देशभर में मौसम इन दिनों दो अलग-अलग चरित्र दिखा रहा है। एक ओर कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के हिस्सों में भीषण गर्मी और लू ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग (IMD) ने इस असामान्य स्थिति को लेकर अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है। खासतौर पर किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि अचानक बदलता मौसम उनकी तैयार फसलों पर असर डाल सकता है।
इसके उलट, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। कई जगहों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है और आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में लू चलने के आसार हैं, जिससे खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दोहरी मौसमीय स्थिति पश्चिमी विक्षोभ और बदलते जलवायु पैटर्न का असर है। एक ओर जहां पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शुष्क और गर्म हवाएं तापमान को तेजी से बढ़ा रही हैं।
IMD ने लोगों को सलाह दी है कि वे गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पिएं, धूप में निकलने से बचें और हल्के कपड़े पहनें। वहीं, जिन क्षेत्रों में बारिश और आंधी की चेतावनी है, वहां सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली गिरने से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है।
मौसम की यह दोहरी मार आने वाले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है, इसलिए सतर्कता और सावधानी ही इस समय सबसे बड़ा बचाव है।