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हरियाणा

Haryana Latest News 2026

July 19, 2026 07:05 AM

हिसार में भव्य रोज़गार मेले का आयोजन: लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने किया उद्घाटन, युवाओं को मिली सीधी भर्ती की राह

 चंडीगढ़, 18 जुलाई— हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। रोजगार मेले युवाओं और नियोक्ताओं के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य करते हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को रोजगार प्राप्त करने में आसानी होती है।

 

मंत्री रणबीर गंगवा शनिवार को हिसार में मंडल रोजगार कार्यालय तथा गुरु गोरखनाथ जी राजकीय महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य रोजगार मेले का शुभारंभ करने उपरांत बोल रहे थे। उन्होंने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सरकार युवाओं को निजी क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

 उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि रोजगार मेले युवाओं को उनकी योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं क़ो विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों एवं संस्थानों से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे युवाओं को अपने कौशल के अनुरूप रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिलती है तथा वे आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

 उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि हमारे युवा ही विकसित भारत और विकसित हरियाणा के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। युवाओं में अपार प्रतिभा, ऊर्जा और क्षमता है, जिसे सही दिशा और अवसर मिलने पर वे देश एवं प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

हरियाणा में व्यावसायिक शिक्षा ने पकड़ी रफ्तारदोगुना होगा विस्तार

 भविष्य की तकनीकों से रूबरू होंगे विद्यार्थीसरकारी स्कूलों में शुरू होंगे एआई और फिनटेक जैसे विषय

 मुख्य सचिव ने की समग्र शिक्षा योजना की समीक्षाजिलों में 100 फीसदी नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश

 चंडीगढ़, 18 जुलाई-हरियाणा सरकार सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा का दायरा दोगुना करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी (फिनटेक) जैसे आधुनिक विषय शुरू करने तथा डिजिटल एवं कौशल आधारित शिक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान कर रोजगार एवं उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना है।

 मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां समग्र शिक्षा योजना की समीक्षा बैठक में इस संबंध में तैयार कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

 

बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शिक्षा सुधारों के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक आधारभूत सुविधाएं और उद्योगोन्मुखी कौशल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में 100 फीसदी नामांकन सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम में सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।

 

स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया ने बताया कि सरकार ने प्रथम चरण में 306 अतिरिक्त सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इससे वर्ष 2026-27 में माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों में व्यावसायिक शिक्षा की पहुंच 31 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी। सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य राज्य के सभी सरकारी माध्यमिक एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों तक इस कार्यक्रम का विस्तार करना है।

 

उन्होंने बताया कि वर्तमान में संचालित 15 व्यावसायिक क्षेत्रों के अतिरिक्त विभाग द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी (फिनटेक) जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है। इससे विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों का शुरुआती ज्ञान मिलेगा और भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए वे बेहतर रूप से तैयार हो सकेंगे।

 

बैठक में बताया गया कि व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान 1,382 सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक के लगभग 1.58 लाख विद्यार्थियों को कार्यशालाओं, इंटर्नशिप, परियोजनाओं तथा कौशल मेलों के माध्यम से व्यावसायिक शिक्षा से परिचित कराया गया। वहीं माध्यमिक स्तर पर 1,398 सरकारी विद्यालयों में 2.13 लाख विद्यार्थी व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें से लगभग 45 प्रतिशत विद्यार्थियों ने कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का चयन किया है।

 

राज्य परियोजना निदेशक श्री स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बताया कि हरियाणा बहुभाषी शिक्षा को भी बढ़ावा दे रहा है। वर्तमान में 26 सरकारी स्कूलों में लगभग 4,000 विद्यार्थियों को फ्रेंच भाषा पढ़ाई जा रही है, जबकि अगले चरण में सरकारी स्कूलों में जर्मन भाषा भी शुरू करने का प्रस्ताव है।

 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार स्कूलों की जिला स्तर पर निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में स्कूल शिक्षा की समग्र निगरानी एवं पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एडीसी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, डिजिटल सुविधाओं के रखरखाव, स्वच्छता, शिक्षण गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं अनुशासन के साथ-साथ निर्माण कार्यों और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की समयबद्ध प्रगति की निगरानी करेंगे। इससे जिला स्तर पर प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित होगा और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार आएगा।

 

उन्होंने बताया कि यू-डाइस 2025-26 के अनुसार स्कूल नामांकन के मामले में हरियाणा राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। राज्य का माध्यमिक स्तर पर सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) 94 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 81.5 प्रतिशत है। इसी प्रकार उच्च माध्यमिक स्तर पर जीईआर 79 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 61.7 प्रतिशत है। विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क परिवहन, साइकिल वितरण तथा विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना जैसी पहलें खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने में सहायक हो रही हैं।

 

स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए वर्ष 2026-27 में 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 2,000 किशोरों की पहचान की गई है। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा शुल्क एवं स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिए 40 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग इस दिशा में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। साथ ही स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए शिक्षकों द्वारा परामर्श भी दिया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक जिले में एक सरकारी स्कूल को व्यावसायिक एवं लचीली शिक्षा (फ्लेक्सिबल लर्निंग) के मॉडल संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।

 

बैठक में मुख्य सचिव को अवगत कराया गया कि राज्य के सरकारी विद्यालयों में बिजली, सुरक्षित पेयजल तथा छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालयों की 100 फीसदी उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। लगभग 99 प्रतिशत स्कूल स्मार्ट कक्षाओं, आईसीटी प्रयोगशालाओं, इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा स्टेम (एसटीईएम) सुविधाओं सहित डिजिटल आधारभूत संरचना से सुसज्जित हैं।

 

बैठक में राज्य सरकार द्वारा शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए संचालित 218 मॉडल संस्कृति स्कूलों, 251 पीएम श्री विद्यालयों, 250 मुख्यमंत्री उत्कृष्टता प्रोत्साहन विद्यालयों, 500 विद्यार्थियों तक विस्तारित सुपर-100 कार्यक्रम तथा मिशन बुनियाद की भी समीक्षा की गई।

 

इसके अलावा हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड,  सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) ढांचे के अंतर्गत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा सरकारी विद्यालयों में गुणवत्ता मूल्यांकन एवं शैक्षणिक निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए स्कूल एक्रेडिटेशन हरियाणा (सच) पोर्टल के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।

 

क्रमांक : 2026

 

 

 

 

 

 

युवा नशे से नहींखेल और शिक्षा से जुड़ेंतभी बनेगा विकसित भारत : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

मुख्यमंत्री  ने कहा हर थाना बनेगा नशामुक्त समाज का प्रहरीजनभागीदारी से चलेगा व्यापक अभियान

 

 'ड्रग्स मुक्त हरियाणाको मिलेगा जन आंदोलन का स्वरूपहर स्तर पर बनेगी नशा मुक्ति टास्क फोर्स

 

मुख्यमंत्री ने हरियाणा पुलिस अकादमीमधुबन में आयोजित "एक पुलिसएक संकल्प – 'ड्रग्स मुक्त हरियाणा'" कार्यक्रम में की शिरकत

 

चंडीगढ़, 18 जुलाई – मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज, संस्कार और मानवता की रक्षा का अभियान है। उन्होंने कहा कि नशा अनेक परिवारों को बर्बाद कर रहा है और युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रहा है। ऐसे में इसे जनभागीदारी के माध्यम से जन आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री शनिवार को करनाल स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन में आयोजित "एक पुलिस, एक संकल्प – 'ड्रग्स मुक्त हरियाणा'" कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। हरियाणा पुलिस के सभी थाना प्रभारियों (एसएचओ) के साथ आयोजित इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के संकल्प को और सुदृढ़ करना तथा इस दिशा में प्रभावी रणनीति तैयार करना था।

*सुपर-100 के 70 विद्यार्थियों को दी बधाई*

मुख्यमंत्री ने नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले सुपर-100 कार्यक्रम के 70 विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इनका मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर एवं साधारण परिवारों से हैं। उनकी सफलता सरकार द्वारा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों का परिणाम है।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन भी किया। पत्रिका में विदेशों से प्रत्यर्पित कर भारत लाए गए अपराधियों सहित विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और महत्वपूर्ण अभियानों का उल्लेख किया गया है।

 

*हर थाना सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बने*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक थाना केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित न रहे, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बने। थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और युवा मंडलों के साथ नियमित संवाद स्थापित करें तथा युवाओं को नशे और अपराध से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि आज नशे का कारोबार आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया और संगठित अपराध के माध्यम से युवाओं तक पहुंच रहा है। इसलिए पुलिस को भी आधुनिक तकनीक के अनुरूप सजग, सक्रिय और सक्षम बनना होगा। केवल तस्करों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना आवश्यक है। साथ ही पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता, संवेदनशीलता और पुनर्वास पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा। जब पुलिस, परिवार, शिक्षक, चिकित्सक, सामाजिक संगठन, मातृशक्ति और युवा शक्ति एकजुट होकर कार्य करेंगे, तभी नशा मुक्त हरियाणा का लक्ष्य साकार होगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। हरियाणा को खेलों का हब बनाना है, ताकि युवा नशे की गिरफ्त में आने के बजाय मैदान में उतरकर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतें। स्वस्थ, अनुशासित और खेल संस्कृति से जुड़े युवा ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बनेंगे।

 

*हर स्तर पर बनेगी नशा मुक्ति टास्क फोर्स*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जिला, उपमंडल, ब्लॉक, गांव और वार्ड स्तर तक नशा मुक्ति टास्क फोर्स का गठन करेगी। इसमें जनप्रतिनिधियों, थाना प्रभारियों, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, युवा एवं महिला मंडलों, केमिस्ट एसोसिएशन तथा समाज के प्रबुद्ध नागरिकों को शामिल किया जाएगा, ताकि नशे के खिलाफ व्यापक सामाजिक अभियान चलाया जा सके।

 

उन्होंने थाना प्रभारियों से ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक थाना प्रभारी यह संकल्प ले कि उसके क्षेत्र में नशे का कारोबार नहीं होने देगा, तो नशा माफिया के लिए हरियाणा में कोई स्थान नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है तथा उसका सम्मान हर परिस्थिति में सर्वोपरि रहना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं का स्वस्थ, जागरूक, नशामुक्त और खेलों से जुड़ा होना आवश्यक है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों से आह्वान किया कि वे 'नशा मुक्त हरियाणा' अभियान को जन-जन का अभियान बनाकर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

 

*पुलिस अधिकारियों की मांगों पर मुख्यमंत्री की घोषणाएं*

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पुलिस अधिकारियों के साथ संवाद के दौरान विभाग से जुड़े विभिन्न सुझावों और मांगों पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि तफ्तीश (Investigation) हेड के तहत उपलब्ध राशि बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये की जाएगी, ताकि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जांच अधिकारियों (आईओ) को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।

उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के विरुद्ध उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए एनडीपीएस मामलों में हरियाणा की अलग पुरस्कार नीति तैयार की जाएगी। इसके लिए अन्य राज्यों की पुरस्कार नीति का अध्ययन कर हरियाणा के अनुरूप नीति बनाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्यूल पर्पज़ ड्रग्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित एंड-टू-एंड मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके तैयार होने तक सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि ऐसी दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

उन्होंने बताया कि ग्रुप-डी कर्मचारियों के कार्यों के बेहतर प्रबंधन के लिए भी सरकार विचार कर रही है। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों की योग्यता और कौशल के अनुरूप उनकी ड्यूटी सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग से मेडिकल अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, समाज कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश के प्रत्येक जिले में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे, विशेष रूप से संवेदनशील जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि गैंगस्टरों और अपराधियों के महिमामंडन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया से जुड़े प्रतिनिधियों तथा कंटेंट क्रिएटर्स के साथ बैठक कर सुझाव लिए जाएंगे, जिसके बाद आवश्यक एडवाइजरी जारी करने पर निर्णय लिया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जो थाना प्रभारी अपने क्षेत्र को प्रभावी रूप से नशामुक्त बनाने में सफल होगा, सत्यापन के उपरांत उसे सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से थाना प्रभारियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और नशा मुक्त हरियाणा अभियान को नई गति मिलेगी।

 

 

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल ने कहा कि विभाग द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध पूरे प्रदेश में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं तथा उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही नहीं कर रही, बल्कि जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक कर रही है। उन्होंने विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों तथा उनकी उपलब्धियों की भी जानकारी दी।

 

इस अवसर पर विधायक श्री योगेंद्र राणा, करनाल की मेयर श्रीमती रेणुबाला गुप्ता, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन की निदेशक श्रीमती कला रामचंद्रन, हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक श्री नवदीप सिंह विर्क, श्री पंकज नैन सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

क्रमांक : 2026

सुमित चावला

 

 

 

 

 

 

 

मुख्यमंत्री  ने स्व. गुरनाम सिंह गुर्जर को दी भावभीनी श्रद्धांजलिकहा- उनका निधन संगठन व समाज के लिए अपूरणीय क्षति

चंडीगढ़, 18 जुलाई। भाजपा जिला अंबाला कार्यकारिणी सदस्य,  शहजादपुर के पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं ब्लॉक समिति शहजादपुर के पूर्व चेयरमैन  गुरनाम सिंह गुर्जर का 17 जुलाई को हृदय गति रुकने से निधन हो गया ।हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शनिवार को जिला अंबाला के गांव धनाना स्थित स्वर्गीय गुरनाम सिंह गुर्जर के निवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय गुरनाम सिंह गुर्जर की पार्थिव देह पर शॉल ओढ़ाकर तथा भारतीय जनता पार्टी का ध्वज अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

 मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वर्गीय गुरनाम सिंह गुर्जर के  परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वर्गीय गुरनाम सिंह गुर्जर भारतीय जनता पार्टी के कर्मठ, अनुशासित एवं समर्पित कार्यकर्ता थे। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ समाज सेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। उनका सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, जनसेवा के प्रति समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा सदैव प्रेरणादायी रहेगी।

 मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति दें।

 

क्रमांक— 2026

 

 

 

हरियाणा में ईवी चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार में डिस्कॉम की उल्लेखनीय उपलब्धि : विक्रम सिंह

 

30 जून तक 789 ईवी चार्जिंग स्टेशन एवं पॉइंट स्थापितवार्षिक लक्ष्य का 88 प्रतिशत हासिल

 

चंडीगढ़, 18 जुलाई- हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने की दिशा में बिजली वितरण निगमों ने बड़ी  उपलब्धि हासिल की है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) द्वारा प्रदेशभर में ईवी चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है ।

 

यूएचबीवीएन एवं डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के कहा कि 30 जून 2026 तक प्रदेश में 789 ईवी चार्जिंग स्टेशन एवं पॉइंट स्थापित किए जा चुके हैं, जो वर्ष 2026 के लिए निर्धारित 900 के लक्ष्य का लगभग 88 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ई-मोबिलिटी नीति तथा स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के अनुरूप पूरे प्रदेश में आधुनिक, सुलभ एवं विश्वसनीय ईवी चार्जिंग अवसंरचना विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी आएगी, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी ।

 

उन्होंने कहा कि डिस्कॉम के विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में लक्ष्य के अनुरूप उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। गुरुग्राम में 380 के लक्ष्य के मुकाबले 336, फरीदाबाद में 60 में से 49, मानेसर में 60 में से 54, सोनीपत में 150 में से 126, करनाल में 100 में से 89, पानीपत में 75 में से 64 तथा रोहतक में 75 के लक्ष्य के मुकाबले 71 ईवी चार्जिंग स्टेशन एवं पॉइंट स्थापित किए जा चुके हैं ।

 

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को शेष लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख शहरी, औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग सुविधाओं का व्यापक विस्तार सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, सुविधाजनक, विश्वसनीय एवं निर्बाध चार्जिंग सेवाएं उपलब्ध हो सकें और हरियाणा स्वच्छ एवं सतत परिवहन की दिशा में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान ओर मजबूत कर सके ।

 

क्रमांक— 2026

 

 

 

 

 

 

 

 

 

स्वच्छता जनभागीदारी का सबसे बड़ा माध्यमइसे हर व्यक्ति अपने जीवन का हिस्सा बनाए : कृष्ण लाल पंवार

 

इसराना विधानसभा के गांव वैसर में विकास एवं पंचायत मंत्री ने किया स्वच्छता अभियान का शुभारंभप्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 171 पात्र परिवारों को सौंपे आवंटन पत्र

 

प्रदेश सरकार गांवों के समग्र विकासस्वच्छता और गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है - पंवार

 

चंडीगढ़, 18 जुलाई— हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने शनिवार को पानीपत में इसराना विधानसभा क्षेत्र के गांव वैसर में आयोजित कार्यक्रम में स्वच्छता अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं स्वच्छता अभियान में भाग लेकर ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश दिया तथा उपस्थित जनसमूह से अपने गांव, गली, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 171 गरीब एवं पात्र परिवारों को आवंटन पत्र भी वितरित किए।

 

मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल सरकार का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक और नैतिक दायित्व है। जब तक समाज का प्रत्येक व्यक्ति स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत नहीं बनाएगा, तब तक स्वच्छ और स्वस्थ भारत का सपना पूरी तरह साकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन ने पूरे देश में स्वच्छता के प्रति नई जागरूकता पैदा की है और हरियाणा सरकार भी इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण से न केवल बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आता है। गांवों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होने से पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक विकास को नई गति मिलती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे खुले में कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति छोड़ें, कूड़े का उचित प्रबंधन करें तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

 

विकास एवं पंचायत मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। पंचायतों को अधिक सशक्त बनाया जा रहा है तथा गांवों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, नालियां, सामुदायिक भवन, खेल सुविधाएं और अन्य मूलभूत विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल विकास कार्य करवाना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक गांव को आत्मनिर्भर, स्वच्छ और आधुनिक बनाना है।

 

प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रत्येक गरीब परिवार का अपना पक्का घर होना सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार तथा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र परिवार आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से आज गांव वैसर में 171 पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटन पत्र सौंपे गए हैं। उन्होंने लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपना घर केवल एक भवन नहीं होता, बल्कि यह परिवार के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार होता है।

उन्होंने कहा कि सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रयास किए जा रहे हैं। गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा और समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं।

 

मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता अभियान को नियमित जनआंदोलन के रूप में संचालित किया जाए तथा पंचायतों के सहयोग से गांवों में साफ-सफाई की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा प्रत्येक योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।

 

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