उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में शीतलहर का असर तेज हो गया है, जबकि पंजाब और हरियाणा में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले 24 से 48 घंटों में मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। कई इलाकों में रात के समय पारा शून्य से कई डिग्री नीचे दर्ज किया गया, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कों पर फिसलन बढ़ने से यातायात भी प्रभावित बताया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
दूसरी ओर, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बादल छाए रहने और रुक-रुक कर वर्षा होने से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। किसानों के लिए यह बारिश रबी फसलों के लिहाज से लाभकारी मानी जा रही है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में अधिक वर्षा होने पर नुकसान की आशंका भी बनी रहती है।
चंडीगढ़ समेत आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम बदलने के संकेत हैं। आसमान में बादल छाने और तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसमी बदलाव कुछ दिनों तक बना रह सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ठंड और नमी के कारण सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण से बचाव की सलाह दी है।
मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और मौसम से जुड़ी सावधानियों का पालन करें।