देश के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय को नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक कदम के साथ ही दशकों से सत्ता संचालन का केंद्र रहे South Block में अंतिम कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। लगभग 78 वर्षों तक राष्ट्रीय नीति निर्माण और प्रशासनिक फैसलों का गवाह रहा यह भवन अब एक नए अध्याय की शुरुआत का साक्षी बन रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नए परिसर का उद्घाटन करेंगे, जिसके बाद शीर्ष प्रशासनिक गतिविधियाँ चरणबद्ध तरीके से नई जगह से संचालित होंगी। सरकार का कहना है कि यह बदलाव आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों और डिजिटल शासन व्यवस्था के अनुरूप बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
‘सेवा तीर्थ’ को नई प्रशासनिक सोच और सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया गया है। इसमें बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, उन्नत तकनीकी प्रणालियाँ और अधिक समन्वित कार्यस्थल उपलब्ध होंगे, जिससे निर्णय प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव शासन व्यवस्था को अधिक कुशल और नागरिक-केंद्रित बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
दूसरी ओर साउथ ब्लॉक का ऐतिहासिक महत्व बरकरार रहेगा। स्वतंत्रता के बाद से ही यह परिसर राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रशासनिक निर्णयों का प्रमुख केंद्र रहा है। इसी भवन से कई अहम नीतिगत फैसले लिए गए, जिन्होंने देश की राजनीतिक और आर्थिक दिशा तय की। ऐसे में इसका प्रतीकात्मक महत्व लंबे समय तक बना रहेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि कार्यालय के स्थानांतरण को केवल भौतिक बदलाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे प्रशासनिक संरचना के आधुनिकीकरण और दीर्घकालिक योजना का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले समय में यह कदम शासन प्रणाली को तकनीकी और कार्यात्मक रूप से अधिक सक्षम बनाने में सहायक साबित हो सकता है।