जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। 12 जनवरी 2026 को इन सीमावर्ती इलाकों में कुल पांच ड्रोन देखे जाने का दावा किया गया है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन ड्रोन का इस्तेमाल पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ या हथियार और नशीले पदार्थ गिराने की कोशिश के लिए किया जा सकता है।
ड्रोन की मौजूदगी की सूचना मिलते ही भारतीय सेना ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया। सीमावर्ती चौकियों पर तैनात जवानों ने सतर्कता बढ़ाते हुए काउंटर एक्शन शुरू किया। कुछ इलाकों में ड्रोन को खदेड़ने के लिए फायरिंग किए जाने की भी जानकारी है। हालांकि, फिलहाल किसी तरह के नुकसान या घुसपैठ की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सांबा सेक्टर में ड्रोन देखे जाने के बाद आसपास के गांवों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। सेना और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम इलाके की गहन जांच कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी तरह की संदिग्ध सामग्री जमीन पर न गिराई गई हो। राजौरी और पुंछ के जंगलों तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, क्योंकि ये इलाके पहले भी घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सर्दियों के मौसम और कम दृश्यता का फायदा उठाकर सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों में इजाफा किया जा रहा है। हाल के महीनों में जम्मू क्षेत्र में ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और मादक पदार्थ भेजने की कई कोशिशें नाकाम की जा चुकी हैं। इसी वजह से सेना ने ड्रोन रोधी तकनीक और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया है।
स्थानीय प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या सुरक्षा बलों को देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, अफवाहों से बचने और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने को कहा गया है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा बल किसी भी संभावित खतरे को लेकर पूरी तरह मुस्तैद हैं। LoC पर बढ़ी ड्रोन गतिविधि ने एक बार फिर सीमा पार से होने वाली चुनौतियों को उजागर किया है, जिससे निपटने के लिए सेना और खुफिया एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।