कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। 20 फरवरी 2026 को आयोजित AI Impact Summit के दौरान देश ने भागीदारी और तकनीकी नवाचार से जुड़ी एक श्रेणी में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए Guinness World Records में अपना नाम दर्ज कराया। इस उपलब्धि ने भारत की डिजिटल क्षमता और तकनीकी नेतृत्व को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है।
सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, स्टार्टअप प्रतिनिधियों और छात्रों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई। आयोजन के दौरान एआई आधारित समाधानों, नवाचार प्रदर्शनों और लाइव प्रोजेक्ट डेमो के माध्यम से तकनीक के व्यापक उपयोग को प्रदर्शित किया गया। राजधानी नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि एआई अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक बदलाव का प्रमुख माध्यम बन चुका है।
रिकॉर्ड बनने की प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने एक साथ एआई-आधारित गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित किया गया। आयोजकों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र और युवा प्रतिभा की क्षमता को दर्शाती है। इससे वैश्विक निवेश और सहयोग के नए अवसर भी खुलने की संभावना है।
विश्लेषकों के अनुसार भारत पिछले कुछ वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ा है। सरकारी और निजी क्षेत्र की साझेदारी से स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिला है, जिससे नवाचार को गति मिली है। सम्मेलन में यह भी रेखांकित किया गया कि भविष्य में एआई के नैतिक उपयोग, डेटा सुरक्षा और कौशल विकास पर निरंतर ध्यान देना आवश्यक होगा।
कुल मिलाकर AI Impact Summit 2026 के दौरान बना यह विश्व रिकॉर्ड भारत की तकनीकी प्रगति का प्रतीक माना जा रहा है। यह न केवल देश की वैश्विक प्रतिष्ठा को मजबूत करता है, बल्कि युवाओं को नवाचार और अनुसंधान की दिशा में प्रेरित करने वाला कदम भी है।