार, कर्मचारियों के वेतन, IEC सामग्री निर्माण, प्रशिक्षण और निगरानी के प्रावधान भी शामिल हैं।
राज्य घटक के तहत एचएसबीटीसी अनुदान सहायता में कुल 54.14 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को सरकार के पास भेजने की स्वीकृति दी गई है। इसमें हीमोफीलिया के इलाज और आयरन चेलेशन दवाओं के लिए अतिरिक्त बजट शामिल है, जिससे इन गंभीर रक्त रोगों से पीड़ित मरीजों को निरंतर जीवनरक्षक उपचार मिल सके।
बैठक में e-RaktKosh डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से रक्त संग्रह में हुई प्रगति पर भी चर्चा की गई। वर्ष 2023–24 में 5,50,480 यूनिट से बढ़कर 2024–25 में 5,82,738 यूनिट और 2025–26 में 5,92,136 यूनिट रक्त संग्रह हुआ है। यह बढ़ोतरी जन जागरूकता, बेहतर समन्वय और स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के विस्तार का परिणाम है।
हरियाणा ने लगातार दो वर्षों 2023–24 और 2024–25 में भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले “रक्तदान में उत्कृष्टता पुरस्कार” में प्रथम स्थान हासिल किया है। इसके अलावा, फरवरी 2025 में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी जिला नागरिक अस्पताल के ब्लड सेंटर को राज्य का सर्वश्रेष्ठ ब्लड सेंटर घोषित किया गया।
राज्य में वर्तमान में 154 ब्लड सेंटर कार्यरत हैं, जिनमें 34 सरकारी और 120 निजी हैं। इनमें से 138 केंद्रों में BCSU सुविधा और 65 में प्लेटलेट एफेरेसिस सुविधा उपलब्ध है। सरकारी अस्पतालों में भर्ती सभी मरीजों को मुफ्त रक्त और कंपोनेंट दिए जाते हैं, जबकि बीपीएल, कैंसर और डेंगू मरीजों को मुफ्त प्लेटलेट्स भी उपलब्ध कराए जाते हैं। डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि शेष केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से BCSU सुविधा से लैस किया जाए।
हीमोफीलिया और थैलेसीमिया मरीजों को व्यापक सहायता
हरियाणा में हीमोफीलिया मरीजों की संख्या 2018 में 560 से बढ़कर 2025 में 1,019 हो गई है। सभी पंजीकृत मरीजों को मुफ्त एंटी-हीमोफीलिया फैक्टर, रक्त कंपोनेंट, परिवहन और एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अलावा 232 हीमोफीलिया और 605 थैलेसीमिया मरीजों को प्रतिमाह 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
वर्तमान में 2,443 थैलेसीमिया मरीज पंजीकृत हैं, जिन्हें स्क्रीनिंग, जेनेटिक काउंसलिंग, प्रसव पूर्व जांच, मुफ्त रक्त चढ़ाने, आयरन चेलेशन दवाएं और एम्बुलेंस सेवाएं दी जा रही हैं, ताकि नए मामलों को रोका जा सके।
बैठक में पानीपत के जिला नागरिक अस्पताल के ब्लड सेंटर को AIIMS झज्जर मॉडल पर पूर्णतः स्वचालित और पेपरलेस बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा, हर जिले में कम से कम एक ब्लड सेंटर स्थापित करने और जनसंख्या के आधार पर नए केंद्र खोलने के दिशा-निर्देश भी पारित किए गए।
स्वैच्छिक रक्तदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए रिफ्रेशमेंट राशि को 50 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति दाता करने का प्रस्ताव रखा गया है। CSR के तहत इंटास फार्मा ने PGIMS रोहतक को ब्लड मोबाइल और कोटक बैंक ने रेवाड़ी को ब्लड डोनेशन वैन प्रदान की है।
वित्तीय वर्ष 2025–26 में 435.74 लाख रुपये के बजट में से 400.93 लाख रुपये खर्च किए गए, जो लगभग 92 प्रतिशत उपयोग को दर्शाता है।
डॉ. मिश्रा ने सभी नागरिकों से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की और कॉर्पोरेट सेक्टर से CSR के माध्यम से आधुनिक मशीनरी और उन्नत परीक्षण सुविधाओं के लिए सहयोग करने का आह्वान किया।
क्रमांक -2026
सेवा वितरण में सुधार हेतु हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन और यू.टी. प्रशासन दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के बीच समझौता
चंडीगढ़, 03 अप्रैल— हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन और यू.टी. प्रशासन दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के बीच ऑटो अपील सिस्टम (AAS) के अपनाने और उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित किया गया है।
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य सेवा वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करना है। हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन द्वारा विकसित ऑटो अपील सिस्टम (AAS) एक तकनीक-आधारित प्रणाली है, जो अपीलों के स्वतः एस्केलेशन के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सहायक है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय द्वारा भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस प्रणाली को अपनाने की सिफारिश की गई है, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दिया जा सके। इसी क्रम में यू.टी. प्रशासन दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव ने इस प्रणाली को अपनाने में रुचि दिखाई है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि समझौते के अनुसार, AAS का स्वामित्व पूर्ण रूप से हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन के पास रहेगा और यू.टी. प्रशासन दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव को इसका सीमित, गैर-विशिष्ट और गैर-हस्तांतरणीय उपयोग का अधिकार दिया गया है। यह प्रणाली केवल सरकारी और सार्वजनिक सेवा वितरण के उद्देश्यों के लिए ही उपयोग की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रणाली का किसी भी प्रकार का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकेगा और बिना पूर्व अनुमति के किसी तीसरे पक्ष के साथ इसे साझा नहीं किया जाएगा। यू.टी. प्रशासन दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव द्वारा प्रणाली के उपयोग के दौरान हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन को स्रोत के रूप में उचित श्रेय देना अनिवार्य होगा।
प्रवक्ता ने बताया कि यह प्रणाली सहयोगात्मक संघवाद की भावना के तहत यू.टी. प्रशासन दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, आवश्यकतानुसार हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन तकनीकी मार्गदर्शन और परामर्श भी प्रदान करेगा, हालांकि इसके कार्यान्वयन से संबंधित किसी भी वित्तीय या परिचालन जिम्मेदारी का वहन आयोग द्वारा नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्ष इस समझौते के तहत साझा की गई तकनीकी और प्रशासनिक जानकारी की गोपनीयता बनाए रखेंगे। यह समझौता पांच वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है। किसी भी विवाद की स्थिति में समाधान आपसी परामर्श से किया जाएगा तथा आवश्यक होने पर मामला चंडीगढ़/पंचकूला के न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में आएगा।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन द्वारा ऑटो अपील सिस्टम (AAS) के विस्तार की दिशा में हाल ही में त्रिपुरा सरकार के साथ भी इसी प्रकार का एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया है।
क्रमांक- 2026
सुमित चावला
शिक्षा बोर्ड ने नई शिक्षा नीति के तहत लिया दो बार परीक्षा आयोजित करवाने का निर्णय
सैकेण्डरी व सीनियर सैकेण्डरी/ गुरूकुल विद्यापीठ के परीक्षार्थी 04 अप्रैल से कर सकेंगें आवेदन
चंडीगढ़ , 3 अप्रैल - हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी (नियमित) एवं गुरूकुल/विद्यापीठ (पूर्व मध्यमा सह माध्यमिक/उत्तर मध्यमा सह वरिष्ठ माध्यमिक) की दो बार परीक्षा आयोजित करवाने का निर्णय लिया गया है। इच्छुक परीक्षार्थी 04 अप्रैल से 10 अप्रैल, 2026 तक द्वितीय परीक्षा हेतु आवेदन कर सकते हैं।
इस आशय की जानकारी देते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि सैकेण्डरी एवं सीनियर वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2026 का समापन हो चुका है। ऐसे सभी नियमित परीक्षार्थी जो वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2026 में प्रविष्ट हुए हैं लेकिन अपनी दी गई परीक्षा से संतुष्ट नहीं हैं, ऐसे परीक्षार्थियों को शिक्षा बोर्ड द्वारा अंक सुधार का मौका दिया गया है। उन्होंने बताया कि इच्छुक परीक्षार्थी अतिरिक्त विषय को छोडक़र अधिकतम किन्हीं भी 03 विषयों की पुन: परीक्षा देने के लिए स्वयंपाठी तौर पर 1000/-रूपये शुल्क सहित बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर 04 अप्रैल से 10 अप्रैल, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
बोर्ड प्रवक्ता ने आगे बताया कि इसके अतिरिक्त जो परीक्षार्थी अपरिहार्य कारणों जैसे गंभीर बीमारी/चोट/खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिता इत्यादि परिस्थितियों के कारण वार्षिक परीक्षा में प्रविष्ट नहीं हो पाए, ऐसे सभी परीक्षार्थी बोर्ड कार्यालय में निर्धारित तिथियों में संपर्क करते हुए निर्धारित शुल्क ऑफलाइन व पात्रता संबंधित दस्तावेज जमा करवाकर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। यदि कोई परीक्षार्थी प्रथम वार्षिक परीक्षा में सभी विषयों की परीक्षा में अनुपस्थित रहा है और पुन: परीक्षा हेतु आवेदन करता है तो ऐसे परीक्षार्थी का आवेदन पत्र अयोग्य मानते हुए रद्द किया जाएगा। इसके लिए परीक्षार्थी स्वयं जिम्मेदार होगा।
उन्होंने बताया कि परीक्षा की तिथि बारे परीक्षार्थियों को शीघ्र ही सूचित कर दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन करते समय किसी प्रकार की तकनीकी समस्या के समाधान हेतु हैल्पलाईन नंबर 01664-254300 पर संपर्क कर सकते हैं।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
अंबाला कैंट में आर्मी पब्लिक स्कूल नंबर-2 का किया गया उद्घाटन
भारत सरकार के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने की मुख्यअतिथि के रूप में शिरकत
चण्डीगढ़, 3 अप्रैल - भारत सरकार के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार द्वारा आर्मी पब्लिक स्कूल नंबर-2, चिलियांवाला लाइंस, अंबाला कैंट का उद्घाटन किया गया।
उन्होंने कहा कि इस नए शिक्षण संस्थान की स्थापना सेना के जवानों के बच्चों के लिए शैक्षिक पहुँच को मज़बूत करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि सैन्य सेवा की चुनौतियों के बावजूद उनके बच्चों की शिक्षा में निरंतरता, गुणवत्ता और स्थिरता बनी रहे। सेना के परिवारों को प्राथमिकता देते हुए भी, यह स्कूल सभी के लिए खुला रहेगा।
श्री संजय कुमार ने समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शैक्षिक संस्थाओं के निर्माण के महत्व पर ज़ोर दिया और गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा की पहुँच बढ़ाने में सेना के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मुख्यालय-2 कोर और स्कूल के वरिष्ठ सरंक्षक ने कहा कि आर्मी पब्लिक स्कूल सैनिकों के परिवारों के लिए एक महत्त्वपूर्ण सहायता प्रणाली का काम करते हैं। ऐसी संस्थाएँ बच्चों के लिए भरोसेमंद शिक्षा सुनिश्चित करती हैं, जिससे सैनिक अधिक निश्चिंत होकर देश की सेवा कर पाते हैं।
इस स्कूल को आधुनिक बुनियादी ढाँचे और सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है, इसका उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है, इसमे पढ़ाई-लिखाई, खेलकूद और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी जोड़ा गया है। आर्मी पब्लिक स्कूल नंबर-2 गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और अनुशासित, जिम्मेदार तथा भविष्य के लिए तैयार नागरिक बनाने के लिए सेना की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
क्रमांक -2026
शहरों में आबादी अनुसार नई जल निकासी परियोजनाओं के प्रस्ताव किए जाएं तैयार - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
ड्रेनों, नहरों, नालों की सफाई का कार्य बरसात से पहले किया जाए पूरा
तटबंधों पर पर्यावरण की दृष्टि से हरा भरा बनाने के लिए लगाए जाए पेड़
चंडीगढ़, 3 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी ड्रेनों, नहरों एवं नालों की सफाई का कार्य बरसात से पहले पूरा किया जाए। विशेषकर आबादी क्षेत्र में ड्रेन एवं नहरों के साथ मजबूत बर्म बनाएं जाएं और कार्य की नियमित रूप से मोनिटरिगं की जाए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को सिंचाई, जनस्वास्थ्य एवं स्थानीय निकायों विभाग के अधिकारियों के साथ ड्रेन, नहरें एवं नालों की सफाई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फतेहाबाद में राजस्थान सीमा तक बरसाती पानी की निकासी हेतु ड्रेन का प्रस्ताव बनाया जाए ताकि उस पानी का क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए उपयोग कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आबादी बढ़ रही है। पानी का बहाव आबादी क्षेत्रों में अवरुद्ध हो रहा है। इसलिए जलभराव की स्थिति बन जाती है। ऐसे क्षेत्रों के लिए नई जल निकासी परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए जाएं ताकि भविष्य में उन क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति न बनें।
ड्रेन एवं नहरों की सफाई कार्य में कोई लापरवाही न करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसाती एवं जल निकासी संबंधित ड्रेन एवं नहरों की सफाई कार्य को तत्परता से पूरा करवाएं और इस कार्य में कोई लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में तटबंध कमजोर हो और टूटने के कगार पर हो उनका समय से पूर्व निरीक्षण कर मजबूत बनाया जाए। इसके अलावा निचले क्षेत्रों में भी तटबंधों को मजबूत करें ताकि किसी भी क्षेत्र में पानी ओवरफ्लो न हो सके। इसके अलावा इन तटबंधों को पर्यावरण की दृष्टि से हरा भरा बनाने के लिए पेड़ लगाए जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घग्गर, मारकण्डा, टांगरी नदी की सफाई के साथ तटबंधों पर विशेष ध्यान दें। इसके अलावा कुरूक्षेत्र में चीका के पास सरस्वती नदी के बहाव को सीधा किया जाए। उन्होंने बावल में इंडस्ट्री के पानी की निकासी हेतू भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री को सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि अब तक विभिन्न 825 ड्रेन एवं नालों के कार्यों में से 713 पर कार्य कर लिया गया है। शेष पर आगामी जून माह तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शॉर्ट टर्म बाढ बचाव 425 कार्यो में से 250 कार्यों के टेंडर फाइनल कर दिए गए हैं तथा शेष के लिए माह के अंत तक पूरे कर लिए जाएगंे। इसके अलावा विभाग में जल निकासी हेतू 1678 क्यूसेक क्षमता के 839 डीजल पम्प, 4466 क्यूसिक क्षमता के 1389 इलेक्ट्रिक पम्प तथा 3465 क्षमता के 495 मोबाईल पम्प तैयार हैं। इस प्रकार प्रदेश में 9609 क्यूसेक क्षमता के 2723 पम्प तैयार कर लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 87 स्थानीय निकायों में 2655 किलोमीटर लम्बाई की 2382 ड्रेनों में से 1116 किलोमीटर लंबी ड्रेनों की सफाई की कार्य कर लिया गया है। शेष ड्रेनों का कार्य भी जून माह तक पूरा कर लिया जाएगा। इसी प्रकार जनस्वास्थ्य विभाग की 85 शहरों में 100 किलोमीटर लंबी ड्रेनों की सफाई का कार्य मई माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
बैठक में मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, आयुक्त एवं सचिव पंकज अग्रवाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. साकेत कुमार, आयुक्त एवं सचिव शहरी स्थानीय निकाय अशोक मीणा, निदेशक भूमि चकबंदी यशपाल, ईआईसी जनस्वास्थ्य देवेन्द्र सिंह, सिंचाई सतबीर सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी राकेश संधु सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
क्रमांक- 2026
हरियाणा में भवन नक्शा पास करने की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
कार्यों में देरी स्वीकार नहीं : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
वेस्ट वाटर रियूज सिस्टम को किया जाए मजबूत
2,276 सड़कों की पहचान कर मरम्मत करने की दिशा में नगर निकाय विभाग ने उठाए कदम
चंडीगढ़, 3 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में बनाई जाने वाली घरेलू एवं वाणिज्यिक इमारतों के लिए नगर निकाय विभाग से पास होने वाले नक्शों की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों को भी सुविधा मिलेगी और प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा। उन्होंने इसके लिए समय सीमा भी निर्धारित करते हुए अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सचिवालय में शुक्रवार को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अर्बन चैलेंज फंड को लेकर भी अधिकारियों से अलग अलग पहलुओं पर चर्चा की। जिसके तहत अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को इस योजना के तहत हरियाणा में किए जाने वाले कार्य की योजना बारे पहलुओं को साझा किया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में वेस्ट वाटर के पुनः उपयोग (रीयूज) को लेकर भी गंभीरता से कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरों में स्थापित एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से निकलने वाले पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इस पानी को पार्कों की सिंचाई, उद्योगों तथा कृषि कार्यों में प्रयोग में लाने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री, पार्क और खेती में इस ट्रीटेड पानी का प्रभावी उपयोग हो सके। बकायदा यह भी कहा गया कि एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से पार्क तक अथवा जहां पानी का इस्तेमाल होना है, वहां लंबी अवधि तक चलने वाले पाइप लाइन भी बिछाए जाएं। पार्क, ग्रीन बेल्ट में तो इसे लेकर व्यवस्था करने पर खासा फोकस किया जाए।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि हरियाणा में भविष्य में जो भी नए एसटीपी स्थापित किए जाएंगे, उनमें रियूज वाटर सिस्टम का प्रावधान अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग हो।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मौजूदा सीवरेज व्यवस्था के संबंध में विस्तृत डेटा तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह आंकलन किया जाए कि किन-किन क्षेत्रों में कब और किस जनसंख्या के आधार पर सीवरेज सिस्टम डाला गया था। वर्तमान समय में कई क्षेत्रों की जनसंख्या में भारी वृद्धि हुई है, जो कुछ स्थानों पर तीन गुना तक पहुंच चुकी है। ऐसे में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई रूपरेखा तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए:
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “विकसित भारत” की दिशा में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में कार्यों में देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने नगर निकाय विभाग के सभी प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि टेंडर अलॉट होने के बाद कार्य लंबे समय तक लंबित न रहे। ठेकेदारों को पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करना होगा। यदि आवश्यकता हो तो अधिक मैनपावर, साधन और मशीनरी लगाकर कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि समय अवधि को कम किया जा सके।
सड़कों की संभाल पर खास फोक्स रहे:
बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा 16 हजार किलोमीटर सड़कों की जीआईएस मैपिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। ‘म्हारी सड़क’ ऐप के माध्यम से इन सड़कों से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, क्योंकि सरकार का मुख्य उद्देश्य जनता को बेहतर और सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि विभाग के अंतर्गत आने वाले हरियाणा के विभिन्न निकाय क्षेत्रों में कुल 2,276 सड़कों की पहचान की गई है। इनमें से 1,144 सड़कों का निर्माण 510.34 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इन सड़कों में कुछ ऐसी कच्ची सड़कें भी शामिल हैं, जो पहले ग्रामीण क्षेत्रों में आती थीं, लेकिन अब नगर निगम सीमा में शामिल हो चुकी हैं।
इसी प्रकार 1,083 सड़कों का पुनर्निर्माण किया जाएगा, जिनकी कुल लंबाई 591.51 किलोमीटर होगी और इस पर 594.91 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इसके अतिरिक्त 49 सड़कों को पैचवर्क के लिए चिन्हित किया गया है, जिनकी कुल लंबाई 18.25 किलोमीटर है और इन पर 10.33 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी विकास कार्य समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे हों, ताकि आमजन को बेहतर जीवन स्तर और सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) मिशन निदेशक श्री शाश्वत सांगवान भी मौजूद थे।
क्रमांक-2026
ग्रामीण स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार का फोकस : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
तालाबों की सफाई, गाद निकासी और जल निकास कार्य सुनियोजित व्यवस्था के तहत हों
चंडीगढ़, 3 मार्च – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ सिविल सचिवालय में हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के गांवों में तालाबों तथा अपशिष्ट जल निकासी व्यवस्था की नियमित और समयबद्ध सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनी रहे और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि गांवों के तालाबों से बदबू नहीं आनी चाहिए और घरों में पानी भरने की स्थिति किसी भी हाल में नहीं बननी चाहिए। इसके लिए सफाई, गाद निकासी और जल निकास कार्यों को सुनियोजित एसओपी (SOP) के तहत संचालित किया जाए, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित हो।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन तालाबों का निर्माण, पुनर्निर्माण अथवा आधुनिकीकरण किया जा रहा है, उन्हें बेहतर प्लानिंग, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक डिजाइन के साथ विकसित किया जाए। तालाबों के आसपास सौंदर्यीकरण कार्य भी कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिले तथा लोग वहां सुबह-शाम भ्रमण कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाबों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सोलर पंपों के माध्यम से पानी की नियमित सफाई और प्रवाह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि यदि किसी गांव में सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी, सरपंच और जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने प्रत्येक गांव में पंचायत सचिव की ड्यूटी तालाबों की नियमित निगरानी के लिए निर्धारित करने तथा सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ, सुव्यवस्थित और उपयोगी जल संरचनाएं विकसित करना है, ताकि ग्रामीणों को पूर्ण सुविधा मिले और जलभराव, गंदगी तथा दुर्गंध जैसी समस्याओं से स्थाई राहत मिल सके।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रदेश के 6,538 तालाबों को कार्ययोजना में शामिल किया गया है, जिनमें से अब तक 2,758 कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें 1,718 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 484 कार्य प्रगति पर हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार, विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेंद्र बढ़खालसा, हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्री विमल गोस्वामी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
क्रमांक: 2026
सुमित चावला
इग्नू में दाखिले की अंतिम तिथि 10 अप्रैल तक बढ़ाई गई
चंडीगढ़, 3 अप्रैल - इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मपाल ने बताया कि जनवरी 2026 सत्र के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि 30 मार्च से बढ़ाकर अब 10 अप्रैल 2026 कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि यह निर्णय उन विद्यार्थियों के हित में लिया गया है जो किसी कारणवश अब तक किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं ले पाए हैं। इग्नू में विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया वर्तमान में जारी है, जो विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
डॉ. धर्मपाल ने आगे बताया कि जो विद्यार्थी पहले से किसी अन्य संस्थान में नियमित पाठ्यक्रम (रेगुलर मोड) में अध्ययन कर रहे हैं, वे भी इग्नू से एक अतिरिक्त डिग्री या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। इससे उनके करियर विकल्पों का विस्तार होगा और वे विभिन्न विषयों में गहन ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।
इग्नू में प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इच्छुक विद्यार्थी अपने एंड्रॉइड फोन या कंप्यूटर के माध्यम से आधिकारिक वेबसाइट https://ignouadmission.samarth.edu.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
यदि किसी विद्यार्थी को आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ता है, तो वे अपने नजदीकी अध्ययन केंद्र या क्षेत्रीय केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
रेवाड़ी एम्स के लिए एक स्वतंत्र कैनाल आधारित वाटर वर्क्स स्थापित किया जाएगा : आरती सिंह राव
इस परियोजना पर लगभग 26.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
चंडीगढ़, 3 अप्रैल - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि रेवाड़ी जिले के गांव माजरा मुस्तिल भालखी में स्थित एम्स (AIIMS) के लिए एक स्वतंत्र (इंडिपेंडेंट) कैनाल आधारित वाटर वर्क्स स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए मुख्यमंत्री से मंजूरी मिल चुकी है। इस परियोजना पर लगभग 26.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे सैद्धांतिक (in-principle) स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एम्स के लिए बनने वाले इस वाटर वर्क्स से संबंधित जल आपूर्ति का पूरा खर्च हरियाणा सरकार स्वयं वहन करेगी, जिससे संस्थान को किसी प्रकार की वित्तीय या आपूर्ति संबंधी बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि इस वाटर वर्क्स के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 1500 किलोलीटर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यह व्यवस्था अस्पताल के संचालन, स्वच्छता और मरीजों की देखभाल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।
आरती सिंह राव ने आगे कहा कि यह परियोजना एम्स रेवाड़ी को स्वतंत्र और स्थायी जल आपूर्ति उपलब्ध कराएगी, जिससे संस्थान की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का बुनियादी ढांचा और अधिक मजबूत होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और उन्हें आवश्यक बुनियादी संसाधनों से सुसज्जित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल रेवाड़ी बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
स्कूली बच्चों के पोषण पर सरकार का खास ध्यान
पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के लिए 747 करोड़ का बजट
चंडीगढ़, 3 अप्रैल-हरियाणा सरकार ने स्कूली बच्चों के पोषण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 747 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति प्रदान की है। राज्य के स्कूली बच्चों को पोषण सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही यह एक प्रमुख योजना है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य स्तरीय संचालन एवं निगरानी समिति (एसएलएसएमसी) की उच्च स्तरीय बैठक में इसकी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में योजना के वर्तमान क्रियान्वयन, वित्तीय प्रगति तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना की भी व्यापक समीक्षा की गई।
स्वीकृत बजट में केंद्र सरकार का 222 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार का 525 करोड़ रुपये का हिस्सा है।
मुख्य सचिव श्री रस्तोगी ने सभी जिलों में गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को जिला और विद्यालय स्तर पर निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों को दिया जाने वाला भोजन पौष्टिक, स्वादिष्ट और निर्धारित मानकों के अनुरूप् हो, इसके लिए नियमित निरीक्षण के साथ-साथ विद्यार्थियों से भी फीडबैक लिया जाए। बैठक में धनराशि के प्रभावी उपयोग और समय पर किस्त जारी करने संबंधी उपायों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में मौलिक शिक्षा निदेशक सुश्री मनीता मलिक ने बताया कि आगामी वित्त वर्ष में बाल वाटिका से लेकर उच्च प्राथमिक कक्षाओं तक के 14.8 लाख से अधिक बच्चों को योजना के तहत शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। यह योजना स्कूली बच्चों को आहार उपलब्ध करवाने, सरकारी स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने और विद्यार्थियों का नामांकन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
समिति ने विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन मेन्यू और पोषण संबंधी हस्तक्षेपों की भी समीक्षा की, जिनमें दूध, प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ, मूंगफली पिन्नी और खीर जैसे पूरक पोषण तत्व शामिल हैं।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी, विभिन्न विभागों से समिति सदस्य तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे