पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में बुधवार को उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में दरगाह फैज इलाही से जुड़े कथित अतिक्रमण को हटाया गया। कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात नजर आए। एहतियातन भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
प्रशासन के अनुसार, दरगाह परिसर और आसपास लंबे समय से अवैध निर्माण और अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर पहले नोटिस जारी किए गए और तय प्रक्रिया के तहत बुधवार सुबह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। जैसे ही कार्रवाई आगे बढ़ी, इलाके में लोगों की भीड़ जमा होने लगी, जिससे तनाव का माहौल बन गया।
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए तुर्कमान गेट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कई सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी गई, वहीं स्थानीय दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया। आम लोगों की आवाजाही पर भी आंशिक रोक लगाई गई, जिससे पूरा इलाका कर्फ्यू जैसी स्थिति में नजर आया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कार्रवाई के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। व्यापारियों को दुकानें बंद रखने से नुकसान झेलना पड़ा, वहीं कामकाजी लोग भी समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। कुछ लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई को अचानक बताया, जबकि प्रशासन का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और पूर्व सूचना के साथ की गई।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कदम कानून व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थल होने के कारण अतिरिक्त संवेदनशीलता बरती गई और किसी भी तरह की धार्मिक भावना को ठेस न पहुंचे, इसका ध्यान रखा गया।
फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है, लेकिन एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था को बरकरार रखा गया है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और ड्रोन व सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
कुल मिलाकर, तुर्कमान गेट पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद हालात भले ही तनावपूर्ण रहे हों, लेकिन प्रशासन सतर्क है और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के प्रयास जारी हैं।