हरियाणा सरकार किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध: श्याम सिंह राणा
- कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किया बल्लभगढ़ अनाज मंडी का दौरा, व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण
चंडीगढ़, 16 अप्रैल- प्रदेश सरकार किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सीजन शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। हरियाणा सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी तथा मत्स्य पालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने आज फरीदाबाद जिले की बल्लभगढ़ अनाज मंडी का निरीक्षण किया।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार सभी मंत्री और विधायक फील्ड में रहकर मंडियों का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि बारदाना, उठान, परिवहन, साफ-सफाई या किसी अन्य प्रकार की समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके। उन्होंने बताया कि अब तक कई मंडियों का दौरा किया जा चुका है, जहां अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई हैं, हालांकि कुछ स्थानों पर उठान और परिवहन में देरी जैसी समस्याएं सामने आईं, जिन्हें तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि जिन किसानों की फसल अभी मंडियों तक नहीं पहुंची है, उनके लिए भी उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और किसी भी तकनीकी बाधा, जैसे पोर्टल या सर्वे से जुड़ी समस्या, का समाधान मौके पर ही किया जाए। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान का नाम पोर्टल पर नहीं आता है तो स्थानीय स्तर पर उसका रिकॉर्ड दर्ज कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, ताकि किसान को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि नमी से संबंधित समस्याओं पर भी केंद्र सरकार द्वारा दी गई छूट से किसानों को राहत मिली है।
कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की सराहना करते हुए इसे देश के विकास के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना इस बात का प्रमाण है कि सरकार महिला सशक्तिकरण के प्रति गंभीर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस परिवार और देश में महिलाओं का सम्मान होता है, वहां उन्नति और खुशहाली निश्चित है।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मंडी में आने वाले प्रत्येक किसान को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उनकी फसल का उचित एवं समयबद्ध प्रबंधन किया जाए।
इस अवसर पर बल्लभगढ़ एसडीएम श्री मयंक भारद्वाज, डीएफएससी श्री कविता परिहार, मार्केट कमेटी के अधिकारी, खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि, आढ़ती, ट्रांसपोर्टर तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
क्रमांक -2026
17 अप्रैल से लाइव होंगे सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी द्वितीय वार्षिक परीक्षा के एडमिट कार्ड
- 21 अप्रैल से जिलास्तर पर संचालित होंगी द्वितीय वार्षिक परीक्षाएं
चंडीगढ़, 16 अप्रैल - हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा 21 अप्रैल से संचालित करवाए जाने वाली सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी एवं गुरूकुल/विद्यापीठ की द्वितीय वार्षिक परीक्षा के लिए प्रवेश-पत्र (एडमिट कार्ड) 17 अप्रैल, 2026 से बोर्ड वेबसाइट www.bseh.org.in पर लाइव होंगे। इन परीक्षाओं के लिए प्रदेशभर में जिलास्तर पर 22 परीक्षा केन्द्र स्थापित किए गए हैं। इन परीक्षाओं में लगभग 6298 परीक्षार्थी प्रविष्ट होंगे, जिनमें सैकेण्डरी के 1972 तथा सीनियर सैकेण्डरी के 4326 परीक्षार्थी शामिल हैं। परीक्षा का समय दोपहर 02:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक रहेगा।
इस आशय की जानकारी देते हुए बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी (नियमित/मुक्त विद्यालय) एवं गुरूकुल/विद्यापीठ (पूर्व मध्यमा सह माध्यमिक/उत्तर मध्यमा सह वरिष्ठ माध्यमिक) की द्वितीय वार्षिक परीक्षा हेतु प्रवेश-पत्र (एडमिट कार्ड) कल से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव होंगे।
उन्होंने बताया कि सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की परीक्षाएं 21 अप्रैल से 28 अप्रैल, 2026 तक तथा सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की परीक्षाएं 21 अप्रैल से 01 मई, 2026 तक संचालित होंगी। परीक्षार्थी अपना प्रवेश-पत्र बोर्ड की वेबसाइट पर दिए गए लिंक पर पिछला अनुक्रमांक/नाम, पिता का नाम, माता का नाम भरते हुए डाउनलोड कर सकते हैं। सभी परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र का रंगीन प्रिंट आऊट ए-4 साईज पेपर पर डाउनलोड करना सुनिश्चित करें। यदि उनके विवरणों में कोई त्रुटि है तो तुरंत बोर्ड कार्यालय में संपर्क करते हुए शुद्धि करवा लें। सभी परीक्षार्थी प्रवेश पत्र पर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने आगे बताया कि किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा समाप्ति उपरांत फोटो व हस्ताक्षर में परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी परीक्षार्थी का अनुक्रमांक किसी कारण से रोका गया है तो ऐसे परीक्षार्थी बोर्ड कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में व्यक्तिगत तौर पर वांछित साक्ष्यों/दस्तावेज सहित उपस्थित होकर अपना प्रवेश-पत्र जारी करवा सकते है। दिव्यांग परीक्षार्थी को यदि लेखक की आवश्यकता है तो वह परीक्षा आरंभ होने से पूर्व बोर्ड कार्यालय या परीक्षा केन्द्र पर वांछित साक्ष्यों/दस्तावेज सहित उपस्थित होकर लेखक की अनुमति लेना सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की कठिनाई आने पर बोर्ड वेबसाइट पर जारी हेल्पलाइन नं० 01664-254309, सैकेण्डरी शाखा की ई-मेल assec@bseh.org.in,सीनियर सैकेण्डरी शाखा की ई-मेल assrs@bseh.org.in व हरियाणा मुक्त विद्यालय की ई-मेल adhos@bseh.org.in पर तुरन्त संपर्क करते हुए समाधान करवाना सुनिश्चित करें।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
अंबाला छावनी डोमेस्टिक एयरपोर्ट का उद्घाटन होगा जल्द, लंबित कार्य शीघ्र पूरे करने के निर्देश - ऊर्जा मंत्री अनिल विज
अंबाला से उड़ान भरने को तैयार एयरपोर्ट, सुरक्षा व तकनीकी कार्यों को जल्द पूरा करने के आदेश - अनिल विज
अंबाला एयरपोर्ट से बढ़ेगी कनेक्टिविटी और व्यापार, अयोध्या-श्रीनगर समेत कई रूट्स पर तैयारी - विज
डोमेस्टिक एयरपोर्ट शुरू होने से क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे- विज
अंबाला छावनी बनेगा एयर कनेक्टिविटी हब, ऑफ-एयरपोर्ट कार्गो टर्मिनल की भी तैयारी - विज
चंडीगढ़, 16 अप्रैल - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अंबाला छावनी में निर्मित डोमेस्टिक एयरपोर्ट का उद्घाटन शीघ्र किया जाएगा। इस संबंध में आज हरियाणा सिविल विमानन विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में एयरपोर्ट के शेष कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
अंबाला छावनी एयरपोर्ट का दौरा करेगी तकनीकी टीम- विज
बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गठित कर एयरपोर्ट का निरीक्षण किया जाए, ताकि तकनीकी रूप से लंबित कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण किया जा सके। उन्होंने सीसीटीवी इंस्टॉलेशन, कंट्रोल रूम की स्थापना, सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं, ऑनलाइन यूपीएस, छोटे सिविल कार्य एवं कार्यालय की आवश्यकताओं से जुड़े अन्य कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, स्टाफ एवं वाहनों की उपलब्धता को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। वही, दूसरी ओर श्री विज ने अधिकारियों को कार्गों की सुविधा के लिए ऑफ-एयरपोर्ट एयर टर्मिनल स्थापित करने के संबंध में भी निर्देश दिए।
अंबाला छावनी में एयरपोर्ट स्थापित होने से व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा बढावा- विज
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अंबाला छावनी एक प्रमुख जंक्शन है और यहां से हवाई सेवाएं शुरू होने पर आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी तथा व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, कैथल, करनाल और पानीपत सहित हरियाणा के विभिन्न जिलों के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के भीतर स्थित होने के कारण यात्रियों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
डोमेस्टिक एयरपोर्ट के शुरू होने से क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे - विज
श्री विज ने बताया कि अंबाला से अयोध्या के लिए प्रस्तावित उड़ान को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है और उड़ान शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है। इसके अलावा, श्री विज ने बताया कि अंबाला से श्रीनगर रूट पर एक कंपनी को कार्य दिया जा रहा है जबकि अंबाला-लखनऊ इत्यादि शहरों के लिए विभिन्न एयरलाईन कंपनियों ने आवेदन किया है जिस पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, इस डोमेस्टिक एयरपोर्ट के शुरू होने से क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
श्री विज डोमेस्टिक एयरपोर्ट का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश
बैठक से पूर्व श्री विज ने डोमेस्टिक एयरपोर्ट, अंबाला छावनी का निरीक्षण किया तथा पीडब्ल्यूडी और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। अधिकारियों ने अवगत कराया कि एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने यात्रियों की सुविधाओं-जैसे आवागमन, खान-पान, बैठने की व्यवस्था, वाहन पार्किंग और लगाए गए उपकरणों, जिनमें बैगेज स्कैनर आदि शामिल हैं, की जानकारी ली।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज के प्रयासों से बना डोमेस्टिक एयरपोर्ट
उल्लेखनीय है कि इस डोमेस्टिक एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन के निकट रक्षा मंत्रालय से लगभग 20 एकड़ भूमि 133 करोड़ रुपये में प्राप्त की गई। लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से एयरपोर्ट का बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है तथा आवश्यक उपकरण स्थापित किए गए हैं।
एयरपोर्ट शुरू होने से यात्रियों को होगा लाभ
अंबाला छावनी एक महत्वपूर्ण स्थान होने के चलते डोमेस्टिक एयरपोर्ट के शुरू होने से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। एयरलाइंस को यहां से संचालन की मंजूरी पहले ही प्रदान की जा चुकी है।
बैठक में सिविल विमानन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी.अनुपमा, अतिरिक्त निदेशक श्री मनीष कुमार लोहान, प्रोजैक्ट निदेशक गु्रप कैप्टन ए.एस. गिल और परामर्शदाता (योजना) श्री एम.एस. दूहन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
क्रमांक-2026
सभी नगर निकायों में एक मई से दो सप्ताह तक चलेगा स्पेशल स्वच्छता अभियान : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
- प्रदेश की नवगठित वार्ड समितियों के सदस्यों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुए रुबरु
- शहरों की स्वच्छता में सदस्यों की होगी अहम् भूमिका
चंडीगढ़, 16 अप्रैल - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि राज्य के सभी नगर निकाय संस्थानों में आगामी एक मई 2026 से दो सप्ताह के लिए स्पेशल स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, इस अभियान के अलावा वर्षभर चलने वाले सफाई कार्यों में वार्ड समिति के सदस्यों की अहम भूमिका रहेगी।
उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को अपनी जिमेदारी समझकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "स्वच्छ भारत मिशन" के विज़न को लक्ष्य तक पहुंचाना है। स्वच्छता के मामले में बेहतरीन कार्य करने वाले वार्डों को रैंकिंग के आधार पर उनको इन्सेंटिव देकर सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शहरी स्थानीय निकायों में नवगठित वार्ड समितियों के सदस्यों से रुबरु हो रहे थे।
श्री नायब सिंह सैनी ने सभी सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सफ़ाई व्यवस्था लोगों की सहभागिता से ही संभव है , क्योंकि जब तक प्रत्येक व्यक्ति स्वच्छता की स्वयं जिम्मेवारी नहीं लेगा तब तक इस अभियान को अंजाम तक पहुंचाना संभव नहीं है। उन्होंने समिति के सदस्यों से आह्वान किया कि वे अपने -अपने क्षेत्र के शहरी नगर निकाय में कूड़ा उठाने वाले ठेकेदार से मिलकर उनके वाहन का रुट प्लान इस तरह से तैयार करें कि हर घर तक वाहन पहुंचे और सभी घरों का समय पर कूड़ा उठान सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने इन सदस्यों से स्वच्छता अभियान के लिए सुझाव देने के लिए भी प्रेरित किया और कहा कि अच्छे सुझावों पर गौर करके उनको कार्य में सम्मिलित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने वार्ड समिति के इन सदस्यों को जनता और सरकार के मध्य एक सेतु बताते हुए कहा कि अगर कोई अधिकारी कूड़े के उठान से संबंधित उनकी शिकायत नहीं सुनता है तो राज्य मुख्यालय पर एक हेल्पलाइन नंबर भी दिया जाएगा जिस पर वे अपनी शिकायत उच्च स्तर तक पहुंचा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फ़ैलाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि निर्धारित स्थान की बजाए अन्य स्थान पर कूड़ा फेंकने वाले नागरिकों को समझाएं, टोकें, फिर धीरे-धीरे उनका भी मूड बदलने लगेगा और वे भी स्वच्छता में सहभागी बन जाएंगे। उन्होंने नुक्कड़ नाटक एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों से भी जागरूक करने की बात कही।
उन्होंने वार्ड समिति के सदस्यों को "मेरा वार्ड, स्वच्छ वार्ड" के संकल्प को पूरा करने के लिए आह्वान करते हुए कहा कि उन्होंने अधिकारियों को इन सदस्यों की शिकायतों का निवारण प्राथमिकता के आधार पर करने के लिए निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने सदस्यों को अपने -अपने क्षेत्र में सभी समुदायों के बीच शांति, सौहार्द एवं भाईचारा रखने में सहयोग करने की अपील भी की है। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक पार्क, स्ट्रीट लाइट, स्टेडियम, सरकारी अस्पतालों में भी स्वच्छता के साथ-साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं में कमियों की तरफ भी प्रशासन तथा सरकार का ध्यान आकर्षित करने को कहा। उन्होंने पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए भी जनता की मदद करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव श्री यशपाल तथा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के मिशन-निदेशक श्री शाश्वत सांगवान के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
नगर निगम पंचकूला व अंबाला चुनाव तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित
राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 16 अप्रैल- हरियाणा के राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह कल्याण की अध्यक्षता में आज नगर निगम पंचकूला एवं अंबाला के आम चुनावों की तैयारियों को लेकर पंचकूला में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाता सूची, ईवीएम, चुनाव सामग्री, कानून व्यवस्था, संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान, मतदान कर्मियों की तैनाती, प्रशिक्षण, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं तथा दिव्यांग एवं वरिष्ठ मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाओं सहित सभी प्रबंध समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किए जाएं।
ईवीएम, चुनाव सामग्री और आचार संहिता पालन के निर्देश
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चुनाव के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में ईवीएम और अन्य चुनाव सामग्री की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर कोई बाधा उत्पन्न न हो।
श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने कहा कि 13 अप्रैल 2026 से आदर्श आचार संहिता प्रभावी है, इसलिए चुनाव कार्य से जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने तक नहीं किया जाएगा। इस अवधि में किसी भी प्रकार की नई योजना- परियोजना का शिलान्यास व उद्घाटन नहीं किया जाएगा।
मतदाता सूची और नामांकन प्रक्रिया पर विशेष जोर
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि नगर निगम पंचकूला की वार्डवार अंतिम मतदाता सूची 27 मार्च 2026 को प्रकाशित की जा चुकी है। नियमों के अनुसार चुनाव कार्यक्रम जारी होने से नामांकन की अंतिम तिथि तक संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने का अधिकार रहेगा। केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम संबंधित वार्ड में जोड़े जा सकेंगे, जिनका नाम विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में मौजूद है, लेकिन नगर निगम की वार्डवार सूची में शामिल नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी संभावित प्रत्याशी का नाम संबंधित वार्ड की मतदाता सूची में विधिवत शामिल है तो उसे नामांकन दाखिल करने की अनुमति दी जाएगी।
संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की तुरंत पहचान कर वहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। श्री देवेंद्र कल्याण ने कहा कि मतदान केंद्रों, मतगणना केंद्रों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध रहे।
उन्होंने पुलिस विभाग को असामाजिक तत्वों, अवैध शराब, नशीले पदार्थों, हथियारों एवं आपराधिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। मतदान दिवस से पहले विशेष अभियान चलाने, नाकों और गश्त बढ़ाने तथा मतदान केंद्रों के आसपास वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए। जिन मतदान केंद्रों अथवा संवेदनशील स्थानों पर आवश्यकता हो, वहां सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए।
बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं रहेंगी निर्बाध
बैठक में 09 मई से 13 मई 2026 तक बिजली और पेयजल आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने पर बल दिया गया।
श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक मतदान दल को प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध कराने तथा मतदान दिवस पर मतदाताओं के लिए आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मतदाता सुविधा, वोटर स्लिप वितरण और मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर
मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित करने, स्पष्ट संकेतक लगाने तथा एनएसएस, एनसीसी, स्काउट्स एवं गाइड्स के स्वयंसेवकों की सहायता लेने के निर्देश दिए गए।
श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने विशेष रूप से कहा कि दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता एवं अस्वस्थ मतदाताओं को प्राथमिकता के आधार पर मतदान सुविधा दी जाए। सभी मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर, रैंप, शेड, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि वोटर स्लिप 7 मई तक प्रत्येक घर तक पहुंचाकर वितरित की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि स्लिप्स थोक में न दी जाएं, बल्कि घर-घर जाकर व्यवस्थित रूप से वितरण किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि पिछली बार की तुलना में इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
भवन मरम्मत, स्टाफ रैंडमाइजेशन और शिकायत निवारण
श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने निर्देश दिए कि जिन स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक संस्थानों और अन्य शैक्षणिक भवनों में मतदान केंद्र या मतगणना केंद्र स्थापित किए जाने हैं, वहां भवनों की मरम्मत, स्वच्छता, शौचालय, पेयजल तथा पहुंच मार्गों की स्थिति तुरंत दुरुस्त कराई जाए। उन्होंने पोलिंग स्टाफ की रैंडमाइजेशन और समय पर प्रशिक्षण को विशेष प्राथमिकता देने को कहा।
साथ ही चुनाव संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर शिकायत निवारण प्रकोष्ठ को सक्रिय रखने तथा 48 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रत्याशियों को चुनाव संबंधी एनओसी, अनुमतियां एवं अन्य सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के लिए सिंगल विंडो पोर्टल स्थापित करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
बैठक के दौरान एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया को लेकर उत्पन्न भ्रम को दूर करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि आवश्यक एनओसी केवल संबंधित प्रत्याशी द्वारा ही प्राप्त की जाएगी, उसके परिवार के किसी अन्य सदस्य द्वारा नहीं।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और मतदाता अनुकूल वातावरण में संपन्न कराना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
इस अवसर पर पंचकूला के उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा , अंबाला के उपायुक्त श्री अजय सिंह तोमर, राज्य निर्वाचन आयोग, हरियाणा के सचिव श्री गौरव कुमार सहित संबंधित जिलों के निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में चुनाव तैयारियों से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर की गई व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रस्तुत की।
क्रमांक: 2026
सुमित चावला
सीएफएमएस पर लंबित फाइलों का 15 दिन में निपटारा करें सुनिश्चित- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
एचआरएमएस 2.0 की प्रगति, ई-ऑफिस के उपयोग और जवाबदेही तय हो-मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 16 अप्रैल– हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएफएमएस पोर्टल पर लंबित सभी फाइलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की देरी प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित करती है, इसलिए फाइलों को समयबद्ध तरीके से निपटाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लंबित फाइलों का निपटारा अधिकतम 15 दिनों के भीतर पोर्टल के माध्यम से किया जाए।
मुख्यमंत्री आज यहां सिविल सचिवालय में ह्यूमैन रिसोर्स मॉड्यूल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर सीएफएमएस में लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा करें और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करें।
उन्होंने कहा कि पोर्टल पर फाइलों को समय-समय पर अपडेट करना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि कार्यों की पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के पूर्ण क्रियान्वयन से न केवल कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर महीने इसकी नियमित समीक्षा की जाए और वे स्वयं भी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।
मुख्यमंत्री ने एचआरएमएस के अंतर्गत मौजूद सभी 18 मॉड्यूल्स को विभागवार अपनाने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे मानव संसाधन प्रबंधन में एकरूपता और सुगमता आएगी।
उन्होंने एचआरएमएस 2.0 के विकास की प्रगति, संबंधित अधिनियम की अधिसूचना की स्थिति और इसके क्रियान्वयन की समय-सीमा की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिनियम के तहत अनुपालना की स्थिति का नियमित मूल्यांकन किया जाए और लंबित कार्यों की पहचान कर उन्हें शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाए, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि फाइलों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि प्रदेश के विकास कार्य निर्बाध रूप से चलते रहें और जनता को बेहतर सेवाएं मिलती रहें।
बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, ट्रेजरी एंड अकाउंट्स के डायरेक्टर जनरल श्री सीजी रजनीकांथन, एचआरडी की डायरेक्टर श्रीमती मनदीप कौर, सीएमजीजीए के निदेशक डा. यशपाल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
क्रमांक-2026
किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार: मंत्री कृष्ण लाल पंवार
आग से प्रभावित किसानों को मिलेगा शीघ्र मुआवजा
हरियाणा सरकार किसानों के हित में निरंतर कर रही कार्य
चंडीगढ़, 16 अप्रैल— हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पानीपत के बुआना लाखु गांव में हुई आगजनी की घटना में जिन किसानों की फसलें जलकर नष्ट हो गई हैं, उन्हें सरकार द्वारा हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने वीरवार को पानीपत में प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर किसानों की स्थिति का जायजा लिया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्रवाई करते हुए उन्हें जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नुकसान का सही आकलन कर प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने में कोई देरी न हो।
गौरतलब है कि गत दिवस बुआना लाखु गांव में अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग में करीब 32 किसानों की लगभग 80 एकड़ में खड़ी गेहूं की तैयार फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। इस घटना ने किसानों को आर्थिक रूप से गहरा आघात पहुंचाया है। प्रशासन द्वारा मामले की दो बार जांच भी की जा चुकी है, ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
विकास मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की मेहनत और उनकी आजीविका के महत्व को भली-भांति समझती है। उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता किसानों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा करना है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ सीधे किसानों तक पहुंच रहा है।
इस मौके पर मंत्री ने किसानों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह नुकसान केवल आर्थिक नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत और उम्मीदों का भी है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके दुख में साझेदार है और हर संभव मदद सुनिश्चित करेगी।
क्रमांक— 2026
“हमारी जनगणना, हमारा विकास” — मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण की शुरुआत की
चंडीगढ़, 16 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत स्व—गणना प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए कहा कि जनगणना एक निश्चित अवधि के बाद होने वाली महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसका डाटा पूरी तरह सरल, सुरक्षित और गोपनीय होता है। यह डाटा विभिन्न वर्गों के लिए योजनाएं बनाने तथा भविष्य के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री आज स्व—गणना करने के उपरांत आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 का शीर्ष वाक्य “हमारी जनगणना, हमारा विकास” है, जो इस अभियान के महत्व को दर्शाता है।
एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनगणना और परिसीमन दो अलग-अलग विषय हैं। परिसीमन का कार्य लंबी अवधि के बाद किया जाता है और यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि सार्वजनिक महत्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में भी जनगणना का डाटा अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा, इसलिए सभी राजनीतिक दलों को इसमें सार्थक सहयोग देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि स्व—गणना की प्रक्रिया आज से 30 अप्रैल, 2026 तक चलेगी, जबकि 1 मई से 30 मई तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सफल बनाने में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा जनगणना 2027 की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, जनगणना विभाग हरियाणा के निदेशक श्री ललित जैन, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक श्रीमती वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण अत्रे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
क्रमांक-2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन कर हरियाणा में की जनगणना प्रक्रिया की शुरुआत
जनगणना-2027 विकसित हरियाणा की आधारशिला - मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने जनगणना को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान
हर नागरिक की भागीदारी से ही सफल होगी जनगणना-2027 - मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 16 अप्रैल — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन (Self Enumeration) फॉर्म भर कर राज्य में जनगणना 2027 की प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से उन्होंने प्रदेशवासियों को जनगणना में सक्रिय भागीदारी करने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने वीरवार को यहां आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि स्व-गणना की प्रक्रिया बेहद सरल और समय की बचत करने वाली प्रणाली है। यह पहल प्रधानमंत्री के ईज ऑफ लिविंग और डिजिटल इंडिया के विजन को और सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 विकसित हरियाणा–विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है और यह केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राज्य के समग्र और न्यायसंगत विकास की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में जनगणना का प्रथम चरण 1 मई से 30 मई, 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें मकानों की गणना एवं सूचीकरण का कार्य पूरा किया जाएगा। इससे पूर्व 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नागरिकों को डिजिटली स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जो डिजिटल भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि सटीक और विश्वसनीय जनगणना आंकड़े ही ऐसी नीतियों और योजनाओं के निर्माण को सुनिश्चित करते हैं, जो समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए मंत्र ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ को दोहराते हुए कहा कि यह संकल्प हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही साकार होगा।
उन्होंने कहा कि भारत में जनगणना का गौरवशाली इतिहास रहा है, जिसकी व्यवस्थित शुरुआत वर्ष 1872 में हुई थी। स्वतंत्रता के बाद यह देश की 8वीं और हरियाणा के गठन के बाद 6वीं जनगणना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना के सटीक आंकड़े ही राज्य और देश की विकास योजनाओं की नींव होते हैं। स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण से लेकर गरीब एवं जरूरतमंदों के लिए योजनाओं के निर्माण तक हर नीति की आधारशिला सही जनगणना आंकड़े ही होते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार की सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाएं प्रभावी और न्यायसंगत बन सकें।
उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिससे यह अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनेगी। स्व-गणना सुविधा के तहत नागरिक अपने मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए se.census.gov.in पोर्टल विकसित किया गया है, जहां नागरिक मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी आधारित लॉगिन कर अपने राज्य, जिला और स्थानीय विवरण का चयन कर डिजिटल मानचित्र पर अपने घर को चिह्नित करेंगे और परिवार एवं आवास से संबंधित जानकारी दर्ज करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित और गोपनीय बताया।
जनगणना की जानकारियां पूरी तरह गोपनीय
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय होती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। किसी भी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी के साथ यह जानकारी साझा नहीं की जाती। नागरिकों की निजता और विश्वास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई नागरिक स्व-गणना सुविधा का उपयोग नहीं कर पाता है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। 1 मई से 30 मई के बीच जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। इस दौरान नागरिकों से अनुरोध है कि वे कर्मचारियों को सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें।
उन्होंने युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, पंचायत प्रतिनिधियों, नगर पार्षदों और समाज के जागरूक वर्गों से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर लोगों को जागरूक करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी परिवार इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रहे। उन्होंने जनगणना से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस अभियान की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि जनगणना में हिस्सा लें और इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को मिलकर सफल बनाएं।
जनगणना के लिए लगभग 60 हजार कर्मियों को किया गया प्रशिक्षित
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा वित्तायुक्त और जनगणना के लिए हरियाणा स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ सुमिता मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि देश में 2011 के बाद जनगणना हो रही है। इस बार की जनगणना की खास बात यह है कि इस बार डिजिटल रूप से जनगणना की जा रही है। 16 से 30 अप्रैल तक नागरिक पोर्टल पर जाकर स्व-गणना कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनगणना के लिए लगभग 60 हजार कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। इसके अलावा, जनगणना करने वाले कर्मियों के लिए मानदेय भी बढ़ाया है।
निदेशक, जनगणना श्री ललित जैन ने कहा कि आज हरियाणा के 51000 एन्यूमरेशन ब्लॉक्स को डिजिटलाइज कर दिया है और इनका सारा नजीर नक्शा पोर्टल पर उपलब्ध है, जिससे राज्य के नागरिक आसानी से स्व गणना कर सकेंगे। यह सारा डेटाबेस हरियाणा के विकास के लिए सहायक होगा। उन्होंने बताया कि डिजिटल जनगणना के लिए नागरिक मोबाइल एप्लीकेशन और पोर्टल के माध्यम से कहीं से भी बड़ी आसानी से स्व गणना कर सकता है। इस डिजिटल सेंसस से समय की बचत होगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती हेमा शर्मा, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खांगवाल, अतिरिक्त निदेशक श्री मनीष लोहान, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे।
क्रमांक - 2026
आरटीई के तहत 25 प्रतिशत आरक्षित सीटें आरक्षित करना है अनिवार्य : शिक्षा मंत्री
- निजी स्कूलों को एक और मौका दिया -महीपाल ढांडा
चंडीगढ़, 16 अप्रैल – हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को कक्षा प्रथम एवं उससे पूर्व की कक्षाओं में वंचित एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है। इस संबंध में विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए थे कि सभी विद्यालय अपनी आरक्षित सीटों का विवरण विभागीय वेबसाइट एवं उज्ज्वल पोर्टल पर 11 मार्च से 20 मार्च 2026 तक अपलोड करें।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के कुल 9230 निजी विद्यालयों में से 8621 विद्यालयों ने समय रहते पोर्टल पर सीटें घोषित कीं, जबकि 609 विद्यालयों ने निर्देशों का पालन नहीं किया। इसके अतिरिक्त सीटें घोषित करने वाले 8621 विद्यालयों में से 891 विद्यालय ऐसे पाए गए, जिन्होंने अपनी मान्यता से संबंधित आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड नहीं किए। इसी कारन उनकी प्रविष्टियां अस्वीकृत कर दी गईं हैं। इस लापरवाही के कारण विभाग द्वारा लगभग 1500 विद्यालयों का एमआईएस पोर्टल अस्थायी रूप से बंद किया गया।
शिक्षा मंत्री श्री ढांडा ने कहा कि इस विषय को लेकर निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने उनसे भेंट कर अवगत कराया कि सत्र 2026-27 की दाखिला प्रक्रिया जारी है, लेकिन एमआईएस पोर्टल बंद होने के कारण प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इस पर गंभीरता से विचार करते हुए सरकार ने बच्चों और अभिभावकों के हित को सर्वोपरि मानते हुए एक संवेदनशील निर्णय लिया है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि जिन विद्यालयों का एमआईएस पोर्टल सीटें घोषित न करने या दस्तावेज अपलोड न करने के कारण बंद किया गया था, उन्हें अब पुनः खोलते हुए एक और अवसर प्रदान किया गया है। संबंधित विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शीघ्रता से अपनी मान्यता से संबंधित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करें तथा आटीई अधिनियम के तहत 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों का विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक वंचित एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी निजी विद्यालयों को अधिनियम के प्रावधानों का पूर्णतः पालन करना होगा। उन्होंने स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी पात्र बच्चे को शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहना पड़े।
क्रमांक-2026
हरियाणा में दो आईएएस अधिकारियों का तबादला
अनुपमा अंजलि बनीं महेंद्रगढ़ की उपायुक्त
चंडीगढ़, 16 अप्रैल— हरियाणा सरकार ने तुरन्त प्रभाव से दो आईएएस अधिकारियों के तबादला एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार महेंद्रगढ़ (नारनौल) के उपायुक्त श्री मनोज कुमार-I को वित्त विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
इसी प्रकार, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी), फरीदाबाद की प्रशासक तथा शहरी संपदा, फरीदाबाद की अतिरिक्त निदेशक सुश्री अनुपमा अंजलि को महेंद्रगढ़ (नारनौल) का उपायुक्त लगाया गया है।