Wednesday, September 16, 2026
BREAKING
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई पर शुल्क की वापसी: संतुलन की परीक्षा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को एशिया कप जीतने पर बधाई दी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज मुंबई में हिंदी दिवस 2026 एवं छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया वर्ष 2025-26 के लिए राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए रक्षा मंत्रालय को ‘राजभाषा कीर्ति पुरस्कार’ में प्रथम स्थान एनएमबीए की पहुंच 34.54 करोड़ नागरिकों तक, जिनमें 13.70 करोड़ से अधिक युवा और 10.64 करोड़ महिलाएं शामिल Horoscope Today: दैनिक राशिफल 15 सितंबर, 2026 दिल्ली में गूंजा वैश्विक एकजुटता का शंखनाद — जब पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर टिक गईं! 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सत्र: “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता: समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना” में प्रधानमंत्री के प्रारंभिक वक्तव्य केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज मुंबई में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ मुंबई द्वारा आयोजित गणेश ज्ञानार्थी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया रक्षा सचिव ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा उप-मंत्री से मुलाकात की

पंजाब

Speaker Kultar Singh Sandhwan wrote a letter to the Education Minister: पंजाबी पाठ्यपुस्तक में त्रुटियों को लेकर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र

March 18, 2025 12:20 AM

चंडीगढ़, 17 मार्च: पंजाब विधानसभा के स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवां ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को एक अर्ध-सरकारी पत्र लिखकर नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT), नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित "पंजाबी प्राइमर" (पंजाबी काईदा) में गंभीर त्रुटियों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

पाठ्यपुस्तक में प्रमुख गलतियां

📌 पंजाबी वर्णमाला का गलत क्रम – पुस्तक में ਵੰਞਮਾਲਾ (वर्णमाला) को "ਓ" (ओ) से शुरू करने के बजाय "ਅ" (अ) से शुरू किया गया है, जो गलत है।
📌 स्पेलिंग और तथ्यात्मक त्रुटियां – यह पुस्तक बालवाटिका/आंगनवाड़ी स्तर के बच्चों और वयस्क साक्षरता कार्यक्रमों के लिए बनाई गई है, लेकिन इसमें कई वर्तनी और तथ्यात्मक गलतियां हैं।
📌 भ्रम की स्थिति – ऐसी गलतियां छोटे बच्चों और वयस्क साक्षरता कार्यक्रम के शिक्षार्थियों के लिए भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर सकती हैं, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित होगी।

शुद्धता और प्रमाणिकता सुनिश्चित करने की मांग

🔹 स्पीकर संधवां ने NCERT से इस पुस्तक की समीक्षा और आवश्यक सुधार करने के लिए योग्य विशेषज्ञों और विद्वानों की एक समिति गठित करने की मांग की है।
🔹 उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियों को रोकने के लिए एक सख्त संपादकीय और गुणवत्ता-जांच प्रक्रिया स्थापित की जाए।

त्रुटि-मुक्त अध्ययन सामग्री की आवश्यकता

✅ स्पीकर संधवां ने जोर देते हुए कहा कि बुनियादी शिक्षा और साक्षरता कार्यक्रमों की सफलता के लिए पाठ्यपुस्तकों में शुद्धता अत्यंत आवश्यक है।
✅ उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप करने और पाठ्यपुस्तक की त्रुटियों को शीघ्र सुधारने का आग्रह किया।


पंजाब विधानसभा के स्पीकर की यह पहल छात्रों को सही व प्रमाणिक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भविष्य में भाषायी और शैक्षिक गलतियों को रोकने में मदद मिलेगी।

Have something to say? Post your comment

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss