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हरियाणा

Haryana Latest News July 2026

July 22, 2026 07:55 AM

लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपना वोट अवश्य बनवाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 मुख्यमंत्री ने पिंजौर के मानकपुर गांव स्थित देवीलाल कॉलोनी में आयोजित  टिफिन बैठक में लिया भाग

 चंडीगढ़, 21 जुलाई-   हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना वोट अवश्य बनवाना चाहिए। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के सहयोग के लिए प्रत्येक राजनीतिक दल अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करता है, जो मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने तथा अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यों में लोगों का सहयोग करते हैं।

 इसी कड़ी में आज प्रदेशभर में पार्टी द्वारा हरियाणा के सभी 4729 शक्ति केंद्रों पर टिफिन बैठकों का आयोजन किया गया। पिंजौर के मानकपुर गांव स्थित देवीलाल कॉलोनी में आयोजित एक टिफिन बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वयं भाग लिया और पार्टी संगठन की मजबूती के लिए बीएलए तथा अन्य पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर कालका की विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, जिलाध्यक्ष श्री अजय मित्तल, मंडलाध्यक्ष श्री हरीश मोंगा, भाजपा बीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष श्री सुनील धीमान, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती पवन कुमारी, वार्ड पार्षद श्री गुलशन ठाकुर तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

 मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रत्येक परिवार को आवास उपलब्ध करवाने के संकल्प को प्रदेश में प्रभावी रूप से साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वे योजनाओं के लाभार्थियों के घर जाकर भी उनसे योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभ की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

 इसी क्रम में आज उन्होंने हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना-2 के अनुसूचित जाति के दो लाभार्थियों, श्रीमती सरोज और श्रीमती जयंती, के घर जाकर उनसे मुलाकात की तथा उनके साथ भोजन भी किया। इन दोनों लाभार्थियों को योजना के तहत पिंजौर के सेक्टर-28 स्थित मानकपुर गांव में 30-30 वर्ग गज के प्लॉट आवंटित किए गए हैं।

युवाओं में शोध, कौशल और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
विश्वविद्यालयों में शोध कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट जारी
सरकार का लक्ष्य- युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें
सरकार स्कूलों में शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का कर रही विस्तार
चंडीगढ़ 21 जुलाई - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि युवाओं में शोध कार्यों के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ाने और उनमें लोकतांत्रिक मूल्यों तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करने के लिए महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में युवा संसद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इस प्रतियोगिता का अंतिम चरण लोकसभा में आयोजित होता है, जिसमें देशभर के प्रतिभागी हिस्सा लेते हैं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को पंचकूला के पिंजौर स्थित एप्पल मार्केट में आयोजित युवा संवाद तथा किसानों और व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक शक्ति रानी शर्मा भी उपस्थित रहे।
इस दौरान महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल की छात्रा सोनाक्षी द्वारा दिए गए सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मिशन बुनियाद कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत प्रदेश के 103 विद्यालयों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों के विद्यार्थियों को कुरुक्षेत्र स्थित सुपर-100 संस्थान में अतिरिक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और इन स्कूलों के विद्यार्थी आईआईटी-जेईई जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर देश के अग्रणी संस्थानों, जैसे आईआईटी खड़गपुर और आईआईटी रुड़की, में प्रवेश ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष सुपर-100 कार्यक्रम के तहत 400 विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाएं दीं, जिनमें से 271 का देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश हुआ है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत आयोजित तैयारी के परिणामस्वरूप 61 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा भी उत्तीर्ण की है, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसी का परिणाम है कि आज युवाओं का चयन बिना खर्ची और बिना पर्ची के, पूरी तरह योग्यता एवं मेरिट के आधार पर एचसीएस जैसे प्रतिष्ठित पदों पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में किए गए सुधारों के सार्थक और सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं।
प्रदेश में किसानों के लिए बनाए जा रहे फल कलस्टर
महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल की छात्रा दीपिका ने बागवानी विश्वविद्यालयों में आधारभूत ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को और सुदृढ़ करने का सुझाव दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं, ताकि सभी परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें। उन्होंने बताया कि अंबाला, झज्जर सहित अन्य स्थानों पर क्षेत्रीय केंद्र एवं उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश में किन्नू, अमरूद, स्ट्रॉबेरी और लीची के क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों की उत्पादकता बढ़े और उन्हें अपनी उपज का बेहतर एवं लाभकारी मूल्य मिल सके। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार की छात्रा मनीषा ने सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए शहरों में जमीनी स्तर पर यूथ फोर्स गठित करने तथा पर्यावरण संरक्षण एवं अन्य सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवाओं को प्रशंसा-पत्र प्रदान करने का सुझाव दिया।
योजनाओं की मदद से युवा नौकरी लेने नहीं देने वाला बने
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्योगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उद्योगों को कुशल युवा उपलब्ध करवाने और यूथ फोर्स को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के साथ एमओयू किए गए हैं, जिसके तहत युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उनकी प्लेसमेंट प्रक्रिया भी आसान होगी।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा उद्योगों में भी स्किल सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां युवाओं को उनकी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे आसानी से रोजगार प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। इसके लिए मुद्रा योजना, स्टार्टअप सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी क्षमता और जरूरत के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
केंद्रीय विश्वविद्यालय, महेंद्रगढ़ के विद्यार्थी आलोक ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए माउंटेन ट्रेनिंग की व्यवस्था करने तथा मजदूरों के बच्चों की शिक्षा के लिए प्रत्येक जिले में मोबाइल स्कूल संचालित करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्योगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उद्योगों को कुशल युवा उपलब्ध करवाने और यूथ फोर्स को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के साथ एमओयू किए गए हैं, जिसके तहत युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उनकी प्लेसमेंट प्रक्रिया भी आसान होगी।
10 जमा दो तक बच्चों की जा रही ट्रेकिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मजदूरों के वंचित बच्चों के लिए जीरो ड्रॉपआउट नीति पर कार्य कर रही है। ऐसे बच्चों की कक्षा 5वीं, 8वीं और 12वीं तक निरंतर ट्रैकिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे किसी कारणवश विद्यालय से बाहर हो जाते हैं, उनके लिए सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। श्रम विभाग की ओर से ऐसे बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके अलावा, उनके लिए छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मोबाइल स्कूल शुरू करने के सुझाव पर भी सरकार विचार करेगी।
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, रेवाड़ी की छात्रा निधि ने विश्वविद्यालय स्तर पर सामाजिक चेतना बढ़ाने के लिए समन्वय समिति गठित करने और कौशल विकास की कक्षाएं शुरू करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे संस्कारों का विकास बचपन से ही शुरू होता है। इसके लिए स्कूलों में श्रमदान के पीरियड शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं का रुझान केवल डिग्री और किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर खेलों सहित अन्य रचनात्मक गतिविधियों की ओर भी बढ़ना चाहिए।
व्यापारियों से संवाद
बिजली मुहैया करवाने के लिए 132 केवी सब-स्टेशन का निर्माण कार्य प्रगति पर, पेयजल हेतु होगा जल घर का निर्माण
व्यापारी मोनू मेहता के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एप्पल मंडी में पेयजल के लिए जलघर बनाने का कार्य किया जा रहा है ताकि कालका पिंजौर के लोगों को भी स्वच्छ एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिल सके। इसके अलावा मोरनी क्षेत्र में भी पेयजल समस्या का निदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्बाध रूप से बिजली मुहैया करवाने के लिए 132 केवी का सब स्टेशन बनाया जा रहा है। एक अन्य व्यापारी के मार्केट फीस घटाने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्ट्रा मॉर्डन एप्पल मंडी बनाने के लिए यह राशि मंडी में सुविधाओं पर ही खर्च की जा रही है। इस सुझाव बारे अधिकारियों से बातचीत कर हल निकाला जाएगा। एक अन्य सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी में किसानों के ठहरने के लिए विश्राम गृह के निर्माण का कार्य प्रस्तावित है। व्यापारियों के लिए अटल केंटीन की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके साथ ही पार्किंग तथा सुरक्षा की व्यवस्था का भी आवश्यक प्रबंध किया जाएगा।
प्रदेश में 1 करोड़ 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य किया गया निर्धारित-मुख्यमंत्री
पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करें
वन महोत्सव जनभागीदारी का अभियान बने : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
शहरों में ट्री गार्ड के साथ लगाये जाएंगे पौधे
चंडीगढ़, 21 जुलाई। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पौधे लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक जरूरी उनकी देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना है। वन महोत्सव केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे समाज की व्यापक भागीदारी से सफल बनाया जाए, ताकि प्रदेश में हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिले।
मुख्यमंत्री मंगलवार को वन महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल ने बताया कि इस वर्ष वन महोत्सव के तहत पूरे प्रदेश में 1 करोड़ 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए स्थानों की पहचान कर ली गई है। इनमें 3400 स्थानों पर वन विभाग द्वारा 1 करोड़ 10 लाख पौधे, जबकि करीब 900 अन्य स्थानों पर विभिन्न विभागों द्वारा 30 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि वन महोत्सव चार चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसके तहत 30 जुलाई, 7 अगस्त, 14 अगस्त और 21 अगस्त को पौधारोपण किया जाएगा। प्रत्येक चरण में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। बैठक में राज्य स्तरीय कार्यक्रम की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान में सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) तथा आम नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। बैठक में ऑक्सिवन परियोजना को लेकर भी चर्चा की गई। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को "एक पेड़ मां के नाम 2.0" अभियान की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि विभाग नेशनल हाईवे अथॉरिटी से सामंजस्य स्थापित करते हुए हाइवे पर भी पौधारोपण अभियान चलाए, साथ ही शहरों में छोटी जगह पर मियाबांकी स्थापित किए जाए।
उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) इस अभियान में विशेष भूमिका निभाएं और पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर पौधारोपण सुनिश्चित करें। शहरों में ट्री गार्ड के साथ पौधे लगाए जाएं तथा सड़कों के दोनों ओर ऐसे छायादार पौधों का चयन किया जाए, जिनकी ऊंचाई नियंत्रित रहे और जो शहरी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हों। इसके अलावा बड़े एवं खुले चौराहों तथा सार्वजनिक स्थलों पर भी पौधारोपण किया जाए, ताकि शहरों की सुंदरता और हरियाली दोनों बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के प्रवेश द्वारों को भी हरियाली से आकर्षक बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यमुनानगर में प्रस्तावित मैराथन के दौरान भी विशेष पौधारोपण अभियान चलाया जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस बार लगाए जाने वाले सभी पौधों की जियो-टैगिंग की जाएगी, ताकि उनकी स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जा सके और देखभाल सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूएलबी वार्ड समितियों के साथ समन्वय स्थापित करें और उन्हें भी पौधों की देखभाल के लिए प्रेरित करें। इसके अलावा शिक्षा विभाग, स्कूलों के विद्यार्थियों, स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) तथा अभिभावकों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता पैदा हो। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान विधायक, मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि भी पौधारोपण कार्यक्रमों में भाग लेंगे और लोगों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करे कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल हो, ताकि वे सुरक्षित रहें और उनका लाभ हो सके।
बैठक के दौरान पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरूण गुप्ता, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्रा कुमार, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज यादव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त और सचिव श्री अशोक मीणा, नागरिक उड्डयन हरियाणा के महानिदेशक श्री अशंज सिंह, हरियाणा वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. के.सी. मीणा, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बीबी भारती, विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पवन चौधरी भी मौजूद थे।
हरियाणा के राज्यपाल ने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की, सभी विश्वविद्यालयों में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित करने के दिए निर्देश
2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए हरियाणा में विकसित करें अत्याधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर - प्रो. असीम कुमार घोष
चंडीगढ़, 21 जुलाई - हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज चंडीगढ़ स्थित लोक भवन में हरियाणा के खेल मंत्री श्री गौरव गौतम के साथ बैठक कर राज्य में खेल अवसंरचना (स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर) की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें।
खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने आज राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने प्रदेश में युवाओं के बीच खेल संस्कृति को बढ़ावा देने तथा खेल क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
ओलंपिक की तैयारी के लिए खेल अवसंरचना सुदृढ़ करने पर बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2036 तक भारत को विश्व की अग्रणी खेल शक्तियों में शामिल करने का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार भी वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि खेल विभाग यह सुनिश्चित करे कि प्रदेशभर में, विशेषकर विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में, अत्याधुनिक खेल अवसंरचना विकसित की जाए, ताकि जमीनी स्तर से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाओं एवं निरंतर सहयोग के बल पर हरियाणा के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक तालिका में अग्रणी स्थान बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कम आयु में ही पहचान कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं तथा उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा बना देश की खेल प्रतिभाओं की नर्सरी - गौरव गौतम
श्री गौरव गौतम ने राज्यपाल को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा आज देश में खेलों की नर्सरी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। यहां के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हरियाणा के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है और विश्व पटल पर तिरंगा शान से लहराया है।
*पर्यावरण संरक्षण को बनाएं जन आंदोलन- मुख्यमंत्री*
*पर्यावरण बचाओ संदेश जन जन तक पंहुचाने के लिए वन चेतना यात्रा -2026 की चार एलईडी वैन को झंडी दिखाकर किया रवाना*
*टिक्करताल को मनाली की तर्ज पर पर्वतारोहण प्रशिक्षण केंद्र के रूप में किया जाएगा विकसित- मुख्यमंत्री*
*औषधीय पौधों एवं वनस्पति के संरक्षण के लिए पूरे राज्य में बनाए जा रहे हैं 53 हर्बल पार्क*
चंडीगढ़, 21 जुलाई - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी संस्कृति में प्रकृति को ईश्वर का स्वरूप माना गया है। पर्यावरण की रक्षा हमारी संस्कृति, सभ्यता और हमारे कर्तव्यों में रचा बसा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए एक पेड़ मां के नाम को राष्ट्रव्यापी अभियान से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को पंचकूला के पिंजौर की एप्पल मार्केट में युवा संवाद एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।
इससे पहले , मुख्यमंत्री ने वन, पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह के साथ एप्पल मंडी में पौधारोपण भी किया और वन चेतना यात्रा -2026 के तहत चार एलईडी वैनस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। ये एलईडी वैन प्रत्येक जिले में जाएगी लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करेंगी और पर्यावरण बचाओ का संदेश देंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने थापली नेचर कैंप में भाग लेने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक शक्ति रानी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के तहत एक हजार युवाओं को शामिल करने की घोषणा की। इसके अलावा युवाओं की समस्याओं की सुनवाई के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष अधिकारी की नियुक्ति करने तथा मोरनी में टिक्करताल का मनाली की तर्ज पर पर्वतारोहण प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने तथा इसका आधारभूत संरचना सुदृढीकरण करने का आश्वासन दिया। उन्होंने पिंजौर सेब मंडी में बिजली आपूर्ति के लिए अलग से सब स्टेशन तथा हिमाचल प्रदेश की ओर से सेब लाने वाले वाहनों की पार्किंग व अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधा लगाना आसान है, लेकिन उसे वृक्ष बनाना बड़ी जिम्मेदारी है। जिस दिन हर युवा अपने जन्मदिन, अपने माता-पिता के जन्मदिन या किसी विशेष अवसर पर एक पौधा लगाकर, उसकी देखभाल करने का संकल्प ले लेगा, उस दिन हरियाणा प्रदेश हरा भरा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कथन अनुसार जितना सम्मान हम अपनी जन्म देने वाली मां को देते हैं, उतना ही सम्मान हमें हमारा पालन पोषण करने वाली धरती मां को भी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए इस अभियान को और गति देनी होगी। हम सब जीवनदायिनी धरती मां के लिए एक पेड़ जरूर लगाएंगें तथा दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं। हमें ऐसा विकास चाहिए जो प्रकृति का सम्मान करे, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखे और आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरणीय संतुलन को भी बनाए रखना है।
उन्होंने कहा कि पिंजौर की इस पावन धरती पर, प्रकृति की गोद में, प्रदेश के उर्जावान युवाओं के बीच आकर मुझे बड़ी खुशी हो रही है। आज का यह कार्यक्रम हमारी युवा शक्ति, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का अद्भुत संगम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि थापली में लगे कैंप में युवाओं को नजदीक से प्रकृति को देखने का मौका मिला है ऐसे युवा समाज को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करने का कार्य करेंगे। जिस प्रकार सैकड़ों पर्यावरण प्रेमियों ने पौधरोपण करके समाज को जागरूक करने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो युवा अपनी विरासत को जानता है, वही भविष्य का सशक्त निर्माता बनता है। युवा शक्ति ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि केवल युवा होना पर्याप्त नहीं है। बल्कि युवा के भीतर उद्देश्य, अनुशासन और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भाव होना चाहिए।
*सरकार ने प्राण वायु देवता पेंशन योजना की शुरू*
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पेड़ जिनकी आयु 75 वर्ष से अधिक है ऐसे पेड़ों की देखभाल के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अधिक आयु के वृक्षों के प्रति कृतज्ञता का भाव हम सभी में होना चाहिए। इसी उदेश्य की पूर्ति के लिए सरकार ने 75 साल से अधिक आयु के वृक्षों के लिए प्राण वायु देवता पेंशन योजना शुरू की गई है। इसके तहत 3,000 रुपये प्रति वर्ष प्रति पेड़ पेंशन दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को हरा-भरा बनाने हेतु हर जिला मुख्यालय पर 5 से 100 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सी-वन स्थापित करने की योजना शुरू की है। इनमें पैदल ट्रैक, साइकिल ट्रैक आदि की व्यवस्था होगी। करनाल में ऑक्सी-वन की स्थापना हो चुकी है, जबकि पंचकूला में कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक ऑक्सीजन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के हर गांव में पंचवटी के नाम से पौधारोपण किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में स्थित 134 तीर्थों में पंचवटी वाटिका बनाने की भी शुरूआत की गई है। शहर गांव पेड़ों की छांव योजना, हर घर हरियाली तथा पौधगिरी जैसी योजनाएं चलाई गई हैं। प्रत्येक गांव के एक युवा को वृक्ष मित्र लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों एवं वनस्पति के संरक्षण के लिए पूरे राज्य में 53 हर्बल पार्क बनाए गये हैं। मोरनी क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का औषधीय वन स्थापित किया गया है। प्रदेश के सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान व भिंडावास वन्य जीव अभ्यारण्य को रामसर साइट्स के रूप में अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करना, अपने परिसर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाना तथा जल की एक-एक बूंद बचाने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा नशा मुक्त हरियाणा अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाना तथा अपने जीवन को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज के लिए कुछ अच्छा अवश्य करने का विचार युवाओं को महान बनाएगा। यही विचार हरियाणा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा और विकसित भारत-विकसित हरियाणा के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बनेगा।
*नई उद्योग नीति के सार्थक परिणाम- राव नरबीर*
वन पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पर्यावरण में सुधार लाने के लिए दो पेड़ लगाकर उनका पालन करना चाहिए। प्रधानमंत्री के विकसित भारत विजन 2047 में अहम भूमिका निभाने के लिए हमें स्वच्छ क्षेत्र बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करना चाहिए है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को हर वर्ष दो पेड़ अवश्य लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार मुहैया करवाने के लिए स्किल डिवलेपमेंट विकसित करने के लिए उद्योगों में प्रशिक्षण देने का प्रावधान किया है।
उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि प्रदेश में नई उद्योग नीति संचालित की जा रही है। इसके सार्थक परिणाम आ रहे है। उद्योग नीति में 5 से 6 लाख करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। जबकि अब तक एक लाख करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। उन्होंने कहा कि उद्योग लगेंगे तो युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुलभ होंगे।
इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक शक्ति रानी शर्मा, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता , मेयर श्याम लाल बंसल, हरियाणा शिवालिक विकास बोर्ड के कार्यकारी उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवीनगर, मुख्यमंत्री के ओएसडी बी बी बत्रा, राकेश संधु, सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों तथा वन विभाग, आईटीबीपी, सीरआरपीएफ, स्कूली बच्चों, वाॅलिन्टियरों के साथ पौधारोपण भी किया।
*मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की विशेष गहन पुनरीक्षण पर समीक्षा बैठक*
*वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों से ली कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट*
*मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना हमारा लक्ष्य- ए. श्रीनिवास*
चंडीगढ़, 21 जुलाई- हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने गुरुग्राम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों के साथ विशेष गहण पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा मतदाता गणना प्रपत्र भरने और पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने एवं अपात्र नामों के संबंध में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान एडिशनल सीईओ श्रीमती रितु और श्री अपूर्व व ज्वॉइंट सीईओ श्री राज कुमार लोहान चंडीगढ़ स्थित न्यू सिविल सचिवालय से बैठक में मौजूद रहे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल होना सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी योग्य नागरिक का नाम छूटने न पाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने अब तक की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि घर-घर संपर्क कर शेष पात्र मतदाताओं से गणना प्रपत्र समयबद्ध तरीके से प्राप्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतिम चरण में प्रत्येक बूथ पर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना प्राथमिकता है और इसके लिए किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों को ड्राफ्ट सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बूथ स्तरीय अधिकारियों द्वारा घर-घर सत्यापन का कार्य अब 24 जुलाई तक किया जाएगा और मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 31 जुलाई को होगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 सितंबर तक किया जाएगा तथा 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का प्रदेश में पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है और प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम इसमें शामिल होना अत्यंत आवश्यक है। हमारा प्रयास है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध तरीके से सम्पन्न हो।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपना वोट अवश्य बनवाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने पिंजौर के मानकपुर गांव स्थित देवीलाल कॉलोनी में आयोजित टिफिन बैठक में लिया भाग
चंडीगढ़, 21 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना वोट अवश्य बनवाना चाहिए। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के सहयोग के लिए प्रत्येक राजनीतिक दल अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करता है, जो मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने तथा अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यों में लोगों का सहयोग करते हैं।
इसी कड़ी में आज प्रदेशभर में पार्टी द्वारा शक्ति केंद्रों पर 30 टिफिन बैठकों का आयोजन किया गया। पिंजौर के मानकपुर गांव स्थित देवीलाल कॉलोनी में आयोजित एक टिफिन बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वयं भाग लिया और पार्टी संगठन की मजबूती के लिए बीएलए तथा अन्य पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर कालका की विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, जिलाध्यक्ष श्री अजय मित्तल, मंडलाध्यक्ष श्री हरीश मोंगा, भाजपा बीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष श्री सुनील धीमान, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती पवन कुमारी, वार्ड पार्षद श्री गुलशन ठाकुर तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रत्येक परिवार को आवास उपलब्ध करवाने के संकल्प को प्रदेश में प्रभावी रूप से साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वे योजनाओं के लाभार्थियों के घर जाकर भी उनसे योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभ की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
इसी क्रम में आज उन्होंने हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना-2 के अनुसूचित जाति के दो लाभार्थियों, श्रीमती सरोज और श्रीमती जयंती, के घर जाकर उनसे मुलाकात की तथा उनके साथ भोजन भी किया। इन दोनों लाभार्थियों को योजना के तहत पिंजौर के सेक्टर-28 स्थित मानकपुर गांव में 30-30 वर्ग गज के प्लॉट आवंटित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मिर्जापुर माजरा व भूखड़ी पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों को दी सांत्वना
चंडीगढ़, 21 जुलाई-हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को उपमंडल नारायणगढ़ के गांव मिर्जापुर माजरा एवं गांव भूखड़ी पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की तथा दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिजनों को सांत्वना दी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सबसे पहले गांव मिर्जापुर माजरा पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय जय सिंह के निवास पर जाकर शोक व्यक्त किया। स्वर्गीय जय सिंह का 15 जुलाई को बीमारी के कारण निधन हो गया था। मुख्यमंत्री ने परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी गांव भूखड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक स्वर्गीय राजपाल भूखड़ी के निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वर्गीय राजपाल भूखड़ी का 20 जुलाई को हृदयगति रुकने से निधन हो गया था। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की ।
उन्होंने शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा, जून अंत तक 11% प्रगति
मिलेनियम सिटी सेंटर–साइबर सिटी–द्वारका एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर निर्माण जारी
चंडीगढ़, 21 जुलाई- गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना के तहत 28.5 किलोमीटर लंबे मिलेनियम सिटी सेंटर–साइबर सिटी–द्वारका एक्सप्रेसवे मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। गत जून के अंत तक परियोजना की लगभग 11 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की जा चुकी है।
यह जानकारी आज यहाँ देते हुए हरियाणा मेट्रो रेल ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन ( एचएमआरटीसी) के प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार द्वारा गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना को स्वीकृति दी गई तथा 28.5 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।
प्रवक्ता ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद मिलेनियम सिटी सेंटर, साइबर सिटी और द्वारका एक्सप्रेस-वे के बीच मेट्रो संपर्क स्थापित होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी, निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, यातायात जाम और प्रदूषण में भी कमी आएगी। शहर में पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ शहरी परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना गुरुग्राम की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ मिलेनियम सिटी सेंटर और द्वारका एक्सप्रेस-वे के बीच कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। इसके अलावा, यह परियोजना शहर के समग्र यातायात ढांचे को नई मजबूती प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री से मिले नीट (स्नातक)-2026 में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक प्राप्त करने वाले पंशुल बंसल
पंशुल बंसल की उपलब्धि हरियाणा सहित पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी - मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 21 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से चंडीगढ़ स्थित उनके आवास पर फ़रीदाबाद निवासी पंशुल बंसल ने शिष्टाचार भेंट की। पंशुल बंसल ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक)–2026 में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक प्राप्त कर हरियाणा का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने पंशुल बंसल को उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पंशुल की यह सफलता हरियाणा सहित पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उनकी मेहनत, लगन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने यह सिद्ध कर दिया है कि निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के युवा शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा अन्य विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। पंशुल बंसल की उपलब्धि भी इसी गौरवशाली परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने पंशुल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस अवसर पर पंशुल बंसल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का स्नेह, आशीर्वाद और प्रोत्साहन उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।
ट्रीटेड पानी का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
हरियाणा के थर्मल पावर प्लांटों तक पहुंचेगा ट्रीटेड पानी, औद्योगिक क्षेत्रों में भी होगा इस्तेमाल
एसटीपी और सीटीपी की मैपिंग करके योजना बनाने के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
रीयूज़ ऑफ ट्रीटेड वेस्टवॉटर (टीडब्ल्यूडब्ल्यू) पॉलिसी को लेकर मुख्यमंत्री ने ली बैठक
चंडीगढ़ ,21 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि ट्रीटेड पानी का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए तो न केवल भूजल और पेयजल स्रोतों पर दबाव कम होगा, बल्कि उद्योगों, ऊर्जा क्षेत्र, हरित क्षेत्रों और कृषि के लिए भी पानी की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री सोमवार देर सांय रीयूज़ ऑफ ट्रीटेड वेस्टवॉटर (टीडब्ल्यूडब्ल्यू) पॉलिसी, हरियाणा से संबंधित विशेष बैठक ले रहे थे। बैठक में प्रदेश के जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीटीपी) से तय मानकों के अनुरूप ट्रीटेड पानी निकले और उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ट्रीटेड पानी किसी भी स्थिति में व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। इसके लिए ऐसा मजबूत और सुव्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया जाए, जिससे यह पानी थर्मल पावर प्लांटों, ग्रीन बेल्ट, कृषि और अन्य जरुरत वाले क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सके।
बैठक के दौरान जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने ट्रीटेड वेस्ट वाटर के दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए चरणबद्ध योजना बनाई है। पहले चरण में 21 जिलों के 35 एसटीपी को शामिल करते हुए 500 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई, जिसे नाबार्ड के तहत मंजूरी मिली। इनमें 27 एसटीपी को माइक्रो इरिगेशन के जरिए ट्रीटेड वेस्ट वाटर के दोबारा इस्तेमाल के लिए अंतिम रूप दिया गया है। 19 एसटीपी का काम पूरा हो चुका है, जबकि 8 पर काम चल रहा है। इस परियोजना से करीब 40 हजार एकड़ खेती की जमीन को सिंचाई जल मिलेगा।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि दूसरे चरण में 57 एसटीपी को शामिल किया गया है। इनमें 13 एसटीपी की क्षमता 157.50 एमएलडी और 44 एसटीपी की क्षमता 370.75 एमएलडी है। फिलहाल राज्य में 207 एसटीपी/सीईटीपी हैं और बाकी प्लांट्स को भी चरणबद्ध तरीके से इस योजना से जोड़ा जाएगा।
विभाग ने पहले चरण की परियोजनाएं समय पर पूरी करने, दूसरे चरण के व्यवहारिक एसटीपी विकसित करने और बाकी एसटीपी को भी इस योजना से जोड़ने की तैयारी की है। लक्ष्य है कि विजन@2047 के तहत मार्च 2031 तक राज्य में 100 फीसदी ट्रीटेड वेस्ट वाटर का दोबारा इस्तेमाल किया जाए।
एसटीपी और सीटीपी की मैपिंग की जाएं
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में जहां-जहां एसटीपी और सीटीपी स्थापित हैं, उनकी विस्तृत मैपिंग की जाए। प्रत्येक प्लांट की क्षमता, वहां से निकलने वाले ट्रीटेड पानी की मात्रा, उसके संभावित उपयोग और आसपास के क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था का पूरा खाका तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि सही योजना और बेहतर समन्वय के साथ ट्रीटेड पानी का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा सकता है, जिससे भूजल और पेयजल स्रोतों पर दबाव भी कम होगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रीटेड पानी के उपयोग में सबसे पहले थर्मल पावर प्लांटों को प्राथमिकता दी जाए। इसके बाद ग्रीन बेल्ट, पार्कों, पौधारोपण और कृषि कार्यों में इसका अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी अलग से योजना तैयार की जाए, ताकि उद्योगों में भी ताजे पानी की जगह ट्रीटेड पानी का उपयोग बढ़ाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस पूरी व्यवस्था को स्ट्रीमलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल एक विभाग तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सिंचाई विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, उद्योग विभाग, ऊर्जा विभाग और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित सभी संबंधित विभाग संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करें। इसके लिए विभागों के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से बैठक करें और पूरे कार्य की क्लोज मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
कॉलोनियों के एसटीपी की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सोसायटी कॉलोनियों में स्थापित एसटीपी की भी विशेष जांच की जाएगी। इसके लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ-साथ संबंधित नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के अधिकारी संयुक्त रूप से निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निजी कॉलोनियों के एसटीपी से निकलने वाले ट्रीटेड पानी का उपयोग कॉलोनियों की ग्रीन बेल्ट, पार्कों और पौधारोपण में हो। यदि वहां इसकी आवश्यकता नहीं है, तो पाइपलाइन अथवा अन्य उपयुक्त नेटवर्क के माध्यम से इस पानी को खेतों या अन्य जरूरत वाले क्षेत्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। प्रदेश में लगभग 678 सोसायटी कॉलोनी हैं, जहां इस व्यवस्था की चरणबद्ध समीक्षा की जाएगी।
क्लस्टर बनाकर होगी ट्रीटेड पानी की सप्लाई
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्लस्टर आधारित व्यवस्था विकसित कर ट्रीटेड पानी की सप्लाई सुनिश्चित करें। जहां एक से अधिक एसटीपी हैं, वहां उन्हें आपस में जोड़कर प्रभावी वितरण प्रणाली विकसित की जाए, ताकि अधिक से अधिक क्षेत्रों तक इस पानी का लाभ पहुंच सके।
कुसुम योजना के तहत लगाए जाएंगे सोलर सिस्टम
बैठक में एसटीपी के संचालन पर आने वाले बिजली खर्च पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कुसुम योजना के तहत अधिक से अधिक एसटीपी पर सोलर सिस्टम लगाए जाएं, ताकि बिजली की लागत कम हो और किसी भी परिस्थिति में प्लांटों का संचालन प्रभावित न हो। इसके अलावा उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि 24 घंटे यह प्लांट चलने चाहिए, जिसे भी मैटेंस इत्यादि की जिम्मेवारी दी जाएं तो यह सुनिश्चित किया जाएं कि किसी प्रकार की लापरवाही ना हो।
हर प्लांट की तैयार होगी विस्तृत बुकलेट
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश के सभी एसटीपी और सीटीपी की एक विस्तृत बुकलेट तैयार की जाए। इसमें प्रत्येक प्लांट का पता, लोकेशन, क्षमता, प्रतिदिन ट्रीट होने वाले पानी की मात्रा, ट्रीटेड पानी की उपलब्धता, संबंधित अधिकारियों के संपर्क विवरण तथा पानी के उपयोग की वर्तमान एवं प्रस्तावित व्यवस्था का पूरा विवरण शामिल किया जाएगा। इससे भविष्य की योजनाएं बनाने और उनकी निगरानी करने में सुविधा होगी।
कोई भी एसटीपी नहीं रहना चाहिए बंद
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का कोई भी एसटीपी बंद नहीं रहना चाहिए। यदि किसी प्लांट के संचालन में बिजली, रखरखाव, तकनीकी खराबी या अन्य किसी प्रकार की समस्या है तो संबंधित विभाग तत्काल उसका समाधान करें। उन्होंने कहा कि इन प्लांटों के संचालन पर होने वाले बिजली खर्च और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि सभी एसटीपी लगातार संचालित होते रहें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।
थर्मल पावर प्लांटों तक पहुंचेगा ट्रीटेड पानी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में थर्मल पावर प्लांट स्थित हैं, वहां आसपास के एसटीपी को नेटवर्क के माध्यम से जोड़कर ट्रीटेड पानी की नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जाए। इससे थर्मल पावर प्लांटों में वर्तमान में उपयोग हो रहे ताजे पानी की बचत होगी और उस पानी का उपयोग अन्य आवश्यक कार्यों के लिए किया जा सकेगा। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों की भी विस्तृत मैपिंग की जाए। यह तय किया जाए कि किस उद्योग तक किस एसटीपी अथवा सीटीपी से ट्रीटेड पानी पहुंचाया जा सकता है और उसके लिए किस प्रकार का नेटवर्क विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में उद्योगों में ट्रीटेड पानी के उपयोग को प्राथमिकता दी जाए।

15 दिनों में मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी संबंधित विभाग अगले 15 दिनों के भीतर अपनी-अपनी ट्रीटमेंट क्षमता, उपलब्ध ट्रीटेड पानी, उसके वर्तमान उपयोग, भविष्य की आवश्यकता तथा वितरण व्यवस्था का विस्तृत विवरण जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को उपलब्ध कराएंगे। इन रिपोर्टों के आधार पर पूरे प्रदेश के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि ट्रीटेड पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज यादव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक मीणा, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन श्री विनय प्रताप सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेंद्र बढ़खालसा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ यशपाल, हरियाणा पर्यटन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री पार्थ गुप्ता, गुरुग्राम नगर निगम आयुक्त श्री प्रदीप दहिया, ईआईसी श्री दवेंद्र दहिया भी मौजूद थे।

आईटीआई छात्रों को हुनरमंद बनाकर आधुनिक उद्योगों से जोड़ना है सरकार का मुख्य लक्ष्य- राज्य मंत्री गौरव गौतम

आईटीआई में नई मशीनरी व उपकरणों की खरीद के लिए उच्च स्तरीय समिति की हुई बैठक

चंडीगढ़, 21 जुलाई- हरियाणा के युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में पढ़ रहे छात्रों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, ताकि राज्य के युवा देश की अग्रणी एवं प्रतिष्ठित औद्योगिक कंपनियों की जरूरतों के अनुरूप तैयार होकर उनसे जुड़ सकें। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रदेश की आईटीआई में अत्याधुनिक मशीनरी एवं नए उपकरण मुहैया करवाए जाएंगे, जिससे युवाओं को उद्योगों की तात्कालिक मांग के अनुसार आधुनिक विधाओं में पूरी तरह निपुण बनाया जा सके।
हरियाणा सिविल सचिवालय में कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की उच्च स्तरीय खरीद समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक के दौरान आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और सुधारने तथा नए जमाने के तकनीकी संसाधनों को शीघ्रता से उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा हुई।

डिग्री के साथ कौशल युक्त युवा ही हैं असली ताकत
इस दौरान राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री होना ही काफी नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल से युक्त युवा ही सबसे बड़ी ताकत हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार का साझा और स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के 'हर हाथ को हुनर' मिले। जब युवा कौशल संपन्न होंगे, तभी वे आत्मनिर्भर बनेंगे और एक विकसित व सशक्त भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।
आईटीआई में मिलेगा और बेहतर प्रशिक्षण
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आईटीआई में आधुनिक तकनीकों के समावेश से छात्रों को न केवल बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि वे सीधे औद्योगिक क्षेत्र की मांग को पूरा करने में सक्षम होंगे। इससे प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बैठक युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्री राजीव रंजन, कौशल निगम एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के निदेशक श्री सितेंद्र दूहन और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नाबार्ड ने बदली हरियाणा के ग्रामीण आँचल की तस्वीर
15,056 करोड़ के निवेश से 6,175 परियोजनाओं को दी वित्तीय सहायता
131 एफपीओ और 63 हजार से अधिक किसान हुए लाभान्वित
चंडीगढ़, 21 जुलाई-राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) के तहत लगभग 15,056 करोड़ रुपये की स्वीकृति से हरियाणा में ग्रामीण अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। इस राशि से प्रदेशभर में 6,175 अवसंरचना परियोजनाओं को सहायता प्रदान की गई है, जिनसे सिंचाई, ग्रामीण सड़कों, पेयजल सुविधाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया गया है।
इन उपलब्धियों का उल्लेख आज नाबार्ड के 45 वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान किया गया, जिसमें हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
मुख्य सचिव ने कहा कि नाबार्ड राज्य में ग्रामीण परिवर्तन को गति देने तथा कृषि अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा कि नाबार्ड समावेशी ग्रामीण विकास का एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। राज्य की भावी प्रगति मजबूत ग्रामीण अवसंरचना, टिकाऊ कृषि, वित्तीय समावेशन तथा सशक्त सामुदायिक संस्थाओं पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों तथा जमीनी स्तर के संगठनों को मिलकर सशक्त एवं आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में कार्य करना होगा।
अपने वित्त सचिव के कार्यकाल को याद करते हुए श्री रस्तोगी ने कहा कि उन्हें नाबार्ड के साथ निकटता से कार्य करने का अवसर मिला, जिससे उन्होंने राज्य के विकास में संस्था की सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका को निकट से देखा। उन्होंने कहा कि रियायती ब्याज दरों पर नाबार्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई वित्तीय सहायता से अनेक महत्वपूर्ण ग्रामीण अवसंरचना परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकीं, जिसका सीधा लाभ किसानों और ग्रामीण समुदायों को मिला।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार आवश्यक तकनीकी सहयोग के साथ सभी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) का डिजिटलीकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इन्हें अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक पैक्स को आर्थिक रूप से सक्षम एवं लाभकारी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे ये संस्थाएं ग्रामीण सहकारिता व्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन सकें।
उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत-2047' की मजबूत नींव सामूहिक प्रयासों, प्रभावी क्रियान्वयन और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से ही रखी जा सकती है। उन्होंने बैंकरों एवं सरकारी अधिकारियों का आह्वान किया कि वे अपनी नियमित प्रशासनिक जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), स्कूलों, कॉलेजों तथा ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य संस्थाओं का व्यक्तिगत मार्गदर्शन एवं सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निरंतर सहयोग से स्थानीय संस्थाएं सशक्त होंगी, जमीनी स्तर की समस्याओं के समाधान में सहायता मिलेगी तथा राज्य में समावेशी ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने हरियाणा में नाबार्ड की विकासात्मक पहलों के प्रभाव को दर्शाने वाली कॉफी टेबल बुक तथा कृषि ऋण, परियोजना मूल्यांकन एवं कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए बैंकों के उपयोगार्थ तैयार यूनिट कॉस्ट बुक का भी विमोचन किया।
समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स), जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी), किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), कारीगरों तथा महिला उद्यमियों को ग्रामीण विकास में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही एफपीओ, ओएफपीओ तथा कारीगरों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में मूल्य संवर्धित कृषि उत्पादों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों एवं हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिसने हरियाणा के ग्रामीण उत्पादक समूहों की बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित किया।
नाबार्ड की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए मुख्य महाप्रबंधक सुश्री निवेदिता तिवारी ने बताया कि संस्था ने हरियाणा में 710 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) का कम्प्यूटरीकरण एवं डिजिटलीकरण कर तथा 131 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बढ़ावा देकर किसान-स्वामित्व वाली संस्थाओं को मजबूत किया है।

उन्होंने बताया कि इन एफपीओ के माध्यम से 63,369 किसानों, जिनमें 14,017 महिलाएं शामिल हैं, को एक मंच पर लाया गया है। इससे किसानों को सामूहिक विपणन, बेहतर मूल्य प्राप्ति, आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा कृषि मूल्य श्रृंखलाओं से बेहतर जुड़ाव का लाभ मिला है।
संस्थागत वित्तीय पहुंच को मजबूत बनाने के लिए नाबार्ड ने 28 एफपीओ को 11.12 करोड़ रुपये की ऋण सहायता तथा 9 एफपीओ को 60.38 लाख रुपये की इक्विटी अनुदान सहायता प्रदान की है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिरता एवं व्यावसायिक गतिविधियों को मजबूती मिली है।
नाबार्ड ने जलवायु-अनुकूल कृषि को भी विशेष प्राथमिकता दी है। इसके तहत जलग्रहण क्षेत्र विकास, भूजल प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई, डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस (डीएसआर), सब्जी क्लस्टर तथा अन्य टिकाऊ कृषि पहलों को प्रोत्साहित किया गया है, जिनका उद्देश्य खेती की लागत कम करना तथा किसानों की आय बढ़ाना है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी नाबार्ड की आजीविका संवर्धन योजनाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 2022-23 से अब तक 5,010 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को डेयरी, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई, हस्तशिल्प तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे उनके लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित हुए हैं।
इस अवसर पर वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री सी. जी. रजनी कान्थन, हरको बैंक के अध्यक्ष श्री भारत भूषण जुयाल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
हरियाणा के नागरिक उड्डयन मंत्री श्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में एच.ए.डी.सी की 8वीं बोर्ड बैठक संपन्न;
अवसंरचना और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए

चंडीगढ़, 21 जुलाई – हरियाणा के नागरिक उड्डयन मंत्री एवं हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में चंडीगढ़ मे हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 8वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में नागरिक उड्डयन अवसंरचना के विकास, एयर एम्बुलेंस सेवाओं के विस्तार, वित्तीय प्रबंधन तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने से संबंधित विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में राज्य में हेली एम्बुलेंस (मेडिकल, पर्यटन एवं सार्वजनिक परिवहन) सेवाओं के विस्तार पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग एवं विभिन्न अस्पतालों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए फरीदाबाद, करनाल, सोनीपत, गुरुग्राम और रोहतक स्थित मेडिकल कॉलेजों के निकट बने हेलीपैडों के उन्नयन की योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में चल रही सभी उड्डयन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों का सृजन हो सके।
बैठक में नागरिक उड्डयन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह, वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, नागरिक उड्डयन विभाग के महानिदेशक एवं सचिव श्री अंशज सिंह, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यश पाल तथा हरियाणा नागरिक उड्डयन विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री मनीष कुमार लोहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

 

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