Thursday, March 19, 2026
BREAKING
Weather: गुजरात में बाढ़ से हाहाकार, अब तक 30 लोगों की मौत; दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की चेतावनी जारी दैनिक राशिफल 13 अगस्त, 2024 Hindenburg Research Report: विनोद अदाणी की तरह सेबी चीफ माधबी और उनके पति धवल बुच ने विदेशी फंड में पैसा लगाया Hindus in Bangladesh: मर जाएंगे, बांग्लादेश नहीं छोड़ेंगे... ढाका में हजारों हिंदुओं ने किया प्रदर्शन, हमलों के खिलाफ उठाई आवाज, रखी चार मांग Russia v/s Ukraine: पहली बार रूसी क्षेत्र में घुसी यूक्रेनी सेना!, क्रेमलिन में हाहाकार; दोनों पक्षों में हो रहा भीषण युद्ध Bangladesh Government Crisis:बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट, सेना की कार्रवाई में 56 की मौत; पूरे देश में अराजकता का माहौल, शेख हसीना के लिए NSA डोभाल ने बनाया एग्जिट प्लान, बौखलाया पाकिस्तान! तीज त्यौहार हमारी सांस्कृतिक विरासत, इन्हें रखें सहेज कर- मुख्यमंत्री Himachal Weather: श्रीखंड में फटा बादल, यात्रा पर गए 300 लोग फंसे, प्रदेश में 114 सड़कें बंद, मौसम विभाग ने 7 अगस्त को भारी बारिश का जारी किया अलर्ट Shimla Flood: एक ही परिवार के 16 सदस्य लापता,Kedarnath Dham: दो शव मिले, 700 से अधिक यात्री केदारनाथ में फंसे Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी की सब-कैटेगरी में आरक्षण को दी मंज़ूरी

हेल्थ

बजट के बाद आयोजित वेबिनार 2026 में मानसिक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने और उन्नत देखभाल सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की गई

March 18, 2026 12:05 PM

उन्नत नैदानिक देखभाल, प्रशिक्षण क्षमता, तंत्रिका विज्ञान में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एनआईएमएएनएचएस-2 की स्थापना और मौजूदा मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को सुदृढ़ बनाना

डिजिटल स्वास्थ्य एकीकरण और अनुवर्ती प्रणालियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की निरंतरता को मजबूत करना

प्रविष्टि तिथि: 09 MAR 2026 4:04PM by PIB Delhi
 

“सबका साथ सबका विकास – जन आकांक्षाओं की पूर्ति” पर आयोजित बजट –उपरांत वेबिनार श्रृंखला के अंतर्गत, पैरा 87 के तहत केंद्रीय बजट पर विचार-विमर्श करने के लिए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इसमें एनआईएमएएनएचएस-2 की स्थापना और देश भर के प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। सत्र में प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और उन्नत न्यूरो-मनोचिकित्सा देखभाल के विस्तार और देश में समग्र मानसिक स्वास्थ्य सेवा तंत्र को सुदृढ़ करने की रणनीतियों पर चर्चा की।

चर्चा के दौरान देश में मानसिक और तंत्रिका संबंधी विकारों के बढ़ते बोझ और उभरती स्वास्थ्य देखभाल की कमी को पूरा करने के लिए संस्थागत क्षमता को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। देश में सात में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य विकार से प्रभावित है, जबकि कई राज्यों में उपचार का अंतर 70 से 90 प्रतिशत तक बना हुआ है। प्रतिभागियों ने देश में 60 प्रतिशत से अधिक मौतें गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) के कारण होने के मुद्दे के बारे में बात की। तंत्रिका सम्बंधी और मानसिक स्वास्थ्य स्थितियां दिव्यांगता-समायोजित जीवन वर्ष (डीएएलवाई) के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इस संदर्भ में, मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर बनाने और विशेष सेवाओं के विस्तार को स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं के रूप में पहचाना गया।

सत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान में उत्तर भारत में उन्नत न्यूरोइमेजिंग, न्यूरोक्रिटिकल केयर और विशेषीकृत न्यूरोलॉजिकल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में पर्याप्त तृतीयक न्यूरो-मनोचिकित्सा देखभाल सुविधाओं का अभाव है। प्रतिभागियों ने कहा कि एनआईएमएएनएचएस-2 की स्थापना, मौजूदा मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक बनाने के साथ-साथ, तंत्रिका विज्ञान में उन्नत नैदानिक देखभाल, प्रशिक्षण और  अनुसंधान क्षमता नवाचार को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगी।

प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बहुआयामी और एकीकृत दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया। इसमें महत्वपूर्ण देखभाल सेवाओं, मानव संसाधन विकास, अनुसंधान और नवाचार, सामुदायिक संपर्क और संस्थागत बुनियादी ढांचे के विस्तार पर संतुलित ध्यान केंद्रित किया जाना आवश्यक है। चर्चा में पूर्वोत्तर राज्यों और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचे, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों के माध्यम से सेवाओं में सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

चर्चा में डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफार्मों द्वारा समर्थित हब-एंड-स्पोक मॉडल अपनाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया, जिससे उच्च शिक्षा संस्थान और उत्कृष्टता केंद्र जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य सुविधाओं को तकनीकी मार्गदर्शन, विशेषज्ञ परामर्श और नैदानिक सहायता प्रदान कर सकेंगे। ऐसा मॉडल रेफरल प्रक्रियाओं को मजबूत करेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करेगा।

प्रतिभागियों ने एक मजबूत राष्ट्रव्यापी टेली-मानसिक स्वास्थ्य नेटवर्क और समय पर मनोवैज्ञानिक सहायता और विशेषज्ञ परामर्श सुनिश्चित करने के लिए टेली-मानस के अंतर्गत सेवाओं को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान के मौजूदा और आगामी परिसरों के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। चर्चा के दौरान आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और आभा आईडी इकोसिस्टम के दृष्टिकोण के अनुरूप डिजिटल फॉलो-अप प्रणाली और स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्बाध एकीकरण के महत्व पर भी बल दिया गया, ताकि देखभाल की निरंतरता, रोगियों की बेहतर निगरानी और बेहतर नैदानिक परिणाम सुनिश्चित हो सकें।

प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत एक राष्ट्रीय ब्रेन-माइंड क्लाउड नेटवर्क का भी सुझाव दिया। यह नेटवर्क अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों जैसे प्रमुख संस्थानों को एक डिजिटल रूप से एकीकृत मंच के माध्यम से जोड़ेगा। प्रस्तावित नेटवर्क एकीकृत मानसिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड, एआई-आधारित स्क्रीनिंग उपकरण, डेटा-संचालित नैदानिक निर्णय सहायता प्रणाली और क्षेत्रीय केंद्रों पर टेली-न्यूरो-मनोचिकित्सा केंद्र स्थापित करने में सहायक होगा, जिससे जल्द और समय पर निदान और स्वास्थ्य प्रणाली में समन्वित देखभाल प्रदान करना संभव होगा।

चर्चा में मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में संस्थागत ढांचे, कार्यबल क्षमता और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से कई अपेक्षित परिणामों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। इनमें एनआईएमएनएचएस-2 को एक स्वायत्त राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में स्थापित करने के लिए एक वैधानिक ढांचा विकसित करना शामिल है।  इसमें एक स्पष्ट शासन संरचना, साथ ही प्रमुख संस्थानों में डीएम/एमसीएच, पीएचडी और फेलोशिप प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मानसिक स्वास्थ्य मानव संसाधन विस्तार के लिए राष्ट्रीय रुपरेखा तैयार करना भी शामिल है।

चर्चा के दौरान जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) को शीर्ष संस्थानों से जोड़ने वाले संरचित रेफरल मार्गों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया। जिसे निर्बाध रोगी रेफरल, संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय और देखभाल की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए एक डिजिटल अभिसरण रणनीति द्वारा समर्थित किया जाना चाहिए।

प्रतिभागियों ने  देश के विभिन्न क्षेत्रों में उन्नत नैदानिक सेवाओं, अकादमिक प्रशिक्षण और अनुसंधान क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए लोकोप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई क्षेत्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान को मानसिक स्वास्थ्य के लिए शीर्ष क्षेत्रीय संस्थानों के रूप में उन्नत करने पर भी चर्चा की।

प्रतिभागियों ने समन्वित राष्ट्रीय अनुसंधान ग्रिड के विकास पर भी विचार-विमर्श किया, जिसमें हृदयघात, आत्महत्या, न्यूरोट्रॉमा और गंभीर मानसिक बीमारी के लिए राष्ट्रीय रजिस्ट्रियां शामिल होंगी, जो साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मजबूत करेंगी, महामारी विज्ञान संबंधी अध्ययनों को सक्षम बनाएंगी और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देंगी।

चर्चा के दौरान देश के तीन संस्थानों वाले मानसिक स्वास्थ्य मॉडल को दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए प्रशिक्षण, अनुसंधान और क्षमता निर्माण के क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए एक दीर्घकालिक रूपरेखा भी तैयार की गई। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं और लक्ष्यों के अनुरूप है।

इस सत्र का संचालन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विजय नेहरा ने किया। इस चर्चा में प्रमुख चिकित्सा संस्थानों, सार्वजनिक स्वास्थ्य निकायों और सरकारी एजेंसियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 18 प्रतिष्ठित प्रतिभागी शामिल थे। सत्र में देश भर के हितधारकों, विशेषज्ञों और अधिकारियों की व्यापक भागीदारी देखी गई, प्रतिभागियों ने बड़ी संख्या में वेबिनार प्लेटफॉर्म के साथ-साथ यूट्यूब लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से भी इस चर्चा में भाग लिया।

इस चर्चा में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान की निदेशिका डॉ. प्रतिमा मूर्ति; राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के पूर्व अध्यक्ष बी.एन. गंगाधर; मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान के निदेशक आर.के. धामिजा; अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में मनोचिकित्सा प्रोफेसर राजेश सागर; भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक बलराम भार्गव; विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्रीय सलाहकार एंड्रिया ब्रूनी; स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अपर महानिदेशक एवं निदेशक (ईएमआर) एल. स्वास्तिचरण; असम सरकार में आयुक्त एवं स्वास्थ्य सचिव पी. अशोक बाबू; एनआईएमएएचएस में मनोचिकित्सा प्रोफेसर नवीन कुमार सी.; तेजपुर स्थित लोकोप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई क्षेत्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक जे. हजारिका; और रांची स्थित केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान के निदेशक विजय कुमार चौधरी शामिल थे।

सत्र से मिली सिफारिशों से मानसिक स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने, उन्नत न्यूरो-मनोचिकित्सा देखभाल का विस्तार करने और देश भर में गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं तक पहुंच में सुधार करने के लिए एक ठोस रुपरेखा के विकास में योगदान मिलेगा। यह रुपरेखा सरकार के सभी के लिए समावेशी, सुलभ और प्रौद्योगिकी-सक्षम स्वास्थ्य देखभाल के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

Have something to say? Post your comment

और हेल्थ समाचार

‘सबका साथ सबका विकास - लोगों की आकांक्षाओं को साकार करना’

‘सबका साथ सबका विकास - लोगों की आकांक्षाओं को साकार करना’

आईटीआरए, जामनगर द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘आयुर स्वादोत्सव’ में लगभग 32 हजार से अधिक लोगों ने की सहभागिता

आईटीआरए, जामनगर द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘आयुर स्वादोत्सव’ में लगभग 32 हजार से अधिक लोगों ने की सहभागिता

अंतरराष्ट्रीय मलेरिया सम्मेलन 2026 में मलेरिया उन्मूलन के लिए

अंतरराष्ट्रीय मलेरिया सम्मेलन 2026 में मलेरिया उन्मूलन के लिए

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बजटोत्तर वेबिनार को संबोधित किया, स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रयासों पर आयोजित विषय “सबका साथ सबका विकास –यानी  लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना”

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बजटोत्तर वेबिनार को संबोधित किया, स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रयासों पर आयोजित विषय “सबका साथ सबका विकास –यानी लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना”

केन्‍द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान के 49वें वार्षिक दिवस समारोह की अध्यक्षता की

केन्‍द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान के 49वें वार्षिक दिवस समारोह की अध्यक्षता की

बजट उपरांत आयोजित वेबिनार में जिला अस्पतालों में आपातकालीन एवं ट्रॉमा केयर केंद्रों को बेहतर बनाने पर चर्चा की गई

बजट उपरांत आयोजित वेबिनार में जिला अस्पतालों में आपातकालीन एवं ट्रॉमा केयर केंद्रों को बेहतर बनाने पर चर्चा की गई

बजट-उपरांत वेबिनार के ब्रेकआउट सत्र में

बजट-उपरांत वेबिनार के ब्रेकआउट सत्र में "संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों की संख्या में वृद्धि" विषय पर चर्चा, संबद्ध स्वास्थ्य सेवा कार्यबल के विस्तार की रणनीति पर विचार-विमर्श

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एआईआईए गोवा ने मरीजों के हित के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाओं का उद्घाटन किया

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एआईआईए गोवा ने मरीजों के हित के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाओं का उद्घाटन किया

एनएचए ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा एक्सचेंज (एनएचसीएक्स) से संबंधित नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आयोजित एनएचसीएक्स हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा की

एनएचए ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा एक्सचेंज (एनएचसीएक्स) से संबंधित नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आयोजित एनएचसीएक्स हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा की

आरएवी ने नई दिल्ली में ‘अग्निकर्म’ और ‘रक्त-मोक्षण’ पर राष्ट्रीय स्तर का व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित किया

आरएवी ने नई दिल्ली में ‘अग्निकर्म’ और ‘रक्त-मोक्षण’ पर राष्ट्रीय स्तर का व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित किया

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss