उत्तर भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है और सर्दी के ढलते ही तापमान में लगातार बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। ताजा मौसम आकलनों के मुताबिक आने वाले दिनों में गर्मी का असर तेज होने की संभावना है, जिससे प्री-मॉनसून चरण की शुरुआत का संकेत भी माना जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने के कारण आसमान साफ हो गया है और धूप की तीव्रता बढ़ रही है। इसी वजह से कई राज्यों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे क्षेत्रों में तापमान सामान्य से लगभग 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक देखा गया है और कई स्थानों पर पारा 28 से 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।
मौसम संबंधी पूर्वानुमान बताते हैं कि उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान धीरे-धीरे और बढ़ सकता है। न्यूनतम तापमान भी आने वाले सप्ताह में लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने का अनुमान है, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि मौसम ठंड से गर्मी की ओर संक्रमण की स्थिति में है।
इसी क्रम में अनुमान जताया गया है कि दिन और रात दोनों के तापमान में क्रमशः लगभग 3-4 डिग्री और 2-3 डिग्री तक की वृद्धि प्री-मॉनसून मौसम से पहले देखी जा सकती है।
राजधानी क्षेत्र में भी यही प्रवृत्ति सामने आई है। हालिया आकलन में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है, जो सामान्य से अधिक है। साथ ही आने वाले दिनों में तापमान 31 डिग्री तक पहुंचने की आशंका व्यक्त की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव आने वाले महीनों के मौसमी रुझान की झलक दिखाता है और गर्मी सामान्य से पहले दस्तक दे सकती है।
हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में स्थिति अलग बनी हुई है, जहां ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और ठंड का असर कायम है और समय-समय पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होकर बारिश या बर्फबारी की स्थिति बना सकता है।
इससे साफ है कि देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की स्थिति अलग-अलग बनी हुई है, लेकिन मैदानी उत्तर भारत में तापमान बढ़ने का रुझान प्रमुख रूप से दिखाई दे रहा है।
मौसम के इस बदलाव को प्री-मॉनसून संकेतों से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि इस चरण में गर्मी बढ़ने के साथ-साथ हवाओं का रुख बदलता है और वातावरण में अस्थिरता बढ़ने लगती है। यही परिस्थितियां आगे चलकर आंधी, गरज-चमक और छिटपुट वर्षा जैसी गतिविधियों की पृष्ठभूमि तैयार करती हैं।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में मौसम सर्दी से गर्मी की ओर बढ़ रहा है और तापमान में वृद्धि का यह क्रम आने वाले दिनों में और स्पष्ट हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि बदलते मौसम के अनुरूप दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को अपनाना जरूरी है, क्योंकि यही बदलाव आने वाले गर्म मौसम की शुरुआत का संकेत बन सकता है।