थाईलैंड में एक भीषण औद्योगिक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। राजधानी बैंकॉक के बाहरी इलाके में निर्माण कार्य के दौरान एक भारी-भरकम क्रेन अचानक चलती ट्रेन पर गिर गई, जिससे बड़ा जान-माल का नुकसान हुआ। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 22 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 30 से अधिक यात्री और मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई की हालत नाजुक है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक यह हादसा उस समय हुआ, जब रेलवे ट्रैक के पास एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर क्रेन से भारी सामान उठाने का काम चल रहा था। इसी दौरान तकनीकी खराबी या संतुलन बिगड़ने के कारण क्रेन अचानक रेलवे लाइन की ओर झुक गई और ठीक उसी वक्त वहां से गुजर रही ट्रेन पर आ गिरी। हादसे के बाद ट्रेन के कई डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दुर्घटना इतनी तेज थी कि आसपास का इलाका दहल उठा। कुछ ही पलों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्री ट्रेन में फंसे रह गए, जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल अवस्था में पटरी के पास पड़े मिले। सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार कई लोगों को सिर, रीढ़ और अंदरूनी चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है। अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है और अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ को तैनात किया गया है।
थाईलैंड सरकार ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच में निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। यह भी सवाल उठ रहे हैं कि चलती ट्रेन के पास इस तरह का जोखिम भरा काम कैसे किया जा रहा था और क्या रेलवे तथा निर्माण एजेंसी के बीच पर्याप्त समन्वय था या नहीं।
सरकार ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने और घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया है। साथ ही देशभर में रेलवे लाइनों के पास चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा ऑडिट कराने की बात कही गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इस हादसे ने एक बार फिर बुनियादी ढांचे के विकास के साथ सुरक्षा नियमों के सख्त पालन की जरूरत को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपायों को गंभीरता से लागू नहीं किया गया, तो इस तरह की दुर्घटनाएं आम लोगों की जान के लिए लगातार खतरा बनी रहेंगी।