ईरान में बढ़ती अस्थिरता के बीच लगभग 9,000 भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में ‘एग्जिट ऑर्डर’ जारी कर भारतीयों को सुरक्षित लौटने और अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईरान में आंतरिक तनाव और स्थानीय हिंसक घटनाओं की बढ़ती संख्या से विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर जोखिम उत्पन्न हो रहा है।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि चाबहार पोर्ट पर सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है। मंत्रालय ने स्थानीय अधिकारियों से संपर्क बढ़ाने और भारतीय नागरिकों के सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। एमईए ने यह भी कहा कि जो भारतीय चाबहार और आसपास के क्षेत्र में फंसे हैं, वे तुरंत अपने निकटतम भारतीय मिशन या कंसुलेट से संपर्क करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की वर्तमान स्थिति, राजनीतिक और सामाजिक तनाव, और अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते देश में विदेशी नागरिकों के लिए जोखिम बढ़ गया है। चाबहार पोर्ट, जो भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, के आसपास हाल की हिंसक घटनाओं ने सुरक्षा की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
इस आदेश के तहत विदेश मंत्रालय ने यात्रा योजनाओं में सावधानी बरतने और आवश्यकतानुसार तत्काल प्रस्थान की तैयारी करने की सलाह दी है। साथ ही, भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय नियमों का पालन करें, भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें और अपने परिवार तथा मित्रों को लगातार अपनी स्थिति की जानकारी देते रहें।
MEA ने मीडिया से अपील की है कि भारतीय नागरिकों को भटकाने या डराने वाली अफवाहों से बचें और केवल सरकारी सलाह और आधिकारिक अपडेट्स का पालन करें। इस कदम को सरकार ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता के रूप में उठाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थिति बिगड़ती है, तो भारत की तत्काल प्रतिक्रिया टीम और वाणिज्य दूतावास के माध्यम से बड़े पैमाने पर निकासी भी संभव है। भारतीय छात्रों, व्यापारियों और अन्य निवासियों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है, और सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है।