डीएनटी के आर्थिक सशक्तिकरण योजना (एसईईडी) के अंतर्गत 2025-26 में अभूतपूर्व प्रगति
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार ने गैर-अधिसूचित, खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश समुदायों के विकास एवं कल्याण बोर्ड (डीडब्ल्यूबीडीएनसी) के माध्यम से 2025-26 के दौरान डीएनटी के आर्थिक सशक्तिकरण योजना (सीड) के अंतर्गत एक ऐतिहासिक प्रदर्शन की जानकारी दी है। डीडब्ल्यूबीडीएनसी शिक्षा, आजीविका विकास, आवास एवं स्वास्थ्य कवरेज के माध्यम से डीएनटी, एनटी और एसएनटी समुदायों के उत्थान के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाता है।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, डीडब्ल्यूबीडीसी ने अपने शैक्षिक सशक्तिकरण घटक के अंतर्गत 26.75 करोड़ रुपये का वितरण किया जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 402.8 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। इस असाधारण वृद्धि के साथ-साथ पहुंच में भी बहुत विस्तार हुआ है जिससे 4,485 लाभार्थियों को लाभ प्राप्त हुआ है, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 714 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि को दर्शाता है।
आजीविका घटक के अंतर्गत, डीडब्ल्यूबीडीएनसी ने 64,701 लोगों के सशक्तिकरण के लिए 16.00 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 220 प्रतिशत से अधिक की महत्पूर्ण वृद्धि को दर्शाता है। इस घटक ने आठ राज्यों में 5,623 स्वयं सहायता समूहों के गठन को गति प्रदान की है जिससे जमीनी स्तर पर उद्यमिता एवं समुदाय-आधारित आर्थिक मजबूती को बढ़ावा मिला है। स्वास्थ्य घटक के अंतर्गत, 73,569 आयुष्मान भारत कार्ड जारी किए गए जो पिछले वर्ष की तुलना में 419 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि है जिससे देश के कुछ सबसे वंचित समुदायों को स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में उल्लेखनीय मजबूती मिली है।
यह उल्लेखनीय प्रगति डीएनटी समुदायों के लिए शैक्षिक सशक्तिकरण, आजीविका सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच बढ़ाने में सीड की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
डीडब्ल्यूबीडीएनसी पूरे देश में डीएनटी समुदायों के समावेशी विकास एवं सतत सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें शिक्षा, आजीविका, आवास एवं स्वास्थ्य पर निरंतर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।