उत्तर भारत के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 14 मार्च के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कई राज्यों में प्री-मानसून जैसी स्थिति बन सकती है। इसी कारण राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कई इलाकों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम तेजी से बदल रहा है। इसके कारण तेज हवाओं के साथ गरज-चमक वाली बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
राजस्थान के कई जिलों में आंधी और हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से जयपुर, बीकानेर, जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। वहीं पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी बादल छाए रहने के साथ बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। इससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी मौसम विभाग ने बादल छाने, धूल भरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई है। मौसम के इस बदलाव से पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि तेज हवाओं और आंधी के कारण लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह मौसम किसानों के लिए मिश्रित प्रभाव वाला हो सकता है। जहां हल्की बारिश से फसलों को कुछ राहत मिल सकती है, वहीं तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है। खासकर गेहूं और सरसों की फसल वाले क्षेत्रों में किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचें और तेज आंधी के समय पेड़ों या कमजोर ढांचों के पास खड़े न हों। साथ ही बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहने की भी सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मार्च के मध्य में इस तरह का बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों की शुरुआती झलक माना जाता है। आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसी तरह के मौसम परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं, जिससे गर्मी के मौसम की शुरुआत से पहले कुछ समय के लिए तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।