उत्तर कोरिया की राजधानी में आयोजित भव्य सैन्य परेड के दौरान देश के सर्वोच्च नेता Kim Jong-un अपनी बेटी के साथ नजर आए। इस परेड को न केवल सैन्य ताकत के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि इसे वैश्विक समुदाय के लिए एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। समारोह के दौरान किम ने परमाणु कार्यक्रम को और तेज करने का ऐलान करते हुए संभावित खतरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की चेतावनी दी।
राजधानी प्योंगयांग में आयोजित इस परेड में लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें, आधुनिक हथियार प्रणाली और अत्याधुनिक सैन्य उपकरण प्रदर्शित किए गए। विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रदर्शन उत्तर कोरिया की बढ़ती सामरिक क्षमता को रेखांकित करने की कोशिश है। किम जोंग उन ने अपने संबोधन में कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी बाहरी दबाव का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
परेड में उनकी बेटी की मौजूदगी ने भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचा। इसे उत्तर कोरिया की सत्ता संरचना और संभावित उत्तराधिकार को लेकर संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई, लेकिन राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह एक प्रतीकात्मक संदेश हो सकता है।
किम ने अपने भाषण में परमाणु हथियार कार्यक्रम के विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि देश अपनी रक्षा क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। हाल के महीनों में मिसाइल परीक्षणों की बढ़ती संख्या ने पहले ही क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया है। दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका ने इन गतिविधियों पर चिंता जताई है और इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सैन्य परेड ऐसे समय में हुई है जब कोरियाई प्रायद्वीप में सुरक्षा हालात संवेदनशील बने हुए हैं। उत्तर कोरिया लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि वह अपनी सैन्य और परमाणु शक्ति को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब आगामी कूटनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी है। यदि तनाव बढ़ता है तो क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण और जटिल हो सकते हैं। फिलहाल, किम जोंग उन के इस शक्ति प्रदर्शन ने वैश्विक राजनीति में एक बार फिर उत्तर कोरिया को केंद्र में ला खड़ा किया है।