दिल्ली-एनसीआर में बुधवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और घना कोहरा पूरे इलाके पर छा गया। राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत कई क्षेत्रों में दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सड़कों पर चल रहे वाहन रेंगते नजर आए, जबकि कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। कोहरे के साथ स्मॉग की परत भी मौजूद रही, जिसने हालात को और चुनौतीपूर्ण बना दिया।
सुबह के समय कई इलाकों में विजिबिलिटी इतनी कम रही कि वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लैंप का सहारा लेना पड़ा। हाईवे और एक्सप्रेसवे पर विशेष सतर्कता बरती गई, वहीं यातायात पुलिस ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कोहरे का असर देखने को मिला, जहां कुछ उड़ानों के समय में बदलाव और देरी की सूचना मिली। रेलवे ट्रैफिक पर भी कोहरे का प्रभाव पड़ा और कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चलीं।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ठंडी हवाओं के कारण नमी बढ़ी है, जिससे घना कोहरा बनने की परिस्थितियां बनीं। बीती रात तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते ठंड और अधिक प्रचंड हो गई। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा बने रहने की संभावना है।
Fog-Smog की दोहरी मार ने वायु गुणवत्ता को भी प्रभावित किया है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। सांस की बीमारी, अस्थमा और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक मानी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को मास्क पहनने, खुले में व्यायाम से बचने और घर के अंदर रहने की सलाह दी है।
प्रशासन की ओर से नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है। वाहन चालकों को कम गति में चलने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और फॉग लैंप का उपयोग करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दिन चढ़ने के साथ धूप निकलने पर दृश्यता में सुधार हो सकता है, लेकिन ठंड से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम है। दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आने वाले दिनों में भी कोहरे, स्मॉग और सर्द हवाओं के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।