प्रधानमंत्री Narendra Modi और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में भारत-इजरायल संबंधों को नई दिशा देने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने रक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि, जल प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई अहम समझौतों को अंतिम रूप दिया। इस मुलाकात को रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक के दौरान आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है, और इसके खिलाफ समन्वित कार्रवाई आवश्यक है। खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, साइबर सुरक्षा और सीमा सुरक्षा तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई गई।
रक्षा क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के विकास को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और निगरानी उपकरणों के क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा, स्टार्टअप और इनोवेशन सेक्टर में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त कार्यबल गठित करने पर भी चर्चा हुई।
कृषि और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में इजरायल की उन्नत तकनीकों का लाभ भारत के किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। माइक्रो-इरिगेशन, स्मार्ट खेती और जल संरक्षण परियोजनाओं को विस्तार देने की योजना पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने का भरोसा भी दिलाया।
बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में यह रेखांकित किया गया कि भारत और इजरायल साझा मूल्यों, लोकतांत्रिक परंपराओं और नवाचार की भावना से जुड़े हुए हैं। क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच दोनों देशों की रणनीतिक समझ को और मजबूत करेगी। आने वाले समय में रक्षा, तकनीक और सुरक्षा सहयोग के क्षेत्र में ठोस परिणाम देखने को मिल सकते हैं।