Saturday, February 14, 2026
BREAKING
Weather: गुजरात में बाढ़ से हाहाकार, अब तक 30 लोगों की मौत; दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की चेतावनी जारी दैनिक राशिफल 13 अगस्त, 2024 Hindenburg Research Report: विनोद अदाणी की तरह सेबी चीफ माधबी और उनके पति धवल बुच ने विदेशी फंड में पैसा लगाया Hindus in Bangladesh: मर जाएंगे, बांग्लादेश नहीं छोड़ेंगे... ढाका में हजारों हिंदुओं ने किया प्रदर्शन, हमलों के खिलाफ उठाई आवाज, रखी चार मांग Russia v/s Ukraine: पहली बार रूसी क्षेत्र में घुसी यूक्रेनी सेना!, क्रेमलिन में हाहाकार; दोनों पक्षों में हो रहा भीषण युद्ध Bangladesh Government Crisis:बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट, सेना की कार्रवाई में 56 की मौत; पूरे देश में अराजकता का माहौल, शेख हसीना के लिए NSA डोभाल ने बनाया एग्जिट प्लान, बौखलाया पाकिस्तान! तीज त्यौहार हमारी सांस्कृतिक विरासत, इन्हें रखें सहेज कर- मुख्यमंत्री Himachal Weather: श्रीखंड में फटा बादल, यात्रा पर गए 300 लोग फंसे, प्रदेश में 114 सड़कें बंद, मौसम विभाग ने 7 अगस्त को भारी बारिश का जारी किया अलर्ट Shimla Flood: एक ही परिवार के 16 सदस्य लापता,Kedarnath Dham: दो शव मिले, 700 से अधिक यात्री केदारनाथ में फंसे Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी की सब-कैटेगरी में आरक्षण को दी मंज़ूरी

चंडीगढ़

तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका क्यों बढ़ रही है — अमेरिका से यूरोप तक बेचैनी

February 14, 2026 08:30 AM

वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल ने एक बार फिर पश्चिमी देशों — अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन समेत यूरोप — को सुरक्षा चिंताओं के घेरे में ला दिया है। अंतरराष्ट्रीय तनाव, हथियारों की दौड़ और परमाणु समझौतों के कमजोर पड़ने से तीसरे विश्वयुद्ध की आशंकाएँ सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनती जा रही हैं। हालांकि विशेषज्ञ इस खतरे को तत्काल नहीं मानते, लेकिन बदलते हालात ने चिंता का माहौल जरूर पैदा किया है।

हाल के वर्षों में बड़े शक्तिशाली देशों के बीच प्रतिस्पर्धा और टकराव ने सुरक्षा समीकरण जटिल कर दिए हैं। वैज्ञानिकों ने 2026 में ‘डूम्सडे क्लॉक’ को आधी रात से केवल 85 सेकंड दूर रखा है, जो वैश्विक विनाश के जोखिम का प्रतीक है। इसके पीछे रूस-अमेरिका-चीन जैसी परमाणु शक्तियों की आक्रामक नीतियों, युद्धों और हथियार नियंत्रण तंत्र के कमजोर होने को प्रमुख कारण माना गया है।

इसके साथ ही हथियार नियंत्रण ढाँचे के टूटने से चिंता और बढ़ी है। अमेरिका और रूस के बीच दशकों पुराना अंतिम परमाणु समझौता समाप्त होने के बाद विशेषज्ञों ने इसे “गंभीर क्षण” बताया और कहा कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का जोखिम कई दशकों में सबसे अधिक हो सकता है। यह स्थिति पश्चिमी देशों में रणनीतिक बहस को तेज कर रही है कि यदि संतुलन तंत्र कमजोर हुआ तो वैश्विक सुरक्षा ढाँचा अस्थिर हो सकता है।

यूरोप में भी सुरक्षा विमर्श तेज हुआ है। अमेरिकी परमाणु छतरी पर निर्भरता को लेकर अनिश्चितता के बीच जर्मनी समेत कई देशों ने वैकल्पिक प्रतिरोधक क्षमता पर चर्चा शुरू की है। फिलहाल परमाणु हथियार केवल ब्रिटेन और फ्रांस के पास हैं, लेकिन भविष्य में अन्य देशों के पास भी इन्हें विकसित करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। यह बहस दर्शाती है कि पश्चिमी जगत संभावित खतरे को लेकर गंभीर मंथन में लगा है।

दूसरी ओर, वैश्विक संघर्षों का जोखिम भी चिंता बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले दशक में बड़े पैमाने के युद्ध की आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता, और इसे लगभग 30–35 प्रतिशत तक आँका गया है। यूक्रेन युद्ध, मध्य-पूर्व तनाव और अन्य टकरावों ने यह धारणा मजबूत की है कि किसी भी बड़ी गलती या गलत आकलन से स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है।

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की आशंका केवल सैद्धांतिक नहीं है। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि हथियार नियंत्रण कमजोर होने और तकनीकी प्रतिस्पर्धा बढ़ने से परमाणु उपयोग का जोखिम पहले से अधिक महसूस किया जा रहा है। रूस-यूक्रेन संघर्ष से जुड़े परमाणु संकेतों और सैन्य बयानबाजी ने भी पश्चिमी देशों में सुरक्षा चिंताओं को हवा दी है।

कुल मिलाकर, अमेरिका से लेकर ब्रिटेन और कनाडा तक तीसरे विश्वयुद्ध का डर अभी वास्तविक युद्ध की स्थिति नहीं बल्कि रणनीतिक आशंका के रूप में मौजूद है। परमाणु हथियारों का खतरा और वैश्विक तनाव इस चिंता को बढ़ा रहे हैं, लेकिन कूटनीति और प्रतिरोधक संतुलन अब भी बड़े संघर्ष को रोकने के प्रमुख साधन बने हुए हैं। आने वाले वर्षों में यही तय करेगा कि भय केवल चर्चा तक सीमित रहता है या अंतरराष्ट्रीय राजनीति नई दिशा लेती है।

Have something to say? Post your comment

और चंडीगढ़ समाचार

बहुमत की जीत, चुनौतियों का ताज: तारिक रहमान के सामने कठिन राह

बहुमत की जीत, चुनौतियों का ताज: तारिक रहमान के सामने कठिन राह

किसानों के लिए बड़ा फैसला: 25 लाख टन गेहूं और चीनी निर्यात को मिली मंजूरी

किसानों के लिए बड़ा फैसला: 25 लाख टन गेहूं और चीनी निर्यात को मिली मंजूरी

देश में बदला मौसम का मिजाज — कहीं तपिश, कहीं बरसात, पहाड़ों पर बर्फबारी की चेतावनी

देश में बदला मौसम का मिजाज — कहीं तपिश, कहीं बरसात, पहाड़ों पर बर्फबारी की चेतावनी

सत्ता का नया चेहरा? बेटी जू-ऐ को लेकर बढ़ीं उत्तराधिकार की अटकलें

सत्ता का नया चेहरा? बेटी जू-ऐ को लेकर बढ़ीं उत्तराधिकार की अटकलें

निर्वासन के बाद चुनावी धमाका — तारिक रहमान की जीत ने बदले समीकरण

निर्वासन के बाद चुनावी धमाका — तारिक रहमान की जीत ने बदले समीकरण

नई इमारत, नई शुरुआत — सेवा तीर्थ शिफ्ट से शासन व्यवस्था में बड़ा संकेत

नई इमारत, नई शुरुआत — सेवा तीर्थ शिफ्ट से शासन व्यवस्था में बड़ा संकेत

रक्षा शक्ति में बड़ा कदम — रूस से S-400 समझौते ने बढ़ाई रणनीतिक ताकत

रक्षा शक्ति में बड़ा कदम — रूस से S-400 समझौते ने बढ़ाई रणनीतिक ताकत

मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट? ईरान तनाव के बीच अमेरिका ने बढ़ाई मिसाइल तैनाती

मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट? ईरान तनाव के बीच अमेरिका ने बढ़ाई मिसाइल तैनाती

India-US Deal का असर: सरकारी कंपनियों को अमेरिकी तेल लेने का इशारा

India-US Deal का असर: सरकारी कंपनियों को अमेरिकी तेल लेने का इशारा

UP Budget 2026 में बड़ा धमाका! 55,000 करोड़ का पैकेज, MBBS-PG सीटों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

UP Budget 2026 में बड़ा धमाका! 55,000 करोड़ का पैकेज, MBBS-PG सीटों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss