उत्तर भारत इन दिनों कड़ाके की सर्दी की चपेट में है। मौसम विभाग ने 12 जनवरी 2026 को उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते मैदानी इलाकों में तापमान लगातार गिर रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और बिहार समेत कई राज्यों में ठंड का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में सुबह और रात के समय तेज ठंडी हवाओं के साथ कंपकंपाने वाली ठंड महसूस की जा रही है। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, घने कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम रहने से ट्रेनों और उड़ानों में देरी की स्थिति बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में काम करने वाले मजदूरों और किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फसलों पर पाले की आशंका भी बढ़ गई है, जिससे किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। प्रशासन की ओर से किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
पंजाब और हरियाणा में भी बर्फीली ठंड ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। तापमान में गिरावट के चलते स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है और कुछ जगहों पर छुट्टियों की घोषणा भी की गई है। राजस्थान के उत्तरी जिलों में रात का तापमान बेहद नीचे चला गया है, जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। शीतलहर के साथ-साथ कोहरे का असर भी बना रह सकता है। विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की अपील की गई है।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत इस समय कड़ी सर्दी के दौर से गुजर रहा है। जब तक मौसम में बदलाव नहीं आता, तब तक लोगों को सतर्क रहकर ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है।