उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश बजट में आम जनता और युवाओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। सरकार ने करीब 55,000 करोड़ रुपये की विशेष योजनाओं और राहत पैकेज का प्रावधान किया है, जिसका उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं का विस्तार करना तथा रोजगार के अवसर बढ़ाना बताया जा रहा है।
बजट में सबसे अधिक जोर बुनियादी विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर दिया गया है। ग्रामीण सड़कों, सिंचाई परियोजनाओं, शहरी परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र के लिए बड़े आवंटन की घोषणा की गई है। सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। किसानों के लिए भी विभिन्न योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता और कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव रखा गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए राज्य में मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने की घोषणा की गई है। MBBS और पोस्ट ग्रेजुएट (PG) सीटों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है ताकि प्रदेश के छात्रों को अन्य राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और मौजूदा संस्थानों के उन्नयन के लिए विशेष बजट निर्धारित किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डॉक्टरों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।
इसके अलावा, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। सरकार ने रोजगार सृजन और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए भी नई योजनाओं का संकेत दिया है। शहरी विकास और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के लिए भी अतिरिक्त फंड आवंटित किया गया है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह बजट महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें आम जनता को राहत देने और विकास को रफ्तार देने की स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि घोषित योजनाओं का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी क्रियान्वयन हो पाता है।