उत्तर भारत में फरवरी के आख़िरी सप्ताह में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। कुछ दिन पहले तक ठंडी हवाओं और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने लोगों को सर्दी का अहसास बनाए रखा था, लेकिन अब परिस्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं। मौसम विभाग के ताज़ा आकलन के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ने के बाद आसमान साफ़ होने लगा है और तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि दर्ज की जा रही है। विशेषकर नई दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में बारिश का सिलसिला थम चुका है, जिससे दिन के समय हल्की गर्मी महसूस होने लगी है।
पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश ने हवा की गुणवत्ता और वातावरण को राहत दी थी, वहीं किसानों को भी कुछ हद तक फायदा मिला। हालांकि, अब मौसम के साफ़ होते ही अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में सुबह-शाम हल्की ठंड बनी रहेगी, लेकिन दोपहर के समय धूप तेज़ होने के कारण तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है। इसका असर गुरुग्राम, नोएडा और आसपास के शहरी इलाकों में साफ़ तौर पर महसूस किया जा रहा है।
मौसम में इस बदलाव का असर जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। लोग अब गर्म कपड़ों को धीरे-धीरे समेटने लगे हैं, वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञ बदलते तापमान में सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। दिन और रात के तापमान में अंतर होने के कारण सर्दी-जुकाम या एलर्जी जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। ऐसे में पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और खानपान का ध्यान रखना जरूरी बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार मार्च की शुरुआत तक उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यह बदलाव गर्मी के मौसम की दस्तक का संकेत है। हालांकि, यदि कोई नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है तो मौसम में हल्का उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन फिलहाल अनुमान यही है कि आने वाले दिनों में धूप का असर तेज़ रहेगा और गर्मी धीरे-धीरे बढ़ेगी।