तमिलनाडु की राजनीति में नई शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने पद संभालते ही जनता से जुड़े तीन बड़े मुद्दों पर तेजी से काम शुरू करने का संकेत दिया है। सत्ता संभालने के पहले ही दिन उन्होंने मुफ्त बिजली, महिला सुरक्षा और नशे के खिलाफ सख्त अभियान को अपनी सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल किया। इन फैसलों को राज्य में बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री विजय ने सबसे पहले आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना को आगे बढ़ाने की घोषणा की। सरकार का मानना है कि बढ़ती महंगाई के बीच यह कदम मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। राज्य के लाखों घरेलू उपभोक्ताओं को इस योजना का सीधा फायदा मिलने की संभावना है। ऊर्जा विभाग को योजना के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
महिला सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष महिला सुरक्षा बल गठित करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया। यह यूनिट सार्वजनिक स्थानों, स्कूल-कॉलेजों और परिवहन व्यवस्था में महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देगी। सरकार का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर तेजी से कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा।
तीसरा बड़ा फैसला राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार को रोकने से जुड़ा है। मुख्यमंत्री विजय ने एंटी-नारकोटिक्स स्पेशल यूनिट बनाने का ऐलान किया, जिसका उद्देश्य ड्रग्स तस्करी और अवैध नशीले पदार्थों के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करना होगा। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को मिलाकर विशेष टीम तैयार की जाएगी ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके। सरकार ने संकेत दिए हैं कि स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मुख्यमंत्री विजय ने पहले ही दिन यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार जनकल्याण, कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर काम करेगी। खास बात यह है कि उनके फैसले सीधे आम जनता की रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़े हुए हैं, जिससे लोगों के बीच सकारात्मक संदेश गया है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इन घोषणाओं को कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से जमीन पर उतार पाती है।