भारत में सोमवार का दिन इस साल का सबसे असामान्य और चरम मौसम वाला दिन साबित हो सकता है। एक तरफ हिमालयी राज्यों में बर्फबारी और ओलावृष्टि ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, तो दूसरी ओर राजस्थान और पश्चिमी भारत के रेगिस्तानी इलाकों में भीषण गर्मी ने जनजीवन को झुलसा दिया। मौसम विभाग के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के इतने विपरीत हालात एक साथ कम ही देखने को मिलते हैं।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ने से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि किसानों को भी फसलों के नुकसान की चिंता सता रही है। सेब, गेहूं और सब्जियों की खेती वाले क्षेत्रों में ओलों ने नुकसान पहुंचाया है।
दूसरी तरफ राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर जैसे रेगिस्तानी क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और गर्म हवाओं के टकराव के कारण देश में यह अजीब मौसम पैटर्न देखने को मिल रहा है।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। वहीं, कुछ राज्यों में शाम के समय आंधी और हल्की बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में मौसम का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। कभी अचानक गर्मी का रिकॉर्ड टूटता है तो कभी बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिलती है। इससे कृषि, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर सीधा असर पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में भी देश के कई हिस्सों में मौसम का यही उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। पहाड़ी राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर बना रहेगा, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में लू का खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और आम लोगों दोनों के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है।